सेक्स स्टोरी अब आयेज-
मेघा का ऐसा चलता रहा. वो हर हफ्ते सोमनाथ सिर के घर उनसे चूड़ने जाती रही टुटीओन के बहाने. उसको भी इससे अछा लगने लगा. पर कॉलेज में वो डिस्टेन्स मेनटेन करते थे, ताकि किसी को शक ना हो.
लेकिन प्रकाश को शक हो गया था, क्यूंकी मेघा के बाकी पेपर्स में आवरेज मार्क्स आते थे, और सोमनाथ सिर के पेपर में आचे मार्क्स आते थे. मेघा लड़कों को भाव नही देती थी, तो उनका उससे बात करना मुश्किल था.
फिर उन्होने पता लगाया की रोज़ मेघा कहाँ जाती थी. उनको पता चला की सिर्फ़ फ्राइडे शाम को वो कहाँ जाती है. ये उसके किसी फ्रेंड को नही पता था. प्रकाश और राकेश बहुत आचे फ्रेंड थे. इतने आचे की वो साथ में पॉर्न देखते थे, और लड़कियाँ छेड़ते थे.
उनको समझ आ गया की डाल में कुछ कला था. वो फ्राइडे शाम को सोमनाथ सिर के घर के सामने च्छूप के देखते रहे. क्यूंकी खाली एरिया था, और कोई आता-जाता नही था, तो सोमनाथ और मेघा बहुत लाउड सेक्स करने से डरते नही थे. प्रकाश और राकेश ने ये खिड़की से देख लिया. उन्होने सोमनाथ और मेघा के सेक्स की फोन में वीडियो बना ली.
फिर वो च्छूप गये. जब मेघा सोमनाथ के घर से निकली, तो प्रकाश और राकेश बाहर निकले.
प्रकाश: क्या मेघा, लड़कों को घास नही डालती, सीधा बुद्धो को देती हो?
राकेश: हमे भी चान्स दो. उनसे ज़्यादा तुम्हे खुश करेंगे. हमारा उनसे ज़्यादा बड़ा और टाइट है.
मेघा: क्या सब बकवास कर रहे हो? मैं बस टुटीओन पढ़ने आई थी.
प्रकाश: हा-हा, हमने सब देखा है (प्रकाश फिर उसको वीडियो दिखता है. मेघा घबरा जाती है).
मेघा: प्लीज़ ये डेलीट कर दो. ये बाहर आ गयी तो मेरी बहुत बदनामी हो जाएगी.
प्रकाश: नही आने देंगे बाहर.
राकेश: बस तुम हमे तुम्हारे अंदर आने दो.
मेघा: मतलब?
प्रकाश: मतलब हमे भी चाहिए, हम दोनो को.
राकेश: एक साथ दोनो को देना होगा.
मेघा: ची, ये क्या बात हुई?
प्रकाश: ची क्यूँ? तुम तो अंदर काफ़ी उछाल-उछाल के सिर का ले रही थी अपने अंदर. हमारा लेने में क्या प्राब्लम है? वीडियो है वैसे हमारे पास.
मेघा: नही-नही.
प्रकाश: तो चलो शुरू हो जाओ.
मेघा: अभी? यहाँ? बहुत तक गयी हू (मेघा ये नाटक कर रही थी. उसके भी मॅन में लड्डू फुट रहे थे. दो जवान मर्द देख कर, उसकी छूट की आग फिर जलने लगी).
प्रकाश: यहाँ नही, राकेश के घर चलो.
वो लोग साथ में राकेश के घर जाते है. फिर मेघा घर में फोन करके बोल देती है की आज तोड़ा लाते हो जाएगा, थोड़ी एक्सट्रा क्लासस है आज.
राकेश अकेला रहता है, क्यूंकी वो गाओं से शहर पड़ने आया था. उसके कमरे में जेया कर प्रकाश ने कुण्डी लगा दी.
प्रकाश: मेघा, चल हमारी गर्लफ्रेंड है तू. वैसे हमे ट्रीट कर, आ कर हुमारे लंड चूस.
मेघा चुप-छाप अपने घुटनो पे बैठ गयी, उनकी ज़िप खोली, और पंत नीचे करके उनके बड़े मोटे लंड निकाल कर चूसने लगी. प्रकाश और राकेश के तो मज़े ही थे. कॉलेज की सबसे सुंदर लड़की उनके लंड की सेवा कर रही है.
राकेश मेघा के बूब्स को दबाने के लिए झुकता है. मेघा उसको नही रोकती है, जो मॅन करे करने देती है. उसकी छूट में आग लग चुकी थी, संस्कार वो कमरे के बाहर ही रख के घुसी थी अंदर.
मेघा के एक माममे पर हाथ रखते ही राकेश के शरीर में से जैसे करेंट दौड़ गया हो. मेघा के माममे ना ही ज़्यादा सख़्त है ना ही ज़्यादा सॉफ्ट, एक-दूं सही है. मसालने के लिए ही जैसे बने हो. फिर राकेश मेघा की त-शर्ट उठता है.
