हे गाइस, इट’स ःओतBओय्णिल. मैं जानता हू काफ़ी सालों बाद मेरी कहानी आई है. जो मेरे रेग्युलर रीडर्स थे वो पता नही अब कहानियाँ पढ़ते भी है या नही. पहले तो मैं सबसे माफी माँगना चाहता हू, क्यूंकी मैं काफ़ी सालों से कोई स्टोरी नही लिख रहा था. लेकिन अब फिर से कहानियाँ लिखना शुरू कर रहा हू.
जो नये लोग है उनके लिए मेरा इंट्रोडक्षन देता हू. मेरा नाम नील है, और मैं 26 साल का हू. मैं मुंबई में रहता हू और एक रिच फॅमिली से बिलॉंग करता हू. मुझे फिटनेस की बहुत आदत है, इसलिए मैं रेग्युलर जिम जाता हू और एक अची आत्लीट बॉडी है.
मैने इससे पहले 300+ स्टोरीस लिखी है जो आप मेरी ईद पे जेया कर पढ़ सकते है. मैने अपनी बड़ी बेहन निधि और अपनी मम्मी श्रद्धा को भी छोड़ा है, जिसकी कहानी मैने लिखी है. वो ज़रूर पढ़ना, आप सब को पागल कर देगी. तो चलिए कहानी पे आता हू-
ये कहानी है मेरे कॉलेज के दीनो की, जब मैं म्बा कर रहा था. वहाँ मेरे बहुत सारे फ्रेंड्स थे, जिनमे कुछ लड़के और ज़्यादातर लड़कियाँ थी. लड़कियाँ मेरे गुड लुक्स और जिम बॉडी की वजह से मुझसे अट्रॅक्ट हो जाती थी.
उन दीनो मेरी एक नयी फ्रेंड बनी थी जिसका नाम था अंकिता. वो दिखने में ब्राउन थी, हाइट 5’2″, लंबे घने बाल, खूबसूरत सा चेहरा और काफ़ी कर्वी फिगर थी उसकी, 34-28-34. अंकिता को देखते ही मुझे वो पसंद आ गयी थी. पता नही उसे देख के मैं उसकी तरफ अट्रॅक्ट होने लगा था.
उस दिन उसने ब्लॅक टॉप पहना था उसने जो उसकी नाभि तक था और एक लेगैंग्स डाली थी, जो उसकी लेग्स की शेप सॉफ दिखा रही थी. ऑल ब्लॅक लुक मेनटेन किया था उसने और वो बहुत हॉट लग रही थी. कॉलेज में वो मोस्ट्ली अकेले रहती थी और उसकी कुछ ही फ्रेंड्स थी जिनके साथ वो रहती थी.
मैने काफ़ी ट्राइ किया अंकिता से बात करने का. लेकिन वो सिर्फ़ काम से काम रखती थी. इसलिए मैं उसके साथ दोस्ती नही कर पा रहा था. मुझे पता करना था की वो इतनी चुप-छाप क्यूँ रहती थी. तो मैने उसके कुछ फ्रेंड्स से बात की.
मुझे पता लगा की उसका एक बाय्फ्रेंड था, जिससे वो बहुत प्यार करती थी, और 2 साल उसके साथ रिलेशन्षिप में थी. उसका बाय्फ्रेंड काफ़ी ज़िद करता था सेक्स के लिए, और अंकिता माना कर देती थी. लेकिन जब उसका बाय्फ्रेंड ब्रेकप करने का बोल रहा था, तब अंकिता मान गयी और वो अपने बाय्फ्रेंड से चूड़ने लगी.
कुछ महीनो के लिए उन दोनो में सब ठीक चल रहा था. लेकिन बाद में पता चला की उसका बाय्फ्रेंड उसे सिर्फ़ छोड़ने के लिए मिलने लगा. हर बार वो उसे किसी होटेल पे लेके जाता और आचे से छोड़ता था. ऐसा तब तक चला जब तक उसका मॅन नही भरा. इन दीनो अंकिता को भी सेक्स की आदत पद चुकी थी, इसलिए उसने कभी बाय्फ्रेंड को माना नही किया. लेकिन कुछ टाइम बाद उसके बाय्फ्रेंड ने ब्रेकप कर लिया, जब उसका मॅन भर चुका था. उसके बाद से अंकिता ने खुद को अकेला कर लिया और वो किसी से बात करना बंद किया.
ये सच में बहुत ग़लत हुआ था उसके साथ. मुझे बहुत बुरा लगा ये सुन के. मैं चाहता था कैसे भी करके मैं अंकिता के साथ फ्रेंडशिप कर लू, ताकि मैं उसकी हेल्प कर साकु और उसे इस फेज़ से बाहर निकाल साकु.
