बेटे ने सेक्सी मम्मी को मनाया

हेलो दोस्तों, मैं सोनू. कैसे हो आप लोग? जैसा की आप लोगों ने पिछले पार्ट में पढ़ा की काव्या आंटी मेरे को मम्मी को मानने का टिप देती है. फिर मैं काव्या आंटी को पूरी रात छोड़ता हू, और फिर हम दोनो नंगे ही सो जाते है. अब आयेज-

फिर सुबा 7 बजे काव्या आंटी मेरे को उठती है, और मैं उठ कर हाथ मूह धो कर फ्रेश होता हू. आंटी बोली-

काव्या: बेटा सोनू ज़्यादा देर मत कर. मैं देखी की तेरी मम्मी और वो आदमी दोनो जस्ट अभी यहाँ से निकले है. तू फटाफट होटेल पहुँच जेया. तेरे को तेरी मम्मी से पहले होटेल पहुँच के अपना काम शुरू करना है.

सोनू: ठीक है, मैं निकलता हू.

काव्या: और बताना की काम बना या नही.

सोनू: हा बतौँगा.

फिर मैं और काव्या आंटी एक-दूसरे के होंठ चूमते है, और मैं जल्दी से होटेल के लिए निकल जाता हू. कुछ देर में मैं होटेल पहुँच जाता हू, और रूम में जाता हू. मैं देखता हू मम्मी अभी नही पहुँची थी.

मैं जल्दी से अपने कपड़े चेंज करके बनियान और शॉर्ट्स पहन लेता हू, और सोफे पर बैठ के मम्मी के आने का वेट करने लग जाता हू. थोड़ी देर में मम्मी आती है. मैं मम्मी को देखता हू तो मम्मी का बाल पुर बिखरे हुए रहते है, और उनका मेकप भी खराब हो गया रहता है.

मम्मी मेरी तरफ देखे बिना बेडरूम में जाती है. मैं मम्मी के पास जाता हू और मम्मी का हाथ पकड़ के उनको सोफे पर बिता देता हू. फिर मम्मी बोली-

मम्मी: मदारचोड़ तेरा हक नही है मेरे को छ्छूने का.

जैसा की काव्या आंटी मेरे को बोली थी, मैं सेम वैसा ही करने लग जाता हू. मैं मम्मी के पैरों में गिर जाता और मम्मी के पैर पकड़ के रोते हुए बोलता हू-

सोनू: मम्मी आयेज से मैं ऐसी ग़लती नही करूँगा. मेरे को प्लीज़ माफ़ कर दो. आपके बिना मेरी लाइफ अधूरी है. आप मेरे से ऐसा बिहेव करोगी तो मैं कैसे जियूंगा?

मैं धीरे से मम्मी के चेहरे को देखता हू, तो मम्मी एक-दूं शॉक हो गयी रहती है. क्यूंकी उनको उमीद नही थी की मैं ऐसा करूँगा. मैं मौका देख कर और बोला-

सोनू: मम्मी आप मेरे लिए सब कुछ हो, और आप मेरे से डोर चली जाओगी तो मैं कैसे जियूंगा? मेरी ज़िंदगी आप हो. प्लीज़ मेरे को माफ़ कर दो. मम्मी सॉरी मैं ऐसी ग़लती दोबारा नही करूँगा.

तभी मम्मी मेरे सर पर हाथ रखती है और मेरे सर को अपनी जांघों के पास लाती है. मैं अपना सर मम्मी की जांघों पर रख देता हू, और रोते रहता हू. मम्मी मेरे सर को सहलाते हुए प्यार से बोलती है-

मम्मी: सोनू तेरे को सच में अपनी ग़लती का एहसास है?

सोनू: हा मम्मी है.

मम्मी: देख सोनू, तू किसी भी औरत को छोड़. लेकिन एक बार मेरे को बता दिया कर.

सोनू: अगली बार से ऐसा नही होगा.

मम्मी: ठीक है मैं तेरे को माफ़ करती हू. लेकिन तू मेरा दिल तोड़ा, जिसका मेरे को बहुत बुरा लगा हुआ है, और तू मेरे को वापस पाना चाहता है तो तेरे को फिर से मेरा दिल जीतना होगा. तेरे को जो भी तरीका सही लगे तू कर. मैं चाहती हू की वापस से मेरा दिल जीत ले.

मम्मी: तेरे बिना मेरी भी ज़िंदगी नही है. इसीलिए चाहती हू की तू वापस से मेरा दिल जीत.

सोनू: मैं आपका दिल वापस से जीत के रहूँगा मम्मी.

मम्मी: बिल्कुल, और तेरे को जीतना ही होगा.

फिर मम्मी मेरे आँसू पोंछती है, और मेरे गाल को प्यार से सहलाती है और बोलती है-

मम्मी: मैं नहाने जेया रही हू. फिर तोड़ा आराम करूँगी.

सोनू: ठीक है.

