बहन की चुदाई अपने ही दोस्तों से

फरहान बोला- लकी अब समोसा रहने दे। समोसा तो अब हम तब खाएंगे जब इसकी बहन नंगी हो कर स्पेसल समोसा बनाएगी और नंगी ही अपने हांथो से हमें खिलाएगी। तू पकौड़े माँगा ले।
छोटू बोला- ओह! तो बात यहाँ तक पहुँच गयी है, फिर तो अब प्रिया दीदी के कपडे पक्का उतरेंगे। पर फरहान भईया हम भी वो स्पेसल समोसा खाना चाहेंगे। और वो हँसता हुआ पकौड़े लेने चला गया।
तभी लकी बोला- फरहान भाई वो चिड़िया तो इधर ही आ रही है।
मुझे फिर से बहुत गुस्सा आने लगा पर मैं कुछ नहीं बोला। सब लोग शांत थे। तभी पीछे से मुझे प्रिया दीदी की आवाज़ सुनाई दी – “दीपक तुम कब से यहाँ बैठे हो, किसी क्लास में भी चले जाया करो। आज तो तुम्हारा प्रैक्टिकल भी है। क्लास में जाओ। सारा दिन आवारा गर्दी करते रहते हो ”
मैं बोला- ठीक है जा रहा हूँ दीदी। मुझे अपनी क्लास की चिंता है। दिन भर टोका-टाकी मत किया करो। समोसा खा लूँ फिर जाता हूँ।
प्रिया दीदी बोली – तुम बस दिन भर समोसा ही खाते रहना। और इतना बोल कर प्रिया दीदी वहां से चली गयी।
प्रिया दीदी के जाते ही पंकज बोला- हाय ! डार्लिंग अब तो तू ही हम सब को समोसा बना के खिलाया करेगी।
सब हंसने लगे।
फरहान बोला- साली की गांड और कमर कितनी मटकती है। इसकी बुर लेने में बहुत मज़ा आएगा।
लकी बोला- सब तो ठीक है ! यार प्रिया माल तो बहुत तगड़ा है पर उसकी चूची कुछ छोटी है।
साबिर बोला- कोई बात नहीं यार, हम उसकी चूची मसल-मसल के बड़ी कर देंगे।
मुझे बहुत गुस्सा आ रही थी। मैं बोला- तुम लोग अपनी बकवास जारी रखो। मैं जा रहा हूँ।
फरहान बोला- ठीक है भोसडीके तू जा और हम सब प्लानिंग करते है तेरी मस्त बहन को रंडी बनाने की। और सब हंसने लगे।
मैं उस दिन कॉलेज के बाद शाम को अपनी प्रिया दीदी को ले कर घर आ गया। मैं ऐसी शर्त से काफी परेशान था और डर भी लग रहा था लेकिन मुझे अपनी प्रिया दीदी पर यकीन भी था। शर्त के बारे में सोचते-सोचते मेरा ध्यान प्रिय दीदी के सीने पर गया और लकी की बात मेरे दिमाग में आई – “यार प्रिया माल तो बहुत तगड़ा है पर उसकी चूची कुछ छोटी है। सच में अब मुझे भी प्रिया दीदी की चूची उनकी उम्र की दूसरी लड़कियों से काफी छोटी थी। इसमें मुझे एक बात समझ में आ गयी की मेरी प्रिया दीदी का आज तक किसी लड़के से पटी नहीं और न ही उन्होंने खुद कोई गलत काम किया है। यानि की प्रिया दीदी के किसी से फसने के चांस बहुत कम थे। ये सोचते-सोचते मैं सोने चला गया।
अगले एक-दो हफ्ते आराम और अच्छे से निकल गए। बीच-बीच में छोटू कभी-कभी पूछ लेता था की भईया शर्त का क्या हुआ ? फरहान और दूसरे लोग बोल देते की शर्त कौन सी शर्त और मैं छोटू से बोलता की इन लोगो की गांड मैं ही मरूंगा।
एक दिन कैंटीन में सिर्फ हम चार लोग ही बैठे थे, फरहान नहीं आया। मैंने साबिर से पूछा की आज फरहान कहाँ चला गया।
साबिर बोला- फरहान आ रहा था पर रस्ते में स्वेता बुला के ले गयी। वो फरहान को कोई गुड न्यूज़ देना चाहती थी।
