हेलो दोस्तों, क्या हाल है? लंड और छूट का पानी निकल रहा है ना मेरी स्टोरीस पढ़ के? बहुत से लोगों ने मैल किया है की मैं कोई इमॅजिनरी स्टोरी भी लिखू. तो जल्दी ही मेरी एक नयी स्टोरी आएगी. आप लोग बताओ स्टोरी किस टॉपिक पे लिखू? चलो अब आते है स्टोरी पे.
पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की मैने और अंकिता ने मिल के दोनो मर्दों के साथ एक मस्ती की. इससे दोनो मर्दों के होश उडद गये थे. फिर अंकिता ने बोला की हम सब साथ एंजाय करते है एक-दूसरे के सामने. फिर हम सब नंगे हो गये और अपने-अपने पार्ट्नर के साथ एंजाय करना स्टार्ट किया. अब आयेज-
दीपक मेरे बूब्स चूस रहा था और दूसरी तरफ अंकिता जीजू का लंड चूस रही थी. और ये करते हुए हम सब एक-दूसरे को देख रहे थे. मुझे थोड़ी शरम आ रही थी, पर मज़ा भी आ रहा था. अंकिता तो बेशरम होके बिंदास लंड चूस रही थी.
फिर दीपक नीचे गया और मेरी छूट पे किस करने लगा. मैं आ आ करते हुए एंजाय कर रही थी. दीपक ने अपनी टंग मेरी छूट में डाल दी और चाटने लगा. वो अंदर तक मुझे अपनी टंग से छोड़ रहा था. मैं हाथ से उसका सिर अपनी छूट पे दबा रही थी और सिसकियाँ ले रही थी.
उधर अंकिता के निपल जीजू के मूह में थे और अंकिता मोन करते हुए एंजाय कर रही थी. निपल चूस्टे हुए आकाश जीजू अंकिता की छूट में उंगली भी अंदर-बाहर कर रहे थे. थोड़ी देर में दोनो 69 की पोज़िशन में आ गये. अंकिता के मूह में जीजू का लंड था और जीजू का मूह अंकिता की छूट में. दोनो बड़े मज़े से एक-दूसरे को चूस-चाट रहे थे.
उनको देख के मेरा भी लंड चूसने का मॅन हो गया. मैने दीपक को सोफे पे बिताया और उनके पैरों के बीच में घुटनो पे बैठ गयी. दीपक का लंबा लंड मेरी आँखों के सामने था. मैने झट से पूरा लंड गले तक अंदर ले लिया. कुछ सेकेंड्स ऐसे ही रखा फिर लंड को मूह में अंदर-बाहर करके चूसने लगी. दीपक की आँखें बंद हो गयी थी और साँसें तेज़. हम दोनो ही उस पल को एंजाय कर रहे थे. दीपक भी अपने लंबे लंड से मेरे मूह को छोड़ रहा था.
दूसरी तरफ अंकिता की चुदाई चालू हो गयी थी. अंकिता नीचे फ्लोर पे लेती थी और आकाश जीजू उसपे चढ़ के उसे छोड़ रहे थे. मुझे बस आकाश जीजू की गांद दिख रही थी, जो उपर-नीचे हो रही थी. बड़े तेज़-तेज़ धक्के मार रहे थे जीजू और नीचे से अंकिता भी अपनी गांद उपर-नीचे करके चुदाई में अपना योगदान दे रही थी.
थोड़ी ही देर में अंकिता चीखते हुए झाड़ गयी और एक-दूं शांत हो गयी. पर जीजू का अभी तक हुआ नही था, तो पूरी स्पीड में अंकिता को छोड़े जेया रहे थे.
उनको देख के दीपक का भी मूड बन गया और मुझे बोला की रानी आजा मेरे उपर. दीपक वहीं सोफे पे लेट गया और मैं उसके उपर आ गयी. मेरी छूट में मैने दीपक का लंड सेट किया और झटके में उस पर बैठ गयी. एक ही झटके में दीपक का लंड मेरी छूट में पूरा उतार गया.
मेरे मूह ज़ोर से आअहह निकल गया. फिर मैं उपर-नीचे होके चूड़ने लगी. दीपक का लंड मेरी छूट की गहराई तक जेया रहा था. मैं दीपक के लंड पे ऐसे उछाल के चुड रही थी जैसे ये मेरा आखरी लंड हो.
ऐसे ही कुछ देर अपने-अपने पार्ट्नर से चूड़ने के बाद दीपक ने बोला की अब पार्ट्नर एक्सचेंज करते है. फिर अंकिता दीपक के पास आ गयी और मुझे बोला जाओ तुम आकाश के पास. मैं उठ के आकाश जीजू के पास चली गयी. मुझे थोड़ी शरम आ रही थी दीपक के सामने जीजू से चूड़ने में.
अंकिता तो सीधे दीपक का लंड चूसने लगी. जीजू ने मुझे सोफे पे बिताया और खुद मेरे सामने नीचे घुटने पे बैठ गये. जीजू मेरी लेग्स स्प्रेड किए और सीधे अपना मूह मेरी छूट पे लगा दिया. मेरे मूह से आ निकला और आँखें अपने आप बंद हो गयी.
