भाई से मिला आशिक का प्यार

हेल्लो, मेरा नाम विशाली. मैं 22 साल की हूँ और मैं बहुत ही सेक्सी हूँ. मैं बहुत ही मज़े से रहती हूँ. मेरा फिगर बहुत ही मस्त है. मैं अपनी फॅमिली के साथ रहती हूँ. मैं दिखने मे बहुत ही सुंदर हूँ. सबसे सुंदर मेरी आँखे है.

मैं जब भी किसी को देख कर मुस्कुरा देती हूँ तो वो तो मेरा ही दीवाना हो जाता है.मैं बहुत से लड़को को लाइन भी मारती हूँ. मैं अपनी फॅमिली यानी की मम्मी पापा और भाई के साथ रहती हूँ. मैं कॉलेज मे हूँ और फुल ऐश करती हूँ.

मैं बहुत लकी भी हूँ की मुझे ऐसी फॅमिली मिली है क्योकि मुझे फॅमिली मे सब प्यार करते है. चलो ये सब मैने बहुत कुछ कह दिया है. पर अब मैं आपको अपनी कहानी पर ले कर चलती हूँ.

तो चलिए बिना किसी देरी के मेरी कहानी की शुरूवात करते है. वैसे मैं तो बहुत ही मस्ती खोर हूँ. मैं अपने पापा से भी चुदि हुई हूँ. और ये बात मेरे और पापा के इलावा किसी को भी न्ही पता है. सच कहु तो मुझे चुदने का बहुत शोक है. या तो ये कह लो मैं एक नंबर की चुड़क्कड़ हूँ.

मैं ड्रिंकिंग और स्मोकिंग भी करती हूँ. और ये बात पापा को भी पता है पर वो मुझे कुछ न्ही कहते. एक दिन की बात है की मम्मी ने मुझे स्मोकिंग करते हुए देख लिया तो मैं तो पागल हो गई की अब मा क्या कहेगी.

तब मम्मी कुछ कहने के अलावा मेरे पास आ कर मुझे मारने लग गई. तब मुझे बहुत अजीब ल्गा पर तभी मम्मी को रोकते हुए पापा ने मुझे बचा लिया और फिर मैं वाहा से निकल गई. उसके बाद मम्मी ने कभी भी मुझे कुछ ऐसा वैसा न्ही कहा और फिर वाहा से भी चुप चाप चली गई.

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बस तब से मैं घर पर जैसा रहना चाहती हूँ ठीक वैसे ही रहती हूँ. कोई भी मुझे रोकता न्ही है. पर मैं अब पापा से भी बहोत कम चुदति हूँ तो अब मेरा मन करता है की किसी और से ज़रूर चुदु.

बस ठीक ऐसे ही मेरा भाई है जिसका नाम अमित है. वो मुझसे छोटा है पर ज़्यादा भी छोटा न्ही है. मैं अक्सर उसके नहाने के टाइम पर बाथरूम मे होती हूँ तो मुझे उसे देखने का मौका मिल जाता है. या तो ये कह लो की मेरा चुदने का मन करता है इसलिए भाई पर डोरे डालती रहती हूँ.

तो ठीक वैसे ही मैं अब भाई को नंगा देखने के लिए पागल हो रही हूँ. और तो और वो भी अब जवान हो गया है अब तो जब भी उसका लंड खड़ा होता है तो मन करता है की पकड़ कर खा लू.

अब ऐसे ही मैने जान कर उसके सामने कपड़े उतारने {कपड़े चेंज} करने तो कभी नाइटी मे ही उसके सामने घूमने लग जाना. अब ऐसे ही भाई भी मुझे देख कर पागल होने लग गया उसके मन मे भी वही सब जागने और उठने लग गया जो मैं चाहती थी.

अब ऐसे ही एक दिन मैने पापा को कहा की पापा आप इस सनडे को मम्मी को ले कर कही चले जाओ मुझे कुछ काम है. मेरी ये बात सुन कर पापा कुछ भी न्ही बोले और मुझसे कुछ भी न्ही पूछा और फिर वाहा से चले गये.

फिर ये बात मैने अपनी एक फ्रेंड से कही की मैं अब भाई से चुदने के लिए नयी नयी स्कीम बना रही हूँ. तो मेरी ये बात सुन कर वो बहुत खुश हो गई और मुझसे कहने लग गई की मुझे भी चुदना है. क्योकि तेरा भाई काफ़ी स्मार्ट है और उसकी बॉडी को देखते ही हम सब पागल हो जाते है और मन करता है की उसकी बाहो मे जा कर समा जाए.

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तब मैने उससे काहा की मैं तुझे भी चुदाउंगी पर पहले खुद को तो चुदवा लू. तब जा कर उसको सही लगा और उसने मुझे जाने दिया. फिर सनडे को पापा मम्मी को सुबह जल्दी ही ले कर रिलेटिव के घर चले गये. और तब भाई सो भी रहा था. तो मैने तब अपनी स्पेशल वाली ब्रा और पेंटी डाली और फिर उसके बाद उसके कमरे मे उसके पास आ कर बैठ गई.

फिर मैने जैसे ही उसको हिलाया तो उसने मुझे देखा यानी की आँखे खोली तो मुझे देखता ही रह गया. मैं बहुत ही मज़े से उसे देखती रही. और जब उसने मुझे ब्रा और पेंटी मे देखा तो उसके मूह मे पानी सा आ गया और फिर उसका लंड भी खड़ा हो गया.

जिसको देखते ही मैं भी पागल हो गई और मैने सीधा उसके लंड को हाथ मे लिया और उपर नीचे करने लग गई. तब वो बोलने लग गया की दीदी आप ये क्या कर रहे हो. अगर मम्मी को पता चल गया तो क्या होगा.

मैं – अमित देख अगर हम दोनो मे से कोई भी उन्हे कुछ न्ही बताएगा तो उसे कैसे पता चलेगा. मेरी ये बात उसे अच्छे से समझ आ गई. और मैं भी काफ़ी खुश हो गई. और फिर वो मान गया और मैने उसके लंड को हाथ मे पकड़ कर उपर नीचे करना शुरू कर दिया.

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