बाप का पाप

मेरी बात सुन वह तेज़ी से धक्के मारने लगा. मैं उससे चुदवाते हुवे मस्त हो रही थी. उसकी चुदाई मुझे जन्नत की सैरकरा रही थी. मैं नीचे से गांड उचकाती सीसियाते हुवे बोली, “हाए उमेश ज़ोर ज़ोर से चोदो तुम्हारा लंड बहुत छ्होटा है. ज़रा ताक़त से चोदो राजा.” मेरी बात सुन उमेश ज़ोर ज़ोर से चोदने लगा. उसका छ्होटा लंड सटासॅट मेरी चूत मे आ जा रहा था. मैं पहली बार चुद रही थी इसलिए उमेश के छ्होटे लंड से भी बहुत मज़ा आ रहा था. वह इसी तरह चोदते हुवे मुझे जन्नत का मज़ा देने लगा. 10 मिनिट बाद वह मेरी चूचियों पर लुढ़क गया और कुत्ते की तरह हाफ़्ने लगा. उसके लंड से गरम, गरम पानी मेरी चूत मे गिरने लगा. मैं पहली बार चुदी थी और पहली बार चूत मे लंड की मलाई गिरी थी इसलिएमज़े से भर मैं उससे चिपक गयी.

मेरी चूत भी टपकने लगी. कुच्छ देर बाद हमलोग अलग हुवे.
वह कपड़े पहन कर चला गया. मेरी चूत चिपचिपा गयी थी. उमेश मुझे चोदकर चला गया पर उसकी इस हिम्मत भारी हरकत से मैं मस्त थी. उसने चोद कर बता दिया कि चुदवाने मे बहुत मज़ा है. उमेश ठीक से चोद नही पाया था, बस ऊपर से चूत को रगड़ कर चला गया था पर मैं जान गयी थी कि चुदाई मे अनोखा मज़ा है. उसके जाने पर मैने चड्डी पहन ली थी.. मैं सोच रही थी कि जब उमेश के छ्होटे लंड से इतना मज़ा आया है तो जब पापा अपना मोटा तगड़ा लंड पेलेंगे तो कितना मज़ा आएगा. उमेश के जाने के 6-7 मिनिट बाद ही पापा स्टेशन से वापस आ गाये. वो अंदर आते ही मेरी कड़ी कड़ी चूचियों को फ्रॉक के ऊपर से पकड़ते हुवे बोले, “आओ बेटी अब हम तुमको जवान होने का मतलब बताएँगे.”

“ओह पापा आप ने तो कहा था कि रात को बताएँगे.” “अरे अब तो तेरी मम्मी चली गयी हैंअब हर समय रात ही है. मम्मी के कमरे मे ही आओ. क्रीम लेती आना.” पापा मेरी चूचियों को मसलते हुवे बोले. मैं उमेश से चुदवाकर जान ही चुकी थी. मैं जान गयी कि क्रीम का क्या होगा पर अनजान बन कर बोली, “पापा क्रीम क्यों” “अरे लेकर आओ तो बताएँगे.” पापा मेरी चूचियों को इतनी कसकर मसल रहे थे जैसे उखाड़ ही लेंगे. मैं क्रीम और टवल ले मम्मी के बेडरूम मे पहुची. मैं बहुत ख़ुश थी. जानती थी कि क्रीम क्यों मंगाई है. उमेश से चुदवाने के बाद क्रीम का मतलब समझ गयी थी. पापा मुझे लड़की से औरत बनाने के लिए बेकरार थे. मैं भी पापा का मोटा केला खाने के लिए तड़प रही थी. कमरे मे पहुँची तो पापा बोले, “बेटी क्रीम टेबल पर रखकर बैठ जाओ.”

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मैं गुदगुदाते मन से चेर पर बैठ गयी तो पापा मेरे पीछे आए और अपनेदोनो हाथ मेरी कड़ी चूचियों पर लाए और दोनो को प्यार से दबाने लगे. पापा के हाथ से चूचियों को दबवाने मे बड़ा मज़ा आ रहा था. तभी पापा ने अपने हाथ को गले की ओर से फ्रॉक के अंदर डाल दिया और नंगी चूचियों को दबाने लगे. मैं फ्रॉक के नीचे कुच्छ नही पहने थी. पापा मेरी कड़ी कड़ी चूचियों को मुट्ठी मे भरकर दबा रहे थे साथ ही दोनो घुंडियों को भीमसल रहे थे. मैं मस्ती से भरी मज़ा ले रही थी.

तभी पापा ने पूछा, “क्यों बेटी तुमकोअच्छा लग रहा है” हाए पापा बहुत मज़ा आ रहा है. “इसी तरह कुच्छ देर बैठो. आज तुमको शादी से पहले ही शादी वाला मज़ा देंगे. अब तुम जवान हो गयी हो.हाए तुम लेने लायक हो गयी हो. आज हम तुमको ख़ूब मज़ा देंगे.”आााहह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह ऊऊऊऊऊहह्छ पाआआपाआा. “जब मैं इस तरह से तुम्हारी चूचियों को दबाता हूँ तो तुमको कैसा लगता है” पापा मेरी चुचियों को नीचोड़कर बोले तो मैं उतावाली हो बोली, “हाए पापा ऊह् ससीए इस तरह तो मुझे और भी अच्छा लगता है.” “जब तुम कपड़े उतार कर नंगी होकर मज़ा लोगी तो और ज़्यादा मज़ा आएगा. हाए तुम्हारी चूचियों छोटी हैं.”

“पापा मेरी चूचियाँ छोटी क्यों हैं. मम्मी की तो बड़ी हैं.” घबराओ मत बेटी. तुम्हारी चूचियों को भी मम्मी की तरह बड़ी कर दूँगा. हाए बेटी कपड़े उतार कर नंगी होकर बैठो तो बड़ा मज़ा आएगा.” “पापा चड्डीभी उतार दूं.” मैं अनजान बनी थी.” हां बेटी चड्डी भी उतार दो. लड़कियों का असली मज़ा तो चड्डी मे हीहोता है. आज तुमको सारी बात बताएँगे. जब तक तुम्हारी शादी नही होती तब मैं ही तुमको शादी वाला मज़ा दूँगा. तुम्हारे साथ मैं ही सुहागरातमनाउन्गा. तुम्हारी चूचियाँ बहुत टाइट हैं. बेटी नंगी हो जाओ.” पापा फ्रॉक के अंदर हाथ डाल दोनो को दबाते बोले.

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जब पापा ने मेरी चूचियों को मसलते हुवे कपड़े उतारने को कहा तो यक़ीन हो गया कि आज पापा के लंड का मज़ा मिलेगा. मैं उनके लंड को खाने की सोच गुड़गूदा गयी थी. मैं मम्मी की रंगीन चुदाई को याद करती कुर्सी से नीचे उतरी और कपड़े उतारने लगी. कपड़े उतार नंगी हो मम्मी की तरह ही पैर फैला कर कुर्सी पैर बैठ गयी. मेरी छोटी छोटी चूचियाँ तनी थी और मुझे ज़रा भी शरम नही लग रही थी. मेरी जांघो के बीच रोएदार चूत पापा को सॉफ दिख रही थी.पापा मेरी गदराई चूत को गौर से देख रहे थे. चूत का गुलाबी छेद मस्तथा. पापा एक हाथ से मेरी गुलाबी कली को सहलाते बोले, “हाय राम बेटीतुम्हारी तो जवान हो गयी है.”

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