भाई की मर्दानगी पार्ट – 2

अम्मी ने हम दोनो की तरफ देख कर कहा” बेटे, अब तुम अपने लंड का पानी अपनी बेहन की चूत में ही गिरा दो, मैं तो अब तेरा साथ और नहीं दे पाउ गी, मेरी तो चूत का कचूमर निकाल दिया है तेरे हल्लाबी लंड ने, तू वाकाई ही मर्द है, मेरे राजा, अब अपनी मर्दानगी से अपनी बेहन को निहाल कर दे.”

फरहान ने मेरी चुचि को मुह्न में ले कर चूसा और मेरी चूत तो पहले ही पनिया चुकी थी. उसने मुँझे बिस्तर पर चित लेटया, मेरी जांघों को उपर उठाया, मेरी चूत पर अपना हाथ फिराया, जिस कारण मेरी चूत पानी से चिपचिपा गयी. उसका लंड मेरी चूत के दरवाज़े पर दस्तक देने लगा. फरहान बोला,” बहना अब में और वेट नहीं कर सकता, मेरा काम आधा तो पहले ही हो चुका है, अब अपनी मस्त चूत से मेरे लंड का पानी निकाल दो, मेरी हुमा बेहन, अब मेरे लंड का स्वागत अपनी प्यारी चूत में कर डालो, आज शराब के कारण मेरा लंड नहीं छूट रहा है, चल खोल अपनी चूत मेरी बहना, ले लेने दो मुझे अपनी चूत के मज़े,”

मैने भी टाँगें खोल कर फरहान को निमंत्रित करते हुए कहा” मेरे भाई, मैं तो पहले से ही तेरी जवानी की गुलाम हूँ, चोद डाल अपनी बेहन को जिस तरह तेरा दिल चाहे, मैं तेरे लंड की हर ज़रूरत पूरा करने के लिए तय्यार हूँ, पेल दो अपना लंड अपनी बेहन की चूत में, अब से मैं तुम्हारी हूँ, मेरे राजा भैया,”

फरहान ने एक मिनिट भी इंतज़ार नहीं किया और अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया. लंड माखन की तरह मेरी चूत में दाखिल हो गया किओं के मेरी चूत से पानी एक नदी की तरह बह रहा था. फरहान पहले से ही गरम था और पूरे ज़ोर से चोदने लगा, उसने अपने हाथ मेरी गांद पर रखे और कस के पकड़ लिया.

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कोई 10 मिनिट में ही मैं भी झड़ने को तय्यार हो गयी और मेरी चूत पानी छ्चोड़ने लगी,” मैं झडियी भाई, अब मैं नहीं रुक सकती, मेरी चूत पानी छ्चोड़ गयी है, तुम अपना लंड निकाल लो, अम्मी मैं मरी,” फरहान का लंड अब भी वैसे ही खड़ा था, वो गुस्से में बोला,” साली दो दो मस्त चूतो के बावजूद मैं नहीं झाड़ पा रहा हूँ, हुमा चल मेरा पानी निकाल दे क़िस्सी तरह, मेरा कुच्छ करो मेरी बहना, मैं क्या करूँ इस मस्त लॉड का?” अम्मी ने मुझ को कहा,” हुमा फरहान से कभी गांद मरवाई है क्या?” मैने ना में जवाब दिया.

अम्मी ने कहा” बेटे, चल आज मैं तुझ से गांद मरवा कर तेरी गरमी निकाल देती हूँ, क्या मेरी गांद का स्वाद चखे गा तेरा लंड?” फरहान की आँखों में एक वहशत सी नज़र आने लगी. वासना की आग में देहक्ते हुए फरहान ने अम्मी को फिर से घोड़ी बनाया और अपने लंड को क्रीम से लिपलीपा करने के बाद गांद में पेल दिया, अम्मी की चीख निकल गयी और वो दर्द के मारे चिल्ला पड़ी, ‘ मर गयीईइ मेरी मा, यह क्या किया मैने, तेरा लंड तो किसी लकड़ी के डंडे की तरह मेरी गांद को फाड़ रहा है, मैं तो भूल ही गयी थी कि तेरे अब्बू का लंड छ्होटा सा था जिस के साथ मेने गांद मरवाई थी, लेकिन मैं तो भूल ही गयी थी कि मेरे बेटे का लंड तो बहुत ज़ालिम है, आराम से चोद मेरी गांद बेटे, बहुत दर्द हो रहा है,’

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फरहान का लंड अम्मी की टाइट गांद में जा कर अटक गया और वो धीरे धीरे धक्के मारने लगा,” उफ़फ्फ़ कितनी टाइट है तेरी गांद अम्मी, मैने कभी गांद नहीं मारी अभी तक, लेकिन बहुत मस्त है तेरी गांद अम्मी जान, अब मैं भी ज़यादा देर ना रुक सकूँ गा, मेरा झड़ने को ही है, चोद लेने दो अपनी गांद मुझे, बहुत ही मस्त हैं तेरे चूतर अम्मी, क्या बात है तेरी मस्त चुदाई की, देख मेरा रस तेरी गांद में गिरने को है, ले लो मेरा सारा रस अपनी गांद में, मैं झाड़ रहा हूँ, अम्मी,” इसके साथ ही फरहान अम्मी की गांद में झाड़ गया, उसका रस अम्मी की गांद में गिर गया और अम्मी के चूतरो पर फैल गया जब फरहान ने अपना लंड अम्मी की गांद से निकाला.

एक छप की आवाज़ आई और फरहान अम्मी की पीठ पर औंधे मुह्न निढाल हो कर गिर गया. हम तीनो सारी रात बेहोश सोते रहे. हम चुदाई कर के थक कर मस्त थे और किसी को किसी बात की सुध ना थी. इस तरह हम तीनो की चुदाई का खेल शुरू हुआ जो आज तक चल रहा है और जिसमे काफ़ी कुच्छ और भी शामिल हो चुका है जिस कारण फरहान आज दो नहीं बल्कि बहुत सी औरतों की चुदाई कर के अपनी मर्दानगी का सबूत दे रहा है और जन्नत के मज़े लूट रहा है और हमें भी मस्त कर रहा है.

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