जैसी अपने पिछली सेक्स कहानी में पढ़ा था की, रानी भाभी ने मुझे प्रॉमिस किया की वो अपनी गांद देंगी आज रात को. लेकिन ऐसा हुआ नही. उन्होने रात को मेसेज किया की ऐसा नही हो सकता. भाभी ने ये भी बताया की उन्होने मेरे बारे में एक गाओं की मौसी थी, उससे बात शेर की.
मैं हैरान था. फिर भाभी ने कहा: उस मौसी के साथ वो सब करो जो तुमने मेरे साथ किया. स्पेशली वो छूट चाटना.
मैने भी ओक बोल दिया. रानी भाभी के साथ वो पहली बार चुदाई के बाद से मेरा लंड उनकी याद में हमेशा खड़ा रहता था. हर सुबह उठ के उनकी गीली छूट की खुश्बू और उनकी सिसकारियाँ दिमाग़ में घूमती रहती थी. अगले दिन दोपहर 2 बजे Wहत्साप्प पे मेसेज आया.
भाभी ने लिखा: आज दोपहर 2 बजे घर आ जाना, क्यूंकी मैं बिल्कुल अकेली हू, और एक सर्प्राइज़ है.
मैं समझ गया था की ये “अकेली” का कोडवर्ड था. दिल ज़ोर से धड़कने लगा. मैने आचे से शेव किया, डीयोडरेंट लगाया. फिर दोपहर 2 बजे मैं उनके घर पहुँचा. दरवाज़ा खटखटाया तो भाभी ने झट से खोला. वो रेड सारी में थी, लो-कट ब्लाउस, क्लीवेज दिख रहा था. उन्होने मुझे अंदर खींच लिया और सीधा होंठो पे एक जुवैसी किस दिया.
जीभ अंदर डाल के थूक एक्सचेंज किया और कान में बोला: आज तुझे मौसी से मिलवाना है, जिनकी भी प्यास बुझानी है.
अंदर ड्रॉयिंग रूम में सोफा पे कमला मौसी बैठी थी. 45 साल की गाओं वाली औरत, काला रंग, 36द बूब्स, चौड़ी कमर, बड़ी गांद, सारी में लिपटी हुई बॉडी.
भाभी ने हेस्ट हुए इंट्रोड्यूस किया: ये वही राहुल है जिसकी मैने तुझे पूरी रात की स्टोरी सुनाई थी.
मौसी ने एंपी की भाषा में बोला: अर्रे रानी, तू तो पूरी डीटेल में बताई थी. आज खुद ट्राइ करूँगी. देखती हू कितना दूं है इस लड़के में.
भाभी ने हम दोनो को बेडरूम में धकेल दिया और दरवाज़ा बाहर से लॉक कर दिया.
वो बोली: 2 घंटे फुल एंजाय करो, मैं बाहर पहरा देती हू.
बेडरूम में फन फुल ओं था, दीं येल्लो लाइट, वाइट बेडशीट. मैं तोड़ा घबराया हुआ था लेकिन साँसें तेज़ थी. मैने उनका हाथ पकड़ा और बेड पे बैठाया. पहले लिप्स किस्सिंग शुरू की, धीरे से उनके होंठो को च्छुआ.
मौसी बोली: अर्रे बाप रे, कितने सॉफ्ट होंठ है तेरे राहुल.
फिर मैने फुल किस किया, जीभ उनके मूह में डाली, उनकी जीभ मेरे मूह में, थूक एक्सचेंज होता रहा. 10 मिनिट तक हम किस करते रहे.
मौसी बोली: हाए भगवान ये जीभ अंदर तक जेया रही है, कैसे करते हो इतना अछा?
मैने सारी का पल्लू नीचे गिरा दिया और ब्लाउस के बटन्स खोले. फिर ब्रा उपर की तो दो बड़े-बूब्स बहार आए. मैने एक को मूह में लिया और चूसने लगा.
मौसी सिसकार उठी: उफ़फ्फ़ राहुल, ज़ोर से चूस, हुँका मज़ा आ रहा है.
मैने निपल्स को टीत से लाइट्ली काटा. मौसी बोली: अर्रे थप्पड़ मार बूब्स पे भी. दर्द अछा लागत है.
फिर मैने उन्हे बेड पे लिटाया, पेटिकोट उपर किया और शरीर से अलग कर दिया. उसके बाद पनटी नीचे खींची. मौसी की छूट सामने थी, हल्के बाल, गीली, मेच्यूर खुश्बू. मैने उनकी टाँगें चौड़ी की और अपना मूह छूट पे लगा दिया. पहले आउटर लिप्स पर जीभ को उपर-नीचे फेरा.
धीरे-धीरे मौसी की कमर उपर उठने लगी. फिर इन्नर लिप्स को होंठो से पकड़ कर चूसा जैसे जूस निकाल रहा हू.
मौसी बोली: अर्रे राहुल बेटा, कैसे चूसट हो? हमरी छूट में आग लग गयी.
