भाभी सेक्स स्टोरी अब आयेज-
मौसी की गांद में झड़ने के बाद मैं हाँफ रहा था. लंड अभी भी उनकी गरम, गीली, मुलायम गांद में धंसा हुआ, जैसे एक टाइट वेल्वेट ग्लव ने उसे जाकड़ रखा हो. हर साँस के साथ उनकी गांद की वॉल्स मेरे लंड को हल्का सा दबाती, और अंदर का गरम माल धीरे-धीरे बाहर निकल रहा था.
वो माल उनकी भारी काली गांद के बीच से तपाक कर, बेड की सफेद चादर पर क्रीमी सफेद धब्बे बनता. मौसी घुटनो के बाल बेड पर झुकी हुई थी. उनकी साँसें तेज़ और गहरी थी. हर साँस के साथ उनकी बड़ी सी गांद थोड़ी सी हिलती, और उनकी काली पीठ पसीने से चमक रही थी.
भाभी च्चत पर खड़ी थी, सिर्फ़ पेटिकोट और लो-कट ब्लाउस में. उनकी फेर स्किन चाँदनी में ग्लो कर रही थी. उनकी आँखें लस्ट से लाल, होंठ खुले, और एक हाथ अपनी गीली छूट पर फिर रहा था, दो उंगलियाँ अंदर-बाहर करते हुए. छूट की गीली आवाज़ छाप-छाप गूँज रही थी.
भाभी ने मुस्कुराते हुए, आवाज़ में एक सेडक्टिव हसकिनेस्स के साथ बोला, “वाह राहुल, तूने तो मौसी की गांद को स्वर्ग दिखा दिया. अब मेरी टाइट गांद की बारी है. आज प्रॉमिस पूरा कर, मार ले इसे ज़ोर-ज़ोर से. मौसी, तू बैठ के देख कैसे ये जवान लंड मुझे तड़पता है, कैसे मेरी गांद को फाड़ता है.”
मौसी हंस पड़ी, बेड से धीरे-धीरे उठी. फिर अपनी गांद से मेरा गरम माल पोंछते हुए उनकी उंगलियाँ गीली हो गयी. उन्होने उसे अपने होंठो पर लगा कर धीरे से चाट लिया. उनकी आँखों में एक वाइल्ड चमक थी. वो बोली, “अर्रे रानी, अब तू भी पूरा मज़ा ले, मैं तो तक गयी हू. लेकिन बैठ के देखूँगी कैसे इसका, लाल लंड तेरी टाइट गोल गांद में घुसता है. कैसे तुझे रुलाता है और स्वर्ग दिखता है.”
भाभी ने मुझे खींच लिया. मेरे होंठो पर एक वाइल्ड, भूखी किस तोप दी. उन्होने अपनी गरम जीभ मेरे मूह में डाल कर थूक का एक्सचेंज किया. थूक की लार उनकी जीभ से मेरी जीभ पर तपकी, और कान में बोला (आवाज़ में एक सेडक्टिव धमकी के साथ), “पहले मेरी गांद को अपनी जीभ से प्यार कर, जैसे मौसी की छाती थी. हर इंच को गीला कर, तडपा मत ज़्यादा, वरना सज़ा मिलेगी, समझा?”
मैं एग्ज़ाइटेड हो उठा, दिल की धड़कन तेज़, लंड फिर से खड़ा होने लगा. मेरे लंड के टॉप पर मौसी का माल अभी भी लगा हुआ. भाभी को बेड पर घोड़ी बना दिया, वो झुक गयी. मैने पेटिकोट उपर उठाया और पनटी नीचे खींच दी एक झटके में.
भाभी की गांद अब मेरे सामने थी: फेर, गोल, बिल्कुल टाइट. दो पर्फेक्ट रसीले चीक्स, जैसे दो बड़े आम, बीच में गुलाबी च्छेद, सॉफ-सुथरा, थोड़ी सी सेक्सी झुर्रियाँ, और उनकी बॉडी की मदहोश करने वाली खुश्बू, टॅल्कम और छूट के पानी का मिक्स.
