बॉयफ्रेंड ने मेरी मम्मी और मुझे चोदा

अब में तो पहले से ही भरी पड़ी थी। अब यश ने मेरी गोल-गोल चूचीयों को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया था। अब मेरी हालत और ख़राब हो गयी थी, वाह क्या चूस रहा था? अब यश मस्त होकर मेरी चूचीयाँ चूस रहा था। तब इतने में मम्मी ने कहा कि मुझे पेशाब आया है, में बाथरूम जा रही हूँ। तब मैंने कहा कि नहीं-नहीं मम्मी, यहीं हमारे सामने करो, कहीं नहीं जाना। तब मम्मी ने कहा कि यहाँ कहाँ करूँ पगली? तो तब मैंने कहा कि अपना पेशाब मेरे मुँह में छोड़ दो, में आज हर ची का मजा लेना चाहती हूँ। तब मम्मी नहीं मानी तो मैंने बहुत जिद की तो वो मान गयी। फिर मम्मी ने अपनी दोनों टांगें फैलाई और मेरे मुँह और चहेरे पर सारा पेशाब कर दिया। अब मुझे बहुत गन्दा लग रहा था, मगर मजा इतना आया कि पूछो मत। अब मम्मी के पेशाब से मेरा पूरा बदन गीला हो गया था। अब यश मेरे पूरे बदन को चाट रहा। फिर यश ने मुझे बिस्तर पर लेटाकर ऐसी पोजिशन बनाई कि मेरे मुँह में यश का लंड और यश का मुँह मम्मी की चूत में और और मम्मी का मुँह मेरी चूत पर था। अब हम एक दूसरे को चूसने में लग गये थे, सच में क्या आनंद मिल रहा था? दोस्तों ये कहानी आप कामुकता डॉट कॉम पर पड़ रहे है।

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फिर काफी देर तक हम एक दूसरे को ऐसे ही चूसते रहे। फिर थोड़ी देर के बाद हम अलग हुए तो तब यश ने कहा कि अब तुम दोनों कुछ देर लेस्बियन सेक्स करो। फिर में मम्मी के ऊपर आई और उनकी बड़ी-बड़ी चूचीयाँ दबाने और चूसने लगी थी। अब में उनकी चूचीयों को दबाते-दबाते नीचे नाभि और फिर उनकी चूत को चाटने लगी थी, मेरा ये सब पहला अनुभव था। अब मुझे बहुत मजा आ रहा था। मम्मी की चूत पर बहुत बड़े-बड़े बाल थे। तो मैंने कहा कि मम्मी तू कभी नीचे शेविंग नहीं करती है क्या? तो तब मम्मी ने कहा कि नहीं। तो तब मैंने कहा कि तू जब कल नहाएगी, तो मुझे बोलना में तेरी चूत के बाल साफ कर दूंगी। फिर मैंने अपनी दो उँगलियों से मम्मी की चूत फैलाई और अन्दर तक अपनी जीभ डाल दी और वही अपनी जीभ को घुमाने लग गयी थी। अब मम्मी को जन्नत का पूरा आनन्द मिल रहा था। अब मम्मी के मुँह से सिसकारियां निकल रही थी आहहहहहह, ओहहहहहहह, मेरी बिटिया क्या चूसती है तू? चूस और चूस, चूस-चूसकर आज अपनी मम्मी की चूत लाल कर दे, आहहहहहहह, ओहहहहहहह, ऊहहहहहहह। अब मम्मी झड़ चुकी थी और उनकी चूत का सारा रस मैंने पी लिया था। उनकी चूत का पानी खट्टा और नमकीन था, उसका स्वाद अजीब था।

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फिर थोड़ी देर के बाद मम्मी खड़ी हुई और मुझे गले लगाकर मेरे होंठो को चूसने लगी और कहा कि तूने मुझे बहुत मजा दिया है, आज तक में सिर्फ लंड का ही स्वाद लेती थी और फिर मम्मी ने यश से कहा कि यश मेरी बेटी को बहुत मजा देना जैसे मुझे देता है। अब में तो यश के लंड के लिए कब से तरस रही थी? फिर मैंने यश का लंड अपने एक हाथ में लिया और सहलाने लगी और अपने मुँह में लेने की कोशिश की, मगर वो मुँह में गया ही नहीं। फिर मैंने सोचा कि अगर ये मुँह में नहीं जा रहा तो मेरी छोटी सी कुंवारी चूत में कैसे जायेगा? फिर मैंने बहुत कोशिश की लेकिन उसका लंड मेरे मुँह में नहीं गया। फिर मैंने यश के लंड को बाहर से ही चाटना शुरू किया। अब मुझे उसके लंड का स्वाद बहुत पंसद आया था और अब में मजे से उसके लंड को चाटने लगी थी। फिर यश ने मुझे बिस्तर पर लेटाया और मेरी दोनों टागें फैलाई और अपने लंड का मुँह मेरी चूत के छेद में रखकर अंदर पेलने लगा था। अब जो मुँह में नहीं जा रहा था, वो चूत में कैसे जाता? वो भी कुंवारी चूत में। अब मुझे दर्द महसूस होने लगा था।

फिर यश ने मम्मी से कहा कि इसकी चूत तो बहुत टाईट है, मेरा लंड जा ही नहीं रहा है। फिर मम्मी तेल लेकर आई और खूब सारा तेल यश के लंड पर और मेरी चूत में डाल दिया और फिर मम्मी ने यश से कहा कि एक ही झटके में अन्दर डालना, इसे दर्द होगा मगर इसे सहन करना होगा। अब में घबरा गयी थी कि में कहाँ मजे लेने की सोच रही थी? और कहाँ ये दर्द की बात कर रहे है? अब में रोने लग गयी थी। तब मम्मी ने कहा कि रो मत बस पहली बार होता है, जब तेरी सील टूट जाएगी उसके बाद नहीं होगा। फिर मम्मी ने यश को इशारा किया और मम्मी ने अपने होंठ मेरे होंठों से मिला दिए। तो तब यश ने एक झटके में ही अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया। तब मेरी लम्बी चीख निकली और मुझे इतना दर्द हुआ कि मेरी तो जैसे जान ही निकल गयी थी। अब मेरे आँखों से आंसू बहने लग गये थे। अब मेरी चूत में से बहुत सारा खून निकल रहा था, अब में डर गयी थी। तब मम्मी ने कहा कि डर मत ये सील टूटने के कारण निकल रहा है। फिर थोड़ी देर तक यश ने अपना लंड मेरी चूत में ही रखे रखा। अब मेरा दर्द थोड़ा कम हो गया था।

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