मा हुई नौकर के सामने नंगी

नमस्कार दोस्तों, मैं थोर अपनी सेक्स स्टोरी का अगला पार्ट लेके हाज़िर हू. उमीद है आप सब ने पिछला पार्ट तो पढ़ ही लिया होगा. अगर नही पढ़ा है, तो प्लीज़ पहले उसको ज़रूर पढ़े.

पिछले पार्ट में आपने पढ़ा की दुष्यंत ने अपनी मा को नौकर राजन पर डोरे डालते देखा, और उसको सेक्स के लिए उकसाते देखा. लेकिन नौकर नही माना. फिर कुछ दिन बाद मा रात में घर आई, जब बारिश हो रही थी.

वो अंदर आते ही बारिश से बचने के लिए राजन के रूम में चली गयी. मैं उपर से मा को देख रहा था, तो मैं जल्दी से उसके लिए टवल लेके गया. नीचे जाके जब मैने राजन के रूम की विंडो से अंदर देखा, तो मैं हैरान रह गया. अब आयेज-

मैने देखा मा रूम के बीचो-बीच खड़ी थी. उनकी सारी पूरी बारिश से भीगी हुई थी, और उनके बदन से चिपकी हुई थी. सारी उपर से ट्रॅन्स्परेंट हो चुकी थी, और मा के ब्लाउस में से उनकी ब्रा की शेप नज़र आ रही थी. कमर पर दुपट्टा पेट से चिपका हुआ था, और उनकी नाभि दिख रही थी.

इस भीगे हुए अवतार में मा बहुत सेक्सी लग रही थी. वो राजन को देख रही थी, जो दरवाज़े के पास खड़ा उनको देख रहा था. राजन भी भीगा हुआ था. फिर मा उसको देखते हुए बोली-

मा: देखो ना राजन मैं पूरी भीग गयी. टवल होगा तुम्हारे पास, ज़रा डेडॉ.

राजन जल्दी से बातरूम में गया, और वहाँ से टवल लेके आया. अब वो टवल राजन का अपना टवल था, या वैसे रखा हुआ था, ये मुझे नही पता. मा ने राजन के हाथ से टवल लिया, और सबसे पहले अपना सर पोंछने लगी. फिर मा ने अपनी गर्दन पर दिख रहे पानी को पोंचा. उसके बाद वो खुद से बात करते हुए बोली-

मा: यार सारी तो गीली हो गयी. अब इसके उपर से पोंछने का कोई फ़ायदा नही है. इसको उतारना ही पड़ेगा.

ये बोलते ही मा ने अपना पल्लू नीचे गिरा दिया. अब मम्मी उपर सिर्फ़ ब्लाउस में थी. भीगे ब्लाउस में उनका जिस्म इतना कामुक लग रहा था, की मैं क्या बतौ. उनकी डीप क्लीवेज, ब्लाउस में दिखती ब्रा की शेप, और भीगी हुई कमर देख कर ऐसा लग रहा था, जैसे बोल्लयऊूद की कोई हेरोयिन बारिश वाला हॉट सॉंग शूट करने वाली हो.

मा को ऐसे देख कर तो मेरा भी लंड खड़ा हो गया था. मैने देखा राजन भी मा को घूर कर देख रहा था. तभी मा ने जब राजन की तरफ देखा, तो राजन ने जल्दी से अपनी नज़र फेर ली. इससे मा हल्की सी मुस्कुराइ. अब इतनी चालू औरत को ये तो पता चल ही जाएगा की राजन उसको देख रहा था.

फिर मा ने अपनी सारी खोली, और घूमते हुए अपने जिस्म से अलग कर दी. अब मा सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट में थी. फिर उन्होने पेटिकोट का नाडा खोला, और उसको नीचे गिरा दिया. अब जो सीन मेरे सामने था, उसको देख कर मेरी साँसें तेज़ होने लगी. मेरी मा सिर्फ़ ब्लाउस और पनटी में खड़ी थी.

उनका बदन इतना हॉट था की कोई जवान लड़की भी शर्मा जाए. मैं उनको पहली बार ऐसे देख रहा था. आप सब तो जानते ही होंगे की औरत का बदन अगर भीगा हो तो डबल सेक्सी लगता है. मा भी अपने भीगे हुए बदन के साथ डबल सेक्सी लग रही थी.

