सो हेलो गाइस, मेरा नाम यालन है. मैं कोलकाता का रहने वाला हू. मेरी आगे 20 है और मेरा लंड 6.5 इंच लंबा और काफ़ी मोटा है.
ये उन दीनो की बात है जब हमारे कॉलेज में एग्ज़ॅम का भय छाया हुआ था और सभी लोग पढ़ाई-पढ़ाई की माला जप रहे थे. पर तुम्हारा भाई तो मानो कॉलेज सिर्फ़ आता था तो मार-पीट करने.
इस वजह से सारे टीचर मुझे जान ही गये थे. उसी बीच एंट्री होती है मेरी क्रश की जो की उसका पहला दिन था, और मैं उस दिन गया था ही कॉलेज किसी काम से.
तो पवन भैया जो की मेरे सीनियर थे, उन्होने कहा: छ्होटे इधर आ.
मैं सीधा उनके पास चला गया क्यूंकी सीनियर में एक वहीं थे जिनसे मैं सीधे मूह बात करता था और वो मेरे से.
तभी किसी ने पवन भैया को आवाज़ लगाई की रास्ता खाली कर. तभी मेरा गुस्सा सातवे आसमान पर चला गया, और मैने उसके गाल पर एक रख कर दे दिया. फिर वो चला गया.
फिर हम भी जाने लगते है. उतने में ही वो आती है, वहीं तुम्हारी भाभी. वो मुझे ऐसे देख रही थी मानो कक्चा चबा जाएगी. तो मैं नज़र मोड़ कर चला गया, अपना ऑरा मेनटेन करना ना पढ़ता है.
उसके बाद मैं शाम को जिम जेया रहा था तो मुझे वो दिखती है. क्या बतौ उसके बारे में, बहुत खूबसूरत लग रही थी. वाइट शॉर्ट कुरती पहनी थी, और ब्लू जीन्स जिसमें उसकी गांद ऐसे दिख रहे थी मानो मुझे पीछे-पीछे बुला रही हो. मेरी नज़र सीधा उसकी गांद पर ही पड़ी, और उसने ये देख लिया.
तभी मैं नज़र नीचे करके जिम चला गया. जिम से आते वक़्त मुझे कुछ समान लेना था, तो मैं किसी शॉप पर गया जो की पवन भैया के भाई की थी. समान लेकर जैसे ही जाने लगा, तभी उधर से वो आ गयी अपनी एक दोस्त के साथ.
उसकी दोस्त कहने लगी: भैया वो कितने का, ये कितने का?
मैने सोचा चलो अब चलते है, क्या करना खड़ा रह कर. तभी में जाने लगा तो वो बोली-
वो: तुम्ही को बोल रही हू, कितने का है?
मैने कहा: भैया! मैं कों से आंगल से भैया लगता हू? बाबू बोलो, बेबी बोलो.
इतना कहते ही मैं चला गया. मैं घर पहुँचा और समान रख कर अपने रूम में चला गया. फिर जेया कर उसकी गंद को याद करके मूठ मारने लगा. तभी अचानक उसका इंस्टाग्राम पर रिक्वेस्ट आता है. मैं तो शॉक्ड था ये कैसे हो गया. मैने बहुत सोचा, फिर आक्सेप्ट कर ली.
मेरी स्टोरी पर कुछ भौकाल टाइप की रील्स डाली हुई थी तो वो बोली: पढ़ो मत, यही करो.
मैने भी हस्स कर कह दिया: मैं उसके लिए नही बना हू (और हासणे लगा).
तब से हमारी थोड़ी-बहुत बात शुरू हुई और कॉलेज में भी हम ज़्यादातर साथ रहने लगे. तभी उसे किसी प्रॉजेक्ट में हेल्प चाहिए थी. मैं पढ़ने में तो था ही तोड़ा बहुत अछा, पर मैने उसे ना बोल दिया. उसके बाद वो भी कोई ना कह के बाइ बोल के चली गयी.
अगले दिन जब वो कॉलेज आई तो मैने उसे कहा: लो तुम्हारा प्रॉजेक्ट.
वो शॉक्ड थी: ये तुम्हे आता था तो बताया क्यूँ नही?
यार बातों ही बातों में मैने उसका नाम नही बताया. उसका नाम था परिधि [बदला हुआ है, बुत ज़्यादा नही]. उसके बाद हम लोग कॅंटीन गये तो उसने कहा-
परिधि: आज ट्रीट मेरी तरफ से.
मैने कहा: क्यूँ भाई?
उसने कहा: तुमने मेरा काम जो कर दिया (और हासणे लगी).
मैने कहा: मुझे ट्रीट नही चाहिए, मुझे कुछ और चाहिए तो.
परिधि: क्या चाहिए?
मैं: वो तो मैं रात को बतौँगा.
परिधि: ठीक है.
उसके बाद रात को उसी ने मेसेज किया तो मैं बोला: क्यूँ नींद नही आ रही?
परिधि: नही ना यार, तुमने ही तो कहा था कुछ और चाहिए. तो मैं सो ही नही पा रही हू.
मैं: बता डू?
परिधि: बताओ ना यार. मुझे नींद नही आ रही ये सब सोच के.
मैं: मुझे तुम्हारे बूब्स की पिक्स चाहिए.
परिधि (शॉक्ड होके): पागल हो क्या!
मैं: इसमें पागल वाली क्या बात?
परिधि: नही-नही मैं नही दे सकती, बाइ.
मेरे काई बार रिक्वेस्ट करने के बाद उसने पिक्स भेज दी. क्यूंकी तुम्हारा भाई है स्मार्ट. मैने फोटो देखी तो एक-दूं पिंक थे यार, मानो पिंक बिंगाली रासोगोल्ला हो. उसके बूब्स ना ज़्यादा बड़े, ना ज़्यादा छ्होटे. एक-दूं पर्फेक्ट बूब्स थे.
उसके बाद उसने मेरे लंड का फोटो माँगा तो मैने बिना हिचकिचाए हुए बोल दिया: ये तो तुम्हारा ही है (और भेज दिया).
उसके बाद से हमारी थोड़ी बातें कब सेक्स छत में बदल गयी, पता ही नही चला. हम रोज़ एक-दूसरे को वीडियो कॉल पे देखते बिना कपड़ों के. वो सेक्सी सेक्सी आवाज़े निकालती ह उम्म्म्म बेबी जान आहह उम्म्म.
हमारे कॉलेज में फंक्षन था, तो वो एक-दूं टिप-टॉप होके आई. मैं उसे देखता ही रह गया.
वो मेरे पास आई और कहने लगी: मूह बंद कर लो, माक्चर अंदर चला जाएगा (और हासणे लगी).
मैने भी तान ही लिया था आज तो जो हो जाए, इसकी चुदाई करनी ही पड़ेगी. फिर मैं परिधि को इशारे से क्लास में चलने को बोलता हू. वो ना में इशारा करने लगी, पर जैसे ही मैं क्लास की और आया, तो वो पीछे से आ गयी.
फॉर मैने उसको ज़ोर से पकड़ कर बोर्ड के पास खड़ा कर दिया और दोनो हाथो को उपर करके उसे किस करने लगा. किस करते-करते मेरा एक हाथ उसकी कमर पर कैसे आ गया, मुझे भी उतना नही पता चला.
लगभग हमने 10 मिनिट तक किस किया, और मेरा लंड खड़ा हो गया था, जो की उसे भी फील हो रहा था. मैने उसकी छूट को जैसे ही छ्छूना चाहा, उसने मुझे पीछे धक्का दे दिया और कहने लगी-
परिधि: नही यार, अभी सिर्फ़ किस करते है. फिर कभी प्लान बनाते है किसी और चीज़ के लिए.
मैं: ठीक है जब तक तुम हा नही कहोगी, मैं तुम्हे टच नही करूँगा.
वो मुस्कुराने लगी और मैं दोबारा उसके होंठो में होंठ लगा दिया. उसकी साँसें मानो और तेज़ हो गयी. उसके बाद हमने एक-दूसरे को गले लगाया. मैं उसकी गांद का दीवाना तो था ही, तो उसकी गांद पर हाथ फेरने लगा. वो सिसकियाँ ले रही थी आ उम्म. फिर मुझे याद आया मैने तो इसे वादा किया था.
पर फिर देखा वो पूरा मज़ा ले रही तो मैं भी रुकने का नाम ही नही ले रहा था. लेकिन उसके बाद हम नीचे आए.
मैने उसे कहा: लॅडीस फर्स्ट.
पर मुझे तो उसकी गांद देखनी थी.
इसके आयेज क्या हुआ, वो आपको अगले पार्ट में पता चलेगा. प्पपिसमिने@गमाल.कॉम पर मैल करके अपना फीडबॅक दे.