भाई-बहन ने मिल कर मा को किया गरम

हेलो दोस्तों, मैं नील आपके लिए मा बेहन की चुदाई की स्टोरी का अगला पार्ट लेके आया हू. आप सभी के मेल्स मिले और आपके फीडबॅक के लिए शुक्रिया. अगर और कोई भी मुझसे बात करना चाहता हो, तो मुझे मैल करे.

अभी तक आपने पढ़ा की कैसे मेरी और दीदी की चुदाई चल रही होती है. फिर मों के बारे में पता चलता है, और मैं मम्मी को अपना लंड दिखाने और फील करने लग गया था. उनसे ज़्यादा प्यार करने लगा था. अब आयेज-

मैने कॉलेज जाने से पहले मम्मी के फोन में कुछ इन्सेस्ट स्टोरीस डाल दी थी मा-बेटे की, मा-बेटी, भाई-बेहन, सब डाल दी थी. फिर कॉलेज चला गया था.

फिर जब मैं कॉलेज से आया तो आते ही मम्मी को हग कर लिया, और मम्मी को गाल पे किस करते हुए बोला-

मैं: मों कैसी हो आप?

फिर हमने थोड़ी देर बात की. उसके बाद जब मम्मी अपना काम करने लगी थी तो मैने देखा की उन्होने स्टोरी पढ़ी या नही.

मैं देख कर हैरान हो गया की उन्होने स्टोरी तो सारी पढ़ ली थी, जिसको देख कर मैं बहुत खुश था. फिर जब नेहा दी आई, तो मैने उन्हे सब कुछ बताया. वो भी बहुत खुश हो गयी, और बोलने लगी-

नेहा दी: बहुत अछा है, हमारा प्लान अछा जेया रहा है.

फिर मैं और दीदी मों को देखते है, तो वो नीचे ही होती है. ये देख कर हम दोनो एक मस्त सा लीप किस करते है. फिर 5 मिनिट के किस के बाद दीदी बोलती है-

दीदी: अब आयेज भी बढ़ते रहना है. मैं फ्रेश होके आती हू.

फिर वो फ्रेश होने चली जाती है. दीदी फ्रेश होके मम्मी की हेल्प करती है, और मुझे धीरे से बोलती है की एक बात बतानी है रात में बतौँगी. तो मैं अब सोचने लगता हू की क्या बात होगी, लेकिन मैं आपना काम चालू रखता हू.

तो फिर जब मम्मी और नेहा दी किचन में काम कर रहे होते है, तो मैं भी वहाँ चला जाता हू, और मम्मी को पीछे से हग कर लेता हू. तब ये देख कर दीदी बोलती है की-

नेहा दी: क्या बात है नील, मम्मी पे बहुत प्यार आ रहा है. आज तो मम्मी को हग कर लिया.

मैं: तो क्या हुआ हग नही कर सकता क्या? वैसे भी अभी पापा रहते नही घर पे, तो मम्मी को उनके हिस्से का प्यार भी हमे ही देना है.

नेहा दी: हा नील, बात तो सही बोल रहे हो. लेकिन एक बार मम्मी से भी पूच ले पहले.

मैं: नेहा दी, मैने मम्मी से पूच लिया पहले ही की मम्मी अब जब पापा नही है, तो उनके हिस्से का सारा प्यार हम दोनो देंगे. और उनकी कमी महसूस नही होने देंगे.

मम्मी: हा नेहा, इसने ये पहले ही पूच लिया था. अब जब तुम्हारे पापा नही है, तो तुम दोनो ही हो. अब तुम दोनो जो भी चाहो जैसा भी चाहो कर सकते हो. तुम दोनो मुझसे इतना प्यार करते हो, तो मुझे भी कोई दिक्कत नही है.

नेहा दी: हा मम्मी, नील ने सही सोचा, और अछा हुआ आपने भी हा कर दी.

फिर नेहा दी भी हुमको जाय्न करते हुए हग करती है. मों पलट कर दोनो को हग करती है, और थोड़े आँसू भी आते है उनको. फिर नेहा दी बोलती है की-

नेहा दी: मम्मी लेकिन ये बात ग़लत है. ये आपको ही प्यार करता है, मुझे नही.

फिर मैं बोलता हू की हा ऐसा ही है. और ऐसे करते हुए अब मम्मी को किस करने लगता हू.

तब दीदी बोलती है: देखो मम्मी.

मैं नेहा दी को चिढ़ते हुए अब मम्मी का फेस पकड़ते हुए उनके पुर फेस पर किस करने लगता हू. तो मम्मी बोलती है-

मम्मी: नील ये बात ग़लत है. दीदी क्या बोल रही है? ये ऐसा नही होना चाहिए ना. मैं और दीदी दोनो बराबर है. तो उसको भी प्यार किया कर.

फिर मैं बोलता हू: ठीक है मम्मी.

