भाई ने की बहन की चुदाई

हेलो मेरे प्यारे दोस्तों. कैसे है आप सब. उमीद करती हू आप सब आचे होंगे, और सेक्स कहानियाँ पढ़ कर अपनी अंतर्वसना को शांत कर रहे होंगे. लड़के मूठ मार रहे होंगे, और लड़कियाँ फिंगरिंग करके अपनी छूट को शांत कर रही होंगी.

मैं फिर से नयी सेक्स कहानी लेकर आई हू. आपको मेरी छूट की सलामी. आपने पिछली कहानी में पढ़ा की कैसे मेरे पापा ने मुझे छोड़ा और मुझे मेरे भाई को हमे सेक्स करते देखा करके पता चला. अब आयेज की कहानी-

जो न्यू रीडर्स है उन्हे बता डू. मेरा भाई मेरे से उमर में 3 साल बड़ा है. मेरी उमर मैने पिछली कहानी में बताई थी. मेरे भाई का नाम रेयंश है और मेरा नाम रिया है. भाई दिखने में हटता-कटता है. उसकी अची बॉडी है. वो जिम जाता है तो बाइसेप्स आचे है. और मेरा फिगर 36-34-38 है.

उस दिन भाई ने पापा के साथ मुझे देखा. लेकिन मैने उसे ये सब देखते देखा था करके उसे नही पता था, और उस दिन सब शांत रहा. धीरे-धीरे दिन बीट गये. फिर एक शाम की बात है. रात को पापा नही आने वाले थे, और मैं खुश थी की आज मेरी चुदाई से छुट्टी होगी. लेकिन सब एक मिनिट में बदल गया.

मैं किचन में पानी भरने बॉटल लेकर गयी, तो वहाँ भाई मेरे खाने में 3 किस्म की दवाई मिला रहा था. वो बोल रहा था-

भाई: आज इस रंडी को मैं ही छोड़ूँगा. बड़ा बाप से चुड रही थी. दवाई 3 में से एक नींद की दूध के ग्लास में, दूसरी वियाग्रा, और एक पता नही कों सी थी जो खाने में थी.

मैं ये देख कर जल्दी से रूम में आ गयी. अब मेरी साँसें तेज़ हो गयी. भाई ने मुझे खाने के लिए बुलाया. मैं टेबल पे बैठी तो वो मुझे गंदी नज़र से घूर रहा था. मैने डीप कट वाली निघट्य पहनी थी, जिसमे से मेरे चुचे सॉफ दिखाई दे रहे थे.

उसे मुझे कंपेल करा खाने को. मैं सब खाना खा ली. फिर मैने बहाना बनाया की मुझे पानी चाहिए. तो वो पानी लेने किचन में गया. उतने में मैने वो दूध डाइनिंग टेबल में रखे पौधे पे गेर दिया. जब तक भाई आया, मैने दूध पीने का नाटक किया.

भाई: सब दूध पी गयी, अर्रे वाहह!

मे: हा भाई. मैं अब सोने जेया रही हू. बहुत तक गयी हू.

भाई: हा ठीक है, चली जेया सोने.

मैं जब रूम में आई, कुछ 15 मिनिट बाद मुझे छूट में खुजली होने लगी. मेरे से रहा नही गया, तो मैने अपनी निघट्य खोल कर फेंक दी. फिर धीरे-धीरे मेरी छ्चाटी भी बढ़ने लगी और भारी-भारी हो गयी. अब मुझसे उत्तेजना बर्दाश्त नही हो रही थी.

मैं सोने के कोशिश करने लग गयी. तभी मेरा भाई आया. वो पहले चेक करने लगा.

भाई: रिया सो गयी क्या? रिय्ाआ.

वो बहुत चिल्लाया, लेकिन मैं सोने का नाटक करती रही.

भाई: आज तुझे मैं छोड़ूँगा मेरी रानी.

ऐसा बोल वो मेरे पास आया और मेरे माममे दबाने लगा. उसके छ्छूने से मुझे राहत आई. फिर वो मेरे माममे को मूह में लेकर चूसने लगा, और उसमे से दूध के धारा निकली.

मैं चौंक गयी की दूध कैसे निकला, क्यूंकी मैं प्रेग्नेंट नही थी. तब साँझ आया दूसरी दवाई दूध निकलवाने की थी. उसने 30 मिनिट लगा कर मेरे दोनो निपल्स लो चूसा और लाल कर दिए. लेकिन अब मेरी उत्तेजना कम था.

वो धीरे-धीरे मेरी छूट को सहलाने लगा और निपल्स को हाथ से रगड़ने लगा. ऐसे करके उसने बिना हिंट 2 उंगलियाँ मेरी छूट में घुसा दी. मैं चाह कर भी चिल्ला नही पाई.

भाई: मेरी रंडी बेहन आँखें खोल. मुझे पता है तू जाग रही है. तूने दूध पौधे में गेर दिया मैने सब देखा है.

इतना बोलते उसने मेरी गांद में मारा. मैं शॉक्ड थी की उसको कैसे पता? फिर मैने जैसे ही आँखें खोली, वो मुझे लीप किस करने लगा.

मे: भाई उग्घह, धीरे उंगली करो, दर्द हो रहा.

भाई: चुप साली रंडी. बाप से चुदाई करती है बापचॉड़, और मेरे सामने ड्रामा कर रही है.

मे: आहह उहमम्म भाई.

भाई: चल बहनचोड़, लंड चूस मेरा.

उसका लंड 8 इंच का बड़ा 2 इंच मोटा था. मैने जैसे-तैसे करके मूह में चूसा लॉलिपोप की तरह. कभी गोट्ते को चूसा, कभी लंड को चूस रही थी ऐसे करके. वो भी आहह उःम्म्म कर रहा था और उसे मेरे मुलायम हाथ आचे लग रहे थे. फिर 10-15 मिनिट बाद उसने अपना माल मेरे मूह में गेर दिया.

उसने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांद में उंगली करने लगा और मेरी छूट में लंड पेल दिया.

मे: आहह मॅर गयी मैं. भाई धीरे करो, आहह उहमम्म.

भाई: चुप कुटिया, मुझे छोड़ने दे. मुझे पता है तूने मेरे दोस्त राहुल के साथ चुदाई करवाई है. तू बड़ी रांड़ है. अब मुझे मज़े लेने दे.

मे: ह उःम्म्म आहह भाई और ज़ोर से आहह उहम्म. भाई आपका लंड पापा से ज़्यादा बड़ा है. मज़ा आ रहा है, और ज़ोर से भाई.

भाई ने मेरी ऐसे ही चुदाई की और कहा: तेरे में बहुत आग है ना. रुक तुझे मैं जन्नत की सैर करौंगा.

मे: अछा, उहमम्म आहह तूने ह प्लान आहह कर राका है क्या आहह उःम्म?

भाई: हा, तेरा में गंगबांग कार्ओौनगा दोस्त के साथ मिल के. बाप के साथ मिल कर छोड़ूँगा और तेरे साथ ब्दसम करूँगा. और भी चीज़ें है मेरी जान, तू रुक बस.

ऐसा बोलने के बाद उसने मुझे 1 अवर छोड़ा और अपना माल मेरे उपर गिरा दिया. उसने कभी गांद में मारा तो कभी वहीं लेते हुए मेरे निपल्स को चूसने लगा. वो एक को चूसने और दूसरे निपल को रगड़ने लगा. मुझे बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन वो कहा रहम खाने वाला था. उसे और पापा को मेरे चुचे से दूध पीना ज़्यादा पसंद है. मेरे चुचे को रग़ाद-रग़ाद कर दबा रहा था वो और उसका माल मेरी छूट से तपाक रहा था.

अब तो दोनो बाप भाई मेरे चुचे चूस-चूस कर काम में जाते है. वो अलग-अलग आते है, और रात-दिन मेरी चुदाई होती है. मेरे निपल्स अब काले रंग के हो गये है. और अब मुझे दोनो के लंड की आदत हो गयी है. पीरियड्स के दिन वो लोग मूठ मरवा कर सो जाते है, और जिस वक्त पीरियड्स ना रहे, दोनो एक-एक करके मुझे छोड़ते है.

आयेज की कहानी अगले पार्ट में. इतनी कहानी अची लगे तो मैल करना ना भूले और कॉमेंट करना भी ना भूले. और किसी को सेक्स छत करनी हो तो ज़रूर मैल करे
डरक्शादोवव1144@गमाल.कॉम पर. मेरी छूट की आप सब को फिर से सलामी.

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