हेलो फ्रेंड्स, मेरी इस मों-सोन स्टोरी को ढेर सारा प्यार देने के लिए शुक्रिया. अब नेक्स्ट पार्ट शुरू करते है.
उस नाइट मों ने और मैने ढेर सारी बातें की, हस्सी मज़ाक की (इन चीज़ों से एमोशनल बॉन्ड मज़बूत होता है).
मों: तू इतना केरिंग है, तो तेरी कोई गर्लफ्रेंड नही है?
मे (शरमाते हुए): नो, मों.
मों: क्या मैं जान सकती हू की क्यूँ?
मे: मों, कोई पसंद ही नही आई.
मों: तो फिर तुझे कैसी पसंद है?
मे (तोड़ा शरमाते हुए, नज़रें नीची करके): आपके जैसी.
मों: क्या?
मे: मतलब की आपके जैसी केरिंग, लविंग टाइप सी.
मों: ह्म, सिर्फ़ केरिंग और लविंग ही हू इसलिए? तो क्या लुक वाइज़ अची नही हू मैं?
मे: ऐसा नही है मों. आपकी जैसी ब्यूटिफुल भी. पर आपका वो कॉलेज वाला वर्षन, अभी वाला नही. (और मैं हासणे लगा, और वहाँ से भागने लगा. मुझे लगा मों मुझे मारने को दौड़ेंगी, पर उसने ऐसा नही किया.)
मों (तोड़ा गुस्सा होते हुए): नालयक, कोई ऐसा डाइरेक्ट बोलता है क्या अपनी मों को?
मे: पर, अभी तो तुम मेरी फ्रेंड हो. और मैं मेरी फ्रेंड रही को कुछ भी कह सकता हू, रिघ्त?
मों: ह्म.
हमारी बात चल रही थी, और उतने में पापा की गाड़ी का हॉर्न बजा. तो मैने जेया कर गाते ओपन किया. फिर हम खाना खा कर अपने रूम में चले गये. पापा की प्रेज़ेन्स में मम्मी पूरी हाउसवाइफ बन जाती है, और मेरी तरफ उसने फिर देखा भी नही, जो मुझे अछा नही लगा.
फिर रात को जब मों व्हातसपप पे ऑनलाइन दिखी, तो मैने उसे मेसेज किया. क्यूंकी व्हातसपप छत पे आप अपनी वो फीलिंग्स या बातें शेर कर सकते हो, जो स्टार्टिंग फेज़ में आप आमने-सामने डाइरेक्ट्ली मों से शेर नही कर सकते.
मे: क्या कर रही हो, रही? (मों का रिप्लाइ नही आया) तुम्हारा हब्बी सो गया क्या?
मों: वेरी फन्नी. नही (टॉनटिंग करते हुए), मेरा हब्बी नही सोया अब तक. वो मॅच देख रहे है मोबाइल में.
मे: अर्रे यार, व्हातसपप तो हमारी प्राइवेट प्लेस है. इस्पे तो हम फ्रेंड्स के जैसे ही बिहेव करेंगे ना?
मों: ह्म. (मॅन तो किया की उसे पूच लू की चुदाई हो गयी या बाकी है?)
मे: अगर तुम्हे आज ईव्निंग की बातों से कुछ बुरा लगा हो तो ई’म सॉरी. वो तुम्हारा कॉलेज वाला जो कॉमेंट किया, उससे तुम्हे शायद बुरा लगा हो.
मों: ह्म, बुरा तो लगा था. पर उतना नही.
मे: ह्म, और वैसे भी हम अब फ्रेंड्स है. तो फ्रेंड्स की बात का बुरा नही मानते.
मों: ह्म, तो फिर तुमने पूछा क्या?
मे: बस ऐसे ही, नयी-नयी फ्रेंडशिप है ना. सो ध्यान रखना पड़ता है अपनी फ्रेंड का.
मों: ओक चल, गुड नाइट.