मेघा का गोरा-चिकना बदन लाइट पड़ते ही चमक उठा. दोनो के लंड ये देख कर और भी सख़्त हो गये. उन दोनो में हवस का हैवान जाग गया. प्रकाश भी झुक कर धीरे से ब्रा की स्ट्रॅप नीचे किया, और मेघा के प्यारे-प्यारे माममे दोनो जोशीले लड़कों के सामने निकल आए.
दोनो के आँखें चमक उठी. पूरी पॉर्न इंडस्ट्री में ऐसी चिकनी कमसिन हसीना कहीं नही थी. सारी सही सेक्सी चीज़ों की मिश्रण से मेघा बनी थी. मेघा उपर से नंगी हो कर दोनो के मस्त लंड चूसने लगी फिर से, “गॅप-गॅप” करके लॉलिपोप जैसे चूज़ जेया रही थी.
प्रकाश और राकेश दोनो मेघा के क्लासमेट्स थे, कुछ 21-22 साल के, और बॉडी भी ठीक-ताक थी. उनकी एनर्जी काफ़ी अची थी, दोनो के लंड काफ़ी मोटे थे (आप जितना मोटा इमॅजिन कर सकते है उतना). प्रकाश की बॉडी टोंड थी, और पूरा काला था. वो रात को बहुत शराब पीटा था, इसलिए उसकी आँखें लाल रहती थी.
बिना शर्ट के प्रकाश की बॉडी काले पत्थर की लगती है. उसकी बॉडी स्ट्रॉंग है लेकिन जिम वाली बॉडी नही है. और राकेश एक सावला नॉर्मल सा दिखने वाला लड़का है. बॉडी काफ़ी अची है. उसके एबेस, बाइसेप्स, काफ़ी स्ट्रॉंग है. वो जिम जाता है, मीडियम बिल्ट है, लेकिन बहुत एनर्जेटिक है. दोनो ने पहली बार मेघा को जब देखा था, तब से उसके बारे में सोच कर हिलाते थे. आज जेया कर वो उनके हाथ आई थी.
दोनो लंड वो बारी-बारी मूह में लेती है और चूसने लगती है. फिर वो अपना कमाल दिखाने लगी, अपने होंठो से रिंजोब देने लगी. वो दोनो के हालात खराब हो गये. इतना मज़ा उनको ज़िंदगी में कभी नही आया. थोड़ी देर बाद प्रकाश उसके बाल पकड़ के ज़ोर-ज़ोर से मूह छोड़ने लगा, और राकेश उसके पुर बदन को निहारते हुए उसकी छूट के पास पहुँचा.
मेघा ने धीरे से अपनी टाँगें खोल दी. राकेश मुस्कुराया और बोला: संस्कारी लड़की की करामात तो देखो. टाँगें खोल कर बुला रही है छूट में.
फिर वो अपना मूह किस करते हुए मेघा की जांघों से धीरे-धीरे उसकी छूट के पास पहुँचा और उसे चाटने लगा. मेघा काँप रही थी. राकेश की जीभ की ताक़त और स्पीड बहुत थी. मेघा की हालत इसी से खराब हो गयी, और थोड़ी ही देर में प्रकाश का लंड चूस्टे-चूस्टे वो बोली-
मेघा: मैं छ्छूट रही हू, आ आ ऊ.
प्रकाश हेस्ट हुए बोलता है: तुम्हारे होने से नही होगा. हमारे होने से ख़तम होगा.
मेघा का पूरा शरीर पसीने से भीग चुका था. गोरे बदन से मोटी और हीरे निकल रहे थे, ऐसा लग रहा था देख कर. उसके गुलाबी होंठ और भी लाल हो गये थे. गाल भी लाल हो गये थे शरीर की गर्मी से. उसका पूरा शरीर काँप रहा था राकेश की छूट चाटने की ताक़त और स्किल से. मेघा के मूह में से प्रकाश ने अपना लंड निकाला, और दोनो ने मेघा को उठा कर बेड पर लिटा दिया.
अब प्रकाश छोड़ने की पोज़िशन में गया और अपना लंड सेट करते ही प्रकाश ने ज़ोर से धक्का लगाया. प्रकाश और राकेश के लंड सोमनाथ सिर से डबल साइज़ के थे. मेघा ने इतनी ज़ोर से चीख लगाई जैसे कोई चुड़ैल चिल्लाई हो. फिर राकेश उसको चुप करने के लिए अपना लंड उसके मूह में डाल दिया, और उसके मूह छोड़ने लगा.
दोनो लोग ज़ोर-ज़ोर से धक्के लगाने लगे. मेघा की हालत खराब होती रही. मेघा की बॉडी पे प्रकाश की काली मस्क्युलर बॉडी का धक्का लगता. ठप-ठप की आवाज़ो से पूरा कमरा गूँज रहा था. राकेश के लंड से मेघा को साँस लेने में तक़लीफ़ हो रही थी. इसलिए उसकी भी अलग ‘घून-घून’ की आवाज़ आ रही थी.
