हेलो रीडर्स, ई’म नील. सॉरी फॉर थे गॅप इन स्टोरी पोस्टिंग. मैं फिर से वापस आ गया हू आप सब के लिए स्टोरी ले कर. आपने मेरी लास्ट स्टोरी “बेटे ने मम्मी को अपना अगला शिकार बनाया” को बहुत अछा रेस्पॉन्स दिया है, और मैं आज इसी स्टोरी का आयेज का पार्ट ले कर आया हू. तो उमीद करता हू, की आप इसको भी बहुत पसंद करेंगे और अपनी फीडबॅक मैल के थ्रू देंगे. और अगर किसी को कोई हेल्प चाहिए तो भी मैल कर सकता है. मेरी एमाइल ईद- नील67703@गमाल.कॉम, और नेहा दीदी की- नेहा.143169@गमाल.कॉम है.
अभी तक आपने पढ़ा की कैसे मैं और नेहा दीदी मम्मी को हमारे चुदाई प्रोग्राम में मिलने का डिसाइड करते है. क्यूंकी वो भी अकेली थे. फिर अपना काम शुरू करते हुए हम दोनो मम्मी के होंठो पे किस करते है एक साथ. और दीदी रात में मुझे कुछ बात बताने वाली थी. अब आयेज-
मैं: दीदी ऐसा क्या हुआ था हग करते टाइम, जो आपने देखा?
नेहा दी (मेरा लंड पकड़ते हुए): नील ये जो तुमने अपने खड़े लंड के साथ में मम्मी को हग किया था ना, उस हग में मम्मी ने लंड का पूरा फील लिया है. उनके फेस के एक्सप्रेशन से सॉफ पता चल रहा था.
मैं: अछा दीदी, मतलब मम्मी को मेरे लंड का फील अछा लगा?
नेहा दी: हा नील, जब मुझे ये लंड इतना अछा लगा की मैं इसको रोज़ लेना चाहती हू. फिर वो तो मेरी भी मा है. और उपर से प्यासी भी. तो फिर वो इतने प्यारे लंड का मज़ा क्यूँ नही लेंगी?
और ये बोलते ही दीदी मेरे लंड को मूह में लेके चूसने लगती है. मैं दीदी के बाल सहलाने लगता हू, तो दीदी इशारे में बोलती है की उनके बाल पकड़ के उपर करू. फिर मैं वैसा ही करता हू.
अब मैं दीदी के बाल पकड़ते हुए उनका मूह मेरे लंड पे दबा रहा था, और एक हाथ से उनके बूब्स भी दबा रहा था.
मैं: दीदी बहुत मज़ा आ रहा है. ऐसे ही एक दिन मम्मी भी मेरा लंड चूसेंगी.
नेहा दी: अभी मम्मी की बात मत कर. अभी तो तू मुझे मज़ा दे. वैसे भी आने वाले टाइम में मम्मी मेरी सौतन बन जाएगी. फिर तेरा प्यार और तेरा लंड मुझे शेर करना पड़ेगा. इसलिए जब तक मम्मी नही आती ना, तब तक तेरे लंड का भरपूर मज़ा लेने दे मुझे.
मैं: हा मेरी प्यारी नेहा.
और ऐसा बोल के उसके बूब्स ज़ोर से दबा देता हू और बोलता हू: मेरी जान, तू चिंता मत कर, तेरे लिए कभी भी मेरा प्यार काम नही होगा. हमेशा तुझे इतना ही प्यार करूँगा और मम्मी के जुड़ने के बाद में मैं तुझे दिन में भी प्यार कर सकूँगा ना.
फिर दीदी बोलती है की: ठीक है, लेकिन अब सब छ्चोढ़ और मेरी चुदाई पे ध्यान दे.
फिर अब दीदी अपने मूह से मेरा गीला, थूक से साना हुआ लंड बाहर निकालती है और उसको चाट के सॉफ करती है. उसके बाद मैं दीदी के नीचे आ जाता हू, और उनकी टाँगें फैला देता हू.
फिर टाँगों के बीच में जो उनकी मुलायम सी छूट है, उसके दाने को सहलाने लगता हू. दीदी आहह आहह की आवाज़े निकालने लगती है.
