टीचर ने चोद कर एग्ज़ॅम पास कराया

मेघा 19 साल की है. गोरी-चित्ति, 32″ के बूब्स, 28″ की कमर, 30″ की गांद जो लचक के चलती है. पतले होंठ, लंबे बाल, बड़ी काली आँखें बहुत प्यारी दिखती है और हॉट भी. वो कॉलेज आती है टॉप और जीन्स में. वैसे तो सब के सामने बहुत अची लड़की बन के रहती है. बहुत सुशील और संस्कारी लड़की बन के रहने का नाटक करती है. लेकिन रात को च्छूप-च्छूप के बातरूम में पॉर्न देखती है, और मास्टरबेट करती है. उसके बारे में ये सच किसी को नही पता.

कॉलेज प्रोफेस्सर्स और स्टूडेंट्स सब लार टपकाते है उसको देख कर. पर उसको छोड़ने का हिम्मत बस एक में ही थी.

सोमनाथ सिर सब से बहुत प्यार से बात करते है, और इसीलिए अपनी इमेज ठीक रख पाए है. वो 45 साल का आदमी है. लंबा-चौड़ा है, मोटा पेट है. काला रंग है शरीर का, उपर से तकला है. सोमनाथ एक टिपिकल लस्टी प्रोफेसर जैसा ही दिखता है.

मेघा पढ़ाई में काफ़ी कमज़ोर है, इसीलिए 1स्ट्रीट सें में उसके नंबर ठीक नही आए है. और सोमनाथ सिर के पेपर में वो फैल हो गयी है. उसको सप्लाइ लग गयी है, तो सिर ने इसका फ़ायदा उठाया. सिर उसको अलग बुलाए और बोले-

सोमनाथ: देखो बेटा, अभी तक मार्क्स तो मैने सब्मिट नही किए है. लेकिन तुम फैल हो गयी हो.

मेघा (रोने लगी): सिर ऐसा मत कीजिए. मेरे पापा बहुत स्ट्रिक्ट है. वो पढ़ाई बंद करवा देंगे, और शादी करवा देंगे मेरी. ऐसा मत कीजिए ना प्लीज़.

सोमनाथ: ठीक है, रो मत. लेकिन क्या कर सकते है. पेपर तो लिख चुकी तुम. चेकिंग भी हो चुकी है.

मेघा रोटी रही.

सोमनाथ: अछा ठीक है. एक काम हो सकता है. तुम मेरे घर आओ, और एक्सट्रा शीट लेकर जो आन्सर्स नही लिखे है, उनको लिख लो. उन पे मार्क्स दे दूँगा. लेकिन ये बात किसी को बताना मत. मेरी नौकरी चली जाएगी, और तुम भी रुस्ट्िकते हो जाओगी.

मेघा: नही-नही, बिल्कुल नही बतौँगी. थॅंक योउ सो मच सिर. लेकिन घर पे क्या बोलू मैं?

सोमनाथ: बोल देना की टुटीओन जाय्न कर रही हू, और मेरे से टुटीओन पढ़ लेना. और आयेज भी मैं हेल्प करता रहूँगा. मेरा पेपर हर सेमेस्टर है.

मेघा खुश हो गयी और घर में जेया कर बोल दी की वो टुटीओन जाय्न कर रही थी. घर से कोई इनकार नही किया, तो वो शाम के लगभग 5 बजे पहुँचती है सोमनाथ के घर.

वहाँ कोई नही रहता, बस सिर थे. वो उसको अंदर बुलाते है और बैठने बोलते है. फिर वो एक्सट्रा शीट में पहले आन्सर्स डिकटेट करते है, और फिर लिखवाने के बाद उन आन्सर्स को अलग करके रखते है. स्टेपल नही किया उन्होने.

मेघा: सिर आप उसको स्टेपल क्यूँ नही किए?

सोमनाथ: बेटा मैं तुम्हारी हेल्प तो कर दे रहा हू. लेकिन इससे मेरा भी तो रिस्क है ना. तो इससे मुझे भी तो कुछ फ़ायदा होना चाहिए.

मेघा थोड़ी दर्र जाती है और हिचकिचा कर कहती है: मतलब सिर?

सोमनाथ: मतलब बेटा तोड़ा पास तो आओ.

मेघा थोड़ी पास जाती है, तो सोमनाथ उसका हाथ पकड़ कर उसको अपनी गोद में बिता लेते है. वो बिन पानी मछली जैसी फड़फड़ने लगती है. लेकिन सोमनाथ काफ़ी लंबा चौड़ा आदमी है. उसके घर के आस-पास भी कोई नही है, इसलिए मेघा की आवाज़ से कोई प्राब्लम नही थी.

