प्रेग्नेंट भाभी के साथ सेक्स

हेलो गाइस, तीस इस युवर फ्रेंड रोके वन्स अगेन वित आ न्यू सेक्स स्टोरी. प्लीज़ दो नोट फर्गेट तो शेर युवर रिव्यू आंड कीप इन टच वित मे ओं रोकेपटेल69@याहू.कॉम. फर्स्ट ऑफ ऑल अगर आपने पिछले पार्ट्स नही पढ़े, तो पढ़ लीजिए.

हमारी ज़ोरदार चुदाई के बाद आज वो दिन आ ही गया जब भाभी वापस घर जेया रही थी. मेरा मूह एक-दूं लटक गया था. पर क्या करे, दिल पे पत्थर रख के मैने उन दोनो को विदा किया, और मैं अपनी रेग्युलर लाइफ में बिज़ी हो गया.

बीच-बीच में भाभी से फोन पे बात होती, तो पुरानी यादें फिर से ताज़ी हो जाती, और लंड खड़ा हो जाता. फिर बाद में 1 मंत के बाद भाभी का कॉल आया और उन्होने खुश-खबरी दी की वो प्रेग्नेंट थी. वो मेरे बच्चे की मा बनाने वाली थी. मैं इतना खुश था की मुझसे रहा नही गया, और मैने जल्दी से मोरबी जाने का फैंसला कर लिया. भाभी को भी मैने बोल दिया की मैं आ रहा था.

पुर रास्ते में मुझे काई अलग-अलग विचार आ रहे थे, और खुशी भी हो रही थी, की मेरी वजह से भाभी का ड्रीम पूरा हुआ. जैसे ही मैं बस स्टॅंड पे उतरा, तो भैया मुझे लेने आए थे. वो मुझे देख के, मुझे गले लगा के थॅंक योउ बोलने लगे, और हम साथ में घर पहुँचे. वो मुझे घर ड्रॉप करके जॉब पे चले गये.

भाभी भी मुझे देख के बहुत खुश हुई, और मुझे प्यारी सी हग दी. मैने उन्हे कस्स के पकड़ा, और हाए उनके बदन की खुश्बू मुझे मदहोश कर रही थी. वो स्मेल लेने के बाद मेरी सारी थकान डोर हो गयी, और वहाँ पे मेरी मौसी और मौसा जी भी गाओं से आए हुए थे. उनसे भी मिल के बहुत खुशी हुई.

फिर मैने थोड़ी देर आराम किया और दोपहर का खाना खाने के बाद सोने के लिए चला गया. पर अभी तो भाभी को देख के नींद कहाँ आने वाली थी. तो मैं इंतेज़ार करता रहा की कब सब काम ख़तम करके भाभी अपने कमरे में जाए.

फिर जब सब काम ख़तम हो गया और भाभी जेया रही थी, तो मैं चुपके से उसके पीछे-पीछे जाने लगा, और उसके कमरे में घुस गया. भाभी को नही पता था और वो गाते बंद करने गयी तो मैने पीछे से दर्रा दिया. वो चौंक गयी और मुझे डाँटने लगी. उतने में गाते बंद करना रह गया, और हल्का सा खुला रह गया. पर मुझे नही पता था की मौसी ने मुझे अंदर जाते देख लिया था.

फिर मैने भाभी को पकड़ के बिस्तर पर लिटाया. उन्होने येल्लो कलर की सारी पहनी थी, जो उनके गोरे बदन पर ब्यूटिफुल लग रही थी.

फिर वो बोली: रोके, अभी डॉक्टर ने सेक्स करने से माना किया है.

तो मैने कहा: हा डॉक्टर ने सेक्स करने से माना किया है. पर ओरल सेक्स तो कर ही सकते है?

और इतना बोल के मैने पल्लू नीचे करके ब्लाउस के बॉटम खोल दिया. उन्होने अंदर ब्लॅक कलर की ब्रा पहनी थी, और आधे बूब्स बाहर दिख रहे थे.

मैं: ये तो ब्रा के अंदर भी नही आ रहे है.

भाभी: ये सब तेरा काम है. अब तू ही संभाल.

फिर मैने ब्रा को उतार फेंका, और बूब्स को आज़ाद किया. उसके बाद तुरंत एक बूब को मूह में लेके चूमने लगा. भाभी आइज़ बंद करके मूह उपर करके फील ले रही थी. मैं धीरे-धीरे उनकी गर्दन चूमते हुए मूह की तरफ बढ़ा, और उनके पिंक रसीले होंठ को धीरे-धीरे चूमने लगा.

वो इतने नशीले थे की मुझे कुछ याद नही था. बस पीटा ही जौ, पिता ही जौ, ऐसा हो रहा था. वो भी भूखी शेरनी की तरह मुझे चूम रही थी, और मैं उसके बूब्स को ज़ोरो से प्रेस कर रहा था.

