पिछला भाग पढ़े:- कॉलेज वॉचमन ने की पहली चुदाई-२
दोस्तों, मैं रेखा अपनी चुदाई कहानी का नेक्स्ट पार्ट लेके आयी हु. पिछले पार्ट का बहुत अच्छा फीडबैक दिया आपने. उसके लिए आप सब रीडर्स का धन्यवाद्. जिन लोगों ने पिछले पार्ट नहीं पढ़ा है, वो उसको ज़रूर पढ़े.
पिछले पार्ट्स में आपने पढ़ा कि कॉलेज के वॉचमन ने मुझे एग्जाम के दौरान नकल करते पकड़ लिया था. फिर मुझे बिना कंप्लेंट किये जाने देने के लिए उसने मुझसे सेक्स करने की बात की. अपना कर्रिएर खराब ना करने के चक्कर में मैंने उसको हां बोल दिया. फिर उसने मुझे नंगा किया, और मेरे जिस्म को चूमने-चूसने लगा. अब आगे-
वॉचमन अपने घुटनों पर बैठा था, और मेरी बालों वाली कुंवारी चुत को चूस रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, और मेरे मुँह से अहह अहह की सिसकारियां निकल रही थी. अब मैं भूल चुकी थी की वो वॉचमन था, और मज़ा लेने लगी थी.
अब मेरा हाथ अपने आप ही उठ कर उसके सर पर चला गया, और मैं उसके सर को अपनी चूत पर दबने लगी. शायद वो मेरे मज़े को भांप गया, और ज़्यादा जोश से मेरी चूत को पीने लगा.
छूट को पीते-पीते उसने मुझे इतना उत्तेजित कर दिया, की मेरा जिस्म कांपने लगा और मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया. वॉचमन फिर भी मेरी चूत को चाट-ता रहा, और चाट कर सारा पानी पी गया. उसके बाद वो खड़ा हुआ, और मुझे बिस्तर पर लेटने को कहा.
उसकी बात मानते हुए मैं बिस्तर पर सीधी लेट गयी. फिर वो अपने कपड़े उतारने लगा. उसने अपने पूरे कपड़े नहीं उतारे, सिर्फ नीचे के उतारे. उसका खड़ा लंड अब मेरे सामने था, जो तकरीबन ६ इंच का होगा.
फिर वो लुंड मेरे मुंह के पास लेके आया, और बोला: चल चूस कर गीला कर इसको.
उसके लुंड में से बदबू आ रही थी, तो मैंने उसको बोला: ये मुझसे नहीं होगा. प्लीज जल्दी अंदर डाल कर काम खत्म करो.
वॉचमन: हां डालूँगा, लेकिन उससे पहले इसको गीला करना ज़रूरी है. और वो काम तुमको इसे चूस कर ही करना पड़ेगा.
ये सब कहते हुए वो मेरे कूचे पर हाथ फिरा रहा था. फिर अचानक से उसने मेरे निप्पल को ज़ोर से मसला, जिससे मेरी चीख निकल गयी. चीख की वजह से मेरा मुंह खुला, और उसने अपना लंड मेरे मुंह में ठूस दिया.
फिर वो लुंड मेरे मुँह में अंदर-बाहर करने लगा. मैं लंड मुँह से निकाल भी नहीं सकती थी, क्यूंकि उसने मेरे सिर के पीछे हाथ रख रखा था. फिर धीरे-धीरे मुझे ठीक लगने लगा, और मैं उसके लंड को चूसने लगी. उसके बाद उसने स्पीड बढ़ा दी, और ज़ोर-ज़ोर से मेरे मुंह को छोड़ने लगा.
अब मुझे तकलीफ होने लगी, और मेरी साँस भी रुक रही थी. लेकिन उसको कोई परवाह नहीं थी. कुछ देर मुह छोड़ने के बाद उसने लंड मुँह से बाहर निकाला. उसका लंड बिलकुल चिकना हो चूका था.
फिर वो मेरे ऊपर आया, और मेरी टांगों के बीच ाके लंड को चूत पर रगड़ने लगा. मेरी सिसकियाँ निकल रही थी. जैसे ही लुंड चुत के मुँह पर टिका, उसने प्रेशर बनाया. मुझे दर्द होने लगा, और उसका लंड मेरी वर्जिन चुत में जाने लगा.