कुछ दीनो बाद हमारे एग्ज़ॅम्स आने वेल थे, इसलिए मैं पढ़ाई में लग गया. एग्ज़ॅम वाले दिन मैं अपने एग्ज़ॅम हॉल में गया तो वहाँ पे मैने अंकिता को देखा. उसे देख के मैं बहुत खुश हुआ. मैं जानता था अगर हम एक हॉल में हुए, तो ज़रूर मैं उससे बात कर पौँगा, लेकिन मेरे नसीब में कुछ ज़्यादा ही था.
मैं अंदर गया और देखा तो अंकिता मेरे बेंच के आयेज बैठी थी. ये देख के मैं अंदर से उछालने लगा था. अब मुझमे कॉन्फिडेन्स आ गया था की अब तो मैं पक्का उससे दोस्ती कर लूँगा.
मैं अंकिता से मिला और कुछ देर एग्ज़ॅम से रिलेटेड हमने बातें की. मुझे पता चला की उसकी पढ़ाई अची नही हुई थी और वो कुछ सब्जेक्ट्स में वीक है.
नील: अगर तुम्हे ठीक लगे तो क्यूँ ना हम दोनो साथ में पढ़ाई करे? इसी बहाने हमारी दोस्ती हो जाएगी और तुम्हारे डाउट्स को मैं सॉल्व कर दूँगा.
अंकिता: सॅकी? थॅंक्स यार… मैं चाहती थी की मेरे पास कोई ऐसा फ्रेंड हो जो मुझे हेल्प करे.
नील: डॉन’त वरी, मैं तुम्हारी हेल्प करूँगा. लेकिन मेरी एक शर्त है.
अंकिता (सोचते हुए): कैसी शर्त?
नील: शर्त ये है के तुम मुझे अपना बेस्ट फ्रेंड बना लॉगी, और एग्ज़ॅम के बाद भी हम ऐसे ही फ्रेंड्स बने रहेंगे.
अंकिता (मुस्कुराते हुए): अक्चा ठीक है.
तो अंकिता और मेरी फ्रेंडशिप शुरू हुई. और उस दिन के बाद से हम दोनो एक-दूसरे के घर पे पढ़ाई के लिए आने-जाने लगे. इसी बीच हमारे एक-दूसरे के घर वालो के साथ भी आचे रिश्ते हो गये, जिसकी वजह से हम दोनो और कंफर्टबल हो गये.
हम दोनो साथ पढ़ाई करते थे, और एक-दूसरे के डाउट्स सॉल्व करते थे. इसी बीच अंकिता काफ़ी रिलॅक्स फील करने लगी थी. कोई था उसके पास जिसके साथ वो खुल के बात कर सकती थी. हम दोनो फ्री टाइम में मूवीस और वेब सीरीस देखते थे, कॉफी पर चले जाते थे, जिसकी वजह से अंकिता को मुझसे लगाव हो गया था और वो अपने पस्त को भूलने लगी थी.
हमारे एग्ज़ॅम्स ख़तम हो चुके थे, और हम दोनो के पेपर्स बहुत आचे गये थे. इसलिए एक दिन अंकिता मुझे ट्रीट देने के लिए कॉफी शॉप ले गयी.
अंकिता (कॉफी पीते हुए): थॅंक्स यार! अगर तुम ना होते तो पता नही मेरा क्या होता.
नील: क्यूँ? ऐसा क्यूँ बोल रही हो?
अंकिता: तुम्हे पता नही लेकिन मेरे साथ पस्त में बहुत कुछ हुआ है.
नील (अंजान बनते हुए): ऐसा क्या हुआ है?
मैने जान-बूझ के अंजान बनना ठीक समझा ताकि वो अपने अंदर की सारी बातें बता सके और उसे हल्का फील हो. अगर उसे पता चलता के मुझे पहले से पता था, और इसलिए मैने उससे दोस्ती की, तो वो नाराज़ हो जाती और शायद मुझसे बात नही करती. फिर उसने धीरे-धीरे सब बताया और वो काफ़ी रिलॅक्स हो गयी.
अंकिता: थॅंक्स की तुम आए मेरी लाइफ में और मैं फिर से नॉर्मल हो गयी, वरना मैं डिप्रेशन में ही रहती.
नील (उसके गाल खीचते हुए): अर्रे ऐसे-कैसे रहती? मैं तुम्हे ऐसी हालत में कैसे रहने देता?
अंकिता (हेस्ट हुए): तुम मेरे लिए सबसे स्पेशल हो. प्रॉमिस करो मुझे छ्चोढ़ के कभी नही जाओगे.
नील (उसका हाथ पकड़ के): प्रॉमिस करता हू मैं कभी नही जौंगा. और खबरदार जो तुम फिर से उस पागल लड़के के बारे में सोचने लगी तो. मैं बहुत मारूँगा तुम्हे.
