हेलो दोस्तों, मेरा नाम मनीष है. मैं अभी 22 साल का हू. मैं कॉलेज में पढ़ता हू. मेरे साथ मेरा दोस्त आलोक भी पड़ता है. वो भी मेरी ही उमर का है. वो बहुत ही ज़्यादा सुंदर और होशियार है. इसके अलावा लड़कियों के मामले में बहुत तेज़ है.
एक दिन मेरी मम्मी घर पर रेडी हो रही थी, तो मैने उनसे पूछा-
मैं: कहाँ जेया रही हो मम्मी?
तो उन्होने बोला: मैं बेज़ार जेया रही हू. तू घर को देखना.
मैने सोचा की मम्मी अकेली जाएँगी, पर देखा की आलोक बिके लेकर आया हुआ था. मम्मी उसके साथ जाने वाली थी. फिर मैं दोनो को भेज दिया. मैं ज़्यादा सोचा नही. मेरी मम्मी देखने में बहुत ही ज़्यादा संस्कारी और सुशील है.
लगभग 2 घंटे बाद वो लोग आए. मम्मी थोड़ी अलग दिख रही थी. उनके चेहरे पर एक खुशी और संतुष्टि का भाव था. साथ ही उनके माथे पर सरसों के फूल लगे हुए थे. पीछे के कपड़े भी थोड़े गंदे थे. मैने उनसे पूछना चाहा, पर फिर कुच्छ सोच कर रहने दिया.
शाम को जब खेल रहा था, तब किसी ने मुझे बताया की आज सारे बेज़ार बंद थे. तो मेरा माता तनका, की जब बेज़ार बंद थे, तो मम्मी ने 2 घंटे तक बेज़ार में क्या किया? और वो जब बेज़ार से लौटी थी, तो कुछ शॉपिंग भी नही की थी. और मुझे लगा था की उन्हे कुछ पसंद नही आया होगा.
मुझे कुछ समझ नही आ रहा था, तो मैने सोचना भी छ्चोढ़ दिया. फिर एक दिन मैं क्रिकेट खेलने के लिए बैठा हुआ था. तभी आलोक गाने सुनता हुआ आया और मुझे मोबाइल दे दिया, और बोला-
आलोक: गाने बंद कर दो. मैं क्रिकेट खेलने जेया रहा हू.
आलोक यौतूबे पर गाने सुन रहा था. मैने यौतूबे को बंद किया, तो उसका लॉक खुला हुआ था. मैं उसकी फोन गॅलरी की फोटोस देखने लगा. तभी उसमे मुझे मम्मी की एक बड़ी खूबसूरत फोटो दिखाई दी. मैं सोच में पद गया की मम्मी की इतनी खूबसूरत फोटो उसके पास कैसे थी?
फिर मैं उसकी पूरी गॅलरी को चेक करने लगा, पर उसके अलावा और कुछ नही मिला. उसके बाद मैं उसके ड्राइव खोल कर देखने लगा, तो मैं हैरान रह गया. वहाँ मम्मी के नाम का एक फोल्डर था, जिसमे बहुत ही सुंदर-सुंदर मम्मी की फोटोस उपलोआड की हुई थी.
मेरा माता घूमने लगा. मैं बोल दिया की क्रिकेट नही खेलूँगा तुम लोग खेलो, और चुप-छाप बैठ कर मोबाइल देखने लगा. फोल्डर में मम्मी की वीडियोस भी पड़ी हुई थी. मैने एक वीडियो खोली तो देख कर हैरान रह गया. वो एक हफ़्ता पहले की ही वीडियो थी, और सरसों की खेत वाली वीडियो थी वो. मैं समझ गया की वो किस दिन का वीडियो था, और क्या हुआ था उस दिन.
पहला वीडियो ओपन किया तो किसी जंगल का सीन था, जहाँ मम्मी आयेज-आयेज चल रही थी और वो पीछे-पीछे कॅमरा लेकर चल रहा था. मम्मी उसे माना कर रही थी की वीडियो मत बना. पर वो बोल रहा था की-
आलोक: अर्रे ऐसे ही मैं बना रहा हू. आप चलो.