मैने दोनो हाथो से चीक्स को चौड़ा किया, जैसे एक किताब खोल रहा हू. च्छेद पूरा खुल गया. अंदर की पिंक वॉल्स दिख रही थी, गरम और इन्वाइटिंग. भाभी की साँसें तेज़ हो गयी. वो पीछे मूड कर बोली, आवाज़ में प्यास थी, “राहुल, जल्दी कर, मेरी गांद में आग लगी हुई है. बुझा दे इसे अपनी जीभ से.”
पहले मैने बाईं गांद के चीक्स पर सॉफ्ट किस किया, होंठों से च्छुआ. फिर जीभ निकाल कर गीला किया और चाटने लगा, जैसे क्रीमी वेनिला आइस-क्रीम लीक कर रहा हू. धीरे-धीरे, भाभी की कमर हिल गयी, एक गहरी सिसकी निकली, “उफ़फ्फ़, ये फीलिंग, पहली बार गांद पर इतना प्यार मिल रहा है, दिल आ रहा है.”
फिर दाएँ चीक पर वही सिलसिला, किस, चाटना, दाँत से हल्का काट कर के लाल निशान छ्चोढा. एक छ्होटा सा लोवे बीते. मैने ज़ोर से थप्पड़ मारा, पहले सॉफ्ट, फिर फुल फोर्स, ठप-ठप, चीक्स लाल हो गये, हिलने लगे जैसे जेल्ली.
भाभी सिसकी, “अयाया, दर्द और मज़ा दोनो एक साथ, और ज़ोर से मार, बना दे लाल, मेरी गांद को पनिश कर!” अब मैने अपनी जीभ की नोक से गांद के च्छेद के किनारे गोल-गोल घुमाया, धीरे-धीरे. भाभी की आवाज़ निकल पड़ी, “हाए राहुल, गांद में बिजली दौड़ रही है, करेंट सा फील हो रहा है.”
मैने प्रेशर बढ़ाया, जीभ को फ्लॅट करके पुर च्छेद पर दबाया, तेज़ गोल-गोल किया. भाभी पीछे धकेलने लगी, उनकी छूट से भी गरम पानी तपाक रहा था. अब मैने मूह भर कर थूक लगाया भाभी की गांद के च्छेद पर. फिर मैने अपनी जीभ से फैलाया. अब च्छेद चिकना और चमकदार हो गया, जैसे एक गीला डाइमंड.
फिर मैने जीभ को पायंटेड बनाया, 1 इंच अंदर भाभी की गांद के च्छेद पे डाला. अंदर-बाहर स्लो स्ट्रोक्स लगाने लगा. भाभी चीख पड़ी, “ऑश, अंदर तक पहुँच रहा है, कितना गहरा!” मैने स्पीड बधाई, 2 इंच तक, मिनी-लंड की तरह फक करने लगा.
भाभी की गांद खुद हिल रही थी, “मत रुकना, और तेज़.” फिर मैने भाभी की गांद पे होंठो से च्छेद को पकड़ा, और वॅक्यूम बना कर ज़ोर से चूसा, चुप-चुप-चुप की आवाज़. भाभी का बदन काँप उठा. भाभी दो बार झाड़ गयी, सिर्फ़ गांद प्ले से.
पहली बार पानी की फुहारा, दूसरी बार थरथराहट, चीखें गूँज रही थी, “राहुल, अब बस, लंड डाल दे, गांद भर दे अपने गरम माल से!” मैने लंड निकाला, फुल हार्ड, थ्रॉबिंग, टोपी लाल, थूक लगा कर भाभी की गांद पर रखा. पहले सिर्फ़ टोपी, धीरे से घुसाया, भाभी की गांद कितनी टाइट थी, “अयाया, फाड़ रही है, स्लो कर, मेरी गांद वर्जिन सी है!”
आधा अंदर, फिर एक ज़ोर का धक्का मारा, और लंड पूरी तरह अंदर घुस गया, गांद बहुत टाइट थी. भाभी की ज़ोर की चीख निकल गयी, लेकिन आँखों में मज़ा, “हा, अब थोक इसे, बना दे अपनी!” पहले मैं भी धीरे से स्ट्रोक्स से शुरू किया, हर धक्के में 3 सेकेंड अंदर रुक कर फील किया उनकी गरम और टाइट गांद को.
