गाओं की भाभी की चुदाई देखी

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राहुल, आगे 30 साल, आवरेज सी बॉडी है और आवरेज सा लुक है. मैं देल्ही में रहता हू और मेरी शादी हो चुकी है.

मेरे घर में मैं, मेरी वाइफ, मेरे मम्मी-पापा रहते है. हम लोग अक्सर अपने गाओं जाते रहते है. गाओं हमारा जबलपुर, मॅढिया प्रदेश में है. ये कहानी आज से 5 साल पहले की है, जब मेरी शादी भी नही हुई थी.

हम लोग अक्सर अपने गाओं जाते रहते थे. ऐसे ही साल 2019 में हम अपने गाओं गये हुए थे. हमारे घर से 3 घर छ्चोढ़ के एक परिवार रहता था, जहाँ 5 लोग रहते थे. जहाँ अरविंद (आगे 60), उनकी वाइफ शकुंतला (आगे 58) और उनके 2 बेटे थे.

पहले बेटे का नाम राजू (आगे 31 साल) और उनकी वाइफ का नाम रानी (आगे 27) था. उनकी शादी अभी 2 साल पहले ही हुई थी. दूसरे बेटे का नाम अनुज (आगे 25) था, जो की मेरी ही आगे का था.

हमारी उनसे जान-पहचान अची थी. मैं भी राजू को भाई ही बोलता था, क्यूंकी वो रिश्ते में भाई जैसा ही था, और उनकी वाइफ को रानी भाभी बोलता था. रानी भाभी एक-दूं सिंपल सी थी. नॉर्मल सा लुक था, नॉर्मल बॉडी स्ट्रक्चर जैसे गाओं के लोगों का होता है वैसा.

एक-दिन की बात है. गाओं में रात को सभी लोग जल्दी सो जाते है. रात के 11 या 12 बजे थे, और मुझे नींद नही आ रही थी. मैं अपने घर से बाहर निकल गया और बाहर यूँ ही घूमने लगा. घूमते-घूमते मैं अरविंद अंकल के घर के पास आ गया.

मैं घूम ही रहा था की मैने देखा की उनके घर की खिड़की खुली थी, और अंदर की लाइट जल रही थी. वहाँ पे राजू भैया और उनकी वाइफ रानी एक-दूसरे को किस कर रहे थे. मेरे कदम उधर ही रुक गये. दोनो आपस में इतना खो गये थे, की उनको ये तक याद नही था की खिड़की खुली हुई थी.

राजू भाई भाभी को किस कर रहे थे. रानी भाभी ने इस वक़्त ब्लू कलर की सारी पहनी हुई थी, और राजू भाई सिर्फ़ बनियान और अंडरवेर में थे. दोनो एक-दूसरे को किस कर रहे थे. फिर राजू भाई ने रानी भाभी की सारे निकाल दी. अब भाभी सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट में थी.

फिर भाई ने भाभी को बिस्तर पे लिटा दिया और उसके बाद भाई भाभी के पेट पे किस कर रहे त. उनका हाथ अब भाभी के पेटिकोट के अंदर जेया रहा था. फिर उन्होने पेटिकोट का नाडा भी खोल दिया. अब भाभी सिर्फ़ एक नॉर्मल सी ब्लू पनटी में थी और ब्लाउस में. उफफफ्फ़, क्या लग रही थी भाभी. मेरा तो उधर ही खड़ा हो गया.

मैने देखा की अब भाई ने ब्लाउस और ब्रा भी निकाल दिए थे. अब वो भाभी के बूब्स को चूस रहे थे, एक को हाथ से दबाते और दूसरे वाले को चूस्टे. क्या नज़ारा था. उस वक़्त मेरा वहाँ से जाने का मॅन ही नही कर रहा था.

मैने देखा भाई ने भाभी की पनटी भी उतार दी, और अब भाभी की छूट दिख रही थी. छूट पर बाल भी थे. अब भाई ने अपना अंडरवेर उतरा और भाभी की छूट में लंड सेट किया और अंदर डालने लगे. भाभी बेड पे लेती हुई थी, और उपर भाई उनकी चुदाई करने लगे.

मुझे इस वक़्त दोनो की चुदाई दिख रही थी. भाई अपने लंड को भाभी की छूट में अंदर-बाहर कर रहे थे. रूम में सिर्फ़ पच-पच की आवाज़ आ रही थी और भाभी की सिसकियाँ सुनाई दे रही थी. उधर भाई का लंड भाभी की छूट में अंदर-बाहर हो रहा था.

अचानक कुत्ते के भौंकने की आवाज़ आई. मैने देखा साला मुझे ही भौंक रहा था. मैं जाने ही लगा था, की अचानक भाभी की नज़र मुझ पर पड़ी, और मेरी उन पर पड़ी. लेकिन भाई अभी भी चुदाई कर रहे थे.

मैं दर्र गया कहीं भाभी ने भाई को बोल दिया तो? फिर मैं भाग कर अपने घर आ गया और सो गया. दूसरे दिन जब सुबा हुई, तो मैं घूमने चला गया. मैं भाभी के घर के पास में था, तो राजू भाई ने आवाज़ दी-

राजू: कहाँ जेया रहा है? आजा अंदर छाई-पानी कर ले.