मम्मी जंगल पार करके सरसों की खेतों में आ गयी, और वहीं बैठ गयी. आलोक भी उनके साथ बैठा, और आयेज का कॅमरा चालू कर दिया. फिर वो मम्मी के होंठो पर होंठ रख कर उनके होंठो को चूसने लगा. साथ ही मम्मी के बूब्स को भी दबा रहा था, और उनके लाल-लाल होंठो और गुलाबी गालों को चूस रहा था.
थोड़ी देर बाद मम्मी ने खुद ब्लाउस खोला, और अपनी चुचियों को आज़ाद कर दिया. आलोक बड़े प्यार से मेरी मम्मी की चुचियों को चूसने लगा. मम्मी उसके सर को सहला रही थी, और अपनी चुचियों को मसलवा रही थी. फिर वो वीडियो वहीं ख़तम हो गयी. उसके बाद मैने दूसरा वीडियो प्ले किया.
दूसरी वीडियो में मम्मी नीचे लेती हुई थी, और आलोक उनकी सारी को कमर तक कर दिया था. उसने मम्मी के दोनो पैरों को मोड़ कर उनकी छूट को फैला दिया था. मम्मी की चूत पर बिल्कुल भी बाल नही थे, और दूध जैसी सफेद थी. अंदर से छूट बिल्कुल गुलाबी थी.
मम्मी की दोनो चुचियों को वो उंगलियों से रगड़ने लगा. इससे मम्मी की आँखें बंद हो गयी, और वो अपने होंठो को काटने लगी. फिर आलोक मम्मी की छूट पर अपनी जीभ लगा कर चूसने लगा. मम्मी आहें भरनी शुरू कर दी.
फिर आलोक ने अपना लंड निकाला, और मम्मी की छूट में डालने लगा. मम्मी कराह उठी. उसने तुरंत अपना लंड अंदर घुसा दिया, और मम्मी के उपर लेट गया. अब वो मम्मी के होंठो को कभी चूमता, तो कभी उनके गालों को मसलता.
मम्मी के चेहरे के एक्सप्रेशन से लग रहा था की उसका लंड मम्मी की चूत में तबाही मचा रहा था. लगभग 15 मिनिट तक वो मम्मी की छूट में धक्के मारते रहा, और उसके बाद मम्मी की चूत के उपर झाड़ गया. फिर मम्मी ने पत्ते से अपनी चूत को सॉफ किया, और पनटी पहन कर खड़ी हो गयी.
उसके बाद वो मम्मी को खींच कर फिर से अपनी गोद में बिताया, और उनकी चुचियों को मसालते हुए उनके होंठो को चूसने लगा. मम्मी ने किसी तरह उसे अपने आप को च्चूधया और बोली-
मम्मी: घर आ कर फिर से कर लेना रात को. जब सभी सो जाएँगे, उसके बाद मेरे साथ करना.
उसी रात मुझे याद है कोई तो आया था. पर मैं नींद में था. मम्मी दरवाज़ा खोलने गयी थी, और फिर उसके बाद क्या हुआ मैं नही जानता था. मैने उसके व्हातसपप खोला, तो व्हातसपप मेसेज देख कर हैरान रह गया. वो मम्मी से बहुत दीनो से बातें कर रहा था. मम्मी और उसके बीच काफ़ी सेक्सी चाटिंग हुई थी.
पहले तो मुझे बहुत गुस्सा आया. मम्मी को जब भी देखता था, तो जब उनकी नंगी छूट आलोक चाट रहा था, वो दृश्या याद आने लगता था. मुझे यकीन ही नही हो रहा था की मम्मी मेरी, जो इतनी संस्कारी और सुशील थी. वो कभी मेरे ही दोस्त के साथ ये सब कर सकती थी.
फिर मैने धीरे-धीरे अपने आप को समझा लिया, की ये सब नॉर्मल था. किसी के भीतर भी कांवासना हो सकती है, और जो उसकी वासना को शांत कर दे, उसके साथ उनके संबंध बन ही जाते है.