जीजू मेरी छूट अंदर तक चाट रहे थे और मैं बस एंजाय कर रही थी. मैं अब ये भी भूल गयी थी की मैं दीपक के सामने थी. कुछ ही देर में मेरी छूट ने सारा पानी जीजू के मूह में ही छ्चोढ़ दिया. जीजू ने भी सारा पी लिया. फिर जीजू ने छूट से मूह हटाया तो मैने आँखें खोली.
जीजू खड़े हुए तो उनका मोटा लंड मेरे सामने था. मैने भी देर ना करते हुए सीधे मूह में ले लिया पूरा लंड. पूरा लंड अंदर-बाहर करते हुए चूसने लगी. जीजू भी मेरा सिर पकड़ के आयेज-पीछे करते हुए मेरा मूह छोड़ रहे थे.
वहाँ दीपक ने अंकिता को घोड़ी बना के उसे छोड़ना चालू कर दिया था. अंकिता की बड़ी गांद दिख रही थी और उसके बड़े बूब्स झूल रहे थे हर झटके पे. दीपक भी पूरी जान लगा के उसे छोड़े जेया रहा था. वो बीच-बीच में अंकिता की गांद पे थप्पड़ भी मार रहा था, जिससे अंकिता की सिसकियाँ निकल रही थी. फिर दीपक ने छूट से लंड निकाला और एक ही झटके में अंकिता की गांद में पूरा लंड पेल दिया. अंकिता की चीख निकल गयी और बोली-
अंकिता: यार जीजू बोल तो देते गांद में डालने से पहले.
दीपक: डार्लिंग बोलता तो तेरा ये रिक्षन कैसे मिलता?
अंकिता: जान लोगे क्या मेरी?
दीपक: जान नही, अभी तो तेरी गांद ही लूँगा.
और दीपक अंकिता के हेर्स पकड़ के के उसकी गांद छोड़ने लगा. अंकिता की सिसकियाँ पुर रूम में गूँज रही थी. सॉफ पता चल रहा था की अंकिता कितना एंजाय कर रही थी. आकाश जीजू भी मेरे उपर आ गये और अपना लंड मेरी छूट में डाल दिया.
उनका पूरा लंड मेरी छूट की गहराई तक छोड़ रहा था और मैं आ अफ किए जेया रही थी. जीजू के धक्के कभी तेज़ होते तो कभी स्लो. जीजू और मैं कुछ बोल नही रहे थे बस एक-दूसरे की आँखों में देख रहे थे.
फिर जीजू ने मुझे सोफे पे झुका दिया और लंड मेरी गांद में डाल दिया. उनका मोटा लंड मेरी गांद की अंदर तक खुदाई कर रहा था. अब रूम में मेरी और अंकिता की सिसकिया गूँज रही थी. जीजू मुझपे झुक गये और मेरे बूब्स पकड़ लिए. अब वो मेरे बूब्स मसालते हुए मेरी गांद छोड़ रहे थे. उनका हर धक्का मुझे जन्नत में ले जेया रहा था. उधर अंकिता अब दीपक के उपर आ गयी थी और दीपक का लंड अपनी छूट में लेके उसपे उछाल रही थी.
अंकिता के बूब्स भी बाउन्स हो रहे थे. दीपक नीचे लेता अंकिता से चूड़ने का मज़े ले रहा था. अंकिता भी पूरा लंड अपने अंदर ले रही थी. इधर जीजू ने भी लंड गांद से निकाला और मुझे दीवार से लगा के खड़ा किया और डाल दिया अपना लंड मेरी छूट में. खड़े-खड़े चुदाई करने का मज़ा ही अलग होता है. जीजू का मोटा लंड मेरी छूट चीरते हुए अंदर-बाहर हो रहा था.
कुछ ही देर में दीपक अंकिता की छूट में ही झाड़ गया और अंकिता तो अब तक 2 बार झाड़ गयी थी. फिर दोनो आस-पास लेट के हमे देखने लगे. जीजू पूरी स्पीड में मेरी चूत चोदे जा रहे थे. मेरी चूत ने भी 1 बार तो पानी छ्चोढ़ दिया था और दूसरी बार भी बस आने ही वाला था.
जीजू समझ गये और अपनी स्पीड बढ़ा दी. उनका लंड बुलेट ट्रेन की स्पीड से मेरी छूट में अंदर-बाहर हो रहा था. कुछ ही देर में हम दोनो साथ ही झाड़ गये. उनका गरम लावा मुझे मेरी छूट में फील हो रहा था.
हम कुछ देर ऐसे ही रहे अपनी साँसों को कंट्रोल करते हुए. फिर जीजू ने अपना लंड मेरी छूट से निकाला और हम वहीं नीचे लेट गये. कुछ देर रूम में सन्नाटा हो गया. हम सब बस लेते थे कोई कुछ नही बोल रहा था. फिर कुछ देर बाद अंकिता हमारे पास आई और हमारे पास आके लेट गयी.
इस पार्ट में इतना ही आयेज और क्या हुआ हमारी स्वापिंग में, ये जानने के लिए अगले पार्ट का वेट करिए. और अगला पार्ट कुछ ज़्यादा मज़ेदार और चुदाई भरा होने वाला है. ये वाला पार्ट कैसा लगा मैल करके ज़रूर बताईएएगा. आशा करती हू ये पढ़ के आपके लंड और छूट ने अमृत बरसया होगा.