बॉस के बेटे से पहली चुदाई

हेलो दोस्तो, मेरा नाम प्रतिभा है और मेरी उमर 35 साल है पर मैं अभी तक कुँवारी हूँ. मेरी अभी तक शादी नही हुई है या तो फिर ये कहो की मुझे अभी तक कोई ऐसा लड़का नही मिला जिसके साथ मैं अपनी ज़िंदगी बिता सकु.

मैं दिखने मे बहोत ज़्यादा सुंदर हूँ. अब आप मुझे ये कहेंगे की ये लड़की तो अपने मुहँ से अपनी तारीफ करी जा रही है पर ऐसा कुछ नही है क्योकि ये सब मुझे औरो ने ही बताया है ना की मैं खुद से ये सब बोल रही हूँ.

मेरा फिगर भी बहुत ही कमाल का है जिसको देख कर अच्छे अच्चो का पानी निकल जाता है और खुद मुझे देख देख कर लंड हिलाना शुरू कर देते है. मुझे भी उनको ऐसे देख कर बहोत मज़ा आता है और सच कहु तो बहोत क्या बहोत-बहोत मज़ा आता है.

आज मैं आपके लिए एक कहानी ले कर आई हूँ जो की मेरी ही कहानी है. और ये कहानी एक दम अच्छी और सच्ची कहानी है. वैसे तो ये बात आज से 3 साल पहले की चल रखी है पर वो अब जा कर एक महीने पहले पूरी हुई है.

चलो अब मैं आपको कहानी पर ले कर चलती हूँ. वैसे मैने आपको ये बता दिया था की मैं एक हॉस्पिटल मे वर्क करती हूँ पर मैने आपको ये नही बताया की मैं वाहा पर नर्स हूँ और मुझे वाइट सारी अक्सर पहन्नी पड़ती है.

पर हाँ मुझे वाहा रात को भी रहना पड़ता है इसलिए मैं साड़ी या गाउन मे वाहा पर होती हूँ और ये भी बता दु की बॉस और उनके बेटे का घर भी बिल्कुल पीछे है तो वो कभी भी आ जा सकते है.

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एक दिन की बात है मैं रात को सो रही थी या तो ये समझ लो की सोने का नाटक कर रही थी. और वाहा पर मैने वरुण को आते देखा था. वरुण दिखने मे काफ़ी स्मार्ट था और मुझे वो बहोत पसंद था इसलिए मैं भी उस पर फिदा थी.

वो जब वाहा आया तो मैं वाहा पर लेटी हुई थी और उस समये मैने ब्रा भी नही डाल रखी थी. फिर तभी वो मेरे करीब आया और मेरे गाल पर किस करके वो मेरे जिस्म पर हाथ फेरने लग गया. मुझे उसके ऐसे करने से बहोत मज़ा आ रहा था और मन तो कर रहा था की तभी उसे पकड़ कर अपने नीचे लेलू.

वो मेरे बूब्स को अपने हाथो मे ले कर दबाने लग गया और थोड़ी देर ऐसे करने के बाद मैने एक आँख खोल कर देखा की उसका लंड खड़ा था और वो मेरे सामने ही लंड को बाहर निकाल कर उपर नीचे करने लग गया. ये कहानी आप देसी कहानी डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मुझे उस समये लगा की चलो अब ये मुझसे कुछ कहेगा पर वो तो मुझे देख कर मूठ मारने लग गया और ऐसे ही निकाल कर वाहा से चल दिया. मुझे ये देख कर बहोत ही ज़्यादा गुस्सा आया क्योकि मैं ये चाहती थी की वो मुझसे दिल की बात करे और मुझे अपनी रखेल बनाए.

पर ऐसा कुछ नही हुआ और मैने भी ज़्यादा इस पर ध्यान नही दिया. और फिर एक दिन फिर मैं सारी मे सो रही थी और तभी वो मेरे पास आया और मेरे जिस्म को पिंक सारी मे देख कर पागल हो गया. वैसे मैं बता दु उसे मैं पिंक सारी मे बहोत अच्छी लगती हूँ तो मैं उस रात भी उसी सारी मे थी तो वो खुद को कंट्रोल नही कर पाया.

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और फिर मेरे जिस्म पर हाथ फेरने लग गया और मेरे बूब्स को ब्रा से आज़ाद कर दिया और फिर अपने होंठो को मेरे होंठो मे डाल कर चूसने लग गया. मुझे ये सब बहोत अच्छा लग रहा था की तभी उसने मेरी सारी का पल्लू उतार दिया और मेरे पेट पर किस करने लग गया.

तभी मैं हिली और वो डर गया और ऐसे ही उठ कर चलने लगा तो मैने गुस्से मे बोलते हुए उसे रोका और बोली की क्या कर रहे थे तो वो डरते हुए बोला कुछ नही. तब मैं बोली की जो भी कर रहे थे सही कर रहे थे बल्कि मुझे गुस्सा इस बात का है की तुमने मुझे प्रोपोज़ नही किया.

मेरी ये सब बाते सुनते ही उसने मुझे बाहो मे भर लिया और ज़ोर ज़ोर से किस करने लग गया. मैं भी उसका साथ देने लग गयी और मुझे बहोत ही मज़ा आने लग गया. फिर उसने मुझे नंगा कर दिया और मेरी चूत चाट कर अपना लंड मेरी चूत पर रख दिया और बिना कोई देर किए लंड को अंदर डालने लग गया.

चूत टाइट थी इसलिए उसे ज़ोर लगाना पड़ा पर उसने भी हिम्मत नही छोड़ी और एक ही झटके मे लंड को मेरी चूत मे उतार दिया. लंड जाते ही मैं चीक्खने लग गयी और तब उसने मेरे होंठो को अपने होंठो से जकड लिया और फिर मुझे चोदता ही चला गया.

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