पति चाहे गैर मर्द से मेरी चुदाई

नमस्ते दोस्तों, मेरा नाम अनिता है. मैं अपने पति के साथ कानपुर में रहती हू. मेरी उमर 49 साल है, और मेरे पति का नाम सुनील है. उनकी उमर 54 साल है. वो एक जनरल स्टोर चलते है, जो की हमारे मकान में ही है. मतलब की आयेज दुकान और पीछे मकान.

हमारा एक बेटा भी है. उसका नाम सुरब है. उसकी 6 महीने पहले अमेरिका में नौकरी लगी है, इसलिए वो अमेरिका में ही है. घर में सिर्फ़ मैं और मेरे पति ही रहते है. मेरे पति ने हमे खुश रखने के लिए और बेटे की पढ़ाई के लिए बहुत मेहनत की है, और उन्होने अपनी सारी खुशियाँ और इकचायें कुर्बान कर दी है.

इसलिए मैने ये थाना है की मैं अपने पति की सारी इकचायें पूरी करूँगी. तो अब मैं कहानी पर आती हू. रात को दुकान बंद कर के सुनील घर आए तो मैने उन्हे हग किया और बोली-

मैं: मैं आज से आप की सारी इक्चा पूरी करूँगी.

सुनील मुस्कुरा कर बोले: क्या हो गया है तुम्हे अचानक?

मैं: मुझे कुछ नही हुआ है. आप ज़िंदगी भर हमारे लिए इतना कुछ करके हमे खुश रखा, तो क्या मैं आपके लिए इतना भी नही कर सकती?

सुनील: बिल्कुल कर सकती हो. पहले मैं फ्रेश हो जाता हू, और तुम खाना लगाओ.

मैं उन्हे किस करके किचन में चली गयी. फिर हमने खाना खाया और सुनील बेडरूम में चले गये. मैं किचन का काम निपटाने चली गयी. काम ख़तम करके मैं भी बेडरूम में आ गयी. सुनील बेड पर बैठे हुए फोन देख रहे थे. मैं उनकी तरफ गयी और उनका फोन छ्चीन कर साइड कर दिया, और अपनी सारी का पल्लू गिरा दिया.

अब मैं उनके सामने सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट में थी. सुनील भी मुझे देख कर खुश हो गये और बोले-

सुनील: अर्रे वाह मेरी सेक्सी बीवी, 49 की उमर में भी कमाल लगती हो.

मैं अपनी ब्लाउस का बटन खोल कर उनके सामने अपने बड़े-बड़े बूब्स को दबा कर निपल्स को मीस कर बोली.

मैं: जो भी हू आपके लिए ही हू, मेरे हॅंडसम पति देव.

सुनील मुझे अपने पास खींच कर मेरे बूब्स को अपने मूह में लेकर चूसने लगे बारी बारी से. वो दोनो बूब्स को दबा रहे थे. मैने सुनील के बालों में अपनी उंगली फेरते हुए बोला-

मैं: आपकी इक्चा थी ना की सेक्स करते टाइम मैं आपके लंड मूह में लू. पर मैने आज तक नही लिया. चलिए ये इक्चा भी आपकी मैं पूरी कर देती हू.

और मैने तुरंत उनकी लूँगी उतार दी और अंडरवेर भी उतार दिया. फिर उनके मोटे लंड को अपने मूह में डाल दिया. शुरू में अजीब लग रहा था, पर मैने जब सुनील को देखा तो वो एंजाय कर रहे थे. तो मैं खुश हो गयी, और उनके लंड को और अंदर तक लेने लगी. थोड़ी देर बाद सुनील ने अपना पूरा पानी मेरे मूह में ही निकाल दिया. मैं उनका पानी थूकने जेया रही थी, पर सुनील ने मेरा मूह पकड़ा, और बोले-

सुनील: मेरी ये भी इक्चा रही है की तुम मेरे लंड का पानी पियो.

मुझे खुशी हो रही थी की सुनील अपनी इक्चा मुझे बता रहे थे. मैने उनके सामने उनके लंड का गरम पानी पी लिया, और फिर सुनील खुशी से मुझे बेड पर लिटा दिए. फिर मेरे उपर आ कर मेरी टाँगें फैला दी, और अपना लंड मेरी गरम छूट में डाल दिया. अब वो ज़ोर-ज़ोर से धक्के मार कर मुझे छोड़ने लगे. मैं आ अयाया अयाया की आवाज़ निकालने लगी.

10 मिनिट मुझे छोड़ने के बाद हम दोनो का पानी निकल गया. बहुत ही मज़ा आ गया चुदाई का. सुनील मेरे बगल में लेट गये, और मैने अपना सर उनकी च्चती में रख दिया, और अपने हाथ से उनका ढीला लंड हिलने लगी. वो मेरी गांद पर हाथ रख कर उसे दबाते हुए बोले-

सुनील: एक और इक्चा है मेरी, पर…

मैं ये सुन कर खुशी से उनकी तरफ देखी और बोली-

मैं: हा बोलिए मेरे पति देव, रुक क्यूँ गये?