उसने मेघा को बाहों में लेकर रखा. थोड़ी देर बाद जब मेघा हिलना बंद की, तो उसके कान में वो बोले: पास होना है की नही? याद है ना हर सेमेस्टर मेरा पेपर है!

मेघा लाचार हो कर उनकी गोद में बैठी हुई थी, उनकी बाहों में. धीरे-धीरे सिर अपना आंगल ठीक किए तोड़ा हिल के और अपना लंड मेघा की गांद के बीच में सेट किया. मेघा का शरीर गरम हो गया था. कान लाल हो गये थे. ऐसा उसके साथ पहली बार हो रहा था. उसको पहली बार कोई लंड महसूस हो रहा था.

फिर सोमनाथ ने धीरे से अपना हाथ मेघा के बूब्स पे रखा, और दबा दिए एक-दूं से, ताकि वो उठ ना सके. सोमनाथ का लंड सख़्त हो चुका था. उसने एक हाफ पंत पहनी हुई थी, और अंदर कुछ नही था. उसने अब मेघा को बोला-

सोमनाथ: चल अब अपने कपड़े उतार.

मेघा: सिर ऐसा मत कीजिए ना.

सोमनाथ: पढ़ाई कर लेती तो दया की ज़रूरत नही होती. अब तो आने वाले 3 साल तुझे मेरी दया की ही ज़रूरत होती रहेगी. बाकी देख ले, मैं कोई ज़बरदस्ती नही करूँगा.

मेघा माना तो कर रही थी, लेकिन उसके मॅन में लड्डू भी फुट रहे थे. आज तक वो जो वीडियोस में देखती आ रही थी, आज वो उसके साथ होने वाला था. वो यही सोची, और अपना टॉप उतारने लगती है. पहले उसकी पतली गोरी चिकनी कमर निकली. फिर उसके ब्रा से ढके नये-नये बड़े हुए फ्रेश ताज़े फल जैसे बूब्स निकले. वो टॉप उतार दी और ब्रेस्ट्स को हाथ से धक के रखी.

फिर सोमनाथ बोला: अब उतारेगी भी?

मेघा बस तोड़ा टीज़ करना चाहती थी, जैसा पॉर्न आक्ट्रेसस करती है. फिर मेघा हाथ हटती है. उसके गोरे गाल थोड़े-थोड़े लाल हो रहे थे एग्ज़ाइट्मेंट से, या शरम से पता नही. या शायद दोनो ही थे. फिर उसकी ब्रा का लेस वो नीचे करती है, और एक ही झटके में सोमनाथ उठ कर, खींच कर, उसकी ब्रा निकाल देता है. इससे उसके ब्राउन निपल्स बाहर आ जाते है.

वो नाटक करती है और बोलती है: सिर मुझे माफ़ कर दीजिए. बस यही तक रखिए.

सोमनाथ: तेरी छूट नही देखूँगा तो क्या फ़ायदा.

मेघा अपनी जीन्स उतरने लगती है. पिंक देसी पनटी पहनी होती है उसने. अब वो भी वो उतार देती है. लाइफ में पहली बार संस्कारी सुशील मेघा किसी मर्द के सामने पूरी नंगी खड़ी होती है. वो अपने हाथो से छूट ढकने की कोशिश करती है तो
सोमनाथ कहता है-

सोमनाथ: हाथ उपर खड़ा करके रख. जैसे पनिशमेंट मिली हो, एक-दूं सीधी खड़ी रह. तुझे पनिशमेंट मिली है. हॅंड्ज़ उप करके खड़ी रह.

मेघा हाथ उपर करके नंगी अपने कॉलेज के बदसूरत काले मोटे प्रोफेसर के सामने खड़ी थी. बेचारी के पास कोई और चारा नही था. और उसे मज़ा भी आ रहा था. उसकी लाइफ का सबसे एग्ज़ाइटिंग दिन था ये.

मेघा की पुसी के पास बहुत कम और छ्होटे बाल थे. काफ़ी सॉफ्ट और सेक्सी हेर्स थे देख कर लगे. उसके बूब्स वाइट थे, और टिर्ड्रोप शेप के थे. सोमनाथ आचे से मेघा के कुवर्व्स को देखता है, और अपनी पंत के उपर से लंड को मसलता है. बोल्लयऊूद आक्ट्रेसस फैल हो जाएँगी ऐसी हमारी मेघा रानी थी. क्या माल, क्या फिगर था, क्यूट भी थी, और ब्यूटिफुल भी. चूड़ने के लिए पर्फेक्ट.