जैसे-जैसे लुंड अंदर जाने लगा, मेरा दर्द बढ़ने लगा. मैं चीखने लगी, लेकिन उसने मेरे मुँह पर अपना हाथ रख लिया, जिससे मेरी आवाज़ डब्ब गयी. वो प्रेशर डालता गया, और उसका लंड मेरी चूत चीरता हुआ अंदर चला गया. चोट से खून भी निकल रहा था.
मैं दर्द से तड़प रही थी. लेकिन वो मुझे चीख़ने भी नहीं दे रहा था. फिर वो लुंड चूत में घुसाए हुए ही मेरे ऊपर लेट गया. उसने अपना हाथ मेरे होंठो से हटाया, और अपने लिप्स मेरे लिप्स से जोड़ लिए.
अब वो मेरे लिप्स चूसने लगा, और हाथों से मेरे बूब्स दबाने और सहलाने लगा. कुछ देर तक वो ऐसे ही करता रहा. इससे धीरे-धीरे मेरा दर्द कम होने लगा, और मेरी चूत पानी छोड़ने लगी.
कुछ देर तक मेरा दर्द काफी कम हो गया था. अब मैं भी किसिंग में उसका पूरा साथ देने लगी. शायद उसको पता चल गया था की मेरा दर्द कम हुआ था. इसलिए उसने धीमे धक्के मार कर मेरी चुदाई करनी शुरू कर दी.
उसके धीमे धक्को से मुझे मज़ा आने लगा. अब मैं चाहती थी की वो स्पीड बढ़ाये, लेकिन वो मेरे होंठ छोड़ ही नहीं रहा था. फिर मैंने नीचे से गाँड उठानी शुरू की, ताकि स्पीड तेज़ हो जाये.
वो मेरा इशारा समझ गया और उसने अपने स्पीड बढ़ानी शुरू की. उसने मेरे होंठ छोड़ दिए, और अब मेरे मुँह से आह अहह अहह की कामुकता भरी सिसकियां निकलने लगी. अब उसने स्पीड और बढ़ा दी, जिससे मुझे और मज़ा आने लगा.
मैंने अपनी टांगें उसकी कमर पर लपेट ली, और अपने हाथ ऊपर उठा लिए. वो छोड़ते हुए मेरे बूब्स चूसने लगा. मेरी चूत से निकलते पानी की वजह से चुदाई के दौरान चाप-चाप की आवाज़ें आनी शुरू हो गयी थी. मैं भी गांड उठा-उठा कर लुंड का मज़ा ले रही थी.
ऐसे ही मेरी उत्तेजना अपने चरम पर पहुँच गयी, और मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया. लेकिन अभी तक वॉचमन का पानी नहीं निकला था. छूट के पानी की वजह से चुदाई के दौरान बुलबुले बनने लगे थे.
फिर वॉचमन ने अपना लुंड निकाला, और एक कपडे से मेरी चूत और अपना लंड दोनों साफ़ किये. फिर उसने मुझे घूमने के लिए कहा. उसकी बात मानते हुए मैं उलटी हो गयी. उसके बाद वो मेरे ऊपर लेट गया, और टांगें खुलवा कर उसने पीछे से लंड मेरी चूत में डाल दिया.
अब उसने फिर से धक्के मारने शुरू कर दिए. इस पोजीशन में अलग ही मज़ा आ रहा था. वॉचमन धक्के मारते हुए मेरी पीठ चूम रहा था, उसको खरोंच रहा था. लेकिन मजा बहुत आ रहा था. ऐसे ही धक्के मारते हुए वो अहह अहह करने लगा. मुझे अपनी चूत में उसका गरम-गरम लावा महसूस होने लगा.
अपना लंड उसने मेरी चूत में खाली कर दिया. फिर वो मेरे ऊपर से हट गया और बोला-
वॉचमन: जल्दी से बाथरूम जाके मूट लो. कहीं बच्चा न ठहर जाये.
मैं डर गयी और जल्दी से बाथरूम जाके मूति. फिर वापस आई तो उसने मुझे ी-पिल दी. गोली लेके मैंने कपड़े पहने. फिर वो मुझे क्लासरूम में ले गया. वहां जाके वो टीचर को बोलै-
वॉचमन: इसको ऑफिस में बुलाया था किसी काम से. इसको पूरा टाइम मिलना चाहिए, ऐसा आर्डर है.
टीचर ने हां कहा. फिर मैंने एग्जाम दिया, जो बहुत अच्छा हुआ. उसके बाद के सारे एक्साम्स भी अचे हुए. मतलब मेरा सैक्रिफाइस वास्ते नहीं गया. थे एन्ड.
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