मम्मी की हार्ड थ्रीसम चुदाई कहानी

ग्रूप सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट-

मम्मी अपनी साँसों को संभालती हुई मेरे से लिपट कर बैठी थी. मैने अपना कॉंडम उतरा और उसे डस्टबिन में फेंक दिया. रोशन अब भी नंगा बैठा हुआ हूमें घूर रहा था. उसकी आँखों में शर्मिंदगी नही, पर गहरी तड़प थी.

मम्मी ने मेरी च्चती पर अपना सिर रखा और हल्के से रोशन की तरफ देख उसको टीज़ कर रही थी.

मम्मी (रोशन को सुनते हुए और मुझे कान में): तुम ना… बहुत पागल हो. उससे (रोशन की तरफ इशारा) ज़्यादा ज़ोर लगते हो. मेरी तो जान ही निकल गयी थी. अछा लगा तुम्हारे साथ.

मैं (मम्मी की गर्दन पर किस करते हुए, आँख रोशन की तरफ थी): अछा तो लगेगा ही मेडम, इतने आचे से चुदाई की है. बाकी मेडम लगता है आप काफ़ी एक्सपीरियेन्स्ड हो. आपका ये कॉंडम वाला ट्रिक तो एक-दूं अलग था.

मम्मी ने मुझे तोड़ा गुस्सा लेकिन उसमें भी वो चिढ़ नही रही थी, पर एंजाय कर रही थी. मैं बिल्कुल स्ट्रेंजर की तरह उनसे रोल प्ले कर रहा था. और जान बुझ कर ऐसे सवाल कर रहा था. जिसका जवाब देना मुश्किल हो रहा था. किसी स्ट्रेंजर के सामने मम्मी का रणदीपना बाहर लाने में मुझे मज़ा आ रहा था.

मम्मी ने मेरी तरफ देख कर आँखें बड़ी की और फिर एक नॉटी स्माइल दी. वो भी अब फुल मज़े के मूड में थी. वो मेरे होंठो को काट कर हँसी और रोशन की तरफ अपनी नंगी पीठ करके बैठ गयी.

मम्मी: वो मेरी ख़ास ट्रिक है, जो मुझे पसंद आ जाए उसके साथ ही ये करती हू.

मैने देखा रोशन का मूह ये सुन्न कर उतार गया था. बेचारे को मेरे से जेलासी हो रही थी. और मम्मी भी उसका मज़ा लूट रही थी.

मैं: मेडम जी, आपके मूह से ये बात सुन कर तो मेरा खून बढ़ गया.

मैं और मम्मी एक-दूसरे से ऐसे चिपके हुए रोमॅन्स कर रहे थे, की जैसे दोनो चाह ही नही रहे थे की हम अलग हो.

मम्मी (रोशन की तरफ देख कर तोड़ा भाव दिखाते हुए): ट्रेनर साहब, आप क्यूँ बैठे है? अछा नही लगा क्या खेल? वैसे… तुम्हारा लंड भी बहुत तगड़ा था.

रोशन तुरंत खड़ा हुआ, जोश में वापस आ गया.

रोशन (घबराते हुए और तड़प्ते हुए): नही आंटी! मैं तो पूरी तरह मदहोश हो गया था! आप और… अभी की केमिस्ट्री देख कर मेरा दुबारा खड़ा हो गया है (अपने लंड की तरफ इशारा किया, जो अब फिर से तंन चुका था).

मम्मी ने ये देखा और एक-दूं से मेरे पैरों से उतरी और रोशन के पास चली गयी.

मम्मी (रोशन के लंड को हाथ में पकड़ कर): श, इसको तो सच में चैन नही है. तुम दोनो का एक जैसा जुनून है.

मम्मी ने मेरी तरफ देखा और रोशन को स्माइल देकर झुक गयी. फिर उसका लंड मूह में लेकर चूसने लगी. रोशन की आँखें उपर चढ़ गयी, और वो सातवे आसमान में खो गया.

मम्मी एक प्रोफेशनल रंडी की तरह उसका लंड चूस रही थी. मैने देखा कुछ ही पल में उसका लंड तंन कर चुदाई के लायक हो गया.

