भाई, बहन और मा के ग्रूप सेक्स की कहानी

फॅमिली सेक्स स्टोरी अब आयेज-

फ्लॅशबॅक कंटिन्यूस:-

सुबह हुई और निधि बुआ के रूम का डोर ओपन हुआ. और अंदर मेरी दादी आई. उन्होने देखा की दोनो भाई-बेहन एक साथ सोए हुए थे. उनको लगा की आज दोनो भाई-बेहन में इतना प्यार कहाँ से आया. फिर उनको शक हुआ क्यूंकी बुआ और पापा के शोल्डर के पास कोई कपड़े नही दिखाई दिए उनको. तो उन्होने रज़ाई उठा दी और रज़ाई उठाते ही उनको रात की चुदाई के सबूत मिल गये.

अब प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या ही ज़रूरत थी? दोनो भाई-बेहन का बदन नंगी अवस्था में एक-दूसरे को जकड़ा हुआ था. तभी पापा की आँख खुली और उन्होने देखा की उनकी चुदाई अब पकड़ी गयी थी. उनका लंड मॉर्निंग वुड के कारण खड़ा था. कमरे में 2 मिनिट्स तक सन्नाटा था.

फिर दादी बोली की “नहा-धो के नाश्ता करके मुझे इसी रूम में मिलो और महारानी को भी उठा देना.” पापा दर्रे हुए थे की अब दादी क्या करेंगी उनका. तभी बुआ उठ गयी और उन्होने पापा के गाल पर एक किस किया.

निधि: गुड मॉर्निंग भाई. कल रात तो मज़ा ही आ गया.

पापा: अभी और आने वाला है.

निधि (पापा का लंड पकड़ते हुए): अभी एक रौंद और करना है क्या?

पापा: नही, मा आई थी. उन्होने ये सब देख लिया है, नहा-धोके ब्रेकफास्ट के बाद यहीं मिलने को बोला है.

ये सुन के बुआ के चेहरे का रंग ही उडद गया. घड़ी का पता नही पर उनके चेहरे के 12 बाज चुके थे. फिर वो दोनो वहाँ से उठे और नहा-धो के ब्रेकफास्ट करके दादी का वेट करने लगे. आंग्ज़ाइटी से बुरा हाल था. तभी दादी रूम में आई और रूम में आते ही उन्होने रूम के डोर पर कुण्डी लगाई और बोली “तो तुमने कल क्या किया?”

पापा: वो मा, वो ग़लती हो गयी, माफ़ कर दो.

निधि: मा प्लीज़ हुमको माफ़ कर दो.

दादी (हासणे लगी): पहले सही-सही बताओ. फिर मैं भी तुमको राज़ की बात बतौँगी.

फिर पापा ने उनको सब सच-सच बताया. ये सुन कर दादी खुश हो गयी. फिर बोली की-

दादी: अछा तो तुम लोग ये काम कर रहे थे.

निधि: मा माफ़ कर दो. आयेज से नही होगा.

दादी: तुमने एक बात बताई. अब मेरी बारी.

दादी बताने लगी की पापा और बुआ अकेले नही थे जिन्होने परिवार में चुदाई शुरू की थी. ये काम दादा जी ने स्टार्ट किया था. दोनो दादा-दादी अपनी मा से बहुत प्यार करते थे. वो प्यार वासना में कब बदल गया पता ही नही चला.

पहले मेरे दादा जी, फिर छ्होटे वाले दादा जी, फिर दोनो मिल के अपनी मा छोड़ने लगे. दादा जी की शादी के बाद तक उनकी मा को छोड़ते थे. फिर दादी इतना बोलते ही पलटी और अपनी सारी उतारने लगी और बोली-

दादी: जो काम मेरी सास करती थी, वो मैं भी करना चाहती हू. बच्चो तुम मेरा काम आसान कर दिया. मुझे भी वो ही सुख दो.

बुआ और पापा को ये बात समझने में टाइम लगा. पर उनकी मा उनके सामने वस्त्रहीं खड़ी थी और उनके पास कोई और चारा नही था. और ऐसा भी नही था, की वो मजबूरी में करने वाले थे. वो दोनो अपनी मा को इस रूम में देख के उत्तेजित हो गये थे.