और ऐसे बोल के दीदी को भी मम्मी के सामने टाइट हग करता हू. अब इतना कुछ होने से मेरा लंड खड़ा हो जाता है. फिर दीदी को भी गाल पे किस करता हू.

फिर मैं बोलता हू: लेकिन मम्मी से मैं ज़्यादा प्यार करता हू.

तो दीदी बोलती है: नही मैं ज़्यादा प्यार करती हू.

और ऐसे बोल के दोनो लड़ने लगते है.

फिर मैं बोलता हू: मैं ज़्यादा प्यार करता हू देखो.

और ये बोल के मम्मी के गाल और फेस पे किस करने लगता हू बहुत सारे. तभी दीदी भी बोलती है, की मैं तुझसे ज़्यादा प्यार करती हू, और वो भी किस करने लगती है.

फिर हम दोनो एक-एक साइड मम्मी के गाल पे किस करते है. और ये सब हमारे प्लान के हीशब से चल रहा था. फिर हम दोनो इशारा करते है, और हमारे प्लान के हीशब से किस करते हुए जान-बूझ कर एक साथ मों के होंठ पे किस कर देते है.

अब हम तीनो के होंठ मिल चुके थे, और हम दोनो अगले ही सेकेंड आपने होंठ हटा लेते है, और हम दोनों मम्मी से माफी माँगते है की मम्मी हमे माफ़ कर दीजिए. तो मम्मी बोलती है-

मम्मी: बेटा ठीक है. मैं समझ गयी की तुम दोनो से ग़लती से हुई. लेकिन अब लड़ना बंद करो.

तब हम दोनो देखते है की मम्मी शर्मा रही है, और साथ में खुश भी लग रही है. इतने टाइम से मेरा लंड खड़ा था, और मम्मी को खुश और शरमाते हुए देख कर मैने सोचा की मौके पे चौका मारा जाए.

ये सोचते हुए मैं खड़े लंड के साथ मम्मी को आयेज से हग करता हू. अब मेरा खड़ा लंड उनकी छूट पे दबने लगता है. अब मैं अपने हग में प्यार का भी फील दे रहा था.

फिर खाना बन जाता है, और हम लोग खा लेते है. उसके बाद सब सूने अपने-अपने रूम में जाते है. फिर थोड़ी देर के बाद दीदी का मेसेज आता है, तो मैं उनके रूम में जाता हू. वो आते ही सबसे पहले तो मुझे बहुत खुश होते हुए हग करती है. फिर दीदी बोलती है-

नेहा दी: नील अपना प्लान बहुत अछा जेया रहा है.

मैं: हा दीदी, वो तो मस्त चल रहा है. वैसे आप कुछ बताने वाली थी ना?

नेहा दी: हा नील, अब एक नही दो बातें बतानी थी.

मैं: अछा तो जल्दी ब्ताओ ना नेहा दी.

और दीदी के लिप्स चूसने लगता हू. दीदी भी मेरा साथ देती है. फिर एक बढ़िया से किस के बाद दीदी बोलती है-

नेहा दी: आज तूने जो स्टोरी डाली थी, और मम्मी ने पढ़ी थी ना, तो वो उससे ही बहुत खुश थी. जब मैं फ्रेश होने गयी ना, तो मैने देखा की मम्मी की पनटी सूख रही थी. वो भी पूरी गीली. इसका ये मतलब है की मम्मी ने अभी ही ढोई थी वो.

नेहा दी: अभी दिन में ढोने का मतलब है की वो गंदी हुई होगी, और गंदी दिन में हुई मतलब की आज उनका पानी निकला है स्टोरी पढ़ के. इसका मतलब है की वो स्टोरी पढ़ते हुए खुश थी, और उसका फील भी ले रही थी.

मैं: अछा दी, ये तो बहुत बढ़िया बात बताई आपने. आपकी बात सुन के और खुशी हो रही है की मम्मी भी इंट्रेस्टेड है अब.

इसी बात पे मैं दी को फिर से एक किस किया, और वॉल से चिपकाते हुए किस करने लगता हू. साथ में उनके बूब्स भी दबाने लगता हू. दीदी भी मेरी पीठ सहलाते हुए मेरा साथ दे रही होती है, और मज़े ले रही होती है.

फिर मैं अब दीदी के कपड़े उतारते हुए पूछता हू: दीदी ये तो हुई पहली बात. अब दूसरी बात क्या है वो तो बताओ?

तब दीदी बोलती है-

नेहा दी: हा नील दूसरी ये की जब शाम को तूने लास्ट में मम्मी को हग किया था ना, तब कुछ हुआ था.

अभी तक के लिए इतना ही. अब अगले पार्ट में पढ़िए की नेहा दी हमारे हग के बारे में क्या बोलती है, और आयेज हम क्या-क्या करते है मम्मी को हमारे साथ चुदाई में जाय्न करने के लिए. आप सब को ये स्टोरी कैसी लगी अपना फीडबॅक ज़रूर दे. जो भी मुझसे बात करना चाहे, वो मुझे मैल कर सकता है.

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