प्यासी मालकिन ने देखा नौकर का लंड

हवेली अनुष्का (जो 25 साल की थी) के लिए एक सोने का पिंजरा थी. उसकी खूबसूरती चौंकाने वाली थी. वो गोरी थी, लगभग सफेद त्वचा जो नॉर्थ ऑरिजिन की तरफ इशारा करती थी. उसके लंबे सुनहरे बाल थे और खूबसूरत भारी आँखों से घिरा हुआ चेहरा.

वो बहुत अट्रॅक्टिव थी. ज-कप (140सीयेम) के स्टअंन उसके जिस्म पे काससे हुए थे, जो 28-इंच की पतली कमर और 34-इंच के हिप्स से बॅलेन्स थे. उसके निपल्स और नीचे का जिस्म नाज़ुक, गुलाबी रंग के थे, जो लगातार अधूरी इक्चा से धड़कते रहते थे, जो उसकी बेपरवाह शादी का नतीजा था.

अनुष्का बिल्कुल एक अप्सरा थी. यहाँ तक की अनुष्का की शादी को लगभग 4 साल हो चुके थे, पर अभी तक सही माएनो में उसकी वर्जिनिटी कायम थी. अपने पति के अक्सर मौजूद ना होने के कारण अनुष्का अपने आप को खुद ही शांत रखती है.

उसका पति, राहुल (55 साल का एक बुद्धा), एक अमीर लेकिन कमज़ोर आदमी था. उसकी मर्दानगी उसके बालों के साथ ही ख़तम हो गयी थी, जो अब सफेद और पतले हो गये थे. वो काम में डूबा रहता था. उसके पास सिर्फ़ 3-इंच का एक छोटा, कमज़ोर लंड था, जो अनुष्का की हमेशा संतुष्ट ना हो पाने की डॉवा था.

वो उसकी तीवरा ज़रूरत को पूरा करने में असमर्थ था. राहुल अपनी कमज़ोरी को जानता था. मगर क्यूंकी वो कभी भी अनुष्का की आग को शांत नही कर सकता था, तो राहुल अपने बिज़्नेस ट्रिप्स पर दूसरी औरतों के साथ सोता था.

इनायत (20 साल का लड़का) एक कुक. इनायत इसके बिल्कुल उल्टा था. 5’10” लंबी हाइट, फिट, और आचे जिस्म वाला, जिसमे मेहनत से आने वाली ताक़त थी. उसकी त्वचा के बारे में कहूँ तो गोरे और सवले रंग का एक हेल्ती मिक्स्चर थी.

उसकी आँखें गहरी भूरी थी, जो सॅडी ज़िंदगी के लिए एक सीधी इक्चा को दिखती थी. उसके सादे कपड़ों के नीचे एक ताकतवर 7.6 इंचस का लंड च्चिपा था. एक च्छूपी हुई मर्दानगी जो घर में किसी और के पास नही थी, और जिसने अनुष्का की किस्मत तय कर दी.

इनायत एक सॅडी ज़िंदगी चाहता था. एक अची सी लड़की के साथ एक सरल, खुशाल परिवार, काफ़ी आचे हवस के मज़े के साथ चाहता था.

चॅप्टर 1: इनायत का घर में आना.

इनायत को राहुल अपनी विशाल हवेली में एक कुक की नौकरी पर सिर्फ़ अनुष्का के लिए रखता है. विशाल हवेली का दबा हुआ सन्नाटा, जो राहुल की लंबी ना-मौजूदगी से और बढ़ गया था. वो सन्नाटा अनुष्का की बढ़ती आग के लिए एक कॅटलिस्ट का काम कर रहा था. 25 साल की आगे में उसका बहतारीन जिस्म, उसके ज-कप्स स्टअंन का भारी वज़न, उसकी कमर का शार्प कर्व, ऐसी संतुष्टि चाहता था जो उसका पति कभी नही दे सकता था.

वो शांत कॉरिडॉस में घूमती रहती थी, एक जिस्मानी ज़रूरत से चलती हो कर जो दर्द की सीमा तक पहुँच गया था.

