चाची को पटाकर पटना में चोदा

चाची को पटाकर पटना में चोदा

Chachi ko Patakar Patna mai Chudai Ki

Chachi-ko-Patakar-Patna-mai-Chudai-Ki

हैल्लो दोस्तों, यह स्टोरी जो आज में लिखने जा रहा हूँ, वो बिल्कुल सच्ची है। में पटना में रहता हूँ और मेरी चाची भी पटना शहर में ही रहती है। मेरी चाची बहुत सेक्सी है मस्त फिगर, मोटे-मोटे बूब्स, मस्त मोटी गांड। में जब भी उन्हें देखता हूँ तो मेरा लंड अपने आप खड़ा हो जाता है। यह तब की बात है जब मेरी छुट्टियाँ शुरू हो चुकी थी। मेरे चाचा के एक जनरल स्टोर की दुकान है और उनके एक बेटी है। अब मेरी छुट्टियाँ शुरू हो चुकी थी और में अपने चाचा के यहाँ रहने जा रहा था। फिर में वहाँ पहुँचा तो मुझे पता लगा कि चाचा और उनकी बेटी एक हफ्ते के लिए शादी में कहीं बाहर गये थे, तो मैंने मन में सोचा कि मजा आ गया, अब चाची और में अकेले घर में थे। खैर फिर में वहाँ पहुँचा और मैंने डोर बेल बजाई, तो चाची दरवाजा खोलने आई। चाची बहुत सेक्सी लग रही थी और उन्होंने सूट पहना हुआ था और उनके बूब्स बहुत मोटे-मोटे हो गये थे।

फिर मुझे देखकर चाची ने एक स्माइल पास की और अंदर आने को कहा, तो में अंदर आ गया। अब में गेस्ट रूम में बैठा था और चाची अंदर किचन में कोल्डड्रिंक लाने चली गयी थी। फिर थोड़ी देर बाद चाची कोल्डड्रिंक लेकर आई और मेरे पास में सोफे पर बैठ गयी। फिर वो मुझसे पूछने लगी कि घर में सब कैसे है? तो मैंने कहा कि सब ठीक है और फिर हम बहुत देर तक बातें करते रहे। अब शाम हो चुकी थी, अब चाची खाना बना रही थी और में टी.वी देख रहा था। फिर थोड़ी देर में रात हो गयी, फिर हमने साथ में खाना खाया और खाना खाने के बाद मैंने चाची से पूछा कि में कहा सोऊंगा? तो चाची ने कुछ सोचने के बाद कहा कि तुम मेरे रूम में ही सो जाओ। फिर मैंने कहा कि ठीक है और फिर हम सोने के लिए रूम में चले गये।

अब चाची मेरी साईड पीठ करके सोने लगी थी। अब में उनकी मोटी गांड को देख रहा था और अब मेरा लंड खड़ा हो गया था, अब मेरा मन मुठ मारने का कर रहा था। फिर में उठकर बाथरूम में जाने लगा, तो चाची उठ गयी और बोली कि कहाँ जा रहा है? तो मैंने कहा कि टॉयलेट करने, तो वो फिर से सो गयी। फिर में बाथरूम में पहुँचा और अपना लंड पजामे से बाहर निकाल लिया। फिर अचानक से मैंने देखा कि वहाँ बाथरूम में चाची की ब्रा और पेंटी पड़ी है, तो मैंने उन्हें अपने हाथ में उठाया और अपने लंड पर लगाने लगा। फिर मैंने सोचा कि चाची तो सो रही है, क्यों ना रूम में जाकर चाची को देख-देखकर मुठ मार लूँ? तो में वापस रूम में आ गया और अपनी जगह पर लेट गया। फिर मैंने बहुत हिम्मत करने के बाद अपना एक हाथ चाची की कमर पर रखा और अपनी एक टाँग चाची की टाँगो पर रख दी।

फिर मैंने अपना एक हाथ धीरे-धीरे उनके बूब्स की तरफ बढ़ाया, तो अचानक से चाची साईड बदलने लगी, तो मैंने अपना हाथ हटा लिया। अब चाची मेरी साईड अपने बूब्स करके सो रही थी। अब मेरा लंड खड़ा था और अब मेरा एक हाथ मेरे पजामे के अंदर मेरे लंड पर था और में अपने दूसरे हाथ से चाची के बूब्स आराम-आराम से दबा रहा था। फिर अचानक से चाची की आँखें खुल गयी तो मैंने अपना हाथ वापस हटाया और बोलने लगा कि चाची सॉरी गलती हो गयी, आगे से कभी ऐसा नहीं होगा, सॉरी। फिर चाची ने कुछ नहीं कहा और फिर से सोने लगी। अब में भी अपनी आँखें बंद करके सोच रहा था कि कल सुबह क्या होगा? तो तभी अचानक से चाची की आवाज़ आई तूने मेरे बूब्स दबाने बंद क्यों किए? तो यह सुनकर तो में हैरान रह गया कि चाची यह भी बोल सकती है। फिर मैंने कहा कि चाची आपके बूब्स बहुत मोटे है, तो चाची बोली कि चल अब शुरू हो जा। फिर तभी में अपने दोनों हाथ उनके बूब्स पर रखकर दबाने लगा।

अब चाची आआआअहह, आहहहहह कर रही थी, तो तभी चाची ने अपने हाथ से मेरा पजामा नीचे करके मेरा लंड बाहर निकाल लिया और उसे दबाने लगी। फिर मैंने अपने एक हाथ से चाची की सलवार खोली और उनकी पेंटी के अंदर अपना एक हाथ मारने लगा। उनकी चूत पर कुछ बाल थे और उनकी चूत बहुत गर्म थी। फिर चाची बोली कि मेरे कपड़े उतार दे। फिर मैंने चाची की सलवार कमीज उतारकर चाची को नंगा कर दिया। अब में चाची की ब्रा नीचे करके उनके बूब्स चूसने लगा था। अब वो चिल्ला रही थी आआहह और जोर से, आआआहह, उऊउ। फिर मैंने उनकी पेंटी उतारी तो वो बिल्कुल गीली हो चुकी थी। अब चाची भी मेरे लंड को उसी तरह दबा रही थी। फिर मैंने चाची को लेटाया और उनकी चूत में अपना खड़ा लंड डाल दिया और झटके मारने लगा। फिर थोड़ी ही देर में मेरा पानी उनकी चूत में निकल आया और में वापस लेट गया।

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