मेघा को थोड़ी देर में ही इसमे इतना आनंद आने लगा की एक-दूं से वो उनकी पर्सनल बार्बी डॉल जैसी हो गयी. वो जैसे उसको रखते, वो वैसे ही रह जाती. और वो जो करते, वो सहती चुप-छाप, और बस आहें भारती.
थोड़ी देर बाद उसको डॉगी-स्टाइल में लिया दोनो ने और पोज़िशन चेंज करके छोड़ा. फिर प्रकाश लेट कर, मेघा को अपने उपर बिता कर उछालने लगा. मेघा भी क्या मस्त प्रकाश के लंड पर मस्त उछाल रही थी. उसके प्यारे-प्यारे माममे भी बहुत आचे से उछाल रहे थे.
मेघा: एस, हा-हा, बहुत अछा लग रहा है. छोड़ो मुझे, छोड़ो, हा.
मेघा की बॉडी की यही ख़ास बात थी. उसके साथ जितना भी रफ सेक्स कर लो, उसको देख कर काफ़ी सुंदर और क्यूट सा लगता था. मेघा के बूब्स और आस काफ़ी सेक्सी है. उसकी बबल बट और टिर्ड्रोप शेप की नॅचुरल बूब्स वित ब्राउन निपल्स देख कर प्रकाश का लंड और टाइट हो जाता, और मेघा और ज़ोर से आहें भारती.
प्रकाश: ले साली रंडी, चुड हमसे, साली कुट्टिया हो तुम हमारी.
राकेश: साली बार्बी डॉल जैसे दिखने वाली कुटिया.
मेघा: हा-हा हू मैं कुटिया. छोड़ो मुझे. हा, मज़ा आ रहा है.
राकेश: ले चुड हमसे साली. हमारा पर्सनल खिलोना है तू साली.
चूड़ने की बेहोशी में मेघा ने देखा ही नही की प्रकाश वीडियो बना रहा था, और वो जो भी बोल रही थी, चूड़ते-चूड़ते सब रेकॉर्ड हो रहा था.
मेघा: हा मैं हू, मैं आप लोगों का पर्सनल खिलोना हू. जितना मॅन हो, छोड़िए मुझे.
राकेश मेघा के गाल में छाँटा मारता है, और मेघा और भी गरम हो जाती है. वो और भी ज़ोर-ज़ोर से उछालने लगती. राकेश उसके मम्मो को कभी ज़ोर-ज़ोर से मसलता, तो कभी मम्मो पे ज़ोर-ज़ोर से थप्पड़ मारने लगता. इससे मेघा के चेहरे पे एक बहुत खुशी और दर्द एक साथ थे.
पहले एक, फिर दोनो का लंड बारी बारी 2 बार मेघा ने लिया. ऐसा लगभग 2 घंटे चलने के बाद प्रकाश ने अपना सारा पानी मेघा के चेहरे पर निकाल दिया राकेश ने अपना सारा पानी मेघा के बूब्स पर निकाल दिया. मेघा की आँखें बंद थी, तो प्रकाश ने तुरंत एक पिक क्लिक कर ली इस हालत में.
मेघा ज़मीन में लेती हुई थी, और उसके गोरे बदन पर दो अलग मर्दों के बीज का सफेद रस्स फैला हुआ था. उसके चेहरे पर एक थकान थी, पर एक संतुष्टि भी थी. ऐसे मानो काई सालों की कोई ख्वाहिश उसकी दोनो ने पूरी कर दी हो.
राकेश मेघा का फोन लेकर अपना नंबर सवे करता है, और अपने फोन में उसका नंबर बार्बी बोल कर सवे करता है. प्रकाश भी वही करता है. मेघा उठ कर खुद को सॉफ करती है.
दो तगड़े जवान मर्द से चूड़ने के बाद उसके पैर काँप रहे थे, और वो चल भी नही सकती थी. वो जैसे-तैसे घर जेया कर सो गयी. मेघा जैसी सुंदर और संस्कारी लड़की का ऐसे देसी बदसूरत आदमी और लड़कों से चूड़ने के बाद रुकना तो नामुमकिन था. उसको लंड के स्वाद का चस्का लग गया था. मेघा अब और भी चूड़ना चाहती थी.
उसको ये लाइफ अची लगने लगी. उसको याद आया की जब वो अकेली थी, और मस्तेरबाटे करती थी, उसकी लाइफ काफ़ी खराब थी. और अभी जब टीन मर्दों से वो चुड चुकी थी, उसकी बॉडी में कुछ अलग ही बात थी. सिर्फ़ सुंदर नही, अब वो एक औरत थी.
धीरे-धीरे कॉलेज के ब्रेक में प्रकाश और राकेश के साथ रहते-रहते मेघा को भी सिगरेट की आदत लग गयी. ऐसा 2 हफ्ते चलता रहा.
आयेज क्या होता है, उसके लिए अगले पार्ट का वेट करे.