उसकी रेस्टलेस खोज उसे उस छ्होटे कमरे में ले गयी जहाँ जूनियर मर्द नौकर इनायत आराम करता था. एक धीमी, मेकॅनिकल वाय्स, जिसमे हल्की सी आवाज़ मिली हुई थी, उसे इनायत के कमरे के हल्के से खुले दरवाज़े की और खीच ले गयी.

अनुष्का रुकी, एक पल के लिए अपना कान दरवाज़े पर लगाया और फिर धीरे से दरवाज़ा तोड़ा और खोला. उसकी मंशा सिर्फ़ एक झलक देखने की थी. इनायत अपने बेड पर बैठा था, पूरा खोया हुआ. उसके सादा कॉटन पॅंट्स उसकी जाँघ के पास नीचे खिसके हुए था, जिससे उसका अराउज़्ड स्टेट दिख रहा था.

उसके सामने, एक छ्होटे स्टूल पर मुश्किल से टीका हुआ एक सस्ता फोन था, जिस पर इनटेन्स, अश्लील वीडियो दिख रही थी. उसका पूरा ध्यान स्क्रीन पर था. उसके चहरे पर गहरी कॉन्सेंट्रेशन का लुक था. ये घर से रिलेटेड नही थी, बल्कि डिजिटल मीडियम द्वारा मिली पोर्नॉग्रॅफिक पिक्चर्स से थी.

उसका हाथ अपने 7.6 इंच के लंड पर कॉन्स्टेंट्ली एफीशियेन्सी के साथ चल रहा था. रिदमिक आवाज़ पूरी मेकॅनिकल थी, जो स्क्रीन पर दिखने वाली स्टिम्युलेशन से थी. वो पूरा अलग था, एक ही गोल के साथ मज़े की और बढ़ रहा था.

ये सीन शॉकिंग, इम्मीडियेट और रिलेंट्लेस्ली एफेक्टिव था. अनुष्का की साँस अटक गयी. उसके ताकतवर, जवान जिस्म का बिना किसी रोक-टोक के मज़े में डूबा हुआ रॉ डिसप्ले बहुत ज़्यादा था. आब्सोल्यूट फिज़िकल रिलिटी, मोटा, डार्क मीट जो बाहरी स्टिम्युलाइ पर इतनी तेज़ी से रिक्ट कर रहा था, ने उसके अंदर एक चिंगारी जला दी जो जल्द ही आग का गोला बन गयी.

उसके ज-कप्स स्टअंन उसकी निघट्य के सिल्क के कपड़े के अगेन्स्ट दर्द भरे टाइट हो गये. राहुल के कमज़ोर एफर्ट्स के विपरीत ये पेनफुली क्लियर था.

जैसे ही इनायत अपने क्लाइमॅक्स पर रीच कर रहा था, डिजिटल स्पेक्टकल में खोया हुआ, उसे माहौल में चेंज फील हुआ, दरवाज़े के पास टेंपरेचर में अचानक कमी. उसकी आँखें उपर उठी, स्क्रीन पर देखते हुए उसे याद आया की वो दरवाज़ा लॉक करना भूल गया था. उसे टेन्षन हो रही थी की कहीं किसी ने उसे अपने आप को संतुष्ट करते हुए देख तो नही लिया.

उसने जल्दी अपनी कॉटन की पॅंट्स उपर खींची और दरवाज़े के पास गया. चारों और देखा की कहीं किसी ने उसे देखा तो नही. फिर जब उसे यकीन हो गया की किसी ने नही देखा, तो उसने दरवाज़ा लॉक किया और एक बार फिर से अपने आप को संतुष्ट करने में डूब गया.

जैसे ही वो अपने क्लाइमॅक्स के करीब पहुँचा, उसे लगा की उसका ऑर्गॅज़म एक झोंके की तरह उसके उपर फैल गया था. बहुत सारे मर्दाना बीज निकालने के बाद उसने खुद को सॉफ किया और सो गया.

इस बीच दूसरी तरफ अनुष्का अपने कमरे में अपने बेड पर बैठी थी. उसकी आँखों के सामने इनायत का बड़ा, मज़बूत, मोटा लंड घूम रहा था. अनुष्का अपनी दर्द करती छूट को सहलाने लगी और ऐसा करते-करते सो गयी. उसके सपने भी उस मज़बूत जवान आदमी के शानदार लंड से भरे हुए थे.

चॅप्टर 2 जल्द ही…

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