हेलो दोस्तों, कैसे हो आप सब? मेरी स्वापिंग स्टोरी का अगला पार्ट लेके हाज़िर हू. पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की कैसे मैने और आकाश जीजू ने वॉटर पार्क में किस्सिंग करते हुए एंजाय किया. अब आयेज-
हम घर आ गये, दीपक बहुत खुश लग रहा था. खैर खुश तो में भी थी, आज का दिन काफ़ी अछा गया था. उस रात बेड में हम दोनो बिल्कुल नंगे एक-दूसरे को बाहों में लेके लेते थे. मैने दीपक को पूछा की-
मैं: तो कैसा लगा आज?
दीपक: बहुत ही मज़ेदार रहा आज का दिन.
मैं: ऐसा क्या किया, मुझे भी तो बताओ?
दीपक: तुम भी तो खुश लग रही हो, तो पहले तुम बताओ की तुमने आज क्या-क्या किया?
मैं: पहले तुम बताओ, फिर मैं भी तुम्हे सब बतौँगी.
दीपक: चलो ठीक है. आज पुर दिन तुमने देखा था ना अंकिता कैसे मेरे साथ ही थी? मेरे इतने करीब थी की मेरा हाथ कितनी बार उसकी बॉडी को टच हुआ.
मैं: ओहू, टच हुआ या तुमने जान-बुझ के टच किया?
दीपक: क्या यार तुम भी. अब समझ जाओ ना.
मैं: तो बताओ कहाँ-कहाँ टच किया, और वॉटर राइड्स करने गये थे वहाँ क्या हुआ?
दीपक: वो इतनी करीब थी की मेरा हाथ कितनी ही बार उसकी कमर और गांद पे टच हुआ. उसके बूब्स मेरे सीने पे टच हुए, और डॅन्स करते हुए तो मैने उसकी गांद आचे से सहलाई. वो भी डॅन्स करते हुए मुझसे इतनी चिपकी थी की उसके बूब्स मेरे सीने पे रग़ाद रहे थे. इन सब से यार मेरा तो लंड ही फुल फॉर्म में आ गया था, और शायद उसे नीचे अपनी छूट पे फील हो रहा था. अंकिता मुझे ऐसे देख रही थी, जैसे उसे भी इन सब में मज़ा आ रहा था.
मैं: हा वो तो मैने भी देखा था. डॅन्स करते हुए तुम दोनो ही एक-दूसरे से काफ़ी चिपके हुए थे, और तुम पूरा चान्स मार रहे थे.
दीपक: अब वो खुद से चान्स दे रही थी, तो मैं क्या करता?
मैं: आग दोनो तरफ लगी थी ना. अब आयेज क्या हुआ ये बताओ जल्दी.
दीपक: फिर हम जब वापस वेव पूल में गये, तो अंकिता वहाँ भी मेरे से चिपक के ही खड़ी थी. वो मेरे आयेज होके अपनी गांद मेरे लंड पे रब कर रही थी. मेरी तो हालत खराब हो रही थी सच में. मेरा हाथ उसके बूब्स पे चला गया, उसने भी कुछ नही बोला.
मैं: तुम लोग हमारे सामने इतना कुछ कर रहे थे, और हमे पता भी नही चला.
दीपक: गले तक पानी में थे हम, और तुम दोनो भी तो अपने मज़े ले रहे थे, तो हमे कहाँ से देखते.
मैं: तुम्हारे जितना तो मज़ा नही लिया हमने. खैर अब आयेज बताओ.
दीपक: फिर अंकिता ने बोला की मुझे आपके साथ वॉटर राइड करनी है. तो मैने सोचा पहले तुम्हारे साथ करूँगा, फिर उसके साथ भी कर लूँगा. पर तुमने माना कर दिया और फिर आकाश ने भी माना कर दिया. तो हम ये मौका कैसे छ्चोढ़ सकते थे. हम दोनो ही चले गये.
