दोस्तों मैं प्रिटंका गुप्ता अपनी चुदाई कहानी का नेक्स्ट पार्ट लेके हाज़िर हु. उम्मीद है आपने मेरी कहानी का पिछले पार्ट पढ़ लिया होगा. अगर किसी ने पिछले पार्ट अभी तक नहीं पढ़ा है, तो पहले उसको ज़रूर पढ़ ले.
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की कॉलेज की छुट्टियों में मैं घर पर बोर हो रही थी, तो मामी के घर चली गयी. वहाँ कुछ दिन रह कर मेरी चूत की आग बहुत बढ़ गयी थी. फिर एक रात मैंने छत पर जाके फिंगरिंग करने का सोचा. जब वहां गयी तो वहां ममी का नौकर मुठ मार रहा था. मैंने उसके साथ मज़ा करना शुरू कर दिया. अब आगे-
मैं सुमित का लुंड अपने हाथ से हिला रही थी. वो मेरी चूत को शॉर्ट्स के ऊपर से सहला रहा था, और मेरी चूचि को चूस रहा था. इस सब से मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, और मेरे सेक्स के लिए तड़पते जिस्म को सुकून मिल रहा था.
कुछ देर ऐसे ही चलता रहा. फिर सुमीत बोला: मैडम मैं कुछ और करू, जिससे आपको और मज़ा आये?
मैं: क्या करोगे?
सुमित: मैं आपकी चुत चाटूँगा. इससे आपको और मज़ा आएगा.
मेरे बॉयफ्रेंड ने आज तक कभी मेरी चुत नहीं चाती थी. इसलिए मुझे नहीं पता था की चूत चटवाने में कैसा मज़ा आता है. हां मैंने पोर्न वीडियोस में देख रखा था कि लड़के लड़कियों की छूट को चाट-ते है. लेकिन मुझे हमेशा लगता था की ये सिर्फ पोर्न वीडियोस में ही होता है.
मुझे लगा सुमित अगर चूत चाटने की बात कर रहा था, तो उसने पहले भी छाती होगी. इसलिए मैंने उससे पुछा-
मैं: तुमने पहले चुत छाती है किसी की?
सुमित: नहीं मैडम. मैंने बस सेक्स वीडियो में देखा है. बहुत मानन है करने का.
मैंने सोचा चलो नया एक्सपीरियंस हो जायेगा, तो मैंने उसको हां बोल दी. फिर वो नीचे बैठ गया, और मेरी शॉर्ट्स नीचे कर दी. मैंने नीचे पंतय नहीं पहनी थी, तो अब मेरी नंगी चुत उस नौकर के सामने थी.
मेरी नंगी चिकनी चूत देख कर वो खुश हो गया. उसने मेरी चूत पर हाथ फेरा और चूत की पंखुड़ियों को हाथ से पकड़ कर हलके-हल्के सहलाने लगा. मुझे मज़ा आ रहा था. फिर उसने मुझे देखा और कहा-
सुमित: मैडम आपकी चुत तो बिलकुल वैसी है, जैसे सेक्स वीडियोस में लड़कियों की होती है. एक-दम चिकनी-चिकनी.
मैं: चल अब तारीफ करना बंद कर, और काम शुरू कर.
फिर सुमित आगे बढ़ा, और उसने जीभ से मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया. उसकी नरम-गरम जीभ चुत पर लगते ही मुझे मज़ा आने लगा. मैंने उसके बालों में हाथ रखा, और उसके सर को अपनी चूत में दबने लगी. वो और तेज़ी से चूत चाटने लगा.
फिर वो अपनी जीभ को मेरी चूत की दरार के अंदर धकेलने लगा. जीभ के दबाव से मेरी चूत का दाना दबने लगा. इससे और मज़ा आने लगा. फिर उसने एक हाथ से छूट के मुंह को खोला, और जीभ अंदर डालने लगा. उसकी जीभ जितना अंदर जाती, उतना ही मुझे मज़ा आता.
मैं मदहोश हो रही थी, और पेहली चुत चटायी का मज़ा लेते हुए आठ आठ कर रही थी. चुत चटाई का मज़ा लेते हुए मैं पीछे की दीवार के साथ लग गयी. मुझे इतना मज़ा आ रहा था, की तभी मेरे दिमाग में कुछ और भी आया.
