नमस्ते दोस्तों! तो जैसा की अपने पिछले पार्ट में जाना की कैसे रोमॅना के भाई फ़ैसल ने मेरी चुदाई की. ये कहानी उसके आयेज की है.
अभी फ़ैसल मेरी चुदाई करके बैठा ही था. वो पसीने में बिल्कुल भीग चुका था, और लंबी-लंबी सांसीएन ले रहा था. मैं फ्लोर पर गिरी पड़ी थी और पेशाब में भीगी हुई थी. रोमॅना हैरान थी. उसने फ़ैसल का ये रूप पहली बार देखा था.
तभी पापा कमरे में आ गये और कमरे का माहौल देख कर चौंक गये. मैं नीचे बुरी हालत में नंगी पड़ी थी. फ़ैसल बेड पे बैठा था. और रोमॅना दूसरी तरफ बैठी थी.
पापा: ये सब क्या हो रहा है यहाँ?
फ़ैसल: जो आपने मेरी बेहन के साथ किया था. वो मैने आज आपकी बेटी के साथ किया है.
पापा थोड़ी देर शांत रहे, फिर मुस्कुराए.
पापा: मेरी बेटी तो है ही रंडी. रोज़ चूड़ना इसका काम है. मगर तेरी बेहन की छूट इतनी रसीली थी की क्या बतौ.
ये सुन कर फ़ैसल और गुस्सा हो गया.
पापा: रोमॅना तुमने बताया अपने भाई को की कैसे मैने तुम्हारी चुदाई करके तुम्हे लड़की से औरत बनाया था?
फ़ैसल: सब जान गया हू मैं.
पापा: तो मेरे पास एक आइडिया है. दोनो मिल कर इन दोनो रंडियों को इनकी जगह दिखाते है. ऐसी चुदाई करते है की इन्हे याद रखे.
मैने जाके पापा के पैर पकड़ लिए.
मे: पापा मैं और नही चुड सकती. फ़ैसल ने ऐसी चुदाई की है की बुरा हाल हो गया है. अब और नही से सकती.
ये सुन कर दोनो मर्द मुस्कुराए. फिर पापा ने मेरे बालों को पकड़ कर मुझे खड़ा किया.
पापा: चुप साली रांड़. मुझे पता है तू कितनी बड़ी रंडी है. आज एक लंड लेने में हालत खराब हो गयी. चुप-छाप से नहा कर रेडी हो जेया. तुझे तेरी फॅवुरेट जगह ले जाके छोड़ेंगे.
फ़ैसल भी इस बात पे रेडी हो गया. मैं उठी और बातरूम में जेया कर नहाने लगी. फ़ैसल ने मेरी बुरी हालत कर दी थी. वहीं बाहर रोमॅना दोनो के साथ अकेली थी और मुझे उसकी आवाज़े आ रही थी. शायद अब दोनो उसके मज़े ले रहे थे.
मैं नहा कर बाहर आई तो देखती हू की रोमॅना अपने घुटनो पर नंगी बैठी थी, और दोनो का लंड बारी-बारी से चूस रही थी. फ़ैसल उसकी बूब्स को ज़ोरो से मसल रहा था, जिससे उससे काफ़ी दर्द हो रहा था. उसकी आँखों में आँसू थे. मगर उसके बूब्स से मिल्क लीक हो रहा था. फिर उन तीनो की नज़र मुझपे पड़ी.
पापा ने मुझे बोला: ज़्यादा टाइम मत लगा. तेरी वो येल्लो वाली फ्रॉक पहें ले.
मैं मुस्किल से चल पा रही थी. मैने येल्लो वाली फ्रॉक पहन ली और रेडी हो गयी. मेरी वो फ्रॉक नीचे से बहुत छ्होटी थी. वो मुस्किल से मेरी छूट को कवर करती थी. मैने अंदर कुछ नही पहना था. फ्रॉक से मेरे निपल्स का उभार सॉफ-सॉफ दिख रहा था.
फिर पापा ने रोमॅना को भी सिर्फ़ बुरखा पहनने को बोला. उसके अंदर की ड्रेस वहीं पड़ी थी. रोमॅना ने भी ऐसा ही किया.
रोमॅना: फ़ैसल तू अपनी बेहन के साथ ये सब करेगा मुझे उमीद नही थी. और अंकल आपको तो मैने अछा आदमी समझा था.
