बीवी की दीदी यानी मेरी साली

हेल्लो फ्रेंड्स, मैं रमण पंजाब से हूँ. मैं आज अपनी जिंदगी की एक मस्त चुदाई का किस्सा आप सब के लिए ले कर आया हूँ. मुझे उम्मीद है, की आपको मेरी आज की ये कहानी पसंद आएगी.

मैने आज से पहले इंटरनेट पर बहोत सारी कहानी पढ़ी है. जिसे पढ़ने के बाद मेरे अंदर भी काफ़ी पावर आ गई है. की आज मैं भी अपनी लाइफ की सबसे मस्त चुदाई आपको बता रहा हू.

मुझे उम्मीद है आपको मेरी ये कहानी अच्छी लगेगी, जिसे पढ़ कर आप एक बार मूठ ज़रूर मारेंगे. और मेरी फीमेल दोस्त ज़रूर एक बार अपनी चूत मे उंगली डाल कर चूत का पानी निकालेगी.

अब मैं बिना देर किए सीधे अपनी कहानी शुरू करता हूँ. दरअसल ये बात आज से एक महीने पहले की ही है. जब मैं किसी काम से अपनी साली के घर पर गया था. अब ये सब केसे शुरू हुआ, वो मैं आपको शुरू से ही बताने की कोशिश करता हूँ.

मेरा नाम रमण है, और मेरी उमर 27 साल है. मेरी शादी को 2 साल हो गये है. मेरी शादी सोनम से हुई थी, सोनम मेरी वाइफ बेहद ही खूबसूरत और समझदार है. मैं अपनी वाइफ से बहोत प्यार करता हूँ.

हम दोनो एक दूसरे से काफ़ी खुश है, हम दोनो रोज रात को चुदाई करते है. सोनम मुझसे खुश है, और मैं उससे काफ़ी खुश हूँ. उसे बहोत अच्छे से पता है. की कैसे एक मर्द को खुश किया जाता है.

सोनम की एक बड़ी बेहेन है, उसका नाम रेणु है. रेणु उमर मे मुझसे भी बड़ी है. सोनम उसे दीदी कहती थी, इसलिए मैं भी उसे शुरू शुरू मे दीदी कहता था. पर मेरी एक वो एक ही साली थी, और आप सब को पता ही है.

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साली आधी घरवाली होती है, इसलिए मेरे दिल के एक कोने मे उसे चोदने की इच्छा सी होती थी. और तो और उसे चोदने की इच्छा हो भी क्यो ना, वो है ही इतनी सेक्सी . उसका फिगर कुछ ख़ास्स न्ही था, चलो अब फिगर की बात आ ही गई है तो आपको उनके फिगर के बारे मे भी बता ही देता हूँ.

रेणु थोड़ी सी मोटी थी, इसलिए उनके बूब्स और चुटटर थोड़े थोड़े मोटे थे. जोकि उस पर काफ़ी अच्छे लगते थे. पर उनका चेहरा बहोत ही सेक्सी और खूबसूरत था. इसलिए मैं उनका दीवाना था, उनके गोरे चेहरे पर उनके गुलाबी होंठ काफ़ी मस्त लगते थे.

कसम से उनके होंठ देखते ही चूसने का दिल करने लग जाता था. मेरा काफ़ी बार दिल करता था, की साली को पकड़ कर इसके होंठ चूस लो. और तो और जब वो अपना मूह खोलती थी.

तो मेरा लंड पूरा एक दम खड़ा हो जाता था. क्योकि उनका मूह अंदर से पूरा गुलाबी था. मूह अंदर से देखते ही मेरा लंड उसके अंदर जाने के लिए पागल हो जाता था.

मेरा 7 इंच का लंड उसके गले को चोदने के सपने देखने लग गया था. मैं ना चाहते हुए भी अपनी साली रेणु को भूल न्ही पा रहा था. इसलिए मैं अपने दिमाग़ मे उसे चोदने का प्लान बनाने लग गया.

मेरी साली मेरे घर से करीब 20 की.मी दूर रहती थी. मैने पहले अपनी वाइफ से बातो ही बातो मे ये पता किया, की वो घर मे किस टाइम अकेली रहती है. सोनम से पता चला की, उसके पति सुबह 7 बजे ही निकल जाते है.

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उनकी एक बेटी वो भी 8 बजे घर से निकल जाती है. उसके बाद रेणु दीदी शाम के 5 बजे तक घर पर अकेली रहती है. क्योकि उनकी बेटी स्कूल से सीधे ट्यूसन पढ़ने चली जाती है.

ये सब पता करने के बाद, अब मेरा दिमाग़ रेणु को चोदने का प्लान बनाने लग गया. आख़िर एक दिन मैने अपने ऑफीस की छुट्टी ले ली, पर ये बात मुझे और सिर्फ़ मुझे ही पता थी. मैं अपने घर से ऑफीस के लिए निकल गया था, पर मैं असल मे अपनी साली रेणु को चोदने के लिए घर से निकला था.

मैं करीब 10 बजे उसके घर आ गया, रेणु मुझे देख कर बहोत खुश हुई. अब मैं उसे दीदी न्ही कहता था, मैं काफ़ी टाइम से अब उसे सिर्फ़ रेणु कह कर ही बुलाता था.

उसने पूछा की मेरा यहाँ आना कैसे हुआ, तो मैने कहा की बस मुझे आज ऑफीस से रेस्ट मिला है. इसलिए मैने सोचा की क्यो ना मैं आज अपनी साली के घर जा कर रेस्ट करूँ.

जैसा मैने प्लान किया था, वो सब ठीक चल रहा था. क्योकि रेणु घर मे एक दम अकेली थी. मैने आते ही नहाने की फरमाइश करी, उसके घर मे दो बाथरूम थे. एक बाहर था और एक बेडरूम के अंदर. मैं सीधा बेडरूम वाले बाथरूम मे चला गया.

मैं जान बुझ कर बाथरूम मे जाते हुए सिर्फ़ टॉवेल ले कर गया. ताकि रेणु को ज़रा सा भी शक ना हो. अब तक मेरा प्लान एक दम ठीक चल रहा था, मैने अपना लंड अच्छे से सॉफ कर लिया था. फिर मैं नहा कर बाहर आ गया.

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