एरॉटिक सेक्स स्टोरी अब आयेज-
थोड़ी ही देर में, मम्मी ने बड़ी स्मार्ट्ली रोशन को भी हुमारी बात-चीत का हिस्सा बना दिया. वो हम दोनो से खूब हंस-हंस कर बातें कर रही थी, और बीच-बीच में मैं अब डबल मीनिंग बातें शुरू करने लगा.
मैं (मम्मी की आँखों में देखते हुए): वैसे, मेडम, एक बात कहूँ? प्लीज़ माइंड मत करना.
मम्मी (आडया से): ऐसी क्या बात है, जो सुन कर मैं माइंड करूँगी?
मैं: ऐसा तो कुछ नही, पर आपको देख कर लगता है. आप हुमारी तरह फिटनेस को बहुत इंपॉर्टेन्स देती है. जिम जाती है या योगा करती है?
मम्मी (हल्का सा शर्मा कर): जी, मैं जिम जाती हू.
मैं (मुस्कुरा कर, रोशन की तरफ इशारा करते हुए): वो तो आपकी इतनी कातिलाना फिगर देख कर ही समझ गया. पर्फेक्ट कुवर्व्स है.
मम्मी (जानते हुए भी अंजान बन कर): क्या? क्या कहा?
मैं: अर्रे कुछ नही, कुछ नही…
मम्मी (अब रोशन की तरफ देख कर, उसे लाइन देते हुए): वैसे, तुम दोनो ने भी अची बॉडी बनाई है.
रोशन (कॉन्फिडेन्स से): हन, मैं तो जिम ट्रेनर हू.
मम्मी: श. तभी तो सोचु मैं…
तभी मैने एक-दूं से खड़ा हो गया. अपनी जीन्स उतार कर मैं सिर्फ़ बॉक्सर और त-शर्ट में आ गया. अब माहौल ऐसा गरम हो गया था की ये जो नॉटी खेल चल रहा था, उससे मेरा लंड बॉक्सर में तंबू बना चुका था. मम्मी ने तुरंत वो बल्ज देखा और एक नॉटी, अप्रूविंग स्माइल दी. मैने भी रोशन की तरफ आँख मार कर स्माइल किया और मम्मी के पास वापस बैठ गया.
मैं (मम्मी के करीब झुक कर): वैसे आप इतनी खूबसूरत है, और हम दोनो… यंग लड़के…
मम्मी (अपनी साँस तेज़ करते हुए): तुम क्या कहना चाहते हो?
मैं धीरे-धीरे मम्मी की तरफ और झुक रहा था. रोशन ये सब देख कर अपनी आँखें फाड़ रहा था और उसकी गांद फटत रही थी.
मैं (आवाज़ धीमी करते हुए): अर्रे, अगर आपको ऐतराज़ ना हो तो, क्या हम यहाँ तोड़ा फन कर सकते है?
मम्मी (थोड़ी आक्टिंग करते हुए): कैसा फन?
मैं: वही, जो आप कब से करना चाहती है… पर कह नही पा रही है.
मैने तुरंत मम्मी का हाथ पकड़ लिया और कहा: वैसे, आप जो चाहती है, वो मैं करने को तैयार हू.
मम्मी (रोशन की तरफ इशारा करके, नाटक करते हुए): नही… मैं ऐसी लेडी नही हू. तुम ग़लत सोच रहे हो. मैं ऐसी-वैसी नही हू.
मैं (उनका हाथ मज़बूती से पकड़ कर): मैने कहाँ कुछ कहा है? मेडम, मैं तो बिल्कुल ठीक कर रहा हू. आप टेन्षन ना लो. ये बात इश्स सफ़र तक ही रहेगी.
मम्मी (अपना हाथ च्चूधते हुए, पर सेडक्टिव स्माइल देकर): तुम ना बहुत नॉटी हो रहे हो! जाओ, सामने जेया कर बैठो.
मैं (ज़िद करते हुए): वहाँ नही, यहाँ बैठ कर ही इश्स सफ़र का मज़ा लेना है.
मैने तुरंत मम्मी को अपने से चिपका लिया. उनकी बॅक सहलाते हुए, मैं उनके गर्दन पर किस करने लगा. मम्मी ने एक झटके में मुझे अपने से अलग किया. रोशन हम दोनो को आँखें फाड़ कर देख रहा था. वो तो पूरी तरह सर्प्राइज़ था.
मम्मी (रोशन की तरफ देखते हुए, तेज़ आवाज़ में): इसके सामने मुझे शरम आती है.