दादी: मुझे ही देखते रहोगे क्या? अपने कपड़े भी उतारोगे?

फिर सब ने अपने-अपने कपड़े उतार दिए. पापा का लंड ये सब देख के उत्तेजित हो गया था. अब सब नंगे हो चुके थे. फिर दादी आई और पापा को और बुआ को बारी-बारी होंठो पर किस करने लगी. पापा दोनो के बड़े-बड़े बूब्स दबा रहे थे.

दादी: अया, उम्म्म, आज दोनो मा-बेहन के स्टान्नो से खेल रहा है.

निधि: अया भैया, दबाते रहो, ऐसे ही मज़ा आ रहा है.

अब सीन कुछ ऐसा था की पापा खड़े थे, उनके सामने बुआ थी, और बुआ को पीछे से हग किए दादी. पापा एक-एक करके किस किए जेया रहे थे.

दादी: कभी छूट छाती है किसी की?

पापा: नही.

दादी: तुम मेरी छातो, मैं तुम्हारी बेहन की.

ऐसा बोलते ही दादी लेट गयी. पापा दादी की छूट चाट रहे थे और दादी के उपर बुआ अपनी छूट चटवा रही थी. पापा का फर्स्ट टाइम था, तो उनको आचे से आता नही था. पर दादी एक्सपर्ट थी, क्यूंकी उनके पति की दूसरी पत्नी भी थी.

निधि: अया मा मज़ा आ रहा है. ऐसे ही करते रहो. उम्म्म उफफफ्फ़.

दादी: बेटा उफ़फ्फ़ करते रह. आज तूने मेरी इक्चा पूरी की है. मज़ा आ रहा है.

दोनो की छूट गीली थी. पापा के लंड में तोड़ा प्रेकुं आया था. कुछ समय ऐसे ही छूट चटाई के बाद दादी बोली, “निधि अब तो मेरी छूट चाट, तब तक मैं तेरे भाई को खुश करू.” फिर बुआ पापा की जगह पे गयी और पापा दादी के चेहरे के पास आए.

दादी ने पापा के लंड को अपने मूह के पास रखा और एक हाथ से लंड पकड़ा. उन्होने लंड को तोड़ा सा हिलाया और लंड के टिप को, जिसमे से प्रेकुं तपाक रहा था, उसको अपनी जीभ से चाटने लगी. फिर चाट-ते हुए उन्होने पूरा लंड अंदर ले लिया. पापा को बहुत मज़ा आ रहा था.

दूसरी तरफ बुआ दादी की छूट चाट रही थी. ये बुआ का भी फर्स्ट टाइम था, पर उनको ये करने में मज़ा आ रहा था. पुर कमरे में मोनिंग, स्लिप-स्लिप, गवाप-गवाप की आवाज़ आ रही थी. दादी के स्किल्स के चलते बुआ ने दो बार झाड़ चुकी थी. पापा बहुत मज़ा ले रहे थे. दादी भी अपनी बेटी से छूट चटवा के आनंदमय प्रतीत हो रही थी.

फिर दादी ने अपनी स्किल को एक कदम आयेज ले जाना चाहा और दादी ने पापा के लंड में अपनी टंग का उसे किया. उन्होने अपनी जीभ पापा के लंड में लपेट ली और चूसने लगी. पापा दूसरी तीसरी बार सेक्स कर रहे थे, और ब्लोवजोब पहली बार था. तो ये मूव दादी का पापा कंट्रोल नही कर पाए.

फिर उन्होने लंड निकाला और दादी के चेहरे में अपना सारा माल उधेल दिया. दादी की छूट दो लोगों ने छाती थी, प्लस अपने पुत्रा का वीर्या अपने चेहरे में देख के उनकी छूट ने भी पानी छ्चोढ़ दिया.

अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई और अगर आपको अपनी कोई स्टोरी शेर करनी हो, या फीडबॅक देना हो, या मुझसे बात करनी हो, तो योरो5106298स्टोरीटेल्लर@याहू.कॉम में मैल करे.

error: Content is protected !!