उसके बाद मम्मी ने मेरी तरफ देखा और मैं समझ गया की उसको क्या चाहिए. मैने उनको स्ट्रॉबेरी फ्लेवर का कॉंडम दिया. मम्मी ने वो अपने मूह में रख कर रोशन के लंड पर फिट कर दिया.

रोशन (जल्दी से): क्या बात है मेडम! मज़ा आ गया!

मम्मी: तुम मुझे पसंद आए, इसलिए मेरे तरफ से रिटर्न गिफ्ट.

उसके तुरंत बाद वो उठ कर रोशन के लंड पर बैठ गयी. अपनी दोनो बाहें रोशन के गले में डाल कर उपर-नीचे उछाल रही थी. देखते-देखते दोनो की चुदाई इतनी इनटेन्स हो गयी की दोनो के लिप्स लॉक हो गये. दोनो एक-दूसरे के लिप्स ऐसे चूस रहे थे, की साँस लेने को भी तड़प रहे थे.

रोशन ने मम्मी के बूब्स मूह में भर लिए और निपल को ज़ोर-ज़ोर से चूस रहा था. मम्मी भी उसके बाल खींच कर उसको उत्तेजित कर रही थी. ये नज़ारा देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा. मैं अपने हाथ से वो मसल रहा था. मम्मी ने कातिल नज़र से मेरी तरफ देखा और एक ऐसी स्माइल दी जिसको देख कर तो वो पूरी तरह से चुड़क्कड़ लग रही थी.

रोशन भी मम्मी को छोड़ते हुए मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रहा था. मम्मी भी उसकी गोदी में सेक्सी एक्सप्रेशन देकर मुझे टीज़ कर रही थी.

मम्मी (मेरे खड़े लंड को देख कर): श गोद. एक ही दिन में सब कुछ देना था.

वो उसकी गोदी से उठ कर मेरे पास आई और मेरे लंड को मूह में भर कर चूसने लगी.

रोशन: साली कितनी छिनाल है. देख कर लगा नही था इतनी चुड़क्कड़ होगी. साली रांड़ खड़ा लंड देख कर पागल हो जाती है.

मैं (मम्मी का मूह पकड़ कर चुदाई करते हुए): हा साली बहुत गरम हो गयी है. अब तुम भी पीछे से लंड डालो.

रोशन अब पीछे से मम्मी के दोनो हाथ पकड़ कर चुदाई कर रहा था. और मैं उनके बाल पकड़ कर मूह की चुदाई कर रहा था. मम्मी रोशन के धक्को के साथ मेरा लंड अंदर-बाहर कर रही थी.

रोशन अब और सब्र नही किया. वो तुरंत झुका और अपना लंड मम्मी की छूट के बजाए उनकी गांद के च्छेद में घुसा दिया.

मम्मी (रोशन का लंड मूह से निकल कर दर्द और आ में): अफ…. क्या किया यार. बता कर तो डालते, कितना दर्द हुआ. उ मा. (लेकिन उनके चेहरे पर दर्द के साथ मज़े की चमक थी.)

रोशन (मम्मी की गांद को मसालते हुए): आपकी गांद देख कर मेरा कब से अंदर लंड डालने का मॅन कर रहा था.

मैं (रोशन की तरफ देख कर गुस्से में पर साची तारीफ करते हुए): ब्रो, मेडम ने एक ही बार में पूरा लंड गांद में झेल लिया. बहुत गांद चुडवाई लगती है. अब बजा डाल.

रोशन (मम्मी की कमर पर हाथ कस कर): यॅ… मज़ा आ रहा है. यहाँ से क्या नज़ारा दिख रहा है.

रोशन की ये बात मैं आचे से समझता हू. जब मैं मम्मी को घोड़ी बना कर छोड़ता था, तब पीछे से जो उभरा हुआ व्यू बनता था, वो तो मैने महसूस किया है.

गांद में बड़ा लंड लेने से मम्मी का चेहरा दर्द से उभर रहा था. उसकी आँखें बड़ी हो गयी थी, और वो अपने दातों से होंठ दबा कर अपनी चीखें रोकने की कोशिश कर रही थी. हर एक धक्के के साथ मम्मी के बूब्स हवा में झूल रहे थे.

