मोम-दाद की चुदाई देख भाई-बहन में चुदाई

हॉट सेक्स स्टोरी अब आयेज-

प्रिया: अया उम्म्म अफ एस डॅडी. अपनी बेटी को छोड़िए, और ज़ोर से छोड़िए, मज़ा आ रहा है.

पापा: बेटा मुझे भी बड़ा मज़ा आ रहा है. इतने साल बाद ऐसा मज़ा आया है.

डोर ओपन होता है. मेरी आँखों से आँसू निकल जाते है और वो दोनो मुझे देखने लगते है.

फ्लॅशबॅक टाइम:

वो कहावत तो सुनी होगी ना, “थे आपल डोएस्न’त फॉल फर फ्रॉम थे ट्री.” तो कहानी को ले चलते है जब पापा 20 साल के थे. उस समय निधि बुआ 19 की थी और किशोरे भी लगभग उसी आगे का था. मेरे दोनो दादा की दो-दो शादियाँ हो चुकी थी. एक रात पापा पानी पीने के लिए उठे. उसी रात ने पापा की पूरी लाइफ चेंज कर दी.

तो पापा पानी पीने जेया रहे थे, तो उन्होने देखा की निधि बुआ बड़े दादा जी के रूम के बाहर खड़ी थी.

पापा: निधू, तू क्या कर रही है?

निधि: ष्ह.

तभी पापा की नज़र अंदर गयी जहाँ दादा जी अपनी दोनो बीवियों के साथ सेक्स कर रहे थे. अंदर घमासान थ्रीसम चल रहा था और वो देख कर पापा का लंड खड़ा हो गया था. फिर पापा ने निधि बुआ की तरफ देखा तो उनका हाथ उनके पाजामे के अंदर था. वो खुद को प्लेषर दे रही थी.

तो पापा भी खुद को प्लेषर देना स्टार्ट कर दिए. ये सिलसिला कुछ दीनो तक चला. पापा और निधि दिन भर नॉर्मल रहते, रात को आ कर सेक्स देखते. दोनो को टाइम पता था की ये सब कब चलता है, करके.

एक दिन जिगयसा वश पापा ने सेल्फ़-प्लेषर के दौरान निधि बुआ का हाथ अपनी पंत में डाल दिया. बुआ शॉक में थी की पापा ने ये क्या कर दिया. फिर पापा ने बुआ को पीछे से अपनी बाहों में ले लिया और बोले-

पापा: निधू, चल आज हम भी वही करते है जो अंदर चल रहा है.

निधि: पर आ भैया, वो तो पति-पत्नी है और हम भाई-बेहन.

पापा: तो क्या हुआ? हम भी तो अपने पापा मम्मी का सेक्स देख कर खुद को सॅटिस्फाइ कर रहे है.

निधि: पर भैया…

पापा: पर-वॉर कुछ नही, चल अब.

इतना बोलने के बाद पापा ने बुआ को गौड़ में उठाया और बुआ के रूम मैं चल कर गये. रूम मैं जाते ही पापा ने बुआ के कपड़े उतार दिए. बुआ अब ब्रा-पनटी में थी. उनकी पनटी गीली हो चुकी थी. फिर पापा ने भी अपने सभी कपड़े उतार दिए और वो शॉर्ट्स में आ गये.

पापा (गहरी साँस लेते हुए): निधू, तुझे किस करू? अब रहा नही जाता.

निधि: जी भैया.

पापा बुआ को किस करने लगे. पापा और बुआ का ये पहली बार था. दोनो एक-दूसरे को किस कर रहे थे. पापा ने बुआ को अपनी बाहों में पकड़ा हुआ था. पापा बुआ को लीप-किस करते, फिर गालों में और नेक में किस करते. बुआ भी यही कर रही थी. फिर बुआ ने पापा के शॉर्ट्स से पापा का लंड बाहर निकाल दिया और उसको हिलाने लगी. पापा भी अपने हाथो से बुआ के बूब्स दबा रहे थे.