फिर सोमनाथ पेन्सिल लेता है, और मेघा के निपल्स के आस-पास घूमने लगता है. वो टिकल करने लगता है, और दूसरे हाथ में स्केल था. मेघा के हाथ नीचे आते ही मेघा की गांद पे स्केल पड़ता और गांद लाल हो जाती उसकी. ऐसे 10-15 बार करने के बाद मेघा ने आँखें बंद कर ली.

अभी मेघा के निपल्स हार्ड हो गये थे, और मेघा की गांद लाल हो गयी थी. कहीं ना कहीं इस दर्द के बीच मेघा को अछा लगने लगा, और उसकी छूट गीली होने लगी. अब सिर की स्केल से गांद पे मार में मेघा ने चीखा नही, पर आ भारी. ये सोमनाथ को इशारा था.

सोमनाथ: अब हाथ नीचे करो, और मेरी शर्ट उतरो.

मेघा आती है और एक-एक करके सोमनाथ की शॉर्ट्स के बटन्स खोलती है. उसकी च्चती के बाल निकल के आते है. फिर उसका मोटा भद्दा पेट निकलता है.

सोमनाथ: मेरे निपल्स को किस करो.

मेघा झुकती है, और सोमनाथ के काले गंदे निपल्स को किस करती है.

सोमनाथ: चूस जैसे टॉफी है ये.

मेघा चूसने लगती है. सोमनाथ मेघा का सर पकड़ कर अपने बालदार च्चती में और दबाता है. फिर दूसरा निपल चुस्वता है.

सोमनाथ: मेरी पंत उतरो.

मेघा कुछ नही बोलती क्यूंकी उसके हाथ में स्केल अभी भी था. जब पंत नीचे होती है, एक मोटा काला लंड निकलता है पंत से, और एक बदबू भी आती है. उसके लंड के आस-पास बहुत घने बाल थे.

सोमनाथ: पहले चाट के सॉफ कर, फिर चूस.

मेघा नंगी सोमनाथ के सामने घुटनो पे बैठ जाती है, और सोमनाथ चेर पे बैठता है. सोमनाथ मेघा के बूब्स दबाने लगता है, और मेघा हिचकिचाते हुए धीरे से अपना मूह लंड के पास ले गयी. तब सोमनाथ ने उसके चेहरे पर ज़ोर से छाँटा मारा और बोला-

सोमनाथ: मूह खोल, ज़ुबान निकाल.

मेघा के ज़ुबान निकालते ही सोमनाथ ने अपनी बॉल्स और लंड उसकी जीभ पे रख दिया, और बोला-

सोमनाथ: बुरा भी लगे तो भी चाट, जैसे आइस क्रीम है.

मेघा आँखें बंद करके चाटने लगी. सोमनाथ मेघा के बूब्स ज़ोर-ज़ोर से मसालने लगा. फिर अचानक ऐसा मानो की वो च्चती मसलना मेघा को इतना अछा लग रहा हो, की उसने आहें भरनी शुरू की, और खुद ही लंड मूह में ले लिया. वो अब लंड चूसने लगी. क्या मस्त आइस क्रीम की तरह चूस रही थी. मेघा लीप से उसको रिंजोब देती है.

सोमनाथ: क्या रे लड़की, पॉर्न देख-देख कर सीखा है ना सब? तो क्यूँ अची बच्ची बनने का नाटक करती है? साली रंडी!

और ऐसा मानो ये सुन के मेघा को अछा लगा हो. मेघा का चेहरा खिल उठा, और गाल ब्लश से लाल हो गये. फिर तोड़ा लंड चूसने के बाद सोमनाथ ने उसको खड़ा किया, और उसके शरीर के हर एक अंग को चूमने लगा. चूमना क्या, वो चूसना ही था.

कमर, गर्दन, बूब्स, आस, पैर थाइ, हाथ, बगल तक नही छ्चोढा सेयेल सोमनाथ ने. मेघा के हर अंग पे जीभ से छाता, मानो लड़की नही लॉलिपोप हो. मेघा थी भी एक-दूं लॉलिपोप लड़की. सुंदर, सेक्सी, क्यूट, ब्यूटिफुल लड़की के बदन पर हैवान जैसा बदसूरत काला सोमनाथ रेंग-रेंग कर लार टपका रहा था, और मेघा गर्दन उपर करके गहरी साँसें लिए जेया रही थी.