मैने मम्मी के बाल खींचे और ज़ोरदार स्मूच देने लगा. मम्मी के चेहरे का बदलता रंग और उनके सेक्सी एक्सप्रेशन मुझे वो खुशी दे रहे थे. जिसके बारे में कभी सोचा ही नही था. जिन्होने अपनी मम्मी को किसी और का लंड लेते देखा है सिर्फ़ वही ये समाज सकते है.

मैं (मम्मी के कान में एक-दूं धीरे से): कैसा लग रहा है मेरी जान? आज बहुत दिन बाद कोई बाहर वाला आपको छोड़ रहा है?

मम्मी (मेरा गला पकड़ कर मेरे होंठ काट-ते हुए): तू सब जानता है अभी. थॅंक योउ सो मच बेबी.

मैं (रलोब को चूस कर, फुसफुसा कर): मैं आज आपको नही रोकुंगा. आपके मॅन की सारी इक्चा पूरी करो.

मेरा इतना कहते ही मम्मी की आँखें चमक गयी. मैं जानता था मम्मी कभी एक से खुश नही रह सकती. उसको कभी कभी किसी गैर का स्वाद चाहिए ही.

उसके बाद रोशन ने मम्मी के दोनो हाथ पीछे से पकड़ लिए और तेज़ धक्के मारना शुरू कर दिया. और इधर मैने मम्मी के बाल पकड़ कर मूह में लंड डाल कर चुदाई की स्पीड और तेज़ कर दी.

मम्मी एक तरफ रोशन के धक्को से सिसक रही थी, और दूसरी तरफ मेरे लंड को अपने मूह में अंदर-बाहर कर रही थी. मम्मी का चेहरा लाल हो गया था. उनके चेहरे पर दर्द था, पर साथ में वो एंजाय कर रही थी.

मम्मी (मेरा लंड छ्चोढ़ कर ज़ोर से कराहते हुए): तुम दोनो कुछ ज़्यादा ही पवरफुल मिले हो! हालत खराब कर दी मेरी! पर मज़ा आ गया.

रोशन (मम्मी की गांद में धक्का मारते हुए): मज़ा तो मुझे भी बहुत आ रहा है! मैने आज तक इतनी लड़कियों को छोड़ा, पर आपकी छूट में जो गर्मी है! ऐसी आग तो किसी की नही देखी.

रोशन के मूह से अपनी तारीफ सुन कर मम्मी ब्लश करने लगी. मम्मी मेरी तरफ देख कर सेडक्टिव स्माइल देकर-

मम्मी: मेरी इस आग को तुम दोनो आज ख़तम कर दो.

वो अब एक झटके से खड़ी हो गयी. फिर पीछे मूड कर रोशन के उपर हमला बोल दिया. वो उसको बेकाबू हो कर किस कर रही थी. रोशन के मूह में जीभ डाल कर घुमा रही थी. उसके होंठो को जीभ को लगातार चूस रही थी. रोशन तो साँस लेने के लिए तड़प गया.

मैं भी तोड़ा हैरान था मम्मी को क्या हो गया था. शायद मेरी मौजूदगी में किसी स्ट्रेंजर से छुड़वाने का नशा था, या बहुत दिन के बाद कोई गैर मिला और वो भी इतना हॅंडसम उसकी खुशी. पता नही वो क्या था, पर जो कुछ था मम्मी को बेकाबू कर दिया था.

मम्मी एक झटके में रोशन को छ्चोढ़ कर मेरे पास आई और मुझे भी उसी जुनून से किस करने लगी. उन्होने तुरंत मेरे लंड पर कॉंडम लगाया, और मेरी गोदी में बैठ कर चूड़ने लगी. फिर मम्मी ने पीछे मूड कर रोशन को एक कातिल स्माइल दी.

मैं (मम्मी के हिप्स को पकड़ कर): ब्रो देख क्या रहा है? तू पीछे आजा. आज दोनो पॅसेंजर मेडम को एक साथ छोड़ेंगे.

