दोस्तों मेरा नाम मंजुल है. मैं देल्ही में रहता हू. मेरी उमर 20 साल है, और मैं कॉलेज में पढ़ता हू. मेरी फॅमिली में मैं, मम्मी-डॅडी, और मेरी एक बड़ी बेहन है. ये कहानी मेरी बड़ी बेहन की हमारे नौकर के साथ चुदाई की है. तो चलिए सीधे कहानी पर चलते है.
मेरी दीदी का नाम रोमिका है. वो मुझसे 2 साल बड़ी है, और कॉलेज में पोस्ट ग्रॅजुयेशन कर रही है. दीदी का रंग गोरा है, हाइट 5’6″ है, और मस्त फिगर है. अची हाइट और मस्त फिगर के चलते वो मॉडेल लगती है. वो ऐसी है, जिस पर किसी भी लड़के का दिल आ जाए.
हमारे घर में 7 साल से एक नौकर काम कर रहा है. जब वो काम पर लगा था, तब 15 साल का था. और अब वो 22 साल का हो चुका है. यानी की वो हमारी उमर का ही है. जब हम बच्चे थे, तो उसको भी साथ में खिलाया करते थे. हमारे लिए वो हमारी फॅमिली के सदस्या जैसा ही हो गया था. लेकिन था तो वो एक नौकर ही ना.
मैं और मेरी दीदी एक ही रूम में सोते है, इसलिए प्राइवसी थोड़ी कम मिलती है. लेकिन हमने कुछ रूल्स बना रखे थे. जैसे कोई दूसरे का मोबाइल नही देखेगा. बातरूम पहले वो उसे करेंगी. रात को 10 बजे लाइट बंद कर दी जाएगी वग़ैरा-वग़ैरा.
3 महीने पहले मैं सो रहा था. अचानक आधी रात को मेरी नींद खुली. जब मैने आँखें खोली तो देखा दीदी मोबाइल पर किसी के साथ छत कर रही थी. वो छत करते हुए खुश हो रही थी. इससे मुझे अंदाज़ा हो गया की उनका किसी के साथ चक्कर चल रहा था. फिर कुछ देर में मैं फिर से सो गया.
जब मैं सुबा उठा, तो दीदी अभी भी सो रही थी. तभी मुझे रात वाला सीन याद आया. मेरा मॅन करने लगा की मैं भी उनकी छत पढ़ु. फिर मैने चुपके से उनका मोबाइल लिया, और व्हातसपप खोल कर उनकी छत पढ़ने लगा.
उनकी रात वाली छत एक रोमॅंटिक छत थी. लेकिन जैसे-जैसे मैं पीछे गया, तो छत में गंदी बातें भी थी. मैने कभी नही सोचा था की मेरी बेहन ऐसी बातें कर सकती थी. फिर दीदी जागने को हुई, तो मैने उनका फोन रख दिया. अब मैं इस बात को लेके उत्सुक था, की वो लड़का कों था, जिससे मेरी दीदी बातें कर रही थी.
उस दिन से मैं हर रोज़ उनकी छत पढ़ने लगा. उनकी गंदी बातें पढ़ कर मेरा लंड खड़ा हो जाता. काई बार को मैं दीदी को चूड्ता हुआ इमॅजिन करके मूठ भी मार लेता था. फिर एक दिन मैने पढ़ा-
दीदी: जान, किस करके आज बहुत मज़ा आया.
ब्फ: मुझे भी बड़ा मज़ा आया.
ये पढ़ कर मैं हैरान हो गया. क्यूंकी उस दिन सारा दिन दीदी घर पर ही थी, तो उन्होने कब और कहाँ किस किया, ये बात मेरी समझ नही आई. अब मेरी उनके ब्फ को लेके उत्सुकता और बढ़ गयी, की आख़िर वो लड़का था कों.
एक दिन मैं हॉल में बैठा अपना मोबाइल चला रहा था. तभी मम्मी आई, और उन्होने कहा-
मम्मी: मंजुल फोन देना अपना ज़रा.
मुझसे फोन लेके उन्होने अपनी ड्रेस की फोटो ली, और बोली-
मम्मी: ये विकी (नौकर) को भेज दो, और उसको बोलो इस रंग की रील लेके आनी है.
जब मैं फोटो भेजने लगा, तो मेरी नज़र विकी की ड्प पर पड़ी. यही ड्प मैने दीदी के ब्फ की देखी थी. ये देख कर मैं हैरान रह गया. मैने सोचा कही दीदी हमारे नौकर के साथ तो नही फ़ससी हुई थी? अब मुझे ये कन्फर्म करना था.