मैं दर्रा हुआ था, तो मैने माना कर दिया. फिर वो ज़बरदस्ती करके अपने घर ले गया. शायद से भाभी ने कुछ बोला था भाई को.

मैं घर के अंदर गया जहाँ सब लोग थे. मैं अंदर जाके बैठ गया. सब लोगों ने मेरा हाल-चल पूछा. इतने में भाभी छाई लेकर आ गयी, और मुझे देख कर मुस्कराय. मैं हैरान था. फिर नॉर्मल बात हुई और मैं अपने घर आ गया.

ऐसे ही दिन निकलते गये. एक-दिन की बात है. मैं नॉर्मली घूम रहा था अपने घर के बाहर. तो भाभी ने नॉर्मली मुझे बुला लिया अपने घर छाई पीने को. मैने माना किया, लेकिन फिर मैं मान गया. इससे पहले भी मेरी बात हुई थी भाभी से, बुत ज़्यादा ख़ास नही.

घर पे कोई नही था तो मैने पूछा: सब कहाँ गये?

तो उन्होने बोला: सब खेत गये है, आते ही होंगे.

तोड़ा हाल-चल पूछा, फिर भाभी ने कहा: तुम उस रात क्या देख रहे थे?

मैं दर्र गया. मैने भी बोला: आपकी खिड़की खुली हुई थी उस दिन, तो दिख गया. इसलिए देख रहा था. आपको खिड़की बंद करनी चाहिए.

फिर भाभी ने बोला: मज़ा आया देखने में?

मैं हैरान था की वो ये क्या बोल रही थी.

फिर मैने भी बोल दिया: हा मज़ा तो आया.

मैने भाभी को बोला: आपको शेव करनी चाहिए.

वो मुस्कुराइ और शर्मा गयी. फिर थोड़ी इधर-उधर की बात हुई. उन्होने मेरी गफ़ के बारे में पूछा.

मैने भी बोला: हा, एक देल्ही में है. उसी से शादी करनी है.

मैने भाभी से कहा: उस रात आप बहुत हॉट सेक्सी लग रहे थे.

भाभी: अछा ऐसा क्या?

फिर भाभी ने कहा: आज फिर खिड़की खुली रखूँगी, फिर देख लेना.

ये बोल कर वो हासणे लगी. फिर बोली की मज़ाक कर रही हू. मैं हैरान था ये क्या बोल रही थी. फिर थोड़ी देर के बाद मैं चला गया.

एक-दिन दोपहर की बात है. मैने देखा भाभी को, और उनके साथ एक आदमी था जो की गाओं का ही था. दोनो घर के अंदर चले गये. फिर मैं उसी खिड़की के पास आया जहाँ भाभी का कमरा था, और खिड़की फिर खुली हुई थी. मुझे शक था कुछ तो गड़बड़ थी और वैसा ही हुआ.

दोनो उसी कमरे में आए, और एक-दूसरे को किस करने लगे. भाभी ने फिर से मुझे देख लिया. मुझे देख कर वो हस्सी और फिर उस आदमी को किस करने लगी. अब भाभी ने उस आदमी के सारे कपड़े निकाल दिए और पूरी बॉडी पे किस करने लगी. अब वो आदमी सिर्फ़ अंडरवेर में था.

फिर उस आदमी ने भाभी की सारी निकाल दी. अब भाभी सिर्फ़ पेटिकोट और ब्लाउस में थी. अब वो आदमी ब्लाउस के उपर से ही उनके बूब्स को दबाने लगा. भाभी भी मज़ा कर रही थी उसके साथ. अब उस आदमी ने भाभी के पेटिकोट का नाडा भी खोल दिया, और ब्लाउस भी निकाल दिया. मैं बीच-बीच में च्छूप जाता की कहीं उस आदमी की नज़र मुझे पर ना पड़े.

अब भाभी सिर्फ़ वाइट ब्रा आंड वाइट पनटी में थी, और इधर मेरी भी हालत खराब थी. पता नही क्यूँ मेरा उधर से जाने का मॅन ही नही हुआ. मैने देखा अब उस आदमी ने ब्रा और पनटी भी निकाल दी और भाभी को बिस्तर पे उल्टा लिटा दिया.

अब भाभी की गांद उस आदमी की तरफ थी और भाभी का फेस खिड़की की तरफ. बीच-बीच में भाभी ने मुझे काई बार देखा. अब भाभी की गांद उस आदमी की तरफ थी और गांद पूरी तरह फूली हुई थी. उस आदमी ने अपना लंड भाभी की छूट में रखा और उनके उपर लेट कर उनको छोड़ने लगा.

मुझे सॉफ-सॉफ दिख रहा था की उसका लंड अंदर-बाहर हो रहा था. भाभी की आ आ की आवाज़े सुनाई दे रही थी और वो आदमी उनको छोड़ रहा था. पुर कमरे में पच पच की आवाज़ आ रही थी. कभी उनको सीधा करके छोड़ता, कभी उनको उल्टा करके छोड़ता. पूरी चुदाई होने के बाद वो आदमी भाभी की पनटी लेकर चला गया.

मैं हैरान था. अब मैने सोचा की मैं भी भाभी को छोड़ूँगा, वो भी आचे से.

इस कहानी में बहुत ट्विस्ट होने वाला है. कुछ बड़ा ट्विस्ट, जो की आज तक किसी भी कहानी में नही हुआ. Mail kare [email protected]

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