ही फ्रेंड्स, मैं प्रिटंका गुप्ता अपनी नई सेक्स स्टोरी लेके आपके सामने हाज़िर हु. मेरी पहले की स्टोरीज को प्यार देने के लिए थैंक यू. जिन रीडर्स ने मेरी पिछली कहानियां नहीं पढ़ी है, वो उनको भी ज़रूर पढ़ ले. चलिए बढ़ते है आज की कहानी की तरफ.
पहले मैं अपने बारे में बता दू. मैं २४ साल की हो गयी हो, और मेरा फिगर ३४-२९-३६ है. मैं पंजाब के लुधिअना शहर में रहती हूँ, और नौकरी करती हु. मुझे देख कर लड़के और मर्द मेरे दीवाने हो जाते है, और मेरी चुदाई करना चाहते है. लेकिन मैं इतनी आसानी से हाथ नहीं आती. आज की कहानी नौकर के साथ हुई मेरी चुदाई की है. तो चलिए शुरू करते है.
ये कहानी ३ साल पहले की है. उस वक़्त मैं कॉलेज में पढ़ती थी. मेरा एक बॉयफ्रेंड भी था, जिसके साथ मेरी खूब चुम्मा-छाती होती थी. लेकिन अभी तक मैं चूड़ी नहीं थी. वो तो मुझे हमेशा छोड़ना चाहता था, लेकिन मैं ही थी, जो उसको मना कर देती थी.
हम कभी पार्क में मिलते, कभी कॉलेज लाइब्रेरी में, कभी किसी कॉमन फ्रेंड के रूम पे. वहां हम किसिंग करते. वो मेरे बूब्स दबाता था, और उनको नंगे करके चूसता था. मुझे इसमें बहुत मज़ा आता था. इसके अलावा मैं उसको अपनी चूत में ऊँगली करने भी देती थी, लेकिन कभी लुंड नहीं डलवाया था. हलाकि वो २ उँगलियाँ मेरी चूत में डाल देता था.
मैं भी उसके लंड को पंत के ऊपर से दबती थी. उसको हाथ से हिलती थी, और कभी-कभार चूस भी लेती थी. लेकिन चूसना बहुत रेयर होता था, टाइम और जगह की कमी के कारण.
फिर मेरे एक्साम्स हो गए, और छुट्टियां पड़ गयी. मेरी ममी बहुत वक़्त से मेरी मम्मी को बोल रही थी कि मिलने आ जाओ. मैं घर पर बैठी बोर होती थी, तो मम्मी ने मुझे मामी को मिलने जाने के लिए कहा.
अब मैं घर पर करती भी क्या. बॉयफ्रेंड से भी मिल नहीं सकती थी, क्यूंकि कॉलेज नहीं था. इसलिए मैंने सोचा की चली जाती हूँ मामी के घर.
फिर मैंने बैग पैक किया, और उनके घर जाने के किये बस में बैठ गयी. ३ घंटे के सफ़र के बाद मैं उनके शहर पहुंची. मां मुझे लेने आये थे. मैं उनके साथ उनके घर गयी.
ममी मुझे देख कर बहुत खुश हुई. उनके घर में मम्मी खुद, मां, और उनके २ बच्चे रहते है. बच्चे स्कूल जाते है, मां जॉब पे (मॉर्निंग तो इवनिंग), और मामी घर पे रहती है. इसके अलावा उन्होंने घर के काम के लिए एक लड़के को रखा हुआ है, जो १९ साल का है.
मामी और मैंने बहुत सी बातें की. उन्होंने मुझे रूम दिखाया जिसमे उनके बच्चे भी मेरे साथ सोने वाले थे. फिर मैं बाथरूम जाके फ्रेश हुई. उसके बाद डिनर किया हमने, और वहां भी बातें की.
उनके नौकर का नाम सुमित है. वो दुबला-पतला सा लड़का है सावले रंग का. जब पहली बार मैंने उसको देखा, तो मैंने सोचा भी नहीं था की वो मुझे छोड़ेगा. लेकिन ऐसा हुआ. चलिए बताती हु कैसे हुआ.
