टीचर का चक्कर सेक्सी स्टूडेंट के साथ

दोस्तों मेरा नाम प्रिन्स है, और मैं 25 साल का हू. मैं एक मेद्स लेक्चरर हू. दिखने में मैं काफ़ी हॅंडसम हू. मैं जिम जाता हू, और फिट बॉडी है मेरी. मेरी शादी 21 की उमर में ही हो गयी थी, क्यूंकी मेरी दादी बीमार हो गयी थी, और वो जाने से पहले मेरा घर बसा हुआ देखना चाहती थी.

दादी तो चली गयी, लेकिन मुझे जाने से पहले शादी के चक्कर में फ़ससा गयी. पहले-पहले तो मैं बहुत खुश था, क्यूंकी वैसे भी जवानी में छूट चुदाई की तलब होती है. और मुझे तो बीवी के रूप में अपनी प्राइवेट छूट मिल गयी थी.

मेरी बीवी भी काफ़ी खूबसूरत है. पहले 2 साल तो मैने उसको बहुत छोड़ा. लेकिन फिर एक टाइम आया जब मैं उसको छोड़ कर बोर हो गया. मैं साथ-साथ पढ़ाई भी कर रहा था, और मेरी ग्रॅजुयेशन पूरी हो चुकी थी.

फिर मैने अपनी मास्टर्स डिग्री शुरू की. कॉलेज में बहुत हसीन लड़कियाँ थी. उनको देख कर मुझे एहसास हुआ की मैने जल्दी शादी करके बहुत कुछ मिस कर दिया. वहाँ बहुत सी लड़कियाँ मुझे लाइन मार्टी थी, लेकिन जब उनको मेरे मॅरीड होने का पता चलता, तो किनारा कर जाती थी.

अब तक मैं अपनी बीवी को छोड़-छोड़ कर बहुत बोर हो गया था. हमारा सेक्स भी बहुत कम हो चुका था. अब मुझे किसी और लड़की को छोड़ने की तलब लगती थी. लेकिन मैं क्या करता?

मास्टर्स डिग्री पूरी होने के बाद मैने टीचिंग करने का सोचा. मैं पढ़ाई में अछा था, तो सोचा एक तो कॉलेज में पढ़ा देंगे, और टुटीओन्स आने से कमाई भी अची हो जाएगी. दूसरा वहाँ खूबसूरत लड़कियाँ होंगी. तो जो काम मैं आस आ स्टूडेंट कॉलेज में नही कर पाया, वो आस आ टीचर कर सकता था.

फिर मैने कॉलेज में टीच करना शुरू कर दिया. मैं 1स्ट्रीट एअर की मेद्स क्लासस लेने लगा. उस क्लास में एक से एक तोता था. गोरी-गोरी, चिकनी, सेक्सी लड़कियाँ. सारी लड़कियाँ बड़ा हस्स-हस्स के मुझे देखती, और मुझसे बातें करने की कॉसिश करती थी.

क्वेस्चन्स समझने के बहाने वो मेरे बिल्कुल करीब आके खड़ी हो जाती. वो मेरे इतनी करीब आती की कभी-कभी उनके सॉफ्ट बूब्स से मेरी बाजू टच हो जाती. इससे मुझे बहुत मज़ा आता. रात को मैं उन्ही लड़कियों को इमॅजिन करके अपनी बीवी की चुदाई करता.

दिन ऐसे ही निकलते चले गये. मैने जो सोच था, वहीं हो रहा था. जवान लड़कियों को देख कर बहुत मज़ा आता था. लेकिन अभी तक किसी की चुदाई करने का मौका नही मिला.

फिर मैने टुटीओन क्लासस शुरू की. काफ़ी सारी लड़कियाँ मेरी क्लास में आने लगी. वहाँ मैं उनके साथ और ज़्यादा फ्री होने लगा. मुझे उनकी आँखों में अपने लिए प्यार नज़र आता था. मैं भी उनको प्यार भारी नज़रों से देखता था, लेकिन कोई लड़की कुछ बोलने की हिम्मत नही करती थी. मैं भी टीचर होके उनको कैसे कुछ बोल सकता था.

