पिछली चुड़ै के बाद मां ने मुझसे पुछा कि मैं उनकी अगली ख्वाहिश कब पूरी करूँगा. फिर मैंने उनसे कौन सी ख्वाहिश पूरी करनी है अब आगे-
मम बोलि: तुम्हारी मर्ज़ी.
मैं बोला: गैंगबैंग के लिए तैयार हो जाओ तो फिर.
मम बोलि: लेकिन इतने आदमी लाओगे कहां से?
मैं बोला: मुझसे चुड़ गयी, मेरे दोस्त से भी चढ़ जाओ. क़रीब ६ लुंड से चुड़ै हो जाएगी आपकी.
मम बोलि: प्लान क्या है?
मैं बोला: उन्हें तो बोलूंगा अगर किसी को औरत छोड़नी हो तो मुझे बोलो. मैं कम रेट में कर दूंगा.
मम बोलि: मतलब रंडी बना दिया?
मैं बोला: आप मेरी टीचर है, और आपको छोड़ने के लिए मुझे कितने साल लग गए. और वो तो आपको जानते तक नहीं. उनसे इतनी आसानी से आपको छुडवा दू? आप अब एक विधवा औरत हो सकते हो. लेकिन कल के बाद से जो हुआ, आप मेरी हो. चाहे कुछ भी हो, आपकी चुत का पानी मैं ही रोज़ निकलूंगा. बस आपकी ये ख्वाहिश पूरी हो जाये, जानवर के जैसे छोड़ूँगा. कितनी चुड़क्कड़ हो, मैं भी तो देखो.
फिर मैं मुझे किस करके बोली: हां बाबा, ये छूट के मालिक आप हो अब से.
फिर मैं बोला: ठीक है, मेरे दोस्तों को बुला कर आपके गैंगबैंग की तैयारी करता हु.
मम: क्या आज रात?
मैं: तुम्हे क्या, तुम्हे तो बस मारवणी है.
मम: वो तो है. आज रात होगा भी तो मज़ा आएगा.
मैं: ठीक है, तो फिर मैं अभी जाता हूँ उन्हें बुलाता हू. आप खाना बनाओ.
मैं बाइक से गया अपने दोस्तों के पास. उनके रूम पहुँच के डोर लगा दिया.
राज: क्या बे? दूर बंद कर दिया?
मैं: किसी को चुड़ै करनी है क्या?
सूरज: क्या बक रहा है?
मैं: अगर करनी है तो बस ५००.
राज: सच में?
मैं फ़ोन में माम् के कुछ फोटोज दिखाया.
राज: तू कहाँ से पा गया?
मैं: मैं तो पहले ही चोद चूका हूँ.
राज: लेकिन जो बोल, पूरी सेक्सी मिलफ है.
तभी और दोस्तों ने बोला: चल भाई सही है.
मैं: लेकिन बात ये है की उसे गैंगबैंग चाहिए.
सूरज: मतलब? अब देखा जायेगा किसका कितना बड़ा है?
मैं: पहले फैसला कर लो, गैंगबैंग होगा. तो किसको मंज़ूर है?
सब: ठीक है, क्या हो जायेगा. हम लड़के ही तो है. चुदाई करने मिलेगी वो बड़ी बात है.
फिर मुझे सभी ने ऑनलाइन ट्रांसक्शन कर दिया और बोला कंडोम और तुम्हारा जो मेडिसिन चाहिए वो खुद ले लेना. सब मेरे पीछे-पीछे माम् के घर गए और रास्ते में सब ने अपना सामान ले लिया. फिर माम् के घर पहुँचने के बाद मैं पहले उन्हें अपने रूम लेकर गया.
दोस्तों ने बोला: क्या बे, अपने रूम लेके आ गया.
माम् आयी और बोली: कैसे हो बच्चो?
सूरज: ये क्या बे?
मैं: यही तो है.
मम: मैं तुम्हारे दोस्त की टीचर थी.