मैं (रोशन को इन्वाइट करते हुए): अर्रे यार, तुम वहीं क्यूँ बैठे हो? मेडम तुमसे शर्मा रही है! यहाँ आ कर उनको कंफर्टबल करो.
मम्मी (आक्टिंग करते हुए): नही, नही… एक साथ दोनो नही.
रोशन अब भी कन्फ्यूज़्ड था.
मैं (रोशन को घूर कर): अर्रे, इतना खुल्ला इन्वाइट कर रही है. सामने क्या देखता रहा है.
मेरी बात सुन कर रोशन तुरंत उठा और मम्मी के बिल्कुल चिपक कर बैठ गया. मम्मी का चेहरा मेरी तरफ था. उन्होने पीछे मूड कर रोशन की तरफ देखा और एक सेक्सी स्माइल दी.
मैने तुरंत मम्मी के गाल पर किस किया और उनके पीछे बैठे रोशन को आँख मारी. और बिना देर किए, मैं मम्मी के लिप्स पर किस करने लगा. वो भी हल्का-हल्का मेरा साथ दे रही थी.
और इधर पीछे से रोशन ने अपना काम शुरू कर दिया. वो मम्मी के बूब्स को अपने हाथों से मसल रहा था.
मैं और मम्मी आपस में लिप्स लॉक थे, एक-दूसरे की जीभ का स्वाद ले रहे थे, जैसे हम सच में पहली बार मिल रहे हो. मम्मी भी पूरी तरह साथ दे रही थी, हल्के-हल्के बीते कर रही थी.
इधर पीछे से रोशन पूरा फ़ायदा उठा रहा था. उसके हाथ मम्मी की त-शर्ट के अंदर जेया चुके थे, और वो मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स को ज़ोर से मसल रहा था और साथ में उनकी थाइ को सहला रहा था.
मम्मी ने अपना सिर मेरे कंधे पर झुका लिया था, ताकि रोशन अपना काम आराम से कर सके. मम्मी की आँखें बंद थी, चेहरे पर आनंद और शरम का मिश्रण था.
रोशन की उंगलियाँ अब धीरे-धीरे मम्मी की पॅंटीस के किनारे तक पहुँच चुकी थी. मम्मी ने शॉर्ट्स पहना था, और वो इस च्चेड़-च्चढ़ को और बर्दाश्त नही कर पाई. उन्होने मुझे धक्का देकर अलग किया.
मम्मी (हँसती हुई, पर साँस फूली हुई थी): बस-बस. बहुत हो गया. ये क्या कर रहे हो तुम दोनो. (रोशन की तरफ घूम कर धीरे से बोली): सबर रखो.
रोशन शर्मा गया, पर उसकी आँखों में शिकार की भूख सॉफ दिख रही थी.
मैं: क्यूँ मेडम, मज़ा नही आया?
मम्मी (मेरी त-शर्ट ठीक करते हुए, आँखों में शरारत थी): तुम बहुत बिगाड़ रहे हो मुझे. और ये ट्रेनर…
ये तो और भी ख़तरनाक है.
रोशन (शर्मा कर, पर नज़रें मम्मी के जिस्म पर): मैं तो बस आंटी को कंफर्टबल कर रहा था.
मम्मी (रोशन की तरफ नॉटी स्माइल के साथ): ऐसे कंफर्टबल करते हो तुम?
रोशन (अपनी हिम्मत बढ़ते हुए): क्यूँ, मेडम? आपको अछा नही लगा?
मम्मी (मुझे टीज़ करते हुए): अछा तो लग रहा है, पर… मुझे अजीब लग रहा है.
मुझे आचे से पता था की मम्मी ने पहले भी एक साथ 2-2 लंड से चुदाई करवाई है. पर वो मेरे साथ ये एक्सपीरियेन्स करने में तोड़ा शर्मा रही थी, और उससे भी ज़्यादा की उन्होने आज तक मेरे सामने किसी गैर से चुदाई नही की थी. लेकिन उनकी आँखों में शरारत और प्यास सॉफ दिखाई दे रही थी.
मैने फ़ैसला कर लिया की, अब मम्मी को लंड के लिए पूरी तरह पागल करना पड़ेगा. मैं तुरंत खड़ा हुआ और बिना देर किए बॉक्सर को नीचे किया. मेरा तन्ना हुआ लंड बाहर आते ही, मैने उससे पकड़ कर मम्मी के चेहरे के पास कर दिया. मेरी इश्स अचानक की हरकत से मम्मी चौंक गयी, पर उससे काई ज़्यादा तो रोशन चौंक गया.
मैं (मम्मी को लंड दिखाते हुए, आवाज़ में शिकायत थी): देखिए ना, मेडम. आपको देख कर मेरा क्या हाल हो गया है. आप तो बाकचो का कुछ सोच ही नही रही हो.
मम्मी अपना मूह दूसरी तरफ करके शर्मा रही थी, जैसे वो पहली बार ये सब कर रही हो. और मम्मी की ये नौटंकी और शर्म से मेरा लोड्ा और ज़्यादा टन गया था.
मम्मी (धीमी आवाज़ में): प्लीज़, इसको अंदर करो. मुझे कुछ-कुछ होता है.
मैने ज़िद पकड़ी और उनका चेहरा मेरे लंड की तरफ किया, उनके गाल पर अपने लंड को हल्का-हल्का रग़ाद रहा था.
मैं: अब इतना भी क्यूँ शर्मा रही हो? इसको चूसो.
मम्मी से अब रहा नही गया. उन्होने अपनी आँखें बंद की और मेरे लंड को अपने मूह में लेकर ज़ोर से चूसने लगी.
इधर ये सीन देख कर रोशन से भी सब्र नही हुआ. उसने तुरंत अपनी पंत और अंडरवेर उतार दिया. उसका लंड हेल्ती और लंबा था. उसने अपनी त-शर्ट को दाँतों में फँसा दिया और मम्मी के सामने आ गया.
मम्मी ने मेरा लंड चूस्टे हुए आँखें खोली. और रोशन को नंगा देख कर एक नॉटी, एग्ज़ाइटेड स्माइल दी. अब ये थी मेरी चुड़क्कड़ मम्मी, वो मेरे लंड को चूस्टे हुए, अपने दूसरे हाथ से रोशन के खड़े लंड को ज़ोर-ज़ोर से हिला रही थी.
मम्मी तो जैसे दो लंड को एक साथ देख कर मदहोश हो चुकी थी. उनका फोकस अब डबल हो गया था.
मम्मी एक तरफ मेरे लंड को अपने मूह में पूरा अंदर-बाहर कर रही थी. उसकी टोपी को अपनी जीभ से गीला कर रही थी, और बीच-बीच में एक तेज़ सक दे रही थी. रोशन ये सब देख कर पागल हो रहा था, उसकी साँसें तेज़ हो चुकी थी.
और दूसरी तरफ, मम्मी का नरम, चिकना हाथ रोशन के मज़बूत लंड पर चल रहा था. वो अपनी उंगलियों को उपर-नीचे तेज़ रफ़्तार से फिरा रही थी. उसे पूरी तरह से स्टिमुलेट कर रही थी. रोशन अपनी आँखें बंद करके आ और सिसकियाँ भर रहा था, जो उसने अपनी त-शर्ट दाँतों में दबा कर च्चिपाने की कोशिश की. मैने लंड को मम्मी के मूह से बाहर निकाला, जो अब पूरी तरह से उनके लार से चमक रहा था.
मैं (रोशन की तरफ देखते हुए): क्यूँ रोशन? मज़ा आ रहा है?
रोशन: ब..ब्रो! ये तो… ये तो जन्नत है.
मम्मी ने अपने हाथ से रोशन का लंड छ्चोढ़ दिया. रोशन कन्फ्यूज़्ड हो गया, पर अगले ही पल मम्मी ने उसकी तरफ घूम कर होंठो पर एक तीखी, नॉटी स्माइल दी.
मम्मी अपनी कमर थोड़ी पीछे की, और एक-दूं से रोशन के लंड को अपने मूह में ले लिया. वो मेरे लंड से ज़्यादा लंबा था, पर मम्मी तो प्रोफेशनल थी. उन्होने उस लंड को अपने गले तक उतारना शुरू कर दिया.
अब मैं और रोशन दोनो नंगे लंड के साथ खड़े थे. मम्मी बारी-बारी से हम दोनो का फ्लेवर ले रही थी. पहले मेरा, फिर रोशन का. वो हम दोनो को एक-दूसरे के सामने अपने मूह से संतुष्टि दे रही थी, और ये देख कर मेरा दिमाग़ तो फटने लगा.
मैने अपना हाथ आयेज बढ़ाया और मम्मी के बालों को पकड़ कर उनका चेहरा अपनी तरफ खींच लिया.
मैं: अब असली मज़ा होगा. आज हम दोनो तुम्हारी चुदाई इस चलती ट्रेन में करेंगे.
मम्मी (साँस फूली हुई, आँखों में चमक): आप दोनो ने तो मेरी प्यास जगा दी है! अब तो मैं पूरी तरह तैयार हू.
ये बोल कर मम्मी ने अपनी दोनो बाहें मेरे गले में डाल दी और मेरे होंठो को ज़ोर से चूसने लगी. मैं भी पुर जोश से उनका साथ देने लगा.
रोशन पीछे से बेकरार हो रहा था. उसने मम्मी के कंधे पर अपना हाथ रखा. मम्मी ने तुरंत मेरे होंठो को छ्चोढ़ कर उसे एक नॉटी स्माइल दी. मम्मी ने भी अपनी बाहें रोशन के गले में डाली और उससे भी लिप्स किस करने लगी.
रोशन तो एक-दूं वाइल्ड हो गया. उसने मम्मी को कस्स कर पकड़ लिया और अपनी जीभ उनके मूह में डाल कर पॅशनेट किस करने लगा. मम्मी भी उसे उतने ही जोश से रेस्पॉन्स दे रही थी.
उसके तुरंत बाद रोशन ने अपनी त-शर्ट निकाल दी और अब वो पूरा नंगा था. उसकी मस्क्युलर बॉडी सच में बहुत सेक्सी थी. उसकी टोंड, सिक्स-पॅक एबेस देख कर तो, मम्मी के मूह से श गोद निकल गया. मम्मी की आँखें तो चमकती रह गयी, रोशन की मज़बूत बॉडी पर नज़रें जमा कर.
रोशन ने देर नही की. उसने मम्मी की त-शर्ट को एक झटके में खींच कर निकाल दिया. मम्मी के सेक्सी, बड़े बूब्स अब आज़ाद थे. रोशन बेकाबू हो कर उन्हें तेज़ी से अपने मूह में भरकर चूसने लगा. मम्मी भी उसके सर सहला कर, तेज़ साँसें लेते हुए उसे मज़े दे रही थी.
फिर मम्मी ने मेरी तरफ देखा, उनके चेहरे पर खुशी. और वो मुझे किसी गैर मर्द की बाहों में रह कर मुझे टीज़ कर रही थी. उन्होने अपनी उंगली से इशारा करते हुए मुझे अपने करीब बुलाया और मेरे होंठो को फिर से चूसने लगी. इस वक़्त, मैं मम्मी के पीछे आ गया, और उनकी नंगी बॅक और गर्दन पर अपने होंठो से चूमने लगा. मेरा एक हाथ मम्मी के पेट पर था, जो नीचे शॉर्ट्स की तरफ बढ़ रहा था.
मैने धीरे से उनका छ्होटा शॉर्ट्स नीचे किया, और मम्मी ने अपनी टाँगें उठा कर उससे निकालने में मेरी पूरी हेल्प की.
अब रोशन के सामने मम्मी सिर्फ़ एक पतली सी पनटी में थी.
उसके तुरंत बाद रोशन ने मम्मी को घुमा दिया और उनकी बॅक पर अपने होंठो से किस करने लगा. मम्मी अपनी कमर को हिला कर सेक्सी मूव्स करते हुए इसकी पूरी तरह से एंजाय कर रही थी! रोशन भी एक नॉटी स्माइल दिए और उनकी बॅक और गर्दन पर हल्के-हल्के बीते कर रहा था. उसने फिर मम्मी के बाल को पकड़ कर उनका चेहरा पीछे किया, होंठो को ज़ोर से काटा, और फिर एक झटके में मम्मी को बर्त पर आयेज की तरफ झुका दिया.
रोशन उनकी बॅक पर किस करते हुए घुटनो पर बैठ गया. उसने मम्मी की पनटी को अपने दाँतों में पकड़ कर स्लो मोशन में नीचे सरकाना शुरू किया. उसके चेहरे पर ऐसी स्माइल थी, जैसे उससे आज उसकी मॅन पसंद औरत मिल गयी हो. मम्मी भी एक बेशरम रंडी की तरह मुस्कुरा रही थी.
सच काहु तो, मुझे तोड़ा अजीब लग रहा था मम्मी को किसी गैर से शेर करना, पर मज़ा भी उतना ही ज़्यादा आ रहा था. मम्मी को मैं इतने टाइम से छोड़ रहा था, और मैने उनको गैर के साथ चूड़ते हुए भी देखा था. पर आज मम्मी कुछ ज़्यादा ही खुश और वाइल्ड नज़र आ रही थी! वो बार-बार मेरी तरफ देख कर टीज़ कर रही थी. उनको मेरे प्रेज़ेन्स में छुड़वाना एक अलग ही मज़ा दे रहा था.
और मेरी भी ये अल्टिमेट फॅंटेसी थी की कोई मेरी आँखों के सामने मेरी सेक्सी मों को छोड़े! और रोशन जैसा हॅंडसम और मस्क्युलर लड़का, मम्मी आचे से डिज़र्व करती थी.