फिर टीचर्स दे का दिन आया. मुझे बहुत सारे गिफ्ट्स और कार्ड्स मिले. उनमे से एक में “ई लोवे योउ” लिखा था. मैं ये देख कर खुश हो गया. मैने उसपे लिखे नंबर डाइयल किया तो वो दिव्या का नंबर था.

दिव्या फर्स्ट एअर की सबसे सेक्सी स्टूडेंट्स में से एक थी. वो एक रिच फॅमिली से थी. उसका रंग गोरा, और फिगर बड़ा सेक्सी था. वो देखने में बड़ी सॉफ्ट थी, और ऐसी लड़कियों को हार्ड चुदाई चाहिए होती है.

फिर मैने उसको कॉल की, और पूछा कार्ड के बारे में. उसने मान लिया की वो कार्ड उसी ने भेजा था. मैने पहले ही सोच कर रखा था की अगर कोई लड़की मुझे प्रपोज़ करेगी तो मैने पहले ही उसको अपनी शादी के बारे में बता दूँगा, ताकि बाद में कोई प्राब्लम ना हो.

तो मैने उसको कहा: दिव्या तुम बहुत अची लड़की हो. ब्यूटिफुल भी हो. तुम्हारे साथ कोई भी लड़का दोस्ती करना चाहेगा, तुमसे प्यार करना चाहेगा. लेकिन मैं मॅरीड हू. तो मैं ऐसा नही कर सकता.

दिव्या: मैं जानती हू आप मॅरीड हो सिर. और मैं आपको अपनी मॅरेज खराब करने के लिए नही कह रही. मैं तो बस चाहती हू की आप मुझे भी प्यार करे.

ये सुन कर मेरे अंदर लड्डू फूटने लगे. जो मैं चाहता था, वो मुझे आज मिल गया. फिर मैने उससे कहा-

मैं: ई लोवे योउ दिव्या. तुम जैसी खूबसूरत लड़की मुझसे प्यार करेगी, मैने कभी सोचा नही था.

दिव्या: ई लोवे योउ टू प्रिन्स. मैं तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती हू.

दिव्या ने मेरी टुटीओन पहले से जाय्न की हुई थी. अब वहाँ पर हमारा नैन-मटक्का शुरू हो गया. मैं बहाने से उसको टच भी करने लगा था. बहुत मज़ा आ रहा था. दिव्या बहुत चिकना माल थी. उसको चू लेने भर से मेरा लंड खड़ा हो जाता था. रात-रात भर हमारी बातें होने लगी थी.

फिर एक दिन मैने उससे कहा: दिव्या, आज तुम जाने से पहले क्वेस्चन समझने के बहाने रुक जाना.

दिव्या: क्यूँ क्या हुआ सिर (मुझे टीज़ करते हुए)?

मैं: वैसे ही, मैने सोचा तुम्हे तोड़ा एक्सट्रा पढ़ा डू.

दिव्या: ठीक है सिर. एक्सट्रा पढ़ने के लिए तो मैं हमेशा रेडी हू (और ये कह कर उसने मुझे आँख मारने वाला एमोजी भेज दिया).

अगले दिन जब वो टुटीओन आई, तो मैं उसको देखता ही रह गया. उसने ब्लू जीन्स के साथ ब्लॅक टॉप पहना था. गोरे रंग पर काले कपड़े बहुत जचते है, और वो तो वैसे भी बहुत खूबसूरत थी.

जब मैं बच्चो को पढ़ा रहा था, तो मेरी नज़र बार-बार उस पर जेया रही थी. उसका सेक्सी फिगर देख-देख कर मैं मॅन ही मॅन खुश हो रहा था. जब मैं पीछे जाता, तो मेरी नज़र जीन्स में उसकी टाइट गांद पर पड़ती. मैं सोचता की अभी कुछ देर में मुझे इस गांद को छ्छूने का मौका मिलेगा.

मैं अब बस क्लास ख़तम होने का इंतेज़ार कर रहा था. टॉप में उसके टाइट बूब्स को नंगा करने के लिए मैं बहुत बेताब था. फिर जैसे-तैसे क्लास ख़तम हुई, और एक-एक करके सारे स्टूडेंट्स चले गये. अब क्लास में सिर्फ़ मैं और दिव्या थी.

दोस्तों आज के लिए इतना ही. यहाँ तक की कहानी आपको कैसी लगी, [email protected] पर मैल करने बताए.

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