राज: साले अपनी टीचर को कैसे पटा लिया?
मैं: वो बात छोड़.
मम: क्यों, खाना खाने के बाद काम आरम्भ करे?
फिर सभी ने खाना खा लिया. उसके बाद मैं सारा काम खत्म करके बैडरूम गयी. वहीँ हम सब थे.
मम: क्यों शर्म आ रही है क्या? कपड़े नहीं उतारे?
मैं: मम ये चाहते है की आप ही उत्तर दे.
मम: अच्छा ठीक है.
सूरज: अब पता चलेगा किसका कितना बड़ा है.
मम: तो फिर पहले तुम्हारा ही देखते है.
मम सूरज के पास गयी और घुटनो पे बैठी. फिर पंत के ऊपर से उसके लंड को सहला कर खड़ा कर दिया. खड़ा होने के बाद मां ने उसकी पैंट उतारी. अंदर चड्डी थी. फिर उसे भी उतार दिया. जैसे चड्डी उत्तरी, खड़ा लंड झट से उनके मुँह में लगा. मम डर ही गयी.
मां ने मुझे बोला: देखो इसका भी तुम्हारे जितना मोटा और बड़ा है.
फिर मां ने उसके खड़े लंड को चूम के बोलै: बहुत बढ़िया. अब खुद अपनी शर्ट उतार लो.
शंकर ने बोलै: मम अब मेरा.
फिर मम शंकर के पास गयी और उसका लंड पकड़ के खड़ा किया, और पैंट खोल कर बाहर निकाला.
मम: उन दोनों से तुम्हारा छोटा है, पर मोटा है.
फिर जीत ा कर माम् के मुँह पे ऊपर से लुंड घास रहा था.
मम: साले भडवे रुक!
उन्होंने उसका भी खड़ा करके पैंट उतारी.
मम: तेरा तो लम्बा है, लेकिन इतना ज़्यादा मोटा नहीं.
अब राज माम् के पास आया. उसने आलरेडी खड़ा कर दिया था. मां ने उसकी पैंट उतार के लुंड बाहर निकाला.
फिर बोली: इसका भी ठीक-ठाक है.
मम: और कौन रहा?
फिर अर्पित आ कर माँ के पास खड़ा हुआ. माम् ने उसका भी खोल दिया. लुंड बाहर निकाला..
फिर मां ने मुझे बोला: तुम्हारा क्या ही बोलू. तू तो पहले से मज़ा दे रहा है.
फिर मुझे भी नंगा कर दिया. हम सब के नंगे होने के बाद मैंने माम् के कपडे उतार कर नंगी किया. फिर उन्हें नीचे झुका के लुंड मुँह में डाल दिया. मैंने चूसते-चुसते माम् के बालों को खींचा. सब उन्हें अपने लुंड का स्वाद चख रहे थे, और रंडी की तरह मैं भी उनके लुंड को मज़े लेकर चूस रही थी.
फिर जब सूरज चुसा रहा था, उसने तो माम् के सर को दबा दिया. वो उनके मुंह में लंड डाल कर ज़बरदस्त चूसने लगा. लुंड उनके गले तक चला गया था. उनकी आँखें पानी-पानी हो गयी थी और वो सूरज का विरोध कर रही थी. फिर भी वो उन्हें छोड़ नहीं रहा था. फिर मैं उसे मना कर हटाया.
मम: अरे चुसना ही है तो अच्छे से करो न. मैं मन की क्या?
मैं उन्हें उठा कर बेड पे लिटाया. तभी मैं उनके साइड में लेट कर उनको मेरे ऊपर लाया और उनकी चूत में लन्ड सेट करके पलने लगा. तभी पीछे से राज ने माम् को धकेल दिया, और उनकी गांड को पकड़ते हुए उनके छेद में लुंड डालने लगा.
मम दर्द के मारे बोली: बाथरूम से तेल लगा कर आओ.