फिर मेघा को गोद में उठा कर बेड पे लिटा दिया और पैरों के बीच खुद खड़ा होगआया. उसके बाद अपना लंड सेट किया उसकी पुसी के उपर.

मेघा बोली: सिर ये फर्स्ट टाइम है, ये मत कीजिए. बाकी सब कुछ कर लीजिए, ये रहने दीजिए.

सोमनाथ: झूठ क्यूँ बोलती है लड़की? तेरी छूट इतनी गीली है की एक साथ 2 लंड घुस जाए, एक से तुझे प्राब्लम है!? चल चुप हो जेया, ये तो आज होगा ही.

मेघा की झरने जैसी छूट और गीली हो जाती है मानो वो लंड माँग रही हो. सोमनाथ धीरे से सेट्टिंग ठीक करके अंदर डालता है. छूट सच में काफ़ी गीली थी, तो आसानी से लंड घुस भी गया.

पहले धक्के से तोड़ा, फिर दूसरे धक्के से पूरा लंड मेघा की छूट चीरता हुआ अंदर घुस गया. मेघा ज़ोर से चिल्लाई, और सोमनाथ धक्के लगाना शुरू किया. आ आ आ आ हर धक्के के साथ एक चीख मेघा की निकल रही थी.

सोमनाथ: साली चूड़ने को इतनी बेताब है. गीली है इतनी छूट, और नाटक करती है.

सोमनाथ ने स्पीड बधाई और मेघा को थोड़ी देर बाद अछा लगने लगा.

सोमनाथ: हा रंडी साली, चुड मुझसे. तू अब से हर हफ्ते टुटीओन के नाम पे चूड़ेगी.

मेघा: आ आ मम्मी आ आ दर्द हो रहा है सिर.

फिर सोमनाथ लंड निकाल के मेघा को उल्टा करता है, और उसको डॉगी-स्टाइल में छोड़ता है. 10 मिनिट ऐसे छोड़ने के बाद फिर से मिशनरी पोज़िशन में लिटा के छोड़ने लगे उसको. असल में मेघा के उछलते माममे सोमनाथ को भा गये थे. और सच में क्या उछलते थे. देख कर चबा जाने का मॅन करने लगे.

छोड़ते छोड़ते सोमनाथ उसके बूब्स को मसलता, कभी काट-ता, कभी निपल्स को चींटी काट-ता है. फिर मेघा भी काफ़ी आचे से साथ देने लगी.

सोमनाथ (स्पीड और तेज़ करते हुए): देख च्चिनाल, साली अछा लग रहा है ना? क्यूँ माना कर रही थी?

मेघा: हा अया अछा लग रहा है. आ आ आ छ्छूट रही हू मैं. ई आम कमिंग. ओह मी गोद, पैर काँप रहे है मेरे. आआआः छ्छूट गयी मैं.

सोमनाथ: साली रंडी. अपने सिर के लंड पे छ्होट-ती है, ले (वो ज़ोर से धक्का लगता है. और 4-5 बार के बाद वो खुद भी छ्छूट जाने ही वाला होता है). आ साली (वो अपना लंड निकालता है और रगड़ते हुए मेघा के चेहरे के सामने पकड़ता है. मेघा मूह खोलती है). आअहह, हा पी ले साली रंडी मेघा (मेघा के चेहरे पे सारा पानी छ्चोढ़ देता है. काफ़ी दीनो से जमा पानी बहुत सारा निकला. मेघा का पूरा क्यूट सा चेहरा सफेद पानी से भर गया).

सोमनाथ: स्वाद याद रख. अब हर हफ्ते पीना होगा ये तुझे.

मेघा: जी सिर.

सोमनाथ: जेया नहा ले.

मेघा नहा कर आती है. कपड़े पहनती है, और तब तक मेघा को सोमनाथ आचे नंबर से पास कर देता है. वो खुश हो जाती है, और बोलती है-

मेघ: सिर सच बोलू?

सोमनाथ: हा बोल.

मेघा: असल में शुरू में मैं तोड़ा दर्र रही थी. लेकिन मुझे भी बहुत अछा लगा. मैं टुटीओन के लिए आती रहूंगी, आब्सेंट नही होंगी.

फिर दोनो हेस्ट है, और मेघा अपने घर के लिए निकल जाती है.

वेट फॉर थे नेक्स्ट पार्ट्स. फॉर मोरे, लीके आंड कॉमेंट.

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