फिर मैने स्पीड बधाई, साथ ही हाथ से उनकी छूट रब की. मौसी साइड में बैठी देख रही थी, अपनी छूट मसालती हुई, दो उंगलियाँ अंदर, “रानी, पूरा मज़ा ले. इसका लंड गांद का बादशाह है, तुझे रानी से रंडी बना देगा.”
डूस मिनिट बाद भाभी तीसरी बार झाड़ गयी. उनकी गांद ने मेरा लंड ज़ोर से दबाया, जैसे निचोढ़ रही हो. मैं नही रुका, फुल स्पीड से ठोका, ठप-ठप-ठप, चीक्स पर लगातार थप्पड़ मारे, लाल निशान. फिर पोज़िशन बदली, भाभी को सीधा लिटाया, टाँगें कंधों पर उठा कर गांद में और गहरा पेनेट्रेशन. हर धक्के में बॉल्स अंदर तक फील कराई.
8 मिनिट बाद मैं झाड़ गया, गांद में गरम माल के फुहारे भर दिए. भाभी की गांद से माल ओवरफ्लो होने लगा. भाभी हाँफ रही और बोली, “प्रॉमिस पूरा हो गया. अब हर रात मेरी गांद तेरी प्रॉपर्टी है, जब चाहे ठोकना.”
फिर हम सब लोगों ने अपने कपड़े पहन लिए, और भाभी ने कहा, “अब तुम जाओ, कोई जाग गया तो प्राब्लम हो जाएगी.” फिर भाभी ने कहा की, “3 दिन बाद घर वेल किसी शादी के फंक्षन में जाएँगे. हमारे पास टाइम ही टाइम मिलेगे.”
फिर टीन दीनो के बाद रानी भाभी के घर में कोई नही था. रणनी भाभी ने मुझे अपने घर बुला लिया. मैं रानी भाभी के घर पहुँच गया और वो अपने कमरे में ले गयी. जब मैं कमरे में गया, तो वहाँ मौसी पहले से ही थी.
रानी भाभी एक ग्रीन सारी में और मौसी एक रेड सारी में थी. मौसी और रानी भाभी ने कहा, “आज हम लोग एक साथ तेरे लंड की सवारी करेंगे.” मैं भी एग्ज़ाइटेड हो गया, “ठीक है, लेकिन पहले तुम दोनो आपस में एंजाय करो.” रानी और मौसी हासणे लगी और बोली-
रानी (शरमाते हुए): अर्रे, हमने तो कभी लेज़्बीयन नही किया. सिर्फ़ पॉर्न में देखा है.
मौसी (हंस के): लेकिन तेरे लंड के लिए करेंगे, और मज़ा भी लेंगे.
मैं बेड के किनारे बैठ गया, पंत की ज़िप खोल दी, लंड हाथ में लिया. रानी ने मौसी का हाथ पकड़ा, दोनो बेड पर बैठ गयी, घुटने एक-दूसरे से टच कर रहे थे.
रानी ने मौसी के होंठो को अपने होंठो से च्छुआ, हल्का सा, जैसे फूल से फूल तक. फिर फुल जीभ अंदर डाल दी और गरम थूक का एक्सचेंज शुरू हो गया.
पूरा 5 मिनिट तक वाइल्ड किस चलता रहा. मौसी की जीभ रानी के मूह में, रानी की जीभ मौसी के मूह के अंदर जेया रही थी. थूक की लार चीन पर तपाक रही थी. मौसी की साँसें तेज़ हो गयी.
रानी भाभी ने मौसी का ब्लाउस खोलना स्टार्ट कर दिया और ब्लाउस के बटन्स को एक-एक करके खोलने लगी. ब्लॅक ब्रा में बड़े-बड़े काले बूब्स बाहर आए, और रानी भाभी ने ब्रा को निकाल फेंक दिया.
रानी ने एक निपल मूह में लिया, ज़ोर से चूसा, दाँत से हल्का काटा, मौसी सिसकी, “हाए रानी… कितना मज़ा आ रहा है.” इतने में किसी ने दरवाज़ा खटखटाया. मैं दर्र गया लेकिन रानी भाभी और मौसी नही. मौसी उपर से पूरी नंगी हो चुकी थी. लेकिन वो कों था जो आया था? इसकी स्टोरी नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा.
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