मे: गुड नाइट रही, और कल सुबह जल्दी उतना है मॉर्निंग एक्सर्साइज़ के लिए. मैं कॉल करूँगा, तुम टेरेस पे आ जाना (आक्च्युयली हमारा क्लास ऑनलाइन होता है. पर मैं मों को ऑफलाइन सीखने वाला था. क्यूंकी इसी बहाने से मैं मों के ज़्यादा करीब आ सकता था.)
मैने मों को सुबह कॉल किया. पर उसने उठाया ही नही. फिर मैं भी सो गया. दूसरे दिन पापा के जाने के बाद वही फिरसे मों का मेषर्मेंट लेने का ट्राइ किया. पर मों ने उतना कोवापरेट नही किया. फिर मैं भी कॉलेज में लाते हो रहा हू, बोल के जल्दी चला गया.
शाम को घर आ कर मैने लॅपटॉप में मों की छत ओपन की. तो रिंकू आंटी से उसकी बात हुई थी. पहले उनकी कुछ लॅडीस वाली गॉसिप और बाद में मेरे रिलेटेड छत थी-
रिंकू: अछा, अब बता की तेरा वेट लॉस वाला कैसा चल रहा है बेटे के साथ?
मों: कुछ ख़ास नही, तुमने मुझे समझाया था बॉडी टच वाला. पर उसके बॉडी टच से कुछ अजीब लगता है, और आज तो उसने मुझे एक्सर्साइज़ के लिए टेरेस पे सुबह बुलाया. पर मैं नही गयी आज. और वो भी मुझसे नाराज़ होके आज कॉलेज चला गया.
रिंकू: वो तो होना ही था, तेरा बेटा शरीफ है. अगर मैं तेरे बेटे की जगह होती, तो तुझे बेड में से उठा कर उपर ले जाती.
मों: ह्म. ये सब मूवीस में होता है, आज तक हब्बी ने कभी नही उठाया अपनी गोद में. तो बेटा कहाँ से उठाएगा? ह्म्म्म्म.
रिंकू: ह्म, बात तो सही है. बेटा कैसे उठाएगा अभी अपनी मोटी मों को. अगर कॉलेज वाली रहीज़ा होती तो शायद उठा भी लेता.
मों: शूट उप यार! आज कल सब मुझे कॉलेज डेज़ क्यूँ याद दिलाते है? बेटे ने भी कल मुझे याद दिलाया, की मैं कॉलेज मे कितनी फिट थी, और आज कितनी मोटी हू. यार रिंकू तेरा सही है, जो फिगर कॉलेज में था, वैसा भी आज है.
रिंकू: ह्म, उसके लिए मेहनत करनी पड़ती है, पसीना बहाना पड़ता है. फ्री में सोते रहने से कुछ नही मिलेगा.
फिर उस रात को मैं मों से तोड़ा डोर ही रहा, और नेक्स्ट 2-3 डेज़ तक भी वैसा ही किया. ना ही मों सामने से आ रही थी, और ना ही मैं अपना ईगो छ्चोढ़ पा रहा था. फिर मुझे याद आया ट्रैनिंग के बारे में. तो मैने नेटवर्क मार्केटिंग स्किल वाली वीडियो को फिरसे देखा, जिसमे बताया था की आपको आपके क्लाइंट का तब तक फॉलो उप करना है की जब तक वो आपकी प्रॉडक्ट्स नही ले लेती. या फिर आपको नेक्स्ट मीटिंग की डटे नही मिल जाती.
सो मैं भी अपनी ईगो को साइड में रख कर मों से मिला. मैं सामने से गया, तो उसके चेहरे पे जीत की खुशी थी. पर मुझे अगर मों को जीतना था, तो ऐसी छ्होटी-मोटी हार को गले लगाना होगा.
उस दिन मॉर्निंग को पापा के जाने के बाद मों नहाने गयी, तो मैने मों को देखना चाहा नहाते हुए. मैं कीहोल से देख रहा था, उसने अपने कपड़े उतारने लगे, उसकी बॅक मेरी तरफ थी. वो पूरी टॉपलेस हो गयी थी. पर मेरे हाथ टच होने से गाते में आवाज़ हुई, तो मों ने अपने उपर टवल लपेट लिया.
मों: शाज़ बेटा, क्या तुम हो?