अब मुझे १० दिन हो चुके थे मामी के घर. ममी सारा दिन घर पे रहती थी, और बाथरूम कॉमन था, और मामी के रूम के नज़दीक था. तो मुझे फिंगरिंग करने का चांस नहीं मिलता था. रात को उनके बच्चे मेरे साथ सोते थे, तब भी कुछ नहीं कर सकती थी. बॉयफ्रेंड से बात भी नहीं हो पा रही थी, और मैं बहुत हॉर्नी हो रही थी.
एक रात मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मेरी चूत में आग लगी हुई थी, और फिंगरिंग करनी ज़रूरी हो चुकी थी. फिर मैंने सोचा की छत पर जाके चुत को शांत कर लेती हु.
मैं धीरे से बीएड से उठी, ताकि बच्चे न जाग जाये, और रूम से बाहर निकल गयी. फिर मैंने धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ना शुरू किया, और छत पर चली गयी. जैसे ही मैं छत पर गयी, मुझे कुछ आवाजे आने लगी. ये आवाज़ किसी लड़के की थी.
मैंने इधर-उधर देखा, तो वाटर टैंक के पीछे कोई बैठा था. मैं धीरे से आगे गयी तो देखा सुमित वहां बैठा अपना लंड हिला रहा था. उसका लुंड देख कर मैं हैरान हो गयी. लुंड काफी लम्बा और मोटा था, मेरे बॉयफ्रेंड के लुंड से भी बड़ा.
मेरी चूत में पहले से आग लगी थी. मैंने सोचा क्यों न इसके साथ थोड़ा मज़ा किया जाये. फिर मैंने कहा-
मैं (धीरे से): सुमित!
मेरी आवाज़ सुन कर वो घबरा गया, और लुंड छुपाने लगा.
मैंने कहा: दर्रो नहीं, मैं किसी को कुछ नहीं बताऊंगी. लेकिन तुम्हे मेरी बात माननी पड़ेगी.
सुमित: कौन सी बात?
मैं: मुझे अपने लंड के साथ खेलने दो, और जो मैं कहूं, करो.
सुमित: लेकिन अगर मालकिन को पता लग गया तो?
मैं: उनको घंटा कुछ पता नहीं चलने वाला. वो नीचे सो रही है. और ना तुम कुछ बताने वाले हो, न मैं. लेकिन अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी, तो मैं उनको ज़रूर बताउंगी कि तुम यहाँ बैठे क्या कर रहे थे. वैसे भी तुम्हे मुठ मारने से ज़्यादा मज़ा आएगा.
सुमित ये सुन कर खुश हो गया, और उसने लुंड मेरे सामने कर दिया. फिर मैं उसके पास गयी, और उसके लुंड को हाथ में लेके हिलने लगी. वो मज़े से आठ अहह करने लगा. उसका लंड लोहे की रॉड की तरह टाइट था.
मैंने शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहनी हुई थी. लुंड हिलाते हुए मैंने उसका हाथ पकड़ा, और शॉर्ट्स के ऊपर से अपनी चूत पर रख दिया. वो मेरी तरफ देखा तो मैंने उसको बोला-
मैं: सिर्फ मैं ही हिलाऊ क्या? तुम भी तो सेहलाओ मेरी चूत.
अब मैं उसका लंड हिला रही थी, और वो मेरी चूत सहला रहा था. हम दोनों को मजा आ रहा था. फिर मैंने अपना दूसरा हाथ अपने बूब पर रखा, और उसको दबाने लगी. जब सुमित ने ये देखा, तो उसने मेरा हाथ मेरे बूब से हटा कर अपना हाथ ुस्पे रख कर दबाने लगा. अब मुझे और भी मज़ा आने लगा.
कुछ देर ऐसे ही करने के बाद मैंने अपनी टी-शर्ट उठायी, और ब्रा की एक साइड उठा कर अपने बूब को नंगा किया. फिर मैंने उसको इशारा करते हुए पुछा-
मैं: चूसोगे नहीं.
बस मेरे कहने की देर थी, की उसने अपना मुँह मेरे बूब के पास किया, और उसको मुँह में लेके चूसना शुरू कर दिया. अब मेरा मज़ा और भी बढ़ गया.
इसके आगे क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. यहाँ तक की कहानी पढ़ कर अगर आपका खड़ा हुआ हो, तो फीडबैक प्रितकागुप्त३@जीमेल.कॉम पर मेल करके फीडबैक दे.
अगला भाग पढ़े:- ममी के नौकर ने छोड़ा-२