फ़ैसल: चुप साली रंडी. गैर मर्दों का लंड लेते वक़्त ये सब नही सोचा तूने, तो अब क्यूँ सोच रही है.
पापा हम सब को पीछे के रास्ते से कोठी पर ले गये. वहाँ ले जाते है पापा ने मेरा और फ़ैसल ने रोमॅना का गला पकड़ लिया, और हमे किस करने लगे. वो हुमारे बूब्स मसालने लगे. पापा ने मुझे और रोमॅना को तुरंत ही दोबारा नंगा कर दिया.
पापा: यहाँ तुम दोनो जितना चाहे चीख सकती हो. सीमा तुझे तो पता ही है की यहाँ से आवाज़ बाहर नही जाती. अब तो तू इतनी बार यहाँ चुड चुकी है.
फिर तभी फ़ैसल ने दोबारा अपनी बेल्ट निकली, और हम दोनो को घोड़ी बनने को कहा.
फ़ैसल: चल पहले तो तू घोड़ी बन.
मुझे पता था की रिक्वेस्ट करके कुछ नही होने वाला. मैं घोड़ी बन गयी, और रोमॅना भी बन गयी. फिर फ़ैसल ने बेल्ट से हुमारी गंद पर मारना शुरू किया. हम दोनो बुरी तरह दर्द में थे, मगर वो नही रुका. फ़ैसल ने मार-मार कर हम दोनो की गंद लाल कर दी. हम तोड़ा भी हिलते तो वो और मारता.
तभी कहीं से पापा एक पतली बाँस की लाठी ले आए. पापा ने उसमे तेल लगाया और एक सिरा मेरी छूट में और एक सिरा रोमॅना की छूट से डाल दिया.
पापा: चलो अब तुम दोनो खुद से इस लाठी से चूड़ो.
रोमॅना ने पहले तो माना किया, मगर फ़ैसल से दो बेल्ट खाने के बाद मान गयी. हम दोनो घोड़ी ही बनी हुई थी, और आयेज-पीछे करने लगे. जब मैं पीछे होती तो लाठी रोमॅना की छूट के और अंदर जाती, और जब रोमॅना पीछे होती, तो लाठी मेरी छूट के और अंदर जाती. ऐसे ही हम दोनो एक-दूसरे से चुड रहे थे और ये नज़ारा फ़ैसल और पापा देख कर आनंद उठा रहे थे.
फिर जब उनका मॅन भर गया तो दोनो हुमारे सामने आ कर खड़े हो गये. मैने फ़ैसल का लंड चूसना शुरू किया, और रोमॅना ने पापा का. हम लाठी से चूड़ते हुए दोनो का लंड चूस रहे थे. पापा ने इस चीज़ की वीडियो भी बना ली. फ़ैसल तो था ही जानवर, और वो उसी तरह मेरे मूह को भी छोड़ रहा था.
मेरा फेस पूरी तरह रेड हो चुका था और बार-बार लंड पर चोक कर रही थी. ज़ोर के झटकों के कारण लाठी हुमारे और अंदर घुसता चला जेया रहा था. एक वक़्त पे तो रोमॅना की छूट मेरी छूट से सतत गयी. लाठी पूरी तरह हम दोनो के अंदर थी.
उधर रोमॅना का भी यही हाल था. पापा उसके मूह को बेरेहमी से छोड़ रहे थे. फिर फ़ैसल ने हम दोनो के अंदर से लाठी को निकाला. हमे कुछ राहत की साँस मिली. तभी फ़ैसल रोमॅना के बूब्स को पकड़ कर मसालने लगा और चूसने लगा. पापा ने भी मुझे अपनी जांघों पर बिताया और मेरे बूब्स पर पहले तो थप्पड़ मारे, फिर उन्हे चूसने लगे.
रोमॅना को ये सब बिल्कुल पसंद नही आ रहा था. तभी रोमॅना के बूब्स से दूध आता देख पापा ने मुझे साइड किया, और जेया कर रोमॅना के एक बूब को चूसने लगे. रोमॅना के दूसरे बूब को फ़ैसल चूस रहा था.
पापा: ना जाने सीमा तू कब मा बनेगी, और हम तेरा दूध पिएँगे.
रोमॅना नयी-नयी मा बनी थी, तो उसकी छ्चाटी दूध से भारी थी.