फिर बचे-कुचे कपड़े भी उतार दिए. दोनो एक-दूसरे के सामने नग्न अवस्था में थे. जिस प्रकार दो साँप एक-दूसरे को जकड़े रहते है, उसी प्रकार पापा ने बुआ को पकड़ा था. पापा बुआ के दोनो बूब्स दबाए हुए थे और उनको चूस रहे थे. बुआ ने भी अब पापा का लंड लिया और उनको अपनी छूट से रग़ाद रही थी. छूट गीली होने की वजह से उसका पानी लंड मैं लग रहा था और लंड भी गीला हो चुका था.

निधि: अया भैया, आराम से चूसो.

पापा: निधू, तेरे माममे तो ज़बरदस्त है. मज़ा आ रहा है.

निधि: भैया, हम सही तो कर रहे है ना?

पापा: सही-ग़लत क्या है? तुझे मज़े करने है और मुझे भी. जैसा पापा कर रहे है, वैसे हम भी करते है.

निधि: ठीक है, भैया.

फिर पापा ने बुआ को लिटाया और अपना लंड बुआ की छूट में आयेज-पीछे करने लगे और उनकी छूट में अपना लंड रगड़ने लगे. पापा और बुआ वही सब कर रहे थे जो उन्होने दादा जी को करते देखा था. फिर पापा ने तोड़ा सा छूट को खोला और अपने लंड का टिप उनकी छूट में डाला.

निधि: आआआः भैया, निकालो इसको, बहुत दर्द हो रहा है.

ये सुनते ही पापा वहीं रुक गये. उन्होने अपना लंड वहीं रखा और बुआ को कंफर्ट करने में लग गये. उनको हग किया हुआ था, उनको किस कर रहे थे और उनके बूब्स के थ्रू स्टिम्युलेशन दे रहे थे. थोड़ी देर में बुआ का दर्द तोड़ा शांत हुआ तो पापा आयेज-पीछे होना स्टार्ट हुए. बुआ का फर्स्ट टाइम था, तो ब्लड भी आया था.

निधि: आ भैया, मज़ा आ रहा है. दर्द भी हो रहा है पर अब मज़ा आ रहा है, करते रहो.

पापा: निधू, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है.

फर्स्ट टाइम होने की वजह से दोनो 5 मिनिट्स मैं झाड़ गये. पापा बुआ के बूब्स पर झाडे थे.

पापा: निधू, बहुत मज़ा आया. पहले पता होता इसमें इतना मज़ा आता है तो पहले ही कर लेते.

निधि: लेकिन भैया, अब हम पहले जैसे नही हो सकते.

पापा: पता है, पर ये नया रिश्ता भी मज़ेदार होगा.

निधि: हा, वो तो है ही.

पापा और बुआ एक-दूसरे को कड्ड्ल किए हुए थे. 20 मिनिट्स आराम करने के बाद पापा बोले की एक और रौंद हो जाए और बुआ भी हा बोल दी. पापा ने दादा जी को एक पोज़िशन ज़्यादातर करते देखी थी, तो पापा ने वो ट्राइ की.

वो पोज़िशन आज के टाइम में डॉगी स्टाइल के रूप मैं जानी जाती है. पापा का लंड बुआ की छूट की गहराइयों तक जेया रहा था. जब बुआ के हिप्स पापा को टच करते तो पापा को बहुत मज़े आते. पुर रूम में फूच-फूच की आवाज़ गूँज रही थी और उसके साथ-साथ दोनो के मोनिंग की आवाज़.

निधि: अया उम्म अफ भैया, छोड़ो मुझे और ज़ोर से, मज़ा आ रहा है.

पापा: अया निधू, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है, ऐसे ही करते रह.

ऐसे ही 1-2 रौंद सेक्स करने के बाद दोनो उसी रूम में सो गये. सुबह हुई और निधि बुआ के रूम का डोर ओपन हुआ. आख़िर उनके रूम में कौन आया, और आयेज क्या हुआ, जानने के लिए पढ़ते रहिए ये कहानी.

अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई और अगर आपको अपनी कोई स्टोरी शेर करनी हो, या फीडबॅक देना हो, या मुझसे बात करनी हो,

error: Content is protected !!