मैं बोला- कौन स्वेता और कैसी गुड न्यूज़ ? वो गुड न्यूज़ हमारे सामने भी बता सकती थी। ऐसी कौन सी गुड न्यूज़ है जो हमारे सामने नहीं बताई जा सकती।
साबिर बोला- तेरी प्रिया दीदी की सीनियर स्वेता और गुड न्यूज़ तो फरहान के आने के बाद ही पता चलेगी।
फरहान करीब चार घंटे बाद आया। उसके चेहरे पर मुस्कान थी और उसके बाद मैं कभी भी दिल से मुस्कुरा नहीं पाया। फरहान ने मेरी बहन को जीत लिया था, उसने मेरी बहन को एक लड़की की तरह नहीं बल्कि एक रंडी की तरह जीता था। इसके बाद फरहान जो-जो बोलता गया मेरी बहन करती रही। फरहान ने वो सब कुछ किया जो मैंने सपने में भी उसके बारे में कभी सोच भी नहीं सकता था।
दोस्तों मैं आप लोगो को स्वेता के बारे में कुछ बता दूँ। वो मेरी प्रिया दीदी सीनियर थी। वो पढ़ने में अच्छी नहीं थी पर हमेशा टॉप आती थी। एक बार फरहान और उसके दोस्तों ने स्वेता को उसके बॉय फ्रेंड के साथ गार्डन में पकड़ा था और उसके बाद सबने अपना हाँथ साफ़ किया था। स्वेता को उसके बॉय फ्रेंड के सामने ही सबने उसे खूब चोदा था। उसके बाद फरहान ने स्वेता को अपनी रंडी बना कर कई बार चोदा और दूसरों से भी चुदवाया। फरहान ने अपने अब्बू को भी स्वेता की जवानी और उसके जिस्म का मज़ा दिलवाया था जिसके कारण फरहान के अब्बू ने यूनिवर्सिटी वालो से बोल कर स्वेता को टॉप करवाया था। जिस टाइम साबिर ने मुझे ये बताया था की फरहान को स्वेता बुला के ले गयी है उस टाइम तक मैंने सोचा भी नहीं था की मेरी बहनो का भी यही हाल होने वाला है, बल्कि उससे भी ज्यादा और गन्दा। अब जल्दी ही मेरी दोनों बहने और मम्मी फरहान के हाँथ की कठपुतली होने वही थी। इन सब का जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ मैं था।
लगभग चार घंटे बाद फरहान आया और वो बहुत खुश लग रहा था।
मैंने विजय से पूछा की – आज फरहान बहुत खुश लग रहा है। लगता है स्वेता ने फरहान को कोई नहीं चिड़िया दी है।
विजय बोला- हाँ यार लगता तो कुछ ऐसा ही है।
तब तक फरहान हमारे पास आ गया और मुझे बोला- और साले साहब क्या हाल-चाल है ?
मैं एकदम से चौक गया और मेरे दिमाग में तुरंत यही बात आई की क्या मैं शर्त हार गया। और ये बात सही थी की मैं शर्त हार चूका था। मैं इन सबका साला बन चूका था और मेरी बहन इन सबकी रंडी बनने के लिए तैयार हो गयी थी।
पंकज बोला- क्या बोल रहा है भाई ! क्या इसकी बहन प्रिया फस गयी ?
फरहान मेरी तरह देख कर मुस्कुराते हुए बोला- हाँ फस गयी। साली को अपना लौड़ा चुसवा के आ रहा हूँ। आल्हा कसम बहुत मज़ा आया। बस उसकी चूत पर झांटे बहुत ज्यादा है इसलिए उसे चोदा नहीं, नहीं तो आज ही उसे चोद कर उसकी बुर का भोसड़ा बना देता।
ये बात सुन कर छोटू और लकी भी वही आ गए।
फरहान आगे बोला- साली एकदम करारा माल है, एकदम हॉट और सेक्सी। एकदम कसी हुयी चूची, उठी हुयी गांड और सबसे बड़ी बात की अभी तक साली की बुर सील पैक है।
फरहान की ये बाते सुन कर सभी चौक गए और एक साथ बोल पड़े – क्या बात कर रहे हो गुरु ! साली अभी तक सील बंद है ?