फिर मा ने राजन की तरफ देखते हुए अपना ब्लाउस खोलना शुरू किया. राजन दूसरी तरफ देख रहा था, लेकिन उसका लंड उसके पाजामे में खड़ा हुआ दिख रहा था. उसका लंड खड़ा होता भी क्यूँ नही. जब इतने सेक्सी जिस्म वाली औरत सामने होगी, तो मुर्दा आदमी का भी लंड खड़ा हो जाएगा. ये तो फिर जीटा-जागता जवान लौंडा था.

मा ने अपना ब्लाउस निकाल कर फेंक दिया. अब मा ब्रा और पनटी में थी. दोस्तों मेरी मा बिल्कुल सन्नी लीयोन लग रही थी ब्रा-पनटी में. क्या मस्त जांघें, कमर, ब्रा से बाहर आते हुए बूब्स थे, एक-दूं ज़बरदस्त. मेरे तो मूह में पानी आ रहा था. पता नही अभी तक राजन कैसे कंट्रोल करे हुए था.

फिर मा ने टवल लेके अपना बदन पोंछना शुरू किया. अब राजन भी टेढ़ी आँखों से मा को देख रहा था. मुझे लग रहा था की उसका ईमान डगमगा रहा था. मा की नज़र भी राजन पर ही थी. फिर मा अपने आप में बोली-

मा: अर्रे ये तो मेरी ब्रा भी गीली हो गयी है. अगर इसको नही उतरा, तो च्चती में सर्दी बैठ जाएगी.

ये बोल कर मा अपने हाथ को ब्रा का हुक खोलने के लिए पीछे लेके जाती है. वो कोशिश करती है, लेकिन ब्रा का हुक नही खुलता. अब सच में नही खुल रहा था, या मा जान-बूझ कर ड्रामा कर रही थी ना खोल पाने का, इसका फैंसला आप आयेज की स्टोरी पढ़ कर कीजिएगा.

क्यूंकी मा से ब्रा का हुक नही खुल रहा था, तो मा ने राजन से कहा-

मा: राजन ये खोलने में मदर कर दो.

तभी राजन ने मा की तरफ देखा, और उपर से नीचे देखने लगा. वो शायद अपने होश खो बैठा था इतनी सेक्सी औरत को देख कर. फिर जब मा ने दोबारा आवाज़ लगाई, तो वो होश में आया. मा उसको बोली-

मा: अर्रे आ ना, वहाँ खड़ा क्या कर रहा है?

ये सुन कर राजन होश में आया और मा की तरफ बढ़ा. मा की तरफ वो बढ़ रहा था, और यहाँ धड़कन तेज़ मेरी हो रही थी. अब राजन मा के करीब आ गया, और उसके पीछे जाके खड़ा हो गया. मा ने उसको दोबारा बोला-

मा: अर्रे खोल ना जल्दी से हुक.

राजन ने अपने हाथ मा के जिस्म की तरफ बढ़ाए. उसके हाथ हल्के-हल्के काँप रहे थे. फिर जब उसने मा की ब्रा के हुक को हाथ डाला, तो उसका हाथ मा की पीठ को टच हुआ. इससे मा की आँखें बंद हो गयी, और राजन के मूह से भी उफ्फ निकल गया.

राजन ने फिर मा की ब्रा का हुक खोल दिया. मा ने ब्रा को हाथ से पकड़ा नही था, तो हुक खुलते ही ब्रा नीचे गिर गयी, और मा के बूब्स नंगे हो गये.

आ! क्या सेक्सी बूब्स थे मा के. बड़े-बड़े बूब्स रस्स से भरे हुए, जिनको देखते ही चूसने का दिल करे. उनके हल्के ब्राउन निपल्स देख कर तो लड़कों के लंड अपने आप ही माल छ्चोढ़ दे. मेरा भी निकालने वाला था, लेकिन मैने खुद पर कंट्रोल कर लिया.

ब्रा गिरते ही मा बोली: श! ये तो नीचे गिर गयी.

ये बोल कर मा नीचे झुकी, और ब्रा उठाने लगी. मुझे ये समझ नही आया की मा तो ब्रा उतारने वाली थी, तो वो उसको उठा क्यूँ रही थी. लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ, जिससे मुझे पता चल गया की वो ऐसा क्यूँ कर रही थी.

आप सब को ये जानने के लिए अगले पार्ट का वेट करना पड़ेगा. यहाँ तक की कहानी की फीडबॅक गुलाटी.गुलाटी555@गमाल.कॉम पर दे.

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