मैने छूट के अंदर जीभ की टिप से गोल-गोल घुमाया, हल्के प्रेशर से. मौसी की सिसकारियाँ बढ़ गयी-
मौसी: वहाँ ही… वहाँ ही… मत रुकना.
फिर मैने दो उंगलियाँ छूट में डाली और अंदर-बाहर करने लगा. साथ ही क्लिट को फ्लॅट टंग से दबाया. मौसी के हाथ मेरे बालों में थे, ज़ोर से खींच रही थी-
मौसी: बस राहुल… अब नही रहा जाता. झड़ने वाली हू.
मैने स्पीड बधाई. फिर जीभ 2 इंच अंदर डाल के टंग फक्किंग शुरू किया, अंदर-बाहर तेज़. मौसी का बदन काँपने लगा. फिर मैं पूरी छूट मूह में लेके पीने लगा, वॅक्यूम बना के चूसा.
मौसी चिल्लाई: हाए… हमरी जान निकाल देगा.
मैने एड्ज प्ले किया, जब झड़ने वाली होती थी रुक जाता था, 10 सेकेंड बाद फिर शुरू. ऐसे 5 बार किया.
मौसी पागल हो गयी: राहुल मत तडपा… झड़ने दे अब.
फाइनली मैने फुल स्पीड जीभ अंदर डाली, क्लिट को ज़ोर से चूसा, और मौसी झाड़ गयी. उनकी छूट से गरम पानी की बौछार मेरे मूह पे, चीन पे, बेड पे निकली. मैने सब पी लिया.
मौसी हाँफ रही थी: अर्रे बाप रे, इतना पानी निकल गया. तू तो जादूगर है छूट चाटने में.
मैं नही रुका, दोबारा छूट पे जीभ फिराई. मौसी बोली: अब बस कर… लेकिन मज़ा आ रहा है.
मैने 10 मिनिट और छाता, जिससे दूसरा ऑर्गॅज़म आया. मौसी ने मुझे खींच के किस किया. फिर मैने उन्हे घोड़ी बनाया. आन उनकी बड़ी सी गांद मेरे सामने थी. काली सी गांद सॉफ्ट थी, थोड़े स्ट्रेच मार्क्स थे. मैने आस चीक्स पे किस किया.
मौसी बोली: अर्रे ये का करात हो? गंदा है वहाँ.
मैने बोला: मौसी सब सॉफ है, एंजाय करो.
फिर जीभ गांद के होल पे गोल-गोल घुमाया, रिम्मिंग शुरू.
मौसी बोली: हाए, ये फीलिंग पहली बार.
मैने जीभ 2 इंच अंदर डाली, टंग फक्किंग तेज़ की.
मौसी चिल्लाई: आआहह राहुल, गांद में भी इतना मज़ा.
मैने चीक्स पे थप्पड़ मारे. फिर थूक लगा के दो उंगलियाँ गांद में डाली. मौसी दोबारा गीली-गीली हो गयी. अब मैने पंत उतरी, लंड बाहर निकाला, फुल हार्ड. फिर मैने उन्हे मिशनरी में लिटाया, लंड छूट पे रखा, और थूक लगा के एक ज़ोर का धक्का मार के पूरा अंदर किया.
मौसी चीख पड़ी: आआहह फाड़ दिया, धीरे.
पहले स्लो स्ट्रोक्स, फिर स्पीड बधाई. हँकी टाँगें कंधे पे रख कर ज़ोरदार धक्का मारा. 15 मिनिट बाद मौसी थर्ड ऑर्गॅज़म, छूट ने लंड दबाया. फिर डॉगी स्टाइल में गांद में डाला.
मौसी बोली: गांद में भी ले लूँगी आज.
धीरे से ठोका, फिर फुल स्पीड. 12 मिनिट बाद मैं झाड़ गया, गांद में पूरा माल. मौसी हाँफ रही थी, मुझे गले लगाया-
मौसी: रानी ने सही लड़का चुना. अब हर दिन आना पड़ेगा.
कुछ दीनो बाद रात 12:30 बजे भाभी का कॉल आया की आजा मेरी गांद मार ले. मैं चुपके से उसके घर गया. दरवाज़ा भी भाभी ने धीरे से खोला और हम लोग च्चत पे चले गये. भाभी सिर्फ़ पेटिकोट और ब्लाउस में थी. गांद मरने का मूड था, लेकिन वहाँ मौसी भी थी.
भाभी ने कहा: पहले तुम मौसी की गांद मारो, फिर मेरी. पहले मैं देखूँगी उसके बाद ही फैंसला करूँगी.
मौसी खुश हो गयी. वहाँ पे एक बेड रखा हुआ था. मैने मौसी को घोड़ी बना दिया. वो बेड पे घुटनो और कोहनी के बाल झुकी हुई थी, सारी-पेटिकोट सब उपर कर के. उनकी बड़ी सी गांद मेरे सामने थी, जैसे दो भारी-भरकम रोटियाँ एक-दूसरे से चिपकी हुई हो.