दीपक: जब हम हम राइड्स पे बैठे तो 1स्ट्रीट राइड में तो वो मेरे आयेज बैठी और मैं उसके पीछे. उसने मेरा हाथ पकड़ा, बस इतना ही हुआ. बुत फिर उसने बोला चलो फिर से करते है. आंड इस बार राइड में उसने खुद मेरे हाथ पकड़ के अपने बूब्स पे रख दिए, और मुझे आँख मार दी. वो बोली की आचे से पाकड़ो, मुझे दर्र लग रहा है. मेरी तो जैसे लॉटरी लग गयी. मैं दोनो बूब्स पकड़ के दबाने लगा.
दीपक: 1स्ट्रीट टाइम मैने उसके 36″ के बूब्स पकड़े थे आचे से, क्या मज़ा आ रहा था यार. वो भी एंजाय कर रही थी. ऐसे ही ये राइड भी पूरी की. हम फिर दूसरी लंबी वाली राइड में गये जहाँ बंद पीपे में से होके गुज़रती थी राइड. उसमे भी मैने उसके बूब्स आचे से दबाए और इस बार तो उसने भी अपना हाथ पीछे करके मेरा लंड पकड़ लिया और मसालने लगी. मैं तो जन्नत में थे यार.
मैं: तुम लोग तो फुल एंजाय कर रहे थे यार. ये सुन के ही मेरी तो छूट गीली हो रही है.
दीपक: ज़रा दिखना कहाँ गीली हुई?
फिर दीपक मेरी छूट के पास आए और मेरी छूट चाटने लग गये. और मैं उनके सिर पे हाथ फेर रही थी. दीपक अपनी ज़ुबान का जलवा दिखा रहा था, और मैं सातवे आसमान में थी. मैं ज़्यादा देर रोक नही पाई, और मेरा पानी निकल गया. दीपक ने भी सारा पानी चाट लिया, एक बूँद भी वेस्ट नही किया. फिर वो उपर आया और हम किस करने लगे. फिर थोड़ी देर बाद मैने बोला की-
मैं: अब आयेज भी तो बताओ, और क्या हुआ?
दीपक: फिर उस राइड के बाद अंकिता ने मेरा हाथ पकड़ा, और मुझे कहीं ले जाने लगी. मैने पूछा कहाँ जाना है तो वो बोली की आप चलो तो. फिर वो मुझे जहाँ हमने डॅन्स किया था, वहाँ ले गयी. मैने पूछा की फिर से डॅन्स करने का मॅन है क्या? वो बोली की नही और मुझे वहाँ पीछे ले गयी जहाँ कोई नही था.
दीपक: मैने बोला यहा क्यूँ ले आई? वो मेरे एक-दूं करीब आ गयी और मुझे बोला अब कुछ मत बोलो. उसने मेरे हाथ अपनी कमर पे रखे, और अपने हाथ मेरे गले में डाले, और धीरे-धीरे मेरे करीब आने लगी. फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठो पे रखे, और चूसने लगी. मैं उसे देख रहा था, और उसने अपनी आँखें बंद कर ली थी.
दीपक: फिर मैं भी उसके होंठ चूसने लगा. हमारी ज़ुबान एक-दूसरे के मूह में घूमने लगी. मेरे हाथ कब उसके बूब्स पे चले गये, पता ही नही चला. उपर हमारी किस्सिंग चल रही थी, और नीचे मैं उसके बूब्स के साथ खेल रहा था.
दीपक: फिर थोड़ी देर बाद उसका हाथ मेरे लंड पे महसूस हुआ. मुझे झटका लगा तो मैने किस तोड़ दी और उसे देखने लगा. वो मुझे देखते हुए मेरा लंड सहलाने लगी और नॉटी स्माइल दे रही थी. फिर मैने भी अपना एक हाथ उसकी गांद पे रखा, और दबाने लगा आचे से.