रोशन भी स्माइल के साथ आया, मम्मी की गांद को पकड़ा और अपना लंड गांद में उतार दिया.

मम्मी के दोनो च्छेद (छूट और गांद) एक साथ चुड रहे थे. मेरी थ्रीसम की फॅंटेसी आज पूरी हो रही थी. ऐसे ही चूड़ते-चूड़ते मम्मी झाड़ गयी.

मम्मी (रोशन और मुझे देखते हुए): आ! दोनो! और ज़ोर से! ख़तम कर दो मुझे आज रात! अया!

रोशन (अपने जोश में): अभी, तुझे असली पवर दिखाते है.

रोशन ने मुझे इशारा किया और दोनो ने एक साथ मम्मी को गोदी में उठा लिया. मेरा लंड मम्मी की छूट में था और उसका गांद में. दोनो मम्मी को गोद में उठा कर खड़े-खड़े छोड़ रहे थे. मम्मी ने उपर बर्त की दोनो सीट को पकड़ लिया और सपोर्ट लेकर मज़े से चुड रही थी.

मम्मी (आँखें बंद करके): श… आहह… ऐसे तो आज तक नही हुआ मज़ा आ रहा है.

रोशन और मैं एक ही ताल में मम्मी को छोड़ रहे थे. उनका पूरा जिस्म इस टीन की जुंग का मैदान बन चुका था. हम दोनो पोज़िशन बदल-बदल कर चुदाई कर रहे थे.

कुछ 15-20 मिनिट की नों-स्टॉप चुदाई के बाद, मम्मी हम दोनो के बीच घुटनो पर बैठ गयी. एसी में भी हम तीनो का पसीना निकल रहा था. मम्मी ने दोनो के लंड पर से कॉंडम निकाला और बारी-बारी से लंड चूसने लगी. उसके बाद उसने दोनो के लंड का रस्स अपने मूह में लेकर चाट लिया. कुछ बूँदें मम्मी के जिस्म पर भी पड़े थे.

हम दोनो तक कर आमने-सामने बर्त पर बैठ गये. मम्मी एक रंडी की तरह मुस्कुराती हुई अपनी बॉडी सॉफ कर रही थी.

मैं: कैसा रहा मेडम? मज़ा आया?

मम्मी (मुस्कुराते हुए): बहुत मज़ा आया. तुम दोनो ने पागल कर दिया.

रोशन भी संतुष्टि में मुस्कुरा रहा था. उसके बाद हुँने कपड़े पहने और अपनी-अपनी बर्त पकड़ कर सो गये.

मेरी कुछ समय बाद नींद खुली तो देखा की रोशन मम्मी के साथ लगा हुआ था. मम्मी भी उसको रेस्पॉन्स दे रही थी. मम्मी बीच-बीच में मेरी तरफ देख रही थी, पर मैं सोने का नाटक करता रहा. उसने फिर एक बार मम्मी की चुदाई की और फिर दोनो सो गये.

सुबह जब हम इंडोरे स्टेशन पहुँचे तब रोशन हूमें बाइ कह कर निकल गया. लेकिन मम्मी उसको जाते-जाते एक सेडक्टिव स्माइल दे गयी.

और मम्मी ने मेरे सोने के बाद की चुदाई के बारे में मुझे कुछ नही बताया. मुझे इस बात पर तोड़ा गुस्सा भी आया. पर अब मैं समाज चुका हू की मम्मी कभी भी लायल नही बन सकती. उसको जब मौका मिलेगा वो बाहर अपनी चूत छुड़वा लेगी.

तो दोस्तों, फिर से आप लोगों से अलविदा लेता हू. ये ट्रिपल-आक्षन ट्रेन राइड मेरे और मम्मी की ज़िंदगी का एक यादगार हिस्सा बन गया. मुझे मेरी फॅंटेसी का एहसास हुआ, और मम्मी को एक और गैर मर्द की गर्मी मिली.

आप लोगों का जो प्यार और सपोर्ट मिला, उसके लिए मेरा दिल से बिग थॅंक योउ. आप मुझे अपने विचार ज़रूर बतायें की आपको ये वाइल्ड जर्नी कैसी लगी.

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