मैंने पोर्न में देखा था कि लौंडे लड़कियों की चूत और गांड दोनों चाट-ते है. तो मैंने सोचा क्यों न सुमित से छूट के साथ-साथ गाँड भी चटवायी जाये. फिर मैंने उससे कहा-
मैं: सिर्फ चुत चाटोगे क्या? गांड नहीं चाटोगे?
सुमित: मैडम आप जो कहेंगी मैं चाटूँगा.
फिर मैं उसके सामने घूम गयी, और दीवार पर हाथ रख कर गांड पीछे की तरफ कर दी. मैं थोड़ा झुक गयी, जिससे उसको मेरी गांड के छेद दिखने लगा.
फिर सुमित ने मेरे दोनों चूतडों पर हाथ रख कर उनको थोड़ा खोला, और अपना मुह मेरे चूतडों में डाल दिया. वो अपनी जीभ से मेरी गांड के छेद को तेज़ करने लगा. और मैं सीधे जन्नत में पहुँच गयी. मेरी आँखें मज़े से बंद हो गयी, और छूट और पानी छोड़ने लगी. इसी बीच कुछ ऐसा हुआ, जो मैंने एक्सपेक्ट नहीं किया था.
सुमित गाँड चाट-ते हुए एक-दम से रुक गया. मेरी आँखें बंद थी, और मैं मैं ही मैं सोचि की शायद कुछ सेकण्ड्स का ब्रेक ले रहा होगा. मैं उसी पोजीशन में उसके दोबारा गांड चाटने की वेट करने लगी.
लेकिन तभी मुझे अपनी चूत पे पीछे से कुछ सख्त चीज़ लगती महसूस हुई, जो देखते ही देखते अंदर जाने लगी. मेरी चीख निकल गयी. पीछे देखा तो सुमित मेरे पीछे खड़ा था, जो अपना लंड मेरी चूत में घुसा चूका था.
मुझे दर्द हो रहा था, और मैंने उसको ऐसा ना करने को कहा. लेकिन उसने अपना एक हाथ मेरी कमर में लपेटा, और दूसरा मेरे बूब्स में लपेट लिया. इससे मैं उसकी गिरफ्त में फस गयी. फिर वो मेरी चूत में धक्के मारने लगा.
मैं अहह अहह करने लगी, और वो मुझे छोड़ता गया. कुछ सेकण्ड्स के दर्द और रेजिस्टेंस के बाद मुझे मज़ा आने लगा. मैंने सोचा की अब लुंड तो उसने डाल ही दिया था, तो चुड़ै पूरी करने में क्या ही हरज था. फिर मैंने रेसिस्ट करना बंद किया और उसके लुंड से छोड़ने का मज़ा लेने लगी.
अब वो भी समझ गया था कि मैं उसके काबू में थी. तो उसने मुझे बाहों से रिलीज़ कर दिया. अब मैंने अपने हाथ दीवार पर रखे, और थोड़ा और झुक गयी. इससे उसका लंड मेरी चूत के अंदर गहरायी तक जाने लगा, और मुझे बहुत मज़ा आने लगा.
उसने मेरे चूतडों को मसलना, और उन पर थप्पड़ मारना शुरू कर दिया. इससे मेरी आग और बढ़ने लगी और मैं उसको फ़क में फ़क में बोलने लगी. वो भी फुल स्पीड पर पूरा ज़ोर लगा कर मुझे छोड़ रहा था.
१० मिनट की चुदाई के बाद उसने अपना लंड मेरी चूत से निकाल लिया और उसको हिलाना शुरू कर दिया. मैं समझ गयी उसका निकलने वाला था, तो मैं उसके सामने घुटनों पर बैठ गयी, और उसके लुंड को मुँह में लेके चूसने लगी.
फिर उसके लंड से माल की एक पिचकारी निकली, जिसने मेरा पूरा मुह भर दिया. मैंने उसका माल थूकना चाहा, लेकिन उसने मुझे लंड मुँह से निकालने नहीं दिया. इस वजह से मुझे पूरा माल पीना पड़ा. उसके बाद वो वहां से नीचे चला गया. थोड़ी देर में मैं भी आ गयी.
उसके बाद मैं जितने दिन वहां रही, सुमित ने मुझे हर रात पेला. मामी के घर जाने का मज़ा आ गया.
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