दीपक: कुछ देर बाद उसने किस तोड़ी और मेरा हाथ अपनी गांद से हटा कर आयेज छूट के उपर रख दिया. मैं भी देर ना करते हुए उसके शॉर्ट्स के उपर से उसकी छूट सहलाने लगा. वो आँख बंद करके एंजाय कर रही थी. उसके मूह से अया अया निकल रहा था. मेरा एक हाथ उसके बूब्स मसल रहा था, और दूसरा हाथ उसकी छूट.
दीपक: फिर कुछ देर बाद उसने अपना हाथ मेरी शॉर्ट्स और अंडरवेर के भी अंदर डाल दिया, और मेरा नंगा लंड पकड़ लिया. मैं तो उसके इस मूव से शॉक ही हो गया था. पर वो मुझे स्माइल करते हुए देख रही थी, और नीचे मेरा नंगा लंड मसल रही थी. फिर मैने भी अपना हाथ उसके शॉर्ट्स में डाल दिया. उसकी पनटी पे मेरा हाथ लगा जो पूरी गीली हो गयी थी.
दीपक: मैं उसकी पनटी से उसकी छूट सहलाने लगा. हमारी किस फिर से स्टार्ट हो गयी. और एक-दूसरे के अंगो से खेल भी चल रहा था. फिर अचानक उसने मेरा लंड एक-दूं ज़ोर से दबा दिया और उसके मूह से एक लंबी आअहह निकली. उसका पानी निकल गया था शायद.
दीपक: मुझे उसकी पनटी से समझ आ गया की उसका हो गया. फिर हम दोनो ने अपने हाथ बाहर निकाल लिए. फिर अंकिता ने मुझे टाइट हग किया, और ई लोवे योउ बोला. मैने भी उसके लिप्स को चूमा और ई लोवे योउ टू बोला. फिर वहाँ से बाहर आ गये.
दीपक: अंकिता बोली की जीजू आप तो प्रो निकले. मैने भी बोला की तुम भी कुछ कम नही हो. और हम दोनो ही हासणे लगे. फिर हम लोग तुम लोगों के पास आ गये. वापस आते हुए भी कार में वो मेरा लंड मसल रही थी.
मैं: काफ़ी कुछ कर लिया यार तुम लोगों ने, मौके का पूरा फ़ायदा उठा लिया. अंकिता तो काफ़ी फास्ट निकली. थोड़ी देर और रुकते तो तुम्हारा लंड उसकी छूट में होता शायद.
दीपक: हाहाहा क्या कुछ भी. इतना कुछ हुआ वहीं बड़ी बात है यार. चलो अब तुम बताओ तुम लोगों ने क्या-क्या किया?
मैं: तुम लोगों जितना तो नही, पर तोड़ा मज़ा तो किया.
फिर मैने भी दीपक को सब बता दिया की कैसे हमने किस की, जीजू ने मेरे बूब्स और गांद दबाए, और पूल में मैने उनका लंड भी सहलाया उनके शॉर्ट्स के उपर से.
दीपक: मतलब अब तुमने भी शरम छ्चोढ़ के मज़ा करना सीख ही लिया.
मैं:(शर्मा के): यार अब ऐसा मत बोलो.
दीपक: तुमने मज़ा तो किया ना?
मैं: सच बोलू तो हा, बहुत मज़ा आया आज. जब जीजू मुझे किस कर रहे थे, तो अलग ही दुनिया में थी मैं. जब उनका हाथ मेरी बॉडी पे चल रहा था, मेरे बूब्स पे, मेरी गांद पे, तो अलग ही एहसास था वो.
दीपक: मेरा तो लंड खड़ा हो गया यार. अब तुम्हे ही कुछ करना पड़ेगा.
मैं: हा अभी तो मैं ही हू ना.
दीपक: तुम ही हो और हमेशा तुम ही रहोगी डार्लिंग. तुम तो मेरी ज़िंदगी हो यार.
मैं: हा मुझे पता है मेरे राजा.
