देसी सेक्स स्टोरी अब आगे-
हमारा प्लान सक्सेस हो गया था. कृतिका और मेरी शादी तय हो गयी थी. घर में सब लोग बहुत खुश थे. जो किसी ने सोचा भी नहीं था, वो होने वाला था.
हमारे पेरेंट्स सारी प्लानिंग करने लगे कैसे क्या करना है और हम तीनों चुप-चाप बैठ के मज़े ले रहे थे.
निधि (ख़ुशी से हस्ते हुए): गाइस सीरियसली, हमने ये कर दिया है.
कृतिका: हां यार, मुझे नहीं लगा था ये सब इतना आसान होगा.
निल: शामे हेरे… देखो सब कितने खुश है.
तभी पापा और अंकल ने कहा-
पापा और अंकल साथ में: बच्चो आप लोगों ने ये बात बहुत अछि की जो इन दोनों की शादी करने का तय किया. इसी बहाने हमारी दोस्ती रिश्तेदारी में बदल गयी.
कृतिका (मज़ाक करते हुए): फिर तो इस बात का क्रेडिट मुझे मिलना चाहिए न.
मम्मी: हां-हां तुम्हे ही मिलेगा.
अंकल: अब जल्दी से तुम दोनों की शादी हो जाये, तो और मज़ा आएगा. दोनों फैमिलीज़ के लिए ये इवेंट बहुत बड़ा है.
निधि: बिलकुल… सब लोग याद रखेंगे ऐसी शादी करेंगे हम.
सब लोग वहीँ बैठ के बातें करने लगे की क्या होगा कैसे होगा, तभी निधि ने बात छेड़ दी.
निधि: वैसे मैं क्या कहती हो… अगर ये रिश्ता पक्का हो ही गया है, तो क्यों न इन दोनों की इंगेजमेंट करे?
निधि की बात सुन के सब लोग एक्ससिटेड हो गए और वहां इंगेजमेंट की बात शुरू हो गयी.
निल (नाटक करते हुए): एक मिनट… मैंने पहले ही कहा था मुझे थोड़ा टाइम चाहिए ये सब के लिए.
आंटी: कृतिका अब निल को मानाने की ज़िम्मेदारी तुम्हारी है.
कृतिका: हो जायेगा मम्मी.
उसकी बात सुन के सब लोग हसने लगे. हम सब एक-दुसरे को देख के इशारे कर रहे थे कि प्लान के मुताबिक सब सही जा रहा है. लेकिन हमें ये सब अकेले में बात करनी थी, इसलिए मैंने सबसे कहा-
निल: आप सब बातें करो, हम लोग कॉफ़ी शॉप जा रहे है.
मम्मी (खुश हो कर): अच्छा ठीक है
मैं, निधि और कृतिका भागते हुए नीचे पार्किंग के तरफ जाने लगे.
निधि (हस्ते हुए): यार मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा है. हमारे पेरेंट्स कितने एक्ससिटेड है इस रिश्ते के लिए.
निल: शामे हेरे.
फिर हम सब गाड़ी में बैठ के कॉफ़ी शॉप चले गए. कैफ़े में एंटर होते ही वहां के सारे लड़के निधि और कृतिका को घूरने लगे. निधि वाइट टॉप और ब्लू जीन्स में थी जो काफी सही लग रही थी. सारे लड़के उसकी स्लिम फिगर और बूब्स को घूरने लगे थे. ऐसा लग रहा था जैसे उसे खा जायेंगे सारे मिल कर. कृतिका भी कुछ कम नहीं थी. उसने पिंक टॉप और ब्लैक लेग्गिंग्स डाली थी, जिससे उसके लेग्स और गांड बेहद सेक्सी लग रहे थे. वो दोनों मुझे देख के इशारा करने लगी थी. फिर हम सब एक कॉर्नर टेबल पर बैठे और गप्पे मारने लगे.
निधि: देखा कैसे सारे लड़के हम दोनों को घूर रहे थे?
निल: हां, तुम दोनों इतनी सेक्सी हो के बेचारे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे है.
मेरी बात सुन कर दोनों हसने लगी.
कृतिका (मुझे मारते हुए): एक बात बताओ, तुम सब के सामने इतना भोले बन के क्यूँ बैठे थे, जैसे तुम्हे कुछ पता ही नहीं था मैं क्या कहने वाली थी.
निल: अरे मैंने वैसे किया, इसलिए बात यहाँ तक पहुँच गयी. वरना वहीँ तमाशा हो जाता.
कृतिका: वो कैसे?
निल: अगर मैं भी कहता कि मुझे तुम पसंद हो, तो हमारे घर वालो को लगता कि मैं चरक्टेरलेस हूँ और अपनी बहिन पर नज़र डाल के बैठे हो. जब मैंने ऐसा बेहवे किया कि मुझे कुछ पता ही नहीं है, तब जा कर उन्हें लगा कि तुम्हारी बात सही है.