फिर थोड़ी देर किस करने के बाद मैने उसका पेटिकोट उतरा, और मैं भी नंगा हो गया. उसकी छूट पे हल्के-हल्के बाल थे, ये देख के मुझ पर सेक्स का नशा चढ़ गया था. मैने बिना देर किए उनकी लेग्स फैला के छूट को मूह में लिया, और छूट की रसीली स्किन को चूसने लगा.

उसकी छूट हमारी इंडियन औरतों की चूड़ी हुई छूट के जैसे एक स्किन बाहर निकली हुई थी, और वो मैं अपनी जीभ से चूस रहा था.

भाभी: आअहह रोके कितने दिन से मैं तड़प रही हू. तेरे भैया कभी नही चूस्टे.

और इतना बोल के वो मेरा मूह छूट पे दबाने लगी.

भाभी: श आह प्लीज़, और चूसो, ज़ोर से मेरे राजा.

मैं पूरी जीभ अंदर डाल के छूट के रस्स को चूस रहा था, और जीभ को छूट के अंदर-बाहर करके छोड़ भी रहा था.

भाभी: ऑश एयेए आहह, बहुत मज़ा आ रहा है. और चूसो.

और वो मेरे बालों पे हाथ घुमा रही थी, और अपनी आइज़ बंद करके अपने होंठो को छबाए जेया रही थी. अपने हाथ से ही अपने बूब्स को दबा रही थी. वो एक-दूं सेक्स की देवी लग रही थी. ये देख के मैं और ज़ोर से चाटने लगा, और उन्होने अपनी गांद उपर करके ज़ोर से उनके पैरों के बीच में मेरे मूह को दबाया.

फिर उन्होने ज़ोर की आवाज़ के साथ छूट का पूरा पानी मेरे मूह पे छ्चोढ़ दिया, और मेरा मूह भाभी के पानी से लथपथ था. फिर मैने मूह सॉफ किया. भाभी की संतुष्टि मैं देख रहा था. उसने तुरंत मेरा लंड अपने मूह में लिया, और चूसने लगी.

मेरे से अब रहा नही जेया रहा था, और मैं भी भाभी के मूह को पकड़ के ज़ोर से अंदर-बाहर करने लगा. मैं उसके मूह को छोड़ रहा था. मेरा लंड पूरा भाभी के गले तक जेया रहा था, और थोड़ी देर चूसने के बाद मैं भाभी के मूह में ही झाड़ गया. फिर हम एक-दूसरे को किस करते हुए हग करके सो गये.

ये सब नंगा नाच मेरी मौसी दरवाज़े पे खड़ी हुई देख रही थी. ये मुझे पता नही था, और उनके दिमाग़ में क्या चल रहा था, वो भी नही पता था. फिर रात को सब नॉर्मल दे जैसे पूरा हो गया. पर मौसी का बिहेवियर मुझे तोड़ा अलग लग रहा था. वो मुझसे ज़्यादा झुक-झुक के बात कर रही थी, और मेरे सामने स्माइल भी कर रही थी. पर मैं ये सब कुछ दिमाग़ में नही ले रहा था.

फिर नेक्स्ट दे मैं जब अपने रूम में मोबाइल देख रहा था, तो मैने देखा मौसी अचानक से कमरे में आई, और अपनी सारी का पल्लू अपने हाथ से ही नीचे गिरा दिया, और मेरे सामने देखती रही. तब मैने नोटीस किया की 48 की उमर में भी उसका फिगर एक यंग लड़की को भी टक्कर दे सकता है.

तभी अचंक मौसा जी ने आवाज़ लगाई, और मौसी अपनी सारी ठीक करके बाहर चली गयी. पर मुझे समझ नही आ रहा था की मौसी ने ऐसा क्यूँ किया. फिर ये बात को स्किप करके मैं नहाने चला गया. कमरे में कोई था नही, तो मैने बातरूम आचे से बंद नही किया था, और मैं अपने सब कपड़े निकाल के साइड में रख दिया. फिर मैं नहाने की तैयारी करने लगा, और तभी अचानक मौसी सिर्फ़ ब्लाउस और पेटिकोट में बातरूम में घुस गयी, और मैं देख के चौंक गया.

मैने कहा: मौसी आप! अभी…

तो बे कंटिन्यूड…

आपको स्टोरी अची लगे या ना लगे मुझे ज़रूर बताए. मैं आप लोगों की फीलिंग की कदर कर रहा हू. आंड थॅंक्स फॉर रीडिंग मी स्टोरी आंड सपोर्टिंग मे. मुझे अपने फीडबॅक ज़रूर शेर कीजिए रोकेपटेल69@याहू.कॉम पर.

error: Content is protected !!