भाभी ने सेक्स की गोली खिलाकर चूत चुदवाई

भाभी ने सेक्स की गोली खिलाकर चूत चुदवा ली मुझसे. मैंने उसके घर मैं ट्यूशन देने जाता था, एक दिन उसका पति घर पर नहीं था तो उसने मुझे रोक लिया और …

हमारा नाम राजपाल है. घर में हमको रामू कहते हैं. मेरा उम्र 22 साल के करीब है. हम बिहार का रहने वाला हूं. मेरा हाइट 6 फीट 1 इंच है. ये तो हुई हमारी बॉडी की बात. अब जरा हमारे लंड के बारे में भी बात कर लेते हूँ.

मेरा जो लंड है न, वो बहुत मोटा है और हमारे लंड की लम्बाई भी बहुत है ज्यादा है. हम आपको जो कहानी बताने जा रहा हूं वो उन दिनों की बात है जब हम अपने कॉलेज में दाखिला लेने वाले थे. हमारी परीक्षाएं खत्म हो गई थीं और हम घर पर बैठ कर मक्खी मार रहे थे.

करने को कुछ था नहीं इसलिए घर पर ही टाइम हम अपना पास कर लेते थे. मैं कभी टीवी देख लेता था तो कभी बाहर घूमने निकल जाता था. मगर ज्यादा दिन हम खुद को ऐसे बहला नहीं पाये और फिर मैंने सोचा कि क्यों न टाइम पास के लिए कोई ट्यूशन ही पढ़ाने का काम कर लिया जाये.

यहां घर पर बैठे-बैठे मेरा दिमाग खराब रहता था और जेब में पैसा भी नहीं रहता था. हम यही सोचे कि ट्यूशन पढ़ाएंगे तो टाइम पास के साथ ही कुछ पैसा भी आने लगेगा जिसको हम कालेज की पढाई में भी लगा सकूंगा.

संजोगबस मेरे ही मोहल्ला में एक फैमिली किराये पर मकान लेकर रह रही थी. उसमें एक भाभी अपने पति और बेटी के साथ रह रही थी. मेरे कहने पर मेरी मां ने उनसे बात किया और हम उसकी लड़की को पढ़ाने लगे. जिस स्टूडेंट को हम पढाते थे उसकी मां बहुत अच्छी थी.

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हमको बहुत मानती थी उसकी मां. उसके पति दूसरे शहर में रहते थे. एक दिन कि ये हुआ कि मेरी मां मेरे नाना जी को देखने नानी के यहां चली गयी. हमारे पिता जी उन दिनों काम से बाहर गये हुए थे. वो गोवा में थे और कई दिन के बाद आने वाले थे.

उस दिन हमारे घर पर केवल हम ही था. मेरे जो भाई लोग हैं न वो हॉस्टल में रह रहे थे. तो उस दिन हम उसके यहां ट्यूशन पढ़ाने के लिए गये. संजोगबस उसके पति भी उस दिन घर पर नहीं थे. भाभी को उसी समय बाजार जाना था तो वो हमसे कहके गई कि रामू तुम बाद में जाना. मैं अभी बाजार जा रही हूं.

फिर वो चली गई. जब वो हमारी नजर के सामने से गुजरी तो हम उसकी गांड को देखते ही रह गये. वो भाभी बहुत ही सेक्सी लग रही थी. हमारा लंड उसको देखते ही फुदकने लगा. किसी तरह हम खुद को कंट्रोल किये और फिर उसकी बेटी को ट्यूशन पढाने लगे.

जब हम उसकी बेटी को पढ़ा दिये तो हम भाभी जी के आने का इंतजार करने लगे. ऐसे ही करते-करते रात के 9 बज गये. जैसे ही वो आयी हम उनसे कहे कि हम अपने घर जा रहे हैं.
फिर वो कहने लगी कि रामू खाना यहीं पर खाकर जाना, तुम्हारे घर पर भी कोई नहीं है. तुम अकेले वहां क्या बनाओगे?

हम ऐसे ही जाने का नाटक करते रहे मगर हम दिल से भाभी जी के पास ही रुकना चाह रहे थे. फिर बहुत कहने के बाद हमने उनको हां कह दिया. खाना खाते हुए हमको बहुत देर हो गई. रात के 10 बजे से भी ज्यादा का टाइम हो गया.

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जब हम जाने के लिए बोले तो भाभी जी ने कहा कि रामू अब तो बहुत रात हो गई है. तुमने खाना तो खा ही लिया है तो फिर तो तुम यहीं पर सो जाओ. बिटिया के पापा भी घर पर नहीं है. हम लोगों को भी डर नहीं लगेगा.

भाभी जी ने जब हमसे रात में रुकने के लिए कहा तो हमारा लंड टाइट होना शुरू हो गया. हम तो चाह ही रहे थे कि हमको उनके पास रुकने का कोई बहाना मिल जाये. फिर उन्होंने खुद ही कह दिया तो हम भी झट से मान गये.

उनके घर पर रुकने से मुझे भी सही था क्योंकि हम रात में अकेले अपने घर में नहीं सो सकते थे. हमको भूत से बहुत डर लगता था. इसलिए भाभी जी के कहने पर हमने तुरंत हां कह दिया. फिर हम बैठ कर वहीं पर गप लगाने लगे. ऐसे ही रात के 11 बजे गये.

जब उसकी बेटी को नींद आ गयी तो फिर हमने भी भाभी जी से कहा कि हमें भी नींद आ रही है.
भाभी जी बोली कि हम तुम्हारे लिये बिस्तर लगा देती हूं.
जब वो बिस्तर लगा रही थी तो हमें भाभी जी के गोल तरबूज दिख पड़े.
हमारा लंड खड़ा होने लगा.

बेड लगाने के बाद हम उस पर लेट गये और भाभी जी को गुड नाइट बोल कर सोने लगे.
वो कहने लगी- अभी ऐसी भी क्या जल्दी है रामू, आपसे रोज रोज बात तो कर नहीं पाती हूं. कुछ देर बतिया लो. उसके बाद सो जाना.

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