फिर मम्मी नहाने चली जाती है, और मैं काव्या आंटी को मेसेज करके सब बताता हू. आंटी बोलती है-

काव्या का मेसेज: बहुत बढ़िया. मैं बोली थी ना मेरा अड्वाइज़ काम करेगा.

सोनू का मेसेज: हा, काम किया. पर अब मम्मी का दिल जीतने के लिया क्या करना चाहिए?

काव्या का मेसेज: पहले तू अपनी मम्मी को आराम करने दे. फिर उसको आज कही घूमने लेजा, और कल डटे पर ले जाना. तेरा काम हो जाएगा.

सोनू का मेसेज: ठीक है.

काव्या का मेसेज: ठीक है, चल बाइ.

फिर कुछ देर बाद मम्मी नहा के आती है, और सो जाती है. मैं भी नहा लेता हू. फिर हॉल में आ कर सोफे पर सो जाता हू. फिर दोपहर 3 बजे मम्मी मेरे को उठती है और बोलती है-

मम्मी: सोनू उठ, फिर साथ में खाना खाएँगे.

सोनू: मम्मी आज हम कहीं घूमने चले? और उधर ही खाना भी खा लेंगे.

मम्मी: ठीक है तो मैं तैयार हो जाती हू.

सोनू: हा लेकिन मम्मी हम लोग बिके पर घूमेंगे तो आप कुछ वैसा ही पहनना.

मम्मी: ठीक है देखती हू.

मम्मी बेडरूम में तैयार होने चली जाती है. मैं एक ब्लू जीन्स और ब्लॅक त-शर्ट पहन लेता हू. थोड़ी देर में मम्मी तैयार हो कर हॉल में आती है और मैं मम्मी को देखता रह जाता हू.

मम्मी खुले बाल की रहती है, और डार्क रेड लिपस्टिक लगाई रहती है. उपर एक ब्लॅक कलर का बनियान वाला टॉप पहनी होती है, जो की स्लीव्ले होता है, और सामने से तोड़ा डीप नेक वाला रहता है, जिसमे से मम्मी का दूध कमाल का लग रहा होता है. नीचे मम्मी ब्लू कलर का शॉर्ट जीन्स पहनी होती है.

शॉर्ट जीन्स में मम्मी का गोरा-गोरा और मोटा मोटा जाँघ कमाल का लग रहा होता है. मम्मी का बड़ा सा चूतड़ तो और भी ज़्यादा कमाल लग रहा होता है. वो बहुत सेक्सी लग रही होती है. मैं मम्मी को उपर से नीचे तक देख रहा होता हू, और मम्मी मुस्कुरा रही होती है.

मम्मी: बस देखता ही रहेगा या घूमने भी ले जाएगा?

सोनू: मम्मी आप बहुत सेक्सी लग रही हो.

मम्मी: थॅंक योउ, वैसे तू भी बहुत हॅंडसम लग रहा है.

सोनू: थॅंक योउ.

फिर मैं और मम्मी होटेल से निकलते है. हमारे होटेल से थोड़ी ही दूरी पर कार बिके रेंट पर मिलता है. तो मैं वहीं पर से एक स्पोर्ट्स बिके रेंट पर ले लेता हू. फिर मम्मी को बीतता हू, मम्मी मेरे पीछे बैठी रहती है, और हम लोग निकल जाते है.

सबसे पहले तो हम लोग खाना खाने के लिए एक होटेल में रुकते है. क्यूंकी हम दोनो को ही बहुत भूख लग रही होती है. फिर वहाँ खाना खाते है, और फिर घूमने निकल पड़ते है. मैं बिके चला रहा होता हू, और मम्मी पीछे बैठी रहती है. लेकिन मम्मी मेरे से तोड़ा डोर बैठी रहती है, तो मैं जान बूझ कर ब्रेक लगता हू, और मम्मी मेरे से चिपक जाती है. मम्मी बोली-

मम्मी: क्या कर रहा है सोनू?

सोनू: आप मेरे से डोर बैठी थी, तो मेरे को अछा नही लग रहा था, इसलिए आपको पास लाया.

मम्मी: अछा तो और पास अओ?

सोनू: आओ ना.

फिर मम्मी मेरे को पीछे पूरा हग कर लेती है, और मेरे से एक-दूं चिपक के बैठी होती है.

मम्मी: अब अछा लग रहा है?

सोनू: बहुत अछा लग रहा है.

हम लोग तोड़ा सिटी में घूमते है. फिर तोड़ा पहाड़ वाली जगह पर पहुँच जाते है. वहाँ बहुत सारे लोग रहते है. फिर हम लोग बिके रोकते है, और घूमने लगते है. मम्मी मेरा हाथ कपल जैसा पकड़े रहती है, और हम दोनो मस्त घूम रहे होते है.

वहाँ पर बहुत सारे लोग हम दोनो को देख रहे होते है. फिर हम लोगों को वहाँ पर एक फुड स्टोर दिखता है, और वहाँ पर सब कुछ मिलता है, जैसे की खाने पीने की आइटम और दारू भी. मम्मी बोलती है-

मम्मी: सोनू, देख वहाँ कितनी सुंदर जगह है. चल वहाँ पर बैठ के दारू पिए.

सोनू: हा-हा चलो.

फिर मैं दारू लिया, और फिर हम लोग मम्मी की बताई हुई जगह पर बैठ जाते है. शाम हो रही थी, सूरज ढाल रहा था, चारों तरफ हरा-हरा पेड़ पौधा था. वो नज़ारा सच में कमाल का था. ढलते हुए सूरज की धूप आ रही थी. बहुत अछा लग रहा था.

मम्मी और मैं चिपक के बैठे होते है, और दारू पी रहे होते है. वहाँ पर और भी कपल हमारी तरह एंजाय कर रहे होते है. वहाँ पर बहुत मज़ा आ रहा था. मस्त ताड़ी ताड़ी हवा चल रही थी. साथ में दारू और मेरी मम्मी.

सोनू: कैसा लग रहा है मॉमी?

मम्मी: बहुत अछा लग रहा है. बहुत रोमॅंटिक जगह है, और साथ में तू है तो और भी ज़्यादा अछा लग रहा मेरी जान.

सोनू: ई लोवे योउ मॉमी.

मम्मी: ई लोवे योउ टू मेरी जान.

फिर मैं और मम्मी एक-दूसरे के होंठो को चूसने लगते है. मम्मी मेरे को किस करते-करते अपने पुर बदन को मेरे बदन से रग़ाद रही होती है, और मेरे को आज मम्मी के होंठो स्वाद मिला. मेरे को ऐसा लग रहा था, जैसे मैं जन्नत में था. मम्मी के होंठो का स्वाद ही कुछ ऐसा था. फिर हम अलग हो जाते है, और दारू पीने लगते है.

सोनू: मम्मी आज आपके होंठो का स्वाद चख के मेरे को बहुत अछा लगा. मैं तो तरस गया था.

मम्मी: मेरे को भी तेरे होंठो का स्वाद चख के बहुत अछा लगा. मैं खुद भी तेरे होंठो के स्वाद के लिए तरस रही थी.

हम दोनो दारू सिगरेट और मोमेंट को एंजाय करते रहते है, और कब शाम के 7 बाज जाते है, हम दोनो को पता भी नही चलता है. अब वो जगह पूरा अंधेरा हो जाता है, और सब लोग वहाँ से जेया चुके होते है.

मम्मी: सोनू अब यहाँ से चलते है. अंधेरा हो गया है, और सब लोग जेया चुके है. हम दोनो यहा अकेले है, मेरे को दर्र लग रहा है.

सोनू: हा मम्मी चलो चलते है.

फिर हम लोग वहाँ पर से निकल के अपनी बिके के पास पहुँच जताए है.

मम्मी: सोनू मैं बिके चलना चाहती हू.

सोनू: मम्मी आपको बिके चलना आता है?

मम्मी: अर्रे बहुत आचे से. कॉलेज टाइम पे तो बहुत बिके चलाई हू.

सोनू: ठीक है फिर.

फिर मैं मम्मी को बिके की चाबी दे देता हू. मम्मी बिके स्टार्ट करती है, और मैं मम्मी के पीछे मम्मी को हग करके बैठ जाता हू. फिर हम लोग निकल पड़ते है. मम्मी बहुत तेज़ बिके चला रही होती है. मैं अपने दोनो हाथ से मम्मी के दोनो दूध पकड़ा होता हू.

मम्मी: वाउ, बहुत मज़ा आ रहा है. कितने सालों बाद बिके चला रही हू, वूहू!

सोनू: मम्मी धीरे चलाओ, मेरे को दर्र लग रहा है.

मम्मी: मेरी जान किस बात का दर्र? मैं एक-दूं एक्सपर्ट हू, टेन्षन मत ले.

मैं मम्मी की गर्दन को किस करता हू. फिर मैं मम्मी के होंठो को किस कर देता हू, और मम्मी बोलती है-

मम्मी: बस-बस, ज़्यादा मत कर. नही तो हम दोनो गिर जाएँगे.

फिर हम दोनो सिटी में और घूमते है. उसके बाद एक होटेल में खाना खाते है, और बिके वापस करके वापस अपने होटेल रूम में आ जाते है. हम लोग आज बहुत घूमे रहते है. मम्मी बहुत खुश हो गयी रहती है, और टाइम रात का 2 बाज रहा होता है.

मम्मी और मैं दोनो कपड़े चेंज करके हाथ-मूह धो लेते है. फिर मैं हॉल में सोफे पर सोने के लिए लेट जाता हू. तभी मम्मी आती है और बोलती है-

मम्मी: यहाँ क्यूँ सो रहा है मेरी जान?

सोनू: आप तो अपने साथ सोने नही डोगी, तो यहाँ सो रहा हू.

मम्मी: अभी मैं तेरे से नाराज़ नही हू मेरी जान. चल मेरे साथ सोना.

सोनू: सच में?

मम्मी: सच में मेरी