अंकिता (हेस्ट हुए): हा बाबा, समझ गयी.
नील: यार तुम जैसी इतनी इनोसेंट, खूबसूरत, प्यारी, क्यूट और समझदार लड़की को कोई कैसे धोखा दे सकता है?
अंकिता: मैं इतनी भी तारीफ के काबिल नही हू.
नील: यही तो दिक्कत है तुम लड़कियों की. तारीफ करो तो ऐसा बोलती हो और ना करो तो गुस्सा हो जाती हो.
अंकिता (मुझे मरते हुए): हा-हा बस करो अब. बहुत नाटक करते हो तुम.
फिर हम दोनो वहाँ से निकल गये. और धीरे-धीरे हुमारी बातें होने लगी. कॉलेज में हम दोनो साथ में बैठने लगे. अंकिता को मेरे सारे फ्रेंड्स से मिलवाया ताकि वो और अछा फील कर सके. हम सब कॉलेज के सारे लेक्चर्स ख़तम करने के बाद कान्फरेन्स रूम में बैठ के शाम तक मस्ती करते थे.
अंकिता के लिए सब नया था और वो खुल के एंजाय करने लगी थी. हर दिन के साथ वो नॉर्मल होने लगी थी, और वो धीरे-धीरे हम सब के साथ मस्ती करने लगी.
काफ़ी महीने बीट गये, और मैं अपनी लाइफ में बहुत खुश था. तोड़ा सा कन्फ्यूज़ भी था क्यूंकी मैं अंकिता की तरफ पहले से अट्रॅक्ट हो चुका था. मुझे उसकी काफ़ी फिकर थी, काफ़ी प्यार भी करता था, लेकिन फ्रेंडशिप वाला. हम दोनो की बॉनडिंग और भी बेहतर हो गयी थी, और हाल ऐसा हो गया के एक-दूसरे के बिना हम रह नही पाते.
सुबह से लेकर शाम तक हम साथ में रहते थे, इसलिए किसी दिन अगर कोई एक भी कॉलेज ना आए तो दूसरे का जाने का मॅन नही होता था. और जब सनडे होता तो कॉलेज को च्छुतटी होती थी, तब भी हम दोनो मिल नही पाते थे. तो वो एक दिन नही लंबे 24 घंटे फील होने लगते थे.
शायद अंकिता भी यही फील करने लगी थी. हर रात हम दोनो चाटिंग करने लगे और एक-दूसरे को जानने लगे. ये कब कैसे चालू हुआ ये हमे भी पता नही चला. कुछ दीनो में एक-दूसरे से फ्लर्टिंग शुरू हुई जो अंकिता ने शुरू की. इससे मैं हुमेशा एग्ज़ाइटेड रहता था उससे मिलने के लिए. हम जब भी मिलते एक-दूसरे को हग करते थे और मैं अंकिता को पूरी तरह से फील करता था.
मैं उसकी कमर में हाथ डाल के उसे अपने करीब खीच के एक टाइट वाला हग करता था, जिससे मैं उसके बूब्स को अपनी चेस्ट पे फील करता था. अफ वो एहसास मैं शब्दों में बयान नही कर सकता. उसे भी ये सब पसंद आने लगा था.
काई बार ऐसा होने लगा की हम घर से निकलते थे कॉलेज जाने के लिए, लेकिन कहीं और घूमने जाते थे. जहाँ कोई हमे डिस्टर्ब ना कर पाए. एक-दूसरे के हाथो में हाथ डाल के बैठना एक सुकून देता था.
ई’म शुवर आप सब की लाइफ में एक ऐसी फ्रेंड होगी/होगा जिसके साथ आप ये सब करना चाहते होंगे, या कर रहे होंगे. बहुत स्पेशल होती है ना ये फीलिंग?
एक दिन हम दोनो ऐसे ही कॉलेज बंक करके डोर घूमने चले गये सिटी से काफ़ी डोर, जहाँ कोई नही था और सिर्फ़ हम दोनो थे. अंकिता मेरे पास बैठी हुई थी, और हम दोनो पहाड़ों पे बैठ के डोर सिटी का नज़ारा देख रहे थे. वो एंजाय कर रही थी.
अंकिता (मेरे हाथो में हाथ डाल के): नील बहुत अछा लग रहा है. मैं अपने सबसे स्पेशल पर्सन के साथ बैठी हुई हू, और यहाँ कोई नही है हमे डिस्टर्ब करने के लिए.
नील: हा… तुम्हे नही लगता तुम काफ़ी बदल गयी हो?
अंकिता (मुझे देखते हुए): सॅकी? तो अची बात है ना… तुमसे मिलने से पहले क्या थी और अब देखो क्या बन गयी हू.