तभी फ़ैसल ने कहा: तू बैठी-बैठी क्या देख रही है? चल आ हुमारे लंड चूस.
वैसे तो मैं लगातार चुदाई से तक गयी थी. मगर मेरे पास कोई ऑप्षन नही था. मैं उनके पास जेया कर नीचे बैठ के लंड चूसने लगी. साथ ही साथ रोमॅना की छूट में उंगली भी करने लगी.
रोमॅना: मेरे बच्चे के लिए कुछ दूध छ्चोढ़ देना प्लीज़. वो अभी छ्होटी है.
फ़ैसल: चुप साली रांड़. बहुत दूध है तुझमे. हम तोड़ा सा पी लेंगे तो कमी नही हो जाएगी.
रोमॅना को इस तरह देख मुझे भी उसका दूध पीने का मॅन हो रहा था. मगर दोनो ही बूब्स फ़ैसल और पापा चूस रहे थे. फिर पापा और फ़ैसल ने मुझे और रोमॅना को साथ में लिटा दिया और हुमारी टाँगें उठा कर अपने-अपने कंधो पर रख ली. ह्यूम पता था की अब हुमारी चुदाई होने वाली थी. मैं और रोमॅना ने एक-दूसरे का हाथ पकड़ लिया. तभी फ़ैसल ने रोमॅना के छूट में लंड सेट किया और पापा ने मेरी गंद में.
रोमॅना: फिर एक बार सोच ले फ़ैसल. मैं तेरी बेहन हू.
रोमॅना अभी कुछ और बोल ही पति की फ़ैसल ने लंड उसकी छूट में एक बार में पूरा डाल दिया. रोमॅना चीख उठी. वहीं पापा ने भी मेरी गंद की बेरेहमी से चुदाई शुरू कर दी थी. दोनो मर्द हुमारी ज़ोरदार चुदाई कर रहे थे.
मुझे तो गंद छुड़वाने की आदत सी हो गयी थी. मगर पापा इतनी रफ्ली छोड़ रहे थे की दर्द फिर भी हो रहा था. पापा को मेरी गंद छोड़ते देख फ़ैसल ने भी अपने लंड को रोमॅना की छूट से निकाला और गंद में सेट किया.
रोमॅना: नही भाई फ़ैसल, गंद में नही. मैने कभी नही लिया है.
रोमॅना फ़ैसल से रिक्वेस्ट करने लगी मगर फ़ैसल कहाँ सुनने वाला था. उसने अपने लंड को ज़ोर से रोमॅना की गंद में डालना चाहा. मगर उसकी गंद इतनी टाइट थी की ज़रा भी नही गया. फिर फ़ैसल ने लंड पर और रोमॅना की गंद पर थूक लगाई और धीरे-धीरे लंड डालने लगा.
रोमॅना चीख रही थी. धीरे-धीरे पूरा लंड रोमॅना के अंदर चला गया. फिर फ़ैसल ने उसकी गंद की चुदाई शुरू की. रोमॅना बहुत ज़ोरो से चीख रही थी.
पापा: देख साली, घरेलू औरतें ऐसे चीखती है, जब उनकी गंद चुदाई होती है. तुझे तो कुछ फराक ही नही पद रहा.
मुझे बहुत बुरा लगा, मगर मैने कुछ जवाब नही दिया.
पापा: हॅट, अब तुझमे वो मज़ा नही रहा!
ऐसा बोल के वो भी रोमॅना के पास चले गये. उन्होने पोज़िशन अड्जस्ट करके रोमॅना की छूट में अपना लंड डाल दिया. रोमॅना दर्द से तड़प रही थी. फिर भी फ़ैसल उसकी गंद और पापा उसकी छूट को छोड़े जेया रहे थे.
मैं वही बिस्तर पर पड़ी ये सब देख रही थी.
पापा: सीमा चल रोमॅना के फेस पर बैठ जेया. बहुत चिल्ला रही है ये रॅंड.
मैने वैसा ही किया. मैं उठ कर रोमॅना के मूह पर अपनी छूट सेट करके बैठ गयी. उसका पूरा फेस मेरी छूट और गंद से कवर हो गया. रोमॅना की आवाज़ डब सी गयी.
दोनो मर्दों ने बारी-बारी से रोमॅना की छूट और गंद मारी. कभी फ़ैसल उसकी छूट छोड़ता और पापा उसकी गंद, तो फिर कभी पापा उसकी छूट छोड़ते और फ़ैसल उसकी गंद. धीरे-धीरे रोमॅना भी उनके काबू में आ गयी थी.