सुनील: कुछ नही जाने दो.

मैं ज़िद करते हुए बोली: बोलिए ना सुनील जी, क्या इक्चा है?

सुनील: नही रहने दो, वो इक्चा पूरी नही हो पाएगी.

मैं बोली: क्यूँ नही हो पाएगी? बोलिए आपकी दो इकचायें मैने अभी चुदाई के वक़्त ही पूरी कर दी. ये भी कर दूँगी, बोलिए तो ज़रा.

सुनील: ये इक्चा इतनी आसान नही है अनिता.

मैं: जैसी भी हो. आप इक्चा बस बोलिए, मैं पूरी करूँगी.

सुनील: पता नही तुम मेरी ये इक्चा सुन कर कैसे रिक्ट करोगी.

मैं: अर्रे मेरे प्यारे पति देव. आपकी बीवी आपकी सारी इक्चा पूरी कर देगी. बहुत हुआ, अब बताइए.

मैने उनका हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिया और डबवाने लगी. सुनील ने गहरी साँस ली और बोले-

सुनील: मेरी इक्चा सुन कर तुम मुझे ग़लत मत समझना.

मैं: अर्रे मेरे पति देव, नही ग़लत समझूंगी. आप बस बोल दो अपनी इक्चा.

सुनील: मेरी इक्चा ये है की मैं तुम्हे किसी और के साथ चुड़वते देखना चाहता हू.

सुनील के मूह से ये सुन के वो मुझे किसी के साथ चुड़वते हुए देखना चाहता है, मुझे यकीन नही हो रहा था. क्या जवाब डू, कुछ समझ नही आ रहा था. मैं बस सोच में पद गयी थी. सुनील मुझे चुप देख कर बोले-

सुनील: क्या हुआ अनिता, चुप क्यूँ हो गयी? इसीलिए मैं नही बता रहा था. मुझे पता था तुम्हे बुरा लगेगा. कुछ तो बोलो.

मैं बिना कुछ बोले बेड से उतार कर बातरूम की में चली गयी, और सोचने लगी. मैने सोचा मुझे किसी और से चुड़वते हुए देखने की इक्चा पता नही कब से सुनील अपने मॅन में रखे थे. कभी उन्होने बताया नही, बस मुझे खुश करते रहे और मेरी सारी इकचायें पूरी करते रहे. इसलिए मुझे भी उनकी ये पूरी करनी चाहिए.

मैं बाहर आई और देखा सुनील की आँखों में आँसू थे. फिर मैं उनके पास जेया कर हग की, और उनके कान में धीमी आवाज़ में बोली-

मैं: मेरे पति देव आप की बीवी किसी और के साथ छुड़वाने के लिए तैयार है. अब आप रोइए मत, मैं आपके सामने ही चड़वौनगी.

मेरी हा सुन कर सुनील बहुत खुश हुए, और खुशी में उन्होने मुझे बेड पर पटक दिया. फिर मेरे उपर आ कर बोले-

सुनील: थॅंक योउ अनिता. तुम सच में बहुत ही अची बीवी हो.

मैं: जैसी भी हू बस आपकी हू. पर आपकी इक्चा पूरी कैसे करे ये बताइए? क्यूंकी मेरा कोई बाय्फ्रेंड तो है नही की उसके साथ मैं छुड़वा लू. किसके साथ चड़वौ बताइए?

सुनील: मैं बतौ किसके साथ तुम चुड़वव?

मैं: अछा जी पहले से कोई देख के रखा है बीवी छुड़वाने के लिए?

सुनील: काई बार ख़यालों में तुम्हे छुड़वा चुका हू.

मैं: अछा, तो बताओ कौन है वो जो आपकी बीवी को छोड़ेगा?

सुनील ने जे का नाम लिया. जे 55 साल का है बॉडी लगभग सुनील जैसा ही है. जे सुनील का बहुत अछा दोस्त है. वो हमारी दुकान पर रोज़ आता है, और उसकी बीवी को मारे हुए 10 साल हो चुके है अब.

मैने सुनील से बोला: आपने जे से बात कर रखी है क्या?

सुनील: अर्रे नही, अब तुम तैयार हो गयी हो छुड़वाने के लिए, तो मैं कल बात करूँगा.

मैने किस करके सुनील को हग किया और हम सो गये. उमीद है की आपको इस कहानी का पहला पार्ट पसंद आया होगा. अब बाकी की कहानी अगले पार्ट में, नमस्ते.

error: Content is protected !!