नील: तुम्हे नही लगता हम दोनो एक-दूसरे के साथ कुछ ज़्यादा ही समय बिता रहे है?
अंकिता: तो अची बात है ना. ये बताता है के हम जब साथ होते है तो हमे किसी की ज़रूरत नही पड़ती.
नील: अंकिता एक बात पूचु?
अंकिता: एस.
नील: क्या तुम मुझसे प्यार करने लगी हो?
अंकिता (लंबी साँस लेते हुए): पता नही, इससे पहले जिस रिलेशन्षिप में थी वहाँ भी तो मैने प्यार किया था. लेकिन तब मुझे ऐसा कभी फील नही हुआ जो इस बार हो रहा है. ना हमने कभी एक-दूसरे को ई लोवे योउ कहा है, ना प्रपोज़ किया है.
नील: ह्म, लेकिन बात तो है. मैं तुमसे डोर नही होना चाहता.
अंकिता ने मेरी आँखों में देखा और मुझे कस्स के हग कर लिया. शाम का वक़्त था, और हमारे सामने सनसेट हो रहा था. वो बहुत ही रोमॅंटिक मोमेंट था. और मेरी बाहों में मेरी बेस्टीए थी. मैं उसके बूब्स को काफ़ी आचे से फील कर रहा था और मैं समझ गया था अंकिता ने ब्रा नही पहनी थी. मैं उसके निपल्स को फील कर पा रहा था. इस बात से मैं समझ गया की वो मेरे साथ कितनी कंफर्टबल थी और हमारा रिलेशन्षिप कैसा था.
हम काफ़ी देर तक ऐसे ही हग करके खड़े थे. मेरा हाथ उसकी पतली सी कमर में था, और उसके निपल्स को मैं फील कर रहा था. मैं धीरे-धीरे गरम होने लगा था. उसके बदन की गर्मी मुझे आयेज बढ़ने को कह रही थी. मेरा लंड खड़ा हो चुका था और अंकिता उसे फील कर सकती थी.
नील: अंकु ई थिंक हम अपनी लिमिट क्रॉस कर रहे है.
अंकिता: मुझे फराक नही पड़ता. ऐसे ही रहो और मुझे डोर मत करो.
नील: ओक.
कुछ देर ऐसे ही हग करने के बाद मैं अपना कंट्रोल खो रहा था. और मेरा हाथ उसकी कमर से फिसलता हुआ धीरे-धीरे नीचे जेया रहा था. अंकिता इस बात को फील कर रही थी, लेकिन उसने मुझे रोका नही. शायद वो भी यही चाहती थी.
फिर मैने अपने दोनो हाथो को उसकी गांद पे रखा और सहलाने लगा. अंकिता ने सिसकारी ली और मैं समझ गया उसे ये बहुत पसंद आया. मैं उसकी गांद को आचे से सहलाने लगा और मुझे बहुत मज़ा आने लगा था. अंकिता ने अचानक से मेरे कान पे बीते किया, जिससे मेरे मूह से सिसकारी निकली.
अंकिता: बस तुम ही हो जो मुझे इतना स्पेशल फील करवा सकते हो. इतना मज़ा मुझे कभी मेरे एक्स के साथ भी नही आया.
उसने इतना कहा और हम अलग हुए. वो मेरी आँखों में देखते हुए मेरे करीब आने लगी. और देखते ही देखते हमारे होंठ मिल गये. मैं उसके नीचे वाले होंठ को चूस रहा था. मैने सोचा नही था ये सब इतना जल्दी हो जाएगा.
हम दोनो एक-दूसरे में खो गये थे. हमे पता भी नही चला के कब ये सब शुरू हुआ. ये सब अनकंडीशनल था. धीरे-धीरे मैने स्पीड बधाई और उसे तोड़ा वाइल्ड किस करने लगा, जिससे अंकिता समझ गयी की मैं उसे पाने के लिए कितना बेताब था. वो भी मेरा साथ देने लगी. उसने अपने एक हाथ से मेरे बालों को सहलाते हुए मुझे किस करना शुरू किया और हम पागलों की तरह प्यार करने लगे.
दोस्तो इस पार्ट में बस इतना ही. आयेज क्या हुआ वो जानने के लिए नेक्स्ट पार्ट का वेट करना पड़ेगा. ई नो आप सब बहुत एग्ज़ाइटेड हो, लेकिन मैं आपकी एग्ज़ाइट्मेंट खराब नही होने दूँगा. इस सीरीस में आपको बहुत मज़ा आने वाला है. अगर आप चाहते हो नेक्स्ट पार्ट जल्दी आए, तो मुझे मैल करो और अपना फीडबॅक दो.