फिर राज तेल लगा कर लुंड में लगाया और ज़रा सा उनकी गांड के छेद पर. उसके बाद राज ने गांड में लंड डाल कर ज़ोर का धक्का मार दिया. मैं ज़ोर से चीख पड़ी. तभी अर्पित माम् के मुँह के पास आया और लंड डाल दिया मुंह में.
माम् ने ३-३ लुंड लिए हुए थे. और तब शंकर और जीत ने मम के दोनों हाथ में लुंड पकड़ा कर मुठ मरवाई. राज गाँड में १० मिनट तक पेल्ने के बाद थोड़ा बैठा. सूरज अपने मोटे लुंड में तेल लगा कर उनकी गांड के छेद में आराम से डालने वाला था. लेकिन धक्के से अन्दर चला गया. उसने लुंड में शायद इतना तेल डाल दिया था, की पूरा फिसल रहा था.
मैं भी १५ मिनट बाद बोलै: साला पावर की गोली खा कर गलती कर दी, और फिर गैंगबैंग.
तभी सूरज बोला: तू उठ अब, हमारे जाने के बाद पेल लेना.
फिर माम् मेरे ऊपर से उठी और मैं जैसे ही बेड से उठ सूरज खुद लेट गया. उसने गांड में लंड सेट करा और पलने लगा. माम् के आगे से शंकर उन्हें पलने लगा. और अर्पित मुह छोड़ दिया तो जीत ने जा कर मुह चुदाई की. गांड की चुदाई से मां के आंसू आ रहे थे, फिर भी मज़े से चुद रही थी.
तभी सूरज माम् की गांड पे ही झड़ गया और उनकी गांड से वीर्य टपकने लगा.
सूरज उठ कर बोलै: चलो जल्दी करो, मैं फिर आता हु.
सूरज के जाने के बाद सभी माम् को बिना रेहम किये छोड़े जा रहे थे. माम् की आवाज़ें रूम में गूँज रही थी. फिर सभी के झड़ने के बाद सूरज और मैं फिर टूट पड़े. उनकी गांड चुत एक भी जगह नहीं छोड़ी. पूरा उन्हें निचोड़ कर रख दिया.
सूरज अपना लंड उनके गांड पे पेल रहा था और इधर उनके दोनों पैरों को अर्पित और राज पकडे हुए थे फाड़ कर. वो उनकी चूत में ज़ोर का शॉट्स मारने लगा. फिर सूरज उठा और उनके दूध में सारा वीर्य गिराने के बाद मैं उनके मुँह में डाल कर छोडने लगा और मुंह में झड़ गया.
फिर सभी कपड़े पहनने लगे. मम हलकी आवाज़ में बोली: सालों ने पूरी तोड़ के रख दिया.
मैं बोला: आज रात मेरे रूम में रुक जाओ. कल सुबह चले जाना.
फिर मैं माम् को उठा के बाथरूम लेके उन्हें फ्रेश करवाया, और मैं भी फ्रेश हुआ. उसके बाद साथ में आ कर बेड पे नंगे सो गए.
मम: कभी नहीं सोचा था की लाइफ में फिर कभी सेक्स कर पाऊँगी.
मैं: आप जैसी मिलफ के लिए जवान लौंडे पागल रहते है. आप हार जाएँगी तो कैसे होगा.
मम: ठीक है छोड़ो.
मैं उनके ऊपर पैर रखा और उनके दूध में एक हाथ रखा. फिर बोला-
मैं: ई लव यू मॉम.
मम: इतना प्यार कैसे?
मैं: एक नयी ज़िन्दगी शुरू कर दी न आपने.
मम: ई लव यू टू बीटा. तुम कभी एक स्टूडेंट हुआ करते थे मेरे. अब मुझे पति बन कर छोड़ रहे हो. मेरी ज़िन्दगी तो तुमने सुधारि.
मैं: ठीक है अब सो जाओ.
अगला भाग पढ़े:- बंदिता मम और उनकी ख्वाहिशें-६