फिर मैने दीपक का लंड पकड़ लिया और उपर-नीचे करने लगी. वो भी मेरे बूब्स से खेलने लगे. फिर हम 69 में आके एक-दूसरे को चूसने-चाटने लगे. मैं दीपक का लंड चूस रही थी, और वो मेरी छूट चाट रहा था. फिर कुछ देर बाद मैं उसके उपर बैठ गयी, और उसका लंड अपनी छूट में लेकर उछालने लगी.
दीपक ने मेरे दोनो उछलते हुए बूब्स पकड़ लिए और नीचे से धक्का देने लगा. हम दोनो जैसे एक-दूसरे में खो गये. इस बार की चुदाई कुछ अलग ही थी. अलग ही जुनून था हम दोनो में, अलग लेवेल की एनर्जी थी. फिर हम दोनो ऐसे ही नंगे एक-दूसरे की हग करते हुए सो गये.
मॉर्निंग में मैने आकाश जीजू को मेसेज किया और पूछा की-
मैं: जीजू कल अंकिता ने बता दिया होगा सब कल की दीपक ने और अंकिता ने क्या-क्या गुल खिलाए वहाँ वॉटर पार्क में?
आकाश जीजू: हा, सब बताया उसने मुझे और मैने भी सब बता दिया जो भी हमारे बीच हुआ.
मैं: अंकिता का रिक्षन क्या था?
जीजू: वो तो बहुत खुश लग रही थी.
मैं: हा दीपक भी काफ़ी खुश लग रहा था.
जीजू: और तुम खुश नही हो?
मैं: हा मैं भी काफ़ी खुश हू.
जीजू: हमारा प्लान सही जेया रहा है.
मैं: अब तक तो जो सोचा वही हो रहा है. पर अब एक लेवेल आयेज जाना होगा.
जीजू: बताओ क्या प्लान है?
मैं: आप अंकिता को और उक्स्ाओ, ताअकि वो दीपक के और करीब आए. इतना की उसके साथ सेक्स करने का मॅन हो उसका.
जीजू: कल जिस तरह से वो बता रही थी, मुझे तो लगता है की कल अगर मौका मिलता तो कल ही सेक्स कर लेते वो दोनो.
मैं: अब उन्हे तोड़ा और उकसाना है ताकि अगली बार जब हम मिले, तो प्लान सक्सेस्फुल हो जाना चाहिए.
जीजू: अंकिता को तोड़ा पुश की ज़रूरत है बस. वो तो भारी पड़ी है. तुम दीपक को रेडी करो.
मैं: हा मैं भी वहीं कर रही हू. दीपक भी फुल मूड में है अब.
जीजू: और फिर हमारा मिलन भी होगा ना.
मैं: मैने जितना प्रॉमिस किया उतना तो होगा. उससे ज़्यादा मैं अभी कुछ नही बोल सकती.
जीजू: जैसा तुम बोलॉगी वैसा ही होगा डियर. मुझे सिर्फ़ तुम्हारे साथ टाइम स्पेंड करना है. फिर चाहे वो सेक्स करते हुए हो, या सिर्फ़ बातें करते हुए.
मैं: थॅंक्स जीजू मुझे समझने के लिए.
जीजू: पर मैने कल एक रिक्वेस्ट की थी. वो तो पूरी करोगी ना?
मैं: हा याद है जीजू. जिस दिन हमारा प्लान सक्सेस्फुल होगा, उस दिन आप मेरा सब कुछ देख पाओगे, और एक हग भी मिलेगा मेरा. अब खुश जीजू?
जीजू: हाए मॅर जावा, इतना बहुत है मेरे लिए.
मैं: तो अब लग जाओ प्लान पे.
जीजू: हा मैं बताता हू तुम्हे की क्या प्रोग्रेस है.
मैं: हा ठीक है जीजू. ई लोवे योउ.
जीजू: ई लोवे योउ टू डियर.
और हमने छत स्टॉप की. इस पार्ट में इतना ही, आयेज की स्टोरी का वेट कीजिए.