पूरे दिन चुदाई का मज़ा

मेरी सेक्स स्टोरी का पिछला भाग तो आपने पढ़ ही लिया होगा. अगर नही पढ़ा है, तो पहले उसको ज़रूर पढ़ ले. तभी स्टोरी आपको आचे से समझ में आएगी. चलिए अब बिना टाइम वेस्ट किए सीधे स्टोरी पे आते है.

अगले दिन जब मैं उठा, तो 11:30 हुए थे. मैने देखा की गरगी मेरे कंधे पर सिर रख के सोई हुई थी. उसका पूरा बदन मेरे उपर था. उसके बूब्स मेरी च्चती को टच किए हुए थे, और छूट मेरी जाँघ के पास थी.

मैने एक हाथ से उसकी गांद दबाई और पैर थोड़े उपर-नीचे किए. इससे उसकी छूट मेरी झांग से रब हुई. ये सब के बीच उसकी नींद भी टूट गयी. उसने मेरी तरफ देखा और मैने उसको ज़ोर से लीप किस दिया. उसकी आँखें मेरे इस सर्प्राइज़ किस को देख कर थोड़ी बड़ी हुई. फिर उसने भी किस का साथ देते हुए अपनी आँखें बंद कर ली. हमने 2 मिनिट तक पॅशनेट्ली किस किया. किस टूटने के बाद उसने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराते हुए बोली-

गरगी: “गुड मॉर्निंग बेबी.”

उसके मूह से “बेबी” सुन के बहुत अछा लगा. पहले तक वो नाम से बुलाती थी, आज पहली बार “बेबी” वर्ड का उसे किया.

मैं: “गुड मॉर्निंग बेबी. वैसे अभी 30 मिनिट्स बाद आफ्टरनून होने वाला है.”

गरगी (फोन में टाइम चेक किया): “अर्रे बाप रे, अभी तो दोपहर होने आई है!”

मैं: “बेबी, रिलॅक्स, हमने कहीं जाना थोड़ी है.”

गरगी (नॉटी स्माइल देते हुए): “तो बेबी बताओ, आज क्या करेंगे?”

मैं: “आज पूरा दिन रूम में रहेंगे, मेरे पास सबस्क्रिप्षन्स है. टीवी में मूवीस देखेंगे और ढेर सारा सेक्स करेंगे. वैसे अभी कैसा लग रहा है? कल तुम्हारा फर्स्ट टाइम था ना?”

गरगी: “कल रात स्टार्टिंग में पाईं था. फिर मज़ा भी खूब आया. कभी कुछ ज़्यादा पाईं नही हुआ.”

मैं: “चलो ठीक है.”

उसके बाद हम उठे, नहाना-धोना किया. फिर हमने डिसाइड किया की हम जब तक रूम में थे, तब तक नंगे रहेंगे. हमारे रिलेशन्षिप का हनिमून चल रहा था. हमारी आँखों में हवस कूट-कूट के भारी थी. फिर मैने मोविए लगा दी, “50 शेड्स ऑफ ग्रे.” हम बेड में लेट के मोविए देख रहे थे. उसको ऐसे नंगा लेता देख, मेरा लंड टाइट खड़ा था.

मोविए देखते-देखते मुझे पता चला की गरगी को सेक्स करते समय डॉमिनेट होना अछा लगता था. हमने कल रात से कुछ खाया नही था, तो मैने खाना भी ऑर्डर कर दिया. तभी मेरा ध्यान टीवी में गया और मैने देखा टीवी में सेक्स सीन चल रहा था. गरगी का ध्यान भी मेरे लंड पर था.

अब मुझे पता चल गया था की उसको क्या चाहिए. फिर मैने अपने बाग से दो बेल्ट निकाले. एक से उसके हाथ बाँध दिए, और एक उसके गले में बाँध दी. वो ये सब देख कर खुश हो गयी थी.

मैं: देख, एक दिन की चुदाई के बाद कैसी रंडी बन गयी. लॉडा देखा नही, लार पहले ही टपकने लगी.

गरगी समझ गयी थी की ये बात कहाँ हो रही थी. अब वो भी मुझको उकसाने लगी.