छोटू अपना लौड़ा मसलते हुए बोला- फरहान भाई क्या आप सच बोल रहे हो ! मुझे भी उस साली के मज़े दिलवाना भाई।
लकी सब को बीच में टोकते हुए बोला- क्यों दीपक भाई की गांड फाड़ रहे हो ? कोई साबुत हो तो बताओ।
मैं भी दबी आवाज़ में बोला- हाँ कोई साबुत हो तो बात करो, नहीं तो मैं जा रहा हूँ। और मैं उठ कर खड़ा हो गया।
फरहान ने मेरा हाँथ पकड़ लिया और बोला- अबे साले तुझे साबुत चाहिए ! रुक अभी साबुत सुनाता भी हूँ और दिखता भी हूँ। जब तक तेरी बहन ने कपडे पहने थे तब तक की वॉयस रिकॉर्डिंग है और जब तेरी बहन ने अपने कपडे उतारना शुरू किये और जब तक उसने दुबारा अपने कपडे नहीं पहने तब तक की वीडियो रिकॉर्डिंग भी बनायीं है। अगर तुझे और साबुत चाहिए तो ये ले अपनी बहन के कपडे।
फरहान ने अपने बैग से एक समीज़, ब्रा और पैंटी निकाल कर मेरी तरह फेंका।
ये मेरी प्रिया दीदी की ही समीज़, ब्रा और पैंटी थी, मैं इन कपड़ो को अच्छे से पहचानता था।
फिर फरहान मुझसे बोला- भोसडीके तेरी सीधी-साधी बहन आज पुरे कॉलेज में बिना ब्रा, पैंटी और समीज़ के और दुप्पटे में बिना सेफ्टी पिन लगाए घूम रही है। एकदम रंडी की तरह। जा कर देख ले।
ये सुन कर और अपनी बहन के ये कपडे देख कर मेरे हाँथ-पैर ठंडे पड़ गए। मैं कुछ बोल नहीं पाया।
छोटू जो उस कैंटीन में बर्तन धोने और सबकी झूठी प्लेट साफ़ करने वाले ने मेरी आँखों के सामने मेरी बहन की पैंटी उठाई और अपने मुंह से लगा कर सूंघने लगा और बोला- लगता है चूत में भी सेंट लगाती है।
छोटू की ये बात सुन कर सब हंसने लगे।
पंकज ने मेरी प्रिया दीदी की ब्रा उठाई और उसे देखते हुए बोला- साली की चूची अभी छोटी है, लगता है अब हमें ही बड़ी करनी पड़ेगी।
सब फिर से हंसने लगे।
छोटू अभी भी मेरी बहन की पैंटी को अपनी नाक में लगा कर सूंघ रहा था। मैं खड़े हो कर सब देख रहा था पर अब मैं कुछ कर नहीं सकता था।
विजय बोला- यार इन पंडित लोगो के साथ सबसे बड़ी परेशानी यही है की खुद की माँ-बहन बाहर रंडियों की तरह चुदवाती रहेंगी और ये लोग दूसरे की लड़कियों पर मुंह मारते रहते है और बोलते है की हम पंडितों की लड़कियां बहुत सीधी और शरीफ होती है।
ये सुन कर सब हंसने लगे और मेरी आँखों में आंसू आने लगे, पर मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था।
फरहान ने मेरा हाँथ पकड़ कर मुझे कुर्सी पर बैठाया और बोला- देख यार रो क्यों रहा है ! कल जो जब तेरी बहन की शादी होगी तो भी कोई उसे चोदेगा। बस अभी फर्क इतना है की वो शादी से पहले चुद रही है और जब तेरी बहन को अपनी बुर देने में कोई प्रॉब्लम नहीं है तो तुझे क्यों कोई प्रॉब्लम हो रही है। आज तक मैंने और तूने कितनी लड़कियों की बुर मारी है। वो भी तो किसी की बहन थी और किसी की माँ बनेंगी। ये सब छोड़ और रोना बंद कर। अब तू भी अपनी बहन और माँ की चुदाई के मज़े ले। तू ये पंडित, चमार, जमादार, मुसलमान छोड़ इन सबसे कुछ नहीं होता। लड़की के पास चूत होती है और उन्हें लण्ड चाहिए फिर वो लण्ड चाहे किसी का भी हो। तू यहाँ रो रहा है और वहां जा के देख तेरी बहन बिना कपड़ों के कितनी खुश है। अगर हमने तेरी बहनो और माँ को चोदा तो इसमें तेरा भी फायदा होगा।
मैंने फरहान की तरफ आंसू भरी आँखों से देखा और बोला- इसमें मेरा क्या फायदा होगा ?
फरहान बोला- तुझे मालुम है की तेरी बहन प्रिया क्यों चुदने के लिए तैयार हुयी।
मैं रोते हुए बोला- नहीं ! मुझे नहीं मालुम।
फरहान मुस्कुराया और बोला- एग्जाम में 1st आने के लिए, क्लास में टॉप करने के लिए। अगर तेरी बहन अपने लिए मुझसे और मेरे अब्बू से यहाँ तक की एक गन्दी प्लेट धोने वाले छोटू से चुदने के लिए तैयार है तो सोच अपने भाई के लिए वो क्या कुछ नहीं करेगी।
मुझे फरहान की ये बात अच्छी लगी और मेरे चेहरे पर हलकी सी मुस्कान आ गयी जिसे देख कर सब लोग हूटिंग करने लगे। जिससे मेरा डर और शर्म थोड़ी काम हुयी। मुझे अच्छा भी लगा और मैंने सोचा की सच में अगर वो अपने नंबर बढ़वाने के लिए ये सब कर सकती है तो मेरे लिए भी करेगी और अच्छे नंबर और 1st आने में मेरा ही फायदा है। उसे कल किसी न किसी से चुदना ही है। अगर मेरे दोस्तों और फरहान से अब्बू से चुद जाये और मेरा ही फायदा हो तो इसमें क्या बुराई है। खैर मैं कुछ बोला नहीं सिर्फ हल्का सा मुस्कुरा दिया।

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