बहन की कुंवारी बुर को भाई ने चोदा

ये कामुक सीन देख कर मेरे हाथ खुद ब खुद अपनी चुत की तरफ रेंग गए.

कुछ देर तक मम्मी की चुत चोदने के बाद अंकल ने कहा- सुनीता चल उठ … अब आज तेरी गांड मारता हूँ.
मम्मी इठला कर बोलीं- आज क्या इरादा है … चुत और गांड एक ही दिन फाड़ दोगे क्या?
अंकल- अरे नहीं मेरी जान गांड में आराम आराम से डालूंगा … बस थोड़ा सा दर्द होगा.
मम्मी- अरे यार … मैंने इससे पहले कभी गांड नहीं मरवाई है … नहीं आज गांड मत मारो … फिर कभी मार लेना. आज बस चुत ही चोद लो, मुझे गांड में बहुत दर्द होगा.

मम्मी थोड़ा नखरा दिखाने लगीं.

अंकल- प्लीज जानेमन, तुम्हारी गांड को देख कर मन करता है कि तुम्हारी गांड खा जाऊं. अगर मैं तुम्हारा पति होता, तो हमेशा तुम्हारी गांड में ही अपना मुँह डाले रहता.
मम्मी बस ‘नहीं … नहीं …’ करती रहीं.

इतने में अंकल गुस्सा हो गए और उन्होंने मम्मी के दोनों पैर पकड़ कर उनको उल्टा कर दिया. फिर अंकल ने मम्मी की गांड में थूक कर एक ही बार में अपना मोटा लंड पेल दिया.

मम्मी की चीख निकल गई … मम्मी रोने लगीं और खुद को छुड़ाने की कोशिश करने लगीं. पर अंकल काफी हट्टे-कट्टे थे, इसलिए मम्मी उनसे नहीं छूट पाईं.

अंकल जोर जोर से मम्मी की गांड चोदे जा रहे थे और साथ में ही बहुत गंदी गंदी गालियां भी दे रहे थे- साली छिनाल रंडी प्यार से बोल रहा था … तो भैन की लौड़ी मान नहीं रही थी … ले अब भुगत मेरे लंड की मार को.
मेरी प्यारी मम्मी बस चिल्ला रही थी.

मैंने देखा कि मम्मी की गांड से जरा सा खून निकल आया था, मैं मम्मी का दर्द समझ सकती थी कि उनको कितना दर्द हो रहा होगा.

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उन लोगों की चुदाई देखते देखते, मेरी चुत भी पानी छोड़ने लगी थी. मैं भी गर्म हुए जा रही थी. मेरा तो मन कर रहा था कि अभी अन्दर घुस जाऊं और अंकल के सामने अपनी चुत पसार कर लेट जाऊं. फिर उनसे बोलूं कि लो अब आप मेरी चुत को फाड़ो.

सच कहूँ, तो मम्मी की चुदाई देख कर मेरा भी चुदने का मन करने लगा था.

मम्मी की चुदाई देखने में मैं इतनी मशगूल हो गई थी कि कब मेरा भाई मेरे पीछे आकर खड़ा हो गया, मुझे बिल्कुल पता नहीं चला. वो मेरी करतूत देख ही रहा था कि मैं भी कितनी कामुक हो गई हूँ. मैं उस समय अपनी चुत में उंगली कर रही थी.

मैं भाई को देख कर अचानक से डर गई. पर भाई मुझे देख कर हंसने लगा और मेरा हाथ पकड़कर मुझे रूम के अन्दर ले गया. इतने में मम्मी और अंकल की नज़र मुझ पर पड़ी, तो वो दोनों भी कुछ पल के लिए डर गए.

लेकिन भाई ने बोला- डरो मत मम्मी … आज हम लोगों के साथ मेरी बहन भी चुदेगी.

मैं अपने भाई के मुँह से ऐसी बात सुनकर दंग रह गई कि ये क्या बोल रहा है. पर सच तो ये था कि मेरा मन तो खुद ही चुदने को करने ही लगा था. इसलिए मैं भी पूरे जोश में आ गई थी.

मैंने देखा कि अंकल भी मुझे देख कर काफी खुश हो गए थे, पर मम्मी नहीं चाहती थीं कि मैं उन लोगों के साथ मस्ती करूं.

तभी मेरे भाई ने मेरा हाथ पकड़ कर खींच लिया और उसके बाद वो मुझे किस करने लगा. पहले तो मैं बहुत मना करने लगी कि भाई छोड़ दो, मैं तेरी बहन हूँ.

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लेकिन भाई ने बोला- जब मैं अपनी मम्मी को चोद सकता हूँ. … तो तू फिर एक लड़की ही है.
मैं उसके मुँह से ये सुनते ही सन्न रह गई कि मम्मी न सिर्फ़ अंकल से चुदती हैं … बल्कि ये तो मेरे भाई से भी चुदवाती हैं.

इसी बीच भाई ने मेरा टॉप उतार दिया. वो मेरे मम्मों को दबाने लगा और एक को चाटने भी लगा. वो बिल्कुल पागलों की तरह मुझे चाट रहा था और अंकल फिर से मम्मी की गांड मारने में लग गए थे.

मैंने भाई से पूछा- भाई तुम मम्मी को कब से चोद रहे हो?
इस पर भाई ने कुछ नहीं बोला, वो चुप रहा.
तब अंकल बोले- तेरी मम्मी को पहले वो नहीं चोदता था. उसे मैंने ही पहले चोदा था.

मैं ये सुनकर मम्मी को देखने लगी.

लेकिन मम्मी चुप रहीं और उनकी जगह अंकल ने ही कहा- साला तेरा भाई, मेरी बीवी को चोदता था. एक दिन मैंने इन दोनों को पकड़ लिया था. फिर इसने बोला कि मुझे मारना मत. मैंने बोला कि चल ठीक है, इसके बदले तू अपनी मम्मी की चुत मुझे दिलाएगा.

ये बात सब लोग सुन रहे थे. इसी बीच भाई ने मुझे पूरी तरह से नंगी कर दिया था और वो नीचे होकर मेरी चुत चाट रहा था. मैं बिस्तर पर पड़ी मेरी मम्मी की चुत चाट रही थी.
अंकल मम्मी की गांड चोद रहे थे.

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