पापा: चल रोमॅना. अपनी बेस्ट फ्रेंड की छूट चाट.
रोमॅना भी इस वक़्त तक हार मान चुकी थी. उसने मेरी छूट को चाटना शुरू किया. बहुत दीनो बाद कोई लड़की मेरी छूट चाट रही थी. मैने भी मोन करना शुरू कर दिया, साथ ही साथ रोमॅना के बूब्स में बचा-कूचा दूध भी चूसने लगी. उसके दूध बहुत ही रसीले थे.
फ़ैसल: देखो अंकल दोनो रंडियों की कितना मज़ा आ रहा है.
पापा: हा, बेस्ट फ्रेंड्स है ना दोनो.
फ़ैसल: तब तो रोमॅना दीदी को सीमा दीदी का मूट पीने से कोई दिक्कत नही होगी.
पापा: चेक कर ले.
फ़ैसल: चलो रंडी सीमा. मूट अपने बेस्ट फ्रेंड के मूह में. और रोमॅना, एक बूँद भी बाहर नही आनी चाहिए.
रोमॅना: नही, मैं ये सब नही कर सकती.
मे: मैं भी ये नही कर सकती.
तभी फ़ैसल ने बेल्ट उठाई, और हम दोनो के बूब्स पर दो बेल्ट मारी.
मे: आआअहह, मैं करती हू.
रोमॅना भी मान गयी. मैने कोशिश करके मूतना शुरू किया और मेरा सक़रा पेशाब रोमॅना के मूह में जेया रहा था. वो पेशाब पीने की कोशिश कर रही थी.
ये सब देख कर दोनो मर्द बहुत खुश हुए और हासणे लगे. फिर और जाम कर रोमॅना की छोड़ने भी लगे. मैने पूरा पेशाब रोमॅना के मूह में खाली कर दिया, जिसे रोमॅना पी गयी.
फिर दोनो ने ह्यूम फिर से घोड़ी बनाया और इस बार मुझे और रोमॅना को किस करने को बोला. मैं रोमॅना के मूह को किस नही करना चाहती थी, क्यूंकी अभी-अभी मैने उसके मूह में मूटा था. मगर मेरे पास कोई ऑप्षन नही था.
हम दोनो किस करने लगे. रोमॅना के मूह में मैं अपनी पीशब को टेस्ट कर पा रही थी. वहीं फ़ैसला रोमॅना की छूट और पापा मेरी छूट छोड़ रहे थे. छोड़ते-छोड़ते दोनो ने ही अपना सारा कम हुमारी छूट के अंदर ही गिरा दिया. फ़ैसा ने रोमॅना के अंदर और पापा ने मेरे अंदर अपना सारा पानी खाली कर दिया.
रोमॅना: फ़ैसल ये तुमने क्या किया? तुम्हे पता है ना मैं शादी शुदा हू.
फ़ैसल: क्या फराक पड़ता है. बच्चा किसी का भी हो, और अभी तो बस शुरुआत है. आज से तू मेरी पर्सनल रखैल है.
हम दोनो फर्श पर तक कर गिर गये थे. दोनो मर्दों ने ह्यूम देख कर हुमारे उपर मूतना शुरू कर दिया. हम दोनो इतना तक चुके थे, की रिक्ट तक नही कर पा रहे थे.
उसके बाद दोनो जेया कर सोफे पर बैठ गये, और थोड़ी देर में कपड़े पहन कर कोठी से निकल गये.
पापा: जब तुम दोनो का हो जाए, तो कपड़े पहन कर बाहर आ जाना.
फ़ैसल रोमॅना को कपड़े पहना के घर ले गया. मैं कुछ देर वहाँ वैसे ही पड़ी रही, मगर फिर मैं भी अपने कपड़े पहन कर अपने रूम में चली गयी और जेया कर वैसे ही सो गयी.
तो दोस्तों कैसी लगी आपको मेरी और मेरी बेस्ट फ्रेंड रोमॅना की चुदाई? अपना रिव्यू और सजेशन मुझे कॉमेंट्स में ज़रूर बताए और पर्सनल छत के लिए गछहात पे सीमा8317149@गमाल.कॉम पर मेसेज करे.