उसी दिन शाम को मैं विकी के साथ यू ही टाइम पास वाली बातें करने लगा. मैने जान-बूझ कर उसका फोन लिया, ये कह कर की मेरा फोन नही मिल रहा, और उस पर कॉल करके देखना है कहा है. फिर जब मैने उसका व्हातसपप चेक किया, तो मेरा शक यकीन में बदल गया. दीदी उसी के साथ फ़ससी हुई थी. उसमे लास्ट मेसेज लिखा हुआ था की “आज शाम को खूब प्यार करेंगे”.
तभी मुझे याद आया की आज शाम तो हम किसी पार्टी पर जाने वाले थे. लेकिन वो लोग कैसे रोमॅन्स करने वाले थे, ये मुझे पता नही था. फिर शाम हुई, और सब रेडी होने लगे. तभी दीदी ने मम्मी को टेस्ट का बहाना बना कर जाने से माना कर दिया. मैं समझ गया की उन्होने ऐसा क्यूँ किया.
फिर मैं और मम्मी-पापा पार्टी पर चले गये. मैं बेचैन था की दीदी और विकी क्या कर रहे होंगे. जब मैने देखा की मम्मी-पापा अपने दोस्तों के साथ बिज़ी थे, तो मैं चुपके से वहाँ से निकल आया. पार्टी वेन्यू घर से 15 मिनिट ही डोर था.
मैने कॅब ली, और घर पहुँच गया. फिर मैं अपने वाली चाबी से अंदर घुसा. अंदर बिल्कुल सन्नाटा था, और सारी लाइट्स बंद थी. मैं दीदी के रूम की तरफ बढ़ा, लेकिन अंदर कोई नही था. मैं सोचने लगा की ये दोनो कहा थे.
फिर मैं विकी के रूम की तरफ जाने लगा. तभी मेरी नज़र मम्मी-पापा के रूम की तरफ गयी. उस रूम की लाइट जल रही थी. मैने अंदर झाँका, तो मेरी आँखें खुली की खुली रह गयी.
अंदर दीदी नंगी बेड पर लेती हुई थी, और विकी उनकी टाँगों के बीच मूह डाले हुए था. वो दीदी की छूट चूस रहा था, और दीदी आ आ करके उसके सर को अपनी छूट में दबा रही थी. ये सीन किसी पॉर्न वीडियो के सीन की तरह था. मेरी दीदी क्या कमाल की सेक्सी लग रही थी.
कुछ देर छूट चूसने के बाद वो उपर आया, और दीदी के चुचे चूसने लगा. दीदी आ आ की सिसकियाँ भर रही थी. विकी भी पूरा नंगा था, और उसका लंड दीदी की छूट से टकरा रहा था. उसका लंड लगभग 7 इंच का था.
फिर वो दीदी के होंठ चूसने लगा, और दोनो वाइल्ड किस करने लगे. उसने एक हाथ से अपना लंड दीदी की छूट पर सेट किया, और धक्का दिया. उसका लंड अंदर जाने लगा, और दीदी दर्द से तड़पने लगी.
दीदी उसको पीछे करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उसने दीदी को जकड़ा हुआ था. वो लंड छूट में पुश करता गया, और पूरा लंड घुसा कर रुक गया. होंठो से होंठ लगे होने की वजह से दीदी कुछ बोल नही पा रही थी.
कुछ देर बाद जब दीदी का दर्द कम हुआ, तो उसने दीदी को छोड़ना शुरू किया. उसने उनके होंठ भी छ्चोढ़ दिए. अब वो धक्के दे रहा था, और दीदी उसकी पीठ नोचते हुए आ आ कर रही थी. कुछ देर बाद दीदी बोली-
दीदी: ज़ोर से करो विकी. ई लोवे योउ विकी. बहुत मज़ा आ रहा है विकी. छोड़ो मुझे आ आ आ.
विकी ज़ोर से धक्के देने लगा, और ठप-ठप की कामुक आवाज़े आने लगी. 10 मिनिट तक ऐसे ही चुदाई चलती रही. फिर विकी ने लंड बाहर निकाला, और अपना माल दीदी के पेट पर छ्चोढ़ दिया. उसके बाद वो दीदी की साइड में लेट गया.
तभी मुझे पापा की कॉल आई. उन्होने पूछा की मैं कहा था. मैने उनको कहा-
मैं: पापा मैं बाहर ही हू, 10 मिनिट में आया.
फिर मुझे वहाँ से जाना पड़ा. वैसे भी दीदी चुड चुकी थी. अब एक बार और चुड्ती या 10 बार, इससे क्या फराक पड़ता.