अपनी चुदाई के बाद देखी पति की चुदाई

दोस्तों थॅंक योउ, शुक्रिया, धन्यवाद इतने सारे मेल्स आंड मेसेजस के लिए. मेरी सेक्स स्टोरी आपको इतनी पसंद आ रही है ये जान के बहुत अछा लग रहा है. अब आते है स्टोरी पे.

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की मैने और आकाश जीजू ने एक-दूसरे के साथ बहुत एंजाय किया. हुँने एक-दूसरे के साथ ओरल सेक्स एंजाय किया. 69 पोज़िशन में एक-दूसरे को एक साथ खुश किया. अब आयेज-

69 में एंजाय करने के बाद जीजू मुझसे बोले-

आकाश जीजू: अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा.

मे: अब तो कंट्रोल मुझसे भी नही हो रहा.

आकाश जीजू: तुम रेडी हो ना?

मे: हा जीजू अब प्लीज़ और देर मत करिए.

फिर उन्होने ड्रॉयर से कॉंडम निकाला और मुझे दिया. मैने पॅकेट से कॉंडम निकाला और जीजू के लंड पे पहना दिया. फिर जीजू मेरे उपर आए और अपना लंड मेरी छूट पे रगड़ने लगे. उनका लंड अब पूरी तरह से रेडी था मेरी छूट में जाने के लिए. फिर जीजू ने अपना लंड मेरी छूट पे रखा और मुझे देखा. मैने उन्हे स्माइल करते हुए ग्रीन सिग्नल दे दिया.

फिर जीजू ने एक झटका दिया और उनके लंड का सूपड़ा मेरी छूट में घुस गया. मेरी चीख निकल गयी. उनका सूपड़ा इतना मोटा था इसलिए मुझे दर्द होने लगा. जीजू वही रुक गये और मुझे किस करने लगे, मेरे बूब्स सहलाने लगे.

कुछ देर बाद जब मेरा दर्द कम हुआ, तो मैने नीचे से धक्का मारा. जीजू समझ गये और उन्होने एक ज़ोर का झटका मारा मेरी छूट में. अब उनका आधा लंड मेरी छूट में था. मेरी छूट में फिर से दर्द होने लगा. 1 मिनिट जीजू रुके और जितना लंड अंदर था उतना ही अंदर बाहर करने लगे.

जीजू का लंड दीपक के लंड से मोटा था, इसलिए तोड़ा दर्द हो रहा था. उनके लंड का सूपड़ा कुछ ज़्यादा ही मोटा था तो ऐसा लग रहा था जैसे आज 1स्ट्रीट टाइम चुड रही हू. तो इस चुदाई का एक अलग ही अहसास हो रहा था. दर्द के साथ मज़े वाली चुदाई हो रही थी.

जीजू को भी नयी छूट मिली थी तो वो भी मज़े से मेरी छूट छोड़े जेया रहे थे. 5 मिनिट उस पोज़िशन में छोड़ने के बाद जीजू ने अपना लंड निकाल दिया और बोले की अब तुम मेरे उपर आ जाओ. जीजू लेट गये और मैं उनके उपर आ गयी. ये पोज़िशन तो आपको पता ही होगी, कॉवगिरल पोज़िशन, जो की मेरी फॅवुरेट पोज़िशन भी है.

मैं उनके उपर आई और उनका लंड मेरी छूट पे रखा. फिर धीरे-धीरे उनका लंड मेरी छूट के अंदर लेने लगी. आधा लंड अंदर लेके मैं उपर-नीचे होके चूड़ने लगी. फिर मैं उपर से धक्के देने लगी और जीजू नीचे से. ऐसे करते करते जीजू का पूरा 6 इंच का लंड मेरी छूट में चला गया.

फिर मैने स्पीड बढ़ा दी अपने धक्को की और तेज़-तेज़ उपर-नीचे होने लगी. कॉवगिरल पोज़िशन की एक ख़ासियत है की इस पोज़िशन में लंड एक-दूं अंदर तक जाके मज़े देता है. फिर जीजू मेरे बूब्स पकड़ के मुझे नीचे से धक्के मार रहे थे. उपर मेरे धक्के और नीचे से जीजू के धक्को की वजह से मेरा काम होने वाला था.