गरगी: भोंसड़ी के, इतना दूं है तो छोड़ के दिखा!

मैं: बेहन की लोदी, कल जो छोड़ा, उतना कम नही था. आज देख तेरी छूट का क्या हाल बनता हू मैं.

इतना बोलते ही मैने उसके दोनो हाथ उपर किए, और उसके मूह को छोड़ना स्टार्ट कर दिया. पूरा लंड उसके हलाक तक ले जाता, उसकी आँखों से पानी भी आने लगा. मुझे ऐसे मज़े आ रहे थे, मैं बता नही सकता था. फिर मैने अपना लंड उसके मूह से बाहर निकाला, तो उसका थूक भी मेरे लंड में आ गया. मैने उसकी आँखें सॉफ की.

उसको थोड़ी सी साँस आई. तभी मैं बेड में लेता, और उसको अपने उपर लिटा लिया. इससे उसकी छूट मेरे मूह के पास और मेरा लंड उसके मूह के पास आ गया था. उसको कुछ पता चलता उससे पहले ही मैं उसकी छूट चाटने लग गया. वो भी मेरा लोड्‍ा चूसने लगी. उसकी छूट से उसका पूरा रस्स निकालने लगा. हम 69 पोज़िशन में लगे हुए थे. तभी मुझे आइडिया आया, और मैने उसके इन्नर थाइ में लोवे बीते दे दिया.

गरगी: क्या मदारचोड़, अपनी हरकतों से बाज़ नही आएगा ना?

मैं: भोंसड़ी की, तुझे ही तो रंडी बन के चूड़ने का मॅन था. अब मैं छोड़ रहा हू तो इसको एंजाय कर.

ये बोलते ही मैने उसको नीचे लिटाया, लंड छूट में लगाया. फिर एक धक्के में अंदर डाल दिया. छूट गीली होने के चक्कर में पूरा लंड अंदर चला गया. उसकी छूट अभी भी बहुत टाइट थी.

गरगी: आ, उम्म्म, आइईइ, अफ…

मैं: क्या ग़ज़ब की छूट है तेरी. मुझे यकीन ही नही होता की तुझे अभी तक किसी ने छोड़ा क्यूँ नही.

गरगी: छोड़ना तो मुझे सारा ज़माना चाहता है. पर मैं हर किसी से नही चुड्ती. तेरे से पहले मेरे 1-2 बाय्फ्रेंड थे. बुत तेरे जैसे असली मर्द नही थे. सेयेल वो तो किस भी नही कर पाए, छूतिए कहीं के.

मैं: अब से तेरे इस जिस्म का मलिक मैं हू.

गरगी: ये तो मैं कल से ही मान चुकी हू.

फिर मैं उसको दीवार में लगाया और उसको उल्टा करके वहीं छोड़ने लगा. मेरा लंड उसकी छूट की गहराइयों तक जेया रहा था.

गरगी: एयेए फक फक ओह यॅ, ऐसे ही करते रहो, और ज़ोर से!

गरगी अब मेरे सामने पोर्नस्तर के जैसे बिहेव करने लगी. कोई बोल ही नही सकता था की गरगी जैसी लड़की ऐसी चुड़क्कड़ निकलेगी. पर मुझे अछा लग रहा था की उसके ऐसे रूप के बारे में मुझे ही पता था.

5 मिनिट्स बाद मैं भी झाड़ गया. उसको कितनी बार ऑर्गॅज़म आया, पता नही चला. हमने खाना वग़ैरा खाया, एनर्जी रिस्टोर की, और दो दिन तक लगातार चुदाई करते गये. कामसुत्रा के हर पोज़ ट्राइ किए. रूम के हर कोने में जेया कर सेक्स किया. बर्तडे के अगले दिन तो दो-टीन बार उसकी छूट में भी अपना माल झाड़ा, क्यूंकी उसने बोला की वो उसका सेम दे था. क्रेआमपीए की फीलिंग तो नेक्स्ट लेवेल थी.

उस दिन से हम दोनो सोसाइटी के सामने सभ्या बन के रहते, और जहाँ मौका मिलता, तबाद-तोड़ चुदाई करते.”

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