गांद के बीच में वो गुलाबी-भूरा च्छेद सॉफ-सुथरा, हल्की सी झुर्रियाँ, चारों तरफ हल्के बाल, और थोड़ी सी स्ट्रेच मार्क्स जो उनकी उमर और मोटापे की गवाही दे रहे थे. मैने पहले दोनो हाथो से गांद के गालों को चौड़ा किया, जैसे कोई किताब खोल रहा हो. गाल अलग हुए तो च्छेद और सॉफ दिखने लगा. मौसी की साँसें तेज़ थी, वो शरमाते हुए बोली-
मौसी: आज फिर तुम्हारी गांद भी मेरी हो जाएगी.
फिर मैने पहले किस गांद के बाएँ गाल पे किया. होंठो से हल्का सा चूमा. फिर जीभ निकाल के गीला किया. गाल पे छाता जैसे आइस-क्रीम चाट रहा हू. मौसी का बदन काँप गया.
मौसी: हाए… ये फीलिंग…
फिर मैने दाएँ गाल पे भी वही किया, किस, चाट, फिर हल्के से दाँत से काटा. मौसी की कमर हिलने लगी. मैने दोनो गालों को थप्पड़ मारा, पहले हल्का, फिर ज़ोर से, लाल निशान पद गये.
मौसी: अर्रे… थप्पड़ भी… दर्द हो रहा है… लेकिन मज़ा भी आ रहा है…
अब मैने जीभ गांद के च्छेद पे रखी, सबसे पहले रिम्मिंग शुरू किया. जीभ की नोक से च्छेद के चारों तरफ गोल-गोल घुमाया, धीरे-धीरे, जैसे कोई सर्कल बना रहा हू. मौसी की सिसकारी निकल गयी-
मौसी: ऑश मा… ये जीभ… गांद में आग लगा रही है…
मैने प्रेशर बढ़ाया, जीभ को फ्लॅट करके च्छेद पे दबाया. फिर गोल-गोल तेज़ किया. मौसी की गांद अपने आप हिलने लगी. वो पीछे धकेल रही थी. मैने थूक डाला, मूह में भरा और गांद के च्छेद पे पिचकारी मारी. फिर जीभ से फैलाया. अब च्छेद गीला-चिकना हो गया. फिर मैने टंग फक्किंग शुरू की, जीभ को पायंटेड बनाया और 1 इंच अंदर डाला. मौसी चीख पड़ी-
मौसी: अर्रे बाप रे… जीभ अंदर जेया रही है… कितना गहरा…
मैने अंदर-बाहर करना शुरू किया, पहले धीरे, फिर तेज़. जीभ 2 इंच तक अंदर जेया रही थी, गांद के अंदर की गर्मी मेरी जीभ पे महसूस हो रही थी. मौसी की आवाज़े गूँज रही थी-
मौसी: हाए… राहुल… गांद फाड़ दोगे… लेकिन मत रुकना… और तेज़…
मैने स्पीड बधाई, जीभ को अंदर-बाहर, अंदर-बाहर तेज़-तेज़ किया, जैसे मिनी-लंड घुसा रहा हू. मौसी की गांद खुद-ब-खुद हिल रही थी. वो पीछे धकेल रही थी. मैने दो उंगलियाँ थूक लगा के गांद में डाली, पहले एक, फिर दो, स्ट्रेच किया. मौसी की छूट से पानी तपाक रहा था.
मौसी: बस राहुल… अब लंड डाल दो… गांद में भी ले लूँगी…
मैने रिम्मिंग फिर से की, जीभ से च्छेद के चारों तरफ सर्कल, फिर सकशन. होंठो से च्छेद को पकड़ा और चूसा, जैसे वॅक्यूम बना रहा हू. मौसी का बदन काँप गया.
मौसी: ऑश… ये सकशन… गांद की जान निकाल देगा…
मैने 10 मिनिट तक यही चलाया, रिम्मिंग, टंग फक्किंग, फिंगर, थप्पड़, सकशन. मौसी दो बार झाड़ गयी सिर्फ़ गांद चाटने से. उनकी गांद लाल, गीली, और खुली हुई थी. फिर मैने लंड निकाला. उसपे थूक लगा के धीरे से घुसाया, पहले सिरा, फिर आधा, फिर पूरा.
मौसी चीखी, लेकिन मज़ा ले रही थी. मैने धीरे-धीरे ठोका. फिर फुल स्पीड. 12 मिनिट बाद मैं गांद में ही झाड़ गया, पूरा माल अंदर. मौसी हानफते हुए बोली-
मौसी: राहुल बेटा… आज गांद का स्वर्ग दिखा दिया.
कैसे मैने भाभी की भी गांद मारी. कैसे हमने थ्रीसम किया, वो नेक्स्ट पार्ट में बतौँगा. और कौन जो 4त पार्ट्नर बन रहा है.