मैं जीजू को बोल रही थी: जीजू छोड़ो अपनी नयी वाइफ को, और तेज़ ढाके मारो, जीजू आज तो मज़ा ही आ गया.

और ऐसे ही कुछ ही धक्को में मेरा पानी निकल गया और मेरे धक्के बंद हो गये. फिर मैं जीजू के सीने पे लूड़क गयी. मेरी छूट का पानी उनके लंड से होते हुए बाहर आने लगा. मेरी छूट के पानी से उनका लंड चमकने लगा.

पर अब तक जीजू का नही हुआ था तो उन्होने मुझे नीचे किया और वो मेरे टाँगों के बीच आ गये. जीजू ने मेरी टाँगें अपने कंधे पे रखी और डाल दिया अपना लंड मेरी छूट में. फिर शुरू कर दी मेरी चुदाई. उनकी चुदाई से में भी फिर से गरम हो गयी. मैं उनका जोश बढ़ने के लिए बोलने लगी-

मे: जीजू और तेज़, अंदर तक डालो, कम ओं जीजू, आज फाड़ दो मेरी छूट.

मेरी बातों से उनका जोश बढ़ गया और वो और तेज़ और गहरे धक्के मारने लगे. उनके धक्के बढ़ने लगे, वो इतने तेज़ और गहरे धक्के मार रहे थे की मेरा फिर से होने वाला था और शायद उनका भी होने वाला था. कुछ ही देर में हम दोनो का पानी साथ ही निकल गया. फिर वो मेरे पास लेट गये. हम दोनो अपनी साँसे कंट्रोल कर रहे थे. फिर कुछ देर बाद हम दोनो वॉशरूम गये और खुद को क्लीन किया. फिर आके बेड पे लेट गये.

जीजू का लंड छ्होटा हो गया था, पर उनका जोश कम नही हुआ था. वो मेरे बूब्स के साथ खेल रहे थे, कभी निपल को पिंच करते तो कभी पुर बूब्स को मसालते. फिर हम बातें करने लगे-

मे: जीजू आज तो मज़ा आ गया आपके साथ.

आकाश जीजू: हा यार मज़ा तो इतना आया की पूछो मत. तुम्हारी छूट इतनी टाइट है की लग रहा था किसी वर्जिन छूट को छोड़ रहा हू.

मे: आपका लंड बहुत मोटा है इसलिए आपको ऐसा लग रहा था, और मुझे भी ऐसा ही लग रहा था की मैं आज पहली बार चुड रही हू.

आकाश जीजू: मुझे तो लग रहा था की तुम मुझे टच भी करने नही डोगी.

मे: दीपक ने आज के लिए मुझे आपकी वाइफ बनाया है, और हज़्बेंड की खुशी के लिए इतना तो कर ही सकती हू ना.

आकाश जीजू: तो मेरी प्यारी वाइफ को मज़ा तो आया ना?

मे: हा प्यारे पातिदेव, बहुत मज़ा आया.

आकाश जीजू: वैसे दीपक और अंकिता क्या कर रहे होंगे?

मे: ये भी कोई पूछने की बात है. वो दोनो भी चुदाई कर रहे होंगे और क्या?

आकाश जीजू: चलो ना देख के आते है.

मे: आइडिया तो अछा है. ऐसे चुपके से दूसरों को देखने में मज़ा तो आता है.

आकाश जीजू: है ना? चलो उठो फिर.

मे: कपड़े तो पहनने दो, ऐसे नंगे ही जाए क्या?

आकाश जीजू: अर्रे यार हम च्छूप के देखने वाले है. उन्हे थोड़े ही पता चलेगा.

मे: फिर भी दीपक के सामने ऐसे नंगी कैसे जौ?

आकाश जीजू: अर्रे डार्लिंग वो कहाँ तुम्हे देखेगा? और वैसे भी वो दोनो भी तो नंगे ही होंगे.

मे: अछा ठीक है. पर वहाँ एक-दूं चुप-छाप रहना. उन्हे पता नही चलना चाहिए की हम उन्हे देख रहे है.

आकाश जीजू: हा, अब चलो.

फिर हम दोनो नंगे ही दबे पावं बाहर आए और दूसरे बेडरूम के बाहर खड़े हो गये, जिसमे अंकिता और दीपक थे. जीजू ने धीरे से डोर तोड़ा ओपन किया. फिर वो मेरे पीछे आके खड़े हो गये. जब मैने अंदर देखा तो अंकिता बेड पे घुटनो पे झुकी हुई थी, और दीपक पीछे से उसे छोड़ रहा था, मतलब डॉगी पोज़िशन में.