मैने कुछ आवाज़ नही की, चुप-छाप वहीं खड़ा रहा. उनको गाते की तरफ आते देखा, तो मैं दबे पावं वहाँ से बाहर चल दिया.
मों (बातरूम का गाते खोल कर): शाज़ बेटा, शाज़, कहाँ हो?
मों बार-बार मेरा नामे ले रही थी, तो मुझे उसके आयेज आना ही पड़ा.
मे: जी मों. क्या हुआ? कुछ काम था क्या?
मों: क्या तुम अभी कुछ देर पहले यहाँ आए थे?
मे: नही मों. क्यूँ क्या हुआ?
मों: कुछ नही. शायद मुझे ही ऐसा लगा. तुम जाओ.
मैने सोचा की थॅंक गोद मों ने मेरे ट्राउज़र में बने हुए तंबू को नोटीस नही किया. फिर मैं भी कॉलेज चला गया. पूरा दिन मों की बॅकलेस तस्वीर मेरी आँखों के सामने घूमने लगी. ई इमॅजिन की मों टॉपलेस कैसी दिखती होंगी?
शाम को मैं वापस घर आया, मों किचन में थी. अपने ईगो को साइड मे रख कर शाम को फिर मैने मों से बात की. उस टाइम वो किचन से आ कर, रिलॅक्स हो कर हॉल में बैठी थी. पापा अभी आए नही थे.
मैने उसको बोला: तुम एक्सर्साइज़ बाद में शुरू कर लेना, पहले ये न्यूट्रीशन स्टार्ट करो.
फिर मैने मों को प्रॉडक्ट्स कैसे लेना है, खाने में क्या नही खाना है, कों सी डाइयेट को फॉलो करना है, ये मैं मों को समझा रहा था. मेरा किसी कस्टमर के साथ ये फर्स्ट टाइम था, सो बोलने में तोड़ा झीजक रहा था. कोई और होता तो दिक्कत नही आती, पर मों खुद डॉक्टर थी, सो उसको पता चल गया.
उसने लास्ट में कहा: बेटा अछा ट्राइ किया. ऐसे ही सीखते हुए तुम एक दिन अछा एक्सप्लनेशन करने लगॉगे.
मे: थॅंक्स रही. और तुम खुद डॉक्टर हो तो. अगर तुम भी सिख़ावगी, तो और भी आचे से कर पौँगा. सिख़ावगी ना मुझे?
मों: एस डियर. क्यूँ नही.
मे: हा, पर इसके पहले तुम्हारा ये तोड़ा अंदर कर ले.
और मैने उसके पेट पे हाथ फिरा दिया, और वहाँ से भाग गया. इस टाइम मों मेरे पीछे दौड़ी, और हम दोनो आयेज-पीछे दौड़ते हुए तक गये. मैं भागते हुए उसके बेडरूम में जेया कर, बेड के पास आ कर स्टॉप हो कर उल्टा हो गया. मेरे पीछे दौड़ती हुई मों ने अचानक ब्रेक किया, और मुझे साथ लेकर वो अपने बेड पे गिर पड़ी.
हम दोनो की साँसें तेज़ चल रही थी. आँखें एक-दूसरे में डूबी हुई, मुझे उसकी गरम साँस महसूस हो रही थी. जो हाथ मेरे उसके कमर पे थे, उसको बटक्स पे लगा दिया. उसकी चेस्ट भी उपर-नीचे हो रही थी, बूब्स को मैं देखता ही रह गया. मों ने ये नोटीस किया.
मों: क्या देख रहे हो ऐसे?
मे: कुछ नही मों, तुम सच में आज भी बहुत सुंदर हो. मैं अपनी वो कॉलेज वाली कॉमेंट वापस लेता हू.
मों: ह्म, ऐसा क्या देख लिया तुमने आज, जो मैं तुम्हे अचानक से जवान लगने लगी? पहले तो मैं बुद्धि थी ना?
और मों ने उठने की कोशिश की, पर मैने उनके बटक्स को दबाते हुए वापस नीचे गिरा दिया. मों मेरे उपर पूरी तरह से गिर पड़ी. उसके बड़े बूब्स मेरी चेस्ट को, तो मेरा खड़ा सा लंड उसकी थाइ से टच हुआ.