निधि (मेरा साथ देते हुए): बिलकुल, वरना बात को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता. इसे मैंने ही कहा था एक-दम नार्मल रियेक्ट करने के लिए.
कृतिका: हम्म, तुम्हारी बात तो सही है. लेकिन अब आगे क्या करना है?
निधि: आगे हमारे पेरेंट्स को दिखने के लिए तुम दोनों को साथ में टाइम स्पेंड करना है. जैसे मूवी डेट, डिनर डेट ेट्स.
कृतिका: ओह्ह ठीक है… और मैं निल से मिलने उसके घर भी जाउंगी और हम उसके बैडरूम में काफी देर तक रहेंगे ताकि सब को लगे कि हम रोमांस कर रहे है ऐसे.
निधि: परफेक्ट… ये सब सही रहेगा तो उन्हें लगेगा कि तुम दोनों की बॉन्डिंग अच्छी हो रही है, और बस तुम दोनों की इंगेजमेंट भी हो जायेगी जल्द ही.
निल: ग्रेट… तो हमें बस यही फॉलो करना है.
इतने में कृतिका ने फ़ोन में कुछ देखा और स्माइल करते हुए कहा-
कृतिका: और हां… कबीर आने वाला है हमारी इंगेजमेंट पर.
निल: ओह तहत’स ग्रेट, मज़ा आएगा.
निधि: बिलकुल.
बस फिर उस दिन के बाद जैसे हमने डीडे किया था वही सब करने लगे. मैं और कृतिका मूवी और डिनर डेट पर जाने लगे, जिससे हमारे पेरेंट्स बहुत खुश थे. इसी बीच हमें रोमांस करने का मौका मिलने लगा, जिसका हम दोनों खूब फ़ायदा उठा रहे थे.
एक दिन की बात है हमने डिनर का प्लान बनाया था और मैं कृतिका को पिक करने के लिए उसके घर चला गया. उस दिन मैंने वाइट शर्ट ब्लू जीन्स और वाइट स्नीकर्स डाले हुए थे. मैं बहुत हैंडसम लग रहा था. कृतिका के घर जाते ही हॉल में अंकल आंटी बैठे थे, तो उनसे मिला और बताया कि हम डिनर डेट पर जा रहे है, तो वो बहुत खुश हुए.
अंकल: निल तरय करना कि तुम दोनों की इंगेजमेंट जल्द से जल्द हो जाए.
आंटी: हां अब और वेट नहीं हो रहा है.
निल (शरमाते हुए): हां, अभी वही चल रहा है.
अंकल: अरे इतना क्यों शरमा रहे हो? हम तुम्हे बचपन से जानते है.
इतने में वहां कृतिका आई जिसने ब्लैक ओने पीेछे डाला हुआ था, जो स्लीवलेस था जो उसके घुटनो तक ही था. कृतिका बहुत ही ज़्यादा हॉट लग रही थी. ओने पीेछे काफी टाइट था तो उसकी फिगर साफ़ नज़र आ रही थी. उसकी कमर, लेग्स, गांड सभी का शेप बेहद सेक्सी लग रहा था. उसे देखते ही मैं खड़ा हुआ और हमने हुग किया. फिर अंकल आंटी को बाय बोल के हम वहां से निकल गए.
घर से बाहर निकलते ही-
कृतिका (मुझे छेड़ते हुए): क्या बात है, आज बहुत हैंडसम लग रहे हो तुम. मेरे अलावा और भी लड़कियों को घायल करने का इरादा है क्या?
निल: नहीं तो… मुझे सिर्फ मेरी वाली को ही घायल करना है. वैसे तुम आज बहुत ही ज़्यादा हॉट लग रही हो.
कृतिका (शरमाते हुए): थैंक्स डिअर.
फिर हम गाड़ी में बैठ के वाहन से हमारे रेस्टोरेंट गए. मैंने पहले ही वहां मैनेजर को बोल दिया था तो उसने हमारे लिए ख़ास टेबल बुक कर दिया था जो अचे से डेकोरेट करके रखा था. रेस्टोरेंट जाते ही वहाँ हमारा स्पेशल वेलकम किया तो कृत्तिका बहुत खुश हुई.
फिर हम अपने टेबल पर बैठे. कृतिका को ये सब बहुत पसंद आया था और वो बहुत खुश थी. स्पेशल ट्रीटमेंट की वजह से उसका मूड काफी रोमांटिक था, तो हमने वहां डिनर करते हुए बहुत एन्जॉय किया.
डिनर के बाद हमने साथ में आइस क्रीम खायी और वहां से घर की तरफ निकल गए.
कृतिका: आज मुझे बहुत मज़ा आया. थैंक यू सो मच ये सब के लिए.
निल: थैंक्स किस बात का? अब हम शादी करने वाले है, ये सब तेरा ही तो है.
तो बे कॉन्टिनोएड…
होतबायनील८६००@जीमेल.कॉम
अगला भाग पढ़े:- भाई बहिन और सेक्स-४