बाप का पाप

क्या जवान हो गयी है पापा. “अरे बेटीतुम्हारी चूत.” पापा ने चूत को दबाया. पापा के हाथ से चूत दबाए जाने परमैं सनसना गयी. मैं मस्ती से भरी अपनी चूत को देख रही थी. तभी पापा ने अपने अंगूठे को क्रीम से चुपड मेरी चूत मे डाला. वो मेरी चूत को क्रीम सेचिक्नी कर रहे थे. अंगूठा जाते ही मेरा बदन गन्गना गया. तभी पापा ने चूत से अंगूठा बाहर किया तो उसपर लगे चूत के रस को देख बोले, “हाए बेटी यह क्या है. क्या किसी से चुदवाकर मज़ा लिया है” मैं पापा के अनुभव से धक्क से रह गयी. मैं घबराकर अनजान बनती बोली, “कैसा मज़ा पापा” “बेटी यहाँ कोई आया था” नही पापा यहाँ तो कोई नही आया था. तो फिर तुम्हारी चूत मे यह गाढ़ा रस कैसा” मुझे क्या पता पापा जब आप मेरी चुचियाँ मसल रहे थे तब कुच्छगिरा था शायद. मैं बहाना बनाती बोली. “लगता है तुम्हारी चूत ने एक पानी छ्छोड़ दिया है. लो टवल से सॉफ कर लो.”

पापा मुझे टवल दे चूचियों को मसलते हुवे बोले. पापा से टवल ले अपनी चूत को रगड़ रगड़ कर सॉफ किया. पापा को उमेश वाली बात पता नही चलने दी. मैं चूचियाँ मसल्वाते हुवे पापा से खुलकर गंदी बाते कर रही थी ताकि सभी कुच्छ जान सकूँ. “बेटी जब तुम्हारी चूचियों को दबाता हूँ तो कैसा लगता है” “हाए पापा तब जन्नत जैसा मज़ा मिलता है.” “बेटी तुम्हारी चूत मे भी कुच्छ होता है” हाँ पापा गुड़गूदी हो रही है.” मैं बेशरम होकर बोली.” ज़रा तुम्हारी चूचियाँ और दबा लूँ तो फिर तुम्हारी चूत को भी मज़ा दूं. बेटी किसी को बताना नही
नही पापा बहुत मज़ा है. किसी को नही पता चलेगा.” पापामेरी चूचियों को मसलते रहे और मैं जन्नत का मज़ा लेती रही.

यह कहानी भी पड़े  मेरी अंतर्वसना चुदाई की भूख

कुच्छ देर बाद मैं तड़प कर बोली, “ऊओहह्छ पापा अब बंद करो चूचियाँ दबाना और अब अपनी बेटी की चूत का मज़ा लो.” अब मैं भी पापा के साथ खुलकर बात कर रही थी. इस समय हम दोनो बाप-बेटी पति-पत्नी थे. पापा मेरी चूचियों को छ्छोड़कर मेरे सामने आए. पापा का मोटा लंड खड़ा होकर मेरीआँख के सामने फूदकने लगा. लंड तो पापा का पहले भी देखा था पर इतनी पास से आज देख रही थी. मेरा मन उसे पकड़ने को लालचाया तो मैने उसे पकड़ लिया और दबाने लगी. चूत पापा के मस्त लंड को देख लार टप्कने लगी. मैं पापा के केले को पकड़कर बोली, ओह्ह्ह पापा आपका लंड बहुत मोटा है. इतना मोटा मेरी चूत मे कैसे जाएगा”
अरे पगली मर्द का लंड ऐसा ही होता है. मोटे से ही तो मज़ा आता है.

परपापा मेरी चूत तो छोटी है.” “कोई बात नही बेटी. देखना पूरा जाएगा.”पर पापा मेरी फ़टट जाएगी.” अरे बेटी नही फटेगी. एक बार चुद जाओगी तो रोज़ चुदवाने के लिए तड़पोगी. अपने पैर फैलाकर चूत खोलो पहले अपनी बेटी की चूत चाट ले फिर चोदुन्गा. मैं समझ गयी कि पापा मम्मी की तरह मेरी चूत को चटना चाहते हैं. मैने जब मम्मी को चूत चटवाते देखा था तभी से सोच रही थी कि काश पापा मेरी चूत भी चाते. अब जब पापा ने चूत फैलाने के लिए बोला तो फ़ौरन दोनो हाथ से चूत की दरार को फैला कर खोल दिया. पापा घुटने के बल नीचे बैठ गये और मेरी रोएदार चूत पर अपने होंठ रख चूमने लगे. पापा के चूमने पर मैं गनगना गयी. दो चार बार चूमने के बाद पापा ने अपनी जीभ मेरी चूतके चारो ओर चलाते हुवे चाटना शुरू किया. वह मेरे हल्के हल्के बाल भी चाटरहे थे. मुझे ग़ज़ब का मज़ा आ रहा था. पापा चूत चाटते हुवे टीट (क्लिट)भी चाट रहे थे.. मैं मस्त थी. उमेश तो बस जल्दी से चोदकर चला गया था.

यह कहानी भी पड़े  हवालात मे चुदाई

चूचि भी नही दबाया था जिससे कुच्छ मज़ा नही आया था. लेकिन पापा तो चालकखिलाड़ी की तरह पूरा मज़ा दे रहे थे. पापा ने चूत के बाहर चाट चाट करगीला कर दिया था. अब पापा चूत की दरार मे जीभ चला रहे थे. कुच्छ देर तकइसी तरह करने के बाद पापा ने अपनी जीभ मेरी गुलाबी चूत के लास लसाए छेदमे पेल दिया. जीभ छेद मे गयी तो मेरी हालत खराब हो गयी. मैं मस्ती सेतड़प उठी. पहली बार मेरी चूत चॅटी जा रही थी. इतना मज़ा आया कि मैं नीचे सेचूतड़ उछालने लगी. कुच्छ देर बाद पापा चूत चाट कर अलग हुवे और अपने खड़ेलंड को मेरी चूत पर लगा लंड से चूत रगड़ने लगे

चूत की चटाई के बाद लंड की रागदाइ ने मुझे पागल बना दिया और मैंउतावले पन से पापा से बोली, “पापा अब पेल भी दो मेरी चूत मे. आअहह्ह्हऊऊहह्छ.” पापा ने मेरी तड़पति आवाज़ पर मेरी चूचियों को पकड़कर कमर कोउठाकर धक्का मारा तो करारा शॉट लगने पर पापा का आधा लंड मेरी चूत मेघुस गया. पापा का मोटा और लंबा लंड मेरी छोटी सी चूत को ककड़ी की तरह चीरकर घुसा था. आधा जाते ही मैं दर्द से तड़प कर बोली, “आआाहह्ह्ह्ह्हठऊऊईई ममम्म्माररर्र गयी पापा. धीरे धीरे पापा बहुत मोटा है पापा चूतफट गयी.” पापा का मोटा और लंबा लंड मेरी चूत मे कसा था.

Pages: 1 2 3 4

Comments 1

Dont Post any No. in Comments Section

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!