मे: मों, बस तुम ये अपना वेट कूम कर लो. फिर तुम्हारा बाकी बॉडी अपने आप ही शेप में आ जाएगा. ये देखो.
और मैने बैठ कर मों को कुछ बॉडी ट्रॅन्स्फर्मेशन की फोटोस दिखाई, जिसमे लॅडीस ने उपर सिर्फ़ वन पीस पहना होता है, जिससे उनका पेट और हिप्स पूरा दिखता है. और मों को ये फोटोस इसलिए भी फाटक से दिखाई, ताकि वो मैने जो अपने हाथ उसके बटक्स पे रखे थे, उसकी बात उसे याद ना रहे. क्यूंकी मुझे अभी भी कुछ दर्र सा था, की वो नाराज़ ना हो जाए.
मों (वो फोटोस देखते हुए): पर शाज़, ये तो बहुत ही लो कपड़ों वाली है.
मे: एस मों. बुत सभी लॅडीस ये पोज़ देती है, जिससे बाद में उनकी बॉडी कैसे ट्रॅन्सफॉर्म होती है, उसका कंपॅरिज़न आचे से कर सकते है. क्यूंकी पहने हुए कपड़ों में उतना ठीक से नही दिखता. ये 1स्ट्रीट स्टेप है, उसके बाद हम आयेज जेया सकते है.
और मों ने उन फोटोस वाली लॅडीस की बॉडी ट्रॅन्स्फर्मेशन के बाद की फोटोस देखी, तो उसकी आँखों में चमक आ गयी.
मे (मुझे लगा मों शायद बुरा ना मान जाए. सो मैने सेफ खेला): अगर तुम कंफर्टबल हो, तो ये तुम मुझे बाद में भेज सकती हो, अपने हिसाब से. कोई जल्दी नही है.
मों: पर मुझे है बेटा, मुझे जल्दी है अब अपना वेट लॉस करने की. सब मुझे मोटी बुलाते है. जिन्हे लगता है की मैं चेंज नही हो सकती, उन सब को मुझे दिखा देना है की रहीज़ा क्या चीज़ है (और मेरी तरफ मेरा फोन फेंका उसने). अब बताओ, ये 1स्ट्रीट स्टेप कैसे लेना है फोटो?
मे (अपने फोन में वापस वो बॉडी ट्रॅन्स्फर्मेशन वाली फोटोस ढूँढते हुए): मों, तुम्हे पहले अपनी इस तरह की सेल्फिे लेकर मुझे भेजनी होगी.
और मैने वो ब्रा वाली लेडी की फोटो मों को दिखाते हुए उसके सामने देखा. सामने का नज़ारा देख कर तो मेरे होश उडद गये. मुझे काटो तो खून ना निकले ऐसी हालत हो गयी. मूह मेरा खुला ही रह गया, और शब्द मानो मेरे गले में अटक गयी.
मों मेरे सामने ब्रा पहने बैठी थी. उसने अपना ब्लॅक टॉप निकाल के हाथ में पकड़ा हुआ था. और ग्रीन ब्रा में उसके खरबूज़े जैसे बूब्स 40% जीतने बाहर दिख रहे थे. मों के चेहरे पे कोई शरम नही दिखी उस टाइम. बस एक हल्की सी स्माइल थी, और उसी स्माइल को अपने चेहरे पे बरकरार रखते हुए उसने मुझ से कहा-
मों: बेटा, क्या तुम ऐसी ही पोज़ की बात कर रहे थे? या इसमे कुछ चेंज करना है?
सो फ्रेंड्स, इस पार्ट को पढ़ कर आपको कैसा लगा, कॉमेंट्स ज़रूर कीजिएगा. एमाइल/गछहात ओं लज़्यलीहास@गमाल.कॉम.
जल्द ही मिलेंगे नेक्स्ट पार्ट में. क्या आप में से भी कोई अपनी मों के लिए फीलिंग्स रखता है, तो मेसेज ज़रूर करना. बाइ.