बड़ी साली की दबी हुई अन्तर्वासना

हम एक दूसरे के साथ बातचीत में काफी खुल गए थे तो बातों ही बातों में मैंने मजाक में उनसे पूछा कि आपके हस्बैंड सुबह 8 बजे चले जाते हैं और रात में 10-11 बजे आते हैं, कई बार नाईट शिफ्ट भी करनी पड़ती है, तो फिर आप लोग ‘वो’ कब करते हैं?
पहले तो वो मेरी बात का मतलब नहीं समझ पायीं और बोलीं- वो क्या?

इस पर मैंने मुस्कुराते हुए अपने दोनों हाथों की उंगलियों को मिलाते हुए चुम्बन का इशारा किया. मेरे इस इशारे पर वो एकदम से शरमा गयीं और एकदम से बोलीं- हो… ये क्या कह रहे हो आप! मैं तो आप को सीधा साधा समझती थी और आप … !
उनका चेहरा शर्म से बुरी तरह लाल था और हल्की सी मुस्कान फैल गई थी.

मैंने भी मजे लेते हुए कहा- क्यों सीधे लोग मजाक नहीं कर सकते क्या? और फिर आप तो …!
वो बोली- आप रुक क्यों गये?
मैंने कोई जवाब नहीं दिया तो वो कहने लगी- मैं तो आपसे बड़ी हूँ, मेरे साथ ऐसा मजाक कैसे कर लिया आपने?
इस पर मैंने भी तुरन्त कहा- आप तो मेरी भाभी हैं न.

फिर मैंने उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया और कहा- और आप बड़ी हो तो क्या हुआ, मेरी दोस्त भी तो हो. मेरा तो हक बनता है आपसे मजाक करने का.
फिर मैंने थोड़ा सीरियस होकर कहा- आपको बुरा लगा क्या मेरी बात का?
वो बोली- नहीं, बुरा तो नहीं लगा लेकिन थोड़ा अजीब लगा क्योंकि मेरे साथ किसी ने ऐसा मजाक किया नहीं था इससे पहले.

मैं भी तपाक से बोल पड़ा- मगर मैं तो कर सकता हूं न! मेरे अलावा किसी और की हिम्मत है जो आपके साथ ऐसा मजा कर सके?
इस बात पर हम दोनों ही हंस दिये.

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फिर मैंने दोबारा से पूछा- मगर मुझे अभी भी मेरे सवाल का जवाब नहीं मिला है?
मेरे ऐसा कहने पर उसने मेरे हाथ को नोचते हुए कहा- अभी बताती हूं तुम्हें, बेशर्म कहीं के! बहुत मार पड़ेगी अगर ऐसी बातें की तो मेरे साथ!
कहते हुए उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया.

अब मैंने भी जिद करते हुए पूछा- मार लो, लेकिन जवाब तो दे दो?
वो शर्माते हुए बोली- ये भी कोई बताने की बात है.
मैंने कहा- लेकिन दोस्तों को तो बताई ही जा सकती है.
मेरी बात सुन कर वो एकदम से शांत हो गई.

फिर कुछ सोचकर बोली- आप खुद ही समझ लीजिये.
मैंने पूछा- क्या समझ लूं?
उसने कहा- जब वो इतने बिजी रहते हैं तो फिर आप खुद ही समझ लीजिये कि कुछ होता होगा या नहीं.
मैंने कहा- बिजी रहने का मतलब ये कब से होने लगा कि प्यार भी नहीं किया जायेगा?

फिर मैंने दूसरा सवाल किया- अच्छा ये तो बता दो, कितने दिन से नहीं किया है?
वो बोली- पिछले एक महीने से.
मैंने हैरान होते हुए कहा- सच में? एक महीने से आप लोग कैसे रुके हुए हो?

वो बोली- मतलब?
मैंने कहा- मतलब ये कि आपका मन तो मचलता ही होगा तो फिर बिना किये कैसे रह लेते हो?
मेरी इस बात पर वो बुरी तरह से शरमा गयी और कहने लगी- मेरे बारे में तो सब कुछ पूछ लिया और अपने बारे में कुछ नहीं बता रहे.

मैंने कहा- मैं क्या बताऊं, मैं भी बहुत टाइम से बिना (सेक्स) किये रह रहा हूं. ऐसे ही मन को बहला लेता हूं.
वो बोली- मन बहलाने का क्या मतलब है?
मैंने कहा- बस मोबाइल में कुछ-कुछ देख कर अपने मन को बहला लेता हूं और खुद को संतुष्ट कर लेता हूं.

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मेरी इस बात पर उसने अन्जान बनते हुए पूछा- मोबाइल में ऐसा क्या देख लेते हो जो संतुष्ट हो जाते हो?
अब मैंने भी शर्म छोड़ते हुए अपना मोबाइल फोन निकाला और पॉर्न वीडियो चला कर उसके सामने कर दिया. वो उसे देख कर बुरी तरह शरमा गयी और उसने अपने दोनों हाथों से अपना चेहरा ढक लिया.

फिर बोली- आप ये सब भी देखते हो? मैंने तो आपको बहुत ही शरीफ इन्सान समझा था.
मैंने कहा- क्यूं? इसको देखने में क्या बुराई है? सीधे सादे लोग मजा नहीं ले सकते क्या?

वो मेरी बात सुन कर कुछ नहीं बोली और बस नजर को नीचे झुका कर बैठी रही. फिर कुछ देर तक हम दोनों में कुछ बात नहीं हुई. मैंने उसको गुड नाइट कहा और फिर अपने कमरे में चला गया.

अगले दिन सुबह मुझे ऑफिस के लिए निकलना था. मैं सुबह उठ कर ऑफिस के लिए निकल गया और रात के 9 बजे वापस आया. आते हुए भाभी ने मुझे टोकते हुए पूछा- आज इतनी लेट?
मैंने कहा- काम थोड़ा ज्यादा था आज.

फिर उसने मुझे बैठने के लिए कह दिया और बोली- आ जाओ साथ में बैठ कर चाय पीते हैं.

मैं उसके पास चला गया और वो चाय बना कर ले आयी. आज उसकी आवाज में एक अलग ही खनक सी थी और चेहरे पर जैसे एक चमक थी.

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