वो मुझे बोलती है: अब कंट्रोल नही हो रहा है नील. अब लंड डाल दे इस प्यासी छूट में.
लेकिन मैं बोलता हू: इतनी भी क्या जल्दी है. अभी तो तोड़ा और तड़पने दो इस छूट को.
और ऐसा बोलते हुए उंगली हटा कर अपना मूह रख देता हू छूट पे, और फिर छूट के उपर जीभ घूमने लगता हू. छूट को खोल के उसके अंदर भी जीभ घूमता हू.
अब दीदी की साँसें और आवाज़ दोनो तेज़ हो गयी थी. वो अब मेरे सर को छूट पे दबाए जेया रही थी और बोल रही थी-
नेहा दी: आअहह नील मज़ा आ रहा है आअहह. ऐसे ही करते रहो नील, आआहह मेरी जान, खा जाओ आज अपनी बेहन की छूट को आअहह.
फिर मैं भी दीदी की बातें सुन के जोश में आ जाता हू, और अपनी जीभ ज़्यादा तेज़ी से और ज़्यादा अंदर तक घूमने लगता हू दीदी की छूट में. फिर कुछ ही देर में दीदी एक तेज़ धार छ्चोढते हुए अपना सारा पानी मेरे मूह पे निकाल देती है. वो तेज़ी से हाँफने लगती है. फिर मैं उनकी छूट को चाट कर सॉफ कर देता हू, और सारा पानी पी जाता हू.
फिर अब वो मुझे कॉंडम पहनती है. उसके बाद वो बोलती है-
दीदी: बहुत मज़ा आ रहा है नील. अब डाल दो.
मैं अब दीदी की टाँगें फैलते हुए उनकी टाँगें मेरे कंधे पे रख लेता हू, और लंड उनकी छूट पे सेट करते हुए अंदर डालने लगता हू. फिर अंदर जाते ही दीदी मुझे टाइट हग करते हुए पकड़ लेती है. मैं उनको लीप किस करते हुए नॉर्मल करता हू. फिर अचानक से उनकी चुदाई शुरू कर देता हू.
दीदी कुछ समझ पाए तब तक को उनकी चुदाई ने स्पीड पकड़ ली थी. दीदी कुछ बोलने की कोशिश कर रही थी, या शायद उनके मूह से आआहह निकल रही थी. लेकिन मैने उनकी लीप किस थोड़ी नही, जिसकी वजह से उनकी आवाज़ अंदर ही दबी रही. उसके बाद मैने दीदी की मस्त वाली चुदाई की और प्यास को बुझाया. बढ़िया सी चुदाई के बाद दीदी मेरे उपर ही लेट गयी और बोलने लगी-
नेहा दी: क्या बात है नील, अछा तो तू डबल मूड में है.
मैं: ऐसा कुछ नही है दी.
नेहा दी: बेटा मैं सब समझ रही हू. मैने जब से बताया की मम्मी वाला प्लान अछा जेया रहा है, तब से ही तू खुश है और ये उसका नतीजा था.
मैं: हा दी, अब आपसे क्या ही च्छूपौ. जब से आपने बोला है ना तब से कंट्रोल न्ही हो रहा मम्मी की चुदाई करने के लिए. अभी आपको भी मम्मी इमॅजिन करके ही चुदाई की.
नेहा दी: ठीक है, जो भी हो, लेकिन आज मम्मी की वजह से मुझे अलग एक्सपीरियेन्स करने को मिला.
फिर मैं और दीदी दोनो स्माइल करते है, जिसके बाद एक प्यारा सा भाई-बेहन वाला लीप किस करते है. उसके बाद मैं अपने रूम में चला जाता हू, और दीदी भी चादर ओढ़ कर सो जाती है.
अभी तक के लिए इतना ही. अगले पार्ट में आपको पता चलेगा की सुबा क्या होता है और हम भाई-बेहन मा की चुदाई के लिए क्या-क्या करते है. तब तक के लिए बाइ. आप आपना फीडबॅक ज़रूर दे, और कोई हेल्प चाहिए हो तो वो भी बोल सकते है, हमारी एमाइल ईद है-