मैने बोला: हम यहा बैठ के उन्हे देखते है. खड़े रहे तो उनकी नज़रों में आ सकते है.

फिर हम वहीं बैठ गये. मैं आयेज थी और जीजू मेरे पीछे बैठे थे. दीपक पीछे से अंकिता को छोड़ रहा था. दीपक की सिर्फ़ गांद दिख रही थी. अंकिता की भी साइड से गांद दिख रही थी. उसकी गांद मुझसे तो काफ़ी बड़ी थी. उसकी गांद 38″ की तो होगी.

अंकिता के बूब्स भी झूल रहे थे, कपड़ों में जितना दिखते थे उससे तो काफ़ी बड़े थे उसके बूब्स, 36द के होंगे. जब दीपक धक्के मार रहा था, तो अंकिता के बूब्स हिल रहे थे. क्या नज़ारा था यार, किसी को ऐसे चूड़ते हुए देखने का मज़ा ही अलग है. मैने पीछे देखा तो जीजू भी पुर मूड में उन्हे देख रहे थे. जीजू का लंड भी खड़ा हो गया था.

सामने का सीन अब चेंज हो गया था. मतलब उन्होने पोज़िशन चेंज कर ली थी. अब दीपक बेड से नीचे उतार गया था, अंकिता बेड के एड्ज पे आके बैठ गयी अपने पावं नीचे लटका के.

उस टाइम मेरी नज़र अंकिता की छूट पे पड़ी. उसकी छूट भी एक-दूं क्लीन थी मेरी तरह. पर उसकी छूट थोड़ी उभरी हुई थी, शायद जीजू के मोटे सूपदे की वजह से उसकी छूट उभर गयी थी. दीपक ने अंकिता के पैर अपनी कमर पे रखे और लंड छूट पे रखा. फिर एक ही धक्के में पूरा लंड अंदर डाल दिया.

जीजू ने मेरे कान में धीरे से बोला: दीपक का लंड तो मुझसे भी बड़ा है.

मैने उन्हे चुप रहने का इशारा किया. उधर दीपक का लंड अंकिता की छूट में अंदर-बाहर हो रहा था और हर धक्के से अंकिता के बूब्स उपर-नीचे हो रहे थे.

अंकिता बोल रही थी: जीजू बड़ा मज़ा आ रहा है, और तेज़ करो ना. आपका लंड आकाश से बड़ा है. ये बहुत अंदर तक जेया रहा है.

हम नीचे बैठे थे तो दीपक का लंड अंकिता की छूट में अंदर-बाहर हो रहा था, वो हमे क्लियर दिख रहा था. अंकिता की छूट खुल-बंद हो रही थी, जब लंड अंदर जाता तो बंद होती और जब लंड बाहर आता तो खुलती.

यहाँ जीजू ने मुझे अपनी गोद में बिता लिया. उनका लंड मुझे अपनी गांद में लग रहा था. जीजू पीछे से मेरे बूब्स भी सहला रहे थे, और मेरी छूट भी सहला रहे थे. ऐसे किसी को चूड़ते देखते हुए एंजाय करने का अलग ही मज़ा है, वो भी अपने ही हज़्बेंड या वाइफ को. उधर दीपक ने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी थी. अंकिता आ आ कर रही थी और बोल रही थी और तेज़ जीजू, और अंदर तक, मज़ा आ रहा है.

सामने दीपक अंकिता की चुदाई और इधर जीजू का मेरे साथ मस्ती करना, मेरी तो छूट ही गीली हो गयी. अब मुझसे कंट्रोल नही हो रहा था, मैने जीजू को वहाँ से चलने का इशारा किया. और डोर को धीरे से बंद किया और हुमारे बेडरूम में आ गये.

इस पार्ट में इतना ही, अगले पार्ट में पढ़िएगा हुमारे नेक्स्ट रौंद में क्या-क्या हुआ. और भी बहुत कुछ बाकी है तो वेट करिए नेक्स्ट पार्ट का. तब तक मैल करिए और बताइए कैसी लगी मेरी अब तक की स्टोरी.

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