अर्चना दीदी ने दिया बीवी का सुख

दोस्तो, कहानी की शुरूवात करते हुए परिवार के बारे मे कुछ बताता हू. मेरे परिवार मे मा (सुधा), पापा (रमेश), दीदी (अर्चना) और मैं हू.

मेरी मा की उम्र 36 साल है. पापा 42 के है. बड़ी दीदी 22 साल की है. और मैं 18 का हू. मा बहुत ही सुंदर और कामुक औरत है.

वो पहले थोड़ी मोटी हुआ करती थी, लेकिन जल्द ही उन्होने अपने आप को शेप मे ला लिया. वो और पापा रेग्युलर्ली जिम जाते है. मा को लेग्गिंस मे देख ईमान दोल जाता है.

लेग्गिंस मे मा की चड्डी का आकार पीछे से दिख जाता है. और सामने से गौर से देखो तो ऐसा लगता है कुछ पहना ही नही अंदर. घरपेर मा नाइटी पेहेन कर ही घूमती है. पापा ऑफीस जाते है. सुबह 9 से रात 9 तक.

दीदी कॉलेज मे है. वो बहुत ही सुंदर है. उसके पीछे बहुत सारे लड़के पड़े हुए है. उसे फ़ेसबुक और इन्स्टाग्राम पे लगबग 1000 से भी ज़्यादा रिक्वेस्ट आई हुई है जो उसने आक्सेप्ट नही करी है.

वो बहुत ही फॅशनबल कपड़े पहनती है, अक्सर मैं उसकी चड़ी और ब्रा सूँघा करता. जो मैं मा के भी किया करता. जीन्स मे उसका कुल्ला इतना गोल मटोल दिखता की पेंट फाड़ के गांड चाट जाने को मन करता.

उसके बगल की खुश्बू हमेशा मुझे पागल कर देती. मैं जब भी वो सोती तो उसके चूत का ,बगल का, गांड को सूंघने लगता.

खैर अब आता हू मा पे. हा दोस्तो, मेरी मा ने मुझे जवान कर दिया था. मा कसम अगर आप मेरी जगह होते तो आप शायद अब तक चोद चुके होते ज़बरदस्ती. या हिला हिला कर लंड सूझा दिया होता.

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हम लोग का घर 1 ब्लॉक ही था. हम लोग मिड्ल क्लास थे. हॉल मे सिर्फ़ बैठने को था. वाहा पे बहुत सारा फर्निचर और काम की चीज़े हुआ करती थी. और बेड रूम को बड़ी सी गॅलरी दी हुई थी.

सो पापा ने गॅलरी बंद करके बेडरूम के बीच मे प्लाइवुड डलवाके उसके 2 रूम करवा दिए थे.

मतलब 1 बेडरूम मे 2 रूम एक रूम मे मम्मी पापा और उनके बगल मे मैं और दीदी. रात को पापा का मूड होजाता तो वो हमे आवाज़े देते, मगर हम कोई जवाब नही दिया करते.

फिर पापा -और मम्मी की चुदाई चालू हो जाती. पूरा कमरा सिसकारियो से गूँज उठता. पाचक पचक आवाज़े आती. पापा बहुत शौकीन थे. वो पोज़िशन लेते नये नये, मा से चुस्वाते और बीच बीच मे हमे आवाज़े देते ये देखने के के लिए सोए है या जागे हुए है.

मा के सिसकिया पागल कर देती. पूरा लंड तन के बाहर आजाता. पहले तो छोटे थे, लेकिन अब रहा नही जाता. मैं उनके सिसकारिया सुन के हिलाया करता. दीदी सोने का नाटक किया करती.

एक बार मैने हिम्मत कर दीदी के चादर मे घुस गया. औट नाइटी को उपर सरकाया. जब झांगे सहलाने ल्गा तो पता चला दीदी भी नंगी सोती है.

कुछ रेस्पॉन्स नही था सो जब मई चूत पे पहुचा तो उसकी चूत पूरी गीली हो गई थी. मैं समझ गया ये सोने का नाटक कर रही है.मैने दीदी के चूत मे उंगली डाली तो वो सिहर उठी पर आँख नही खोली.

फिर मैने उनका हाथ पकड़ा और मेरे लंड पे रखा.उनकी पकड़ मजबूत होगयि थी लंड पे मैने 2-3 बार पकड़कर उपर नीचे करने के बाद वो खुद से हिलाने लगी.

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उस दिन हमने सिर्फ़ एक दूसरे को हिलाकर और चूत मे उंगली डालकर शांत किया.दूसरे दिन से दीदी का बर्ताव चेंज हो गया.वो मेरी ज़्यादा केयर करने लगी.

फिर उस दोपहर को जब मैं घर पर आया तो दीदी भी कॉलेज से आ चुकी थी. और वो अंदर बैठ कर रो रही थी. मैं डर गया.

मैने पूछा तो उसने कहा की कल रात मैने उसके साथ मस्ती की, मैं घबरा गया मैने कहा जो कुछ हुआ अंजाने मे हुआ, तो वो रोने लगी. मैं उसे चुप करने लगा. मैने कहा आप जैसा कहोगे वैसे ही करूँगा बस रो मत.

उसने शायद ये जानबूझ कर किया था. उस दिन मा और पापा गाव की ज़मीन के काम के सिलसिले मे जाने वाले थे, वो 3 दिन बाद आने वाले थे.

रात को उन्होने हमे ख़ाना खिला कर लॉक लगा कर गये, बोले सुबह काम वाली आएगी और वो खोलेगी लॉक 3 दिन हमारे आने तक शाम के बाद कोई घर के बाहर नही जाएगा.

जब वो चले गये तो दीदी के चेहरे पेर नॉटी सी मुस्कान झलक रही थी. हम बेडरूम मे सोने गये तो दीदी मा -पापा के साइड मे घुस गई. और मुझे भी बुला लिया.

फिर उसने कहा देख कल जो कुछ हुआ वो ग़लत है, लेकिन हम दोनो की अब उम्र होचुकी है. ऐसे मे ये सब नॉर्मल है. अगर तू किसी को नही बताएगा मैं तुझे मेरे साथ कुछ भी करने की इजाज़त दूँगी.

मैने तुरंत हा बोलकर दीदी को बाहो मे भर लिया तभी उन्होने मुझे दूर कर कहा लेकिन एक शर्त है, इसके लिए तुझे मुझसे शादी करनी पड़ेगी. फिर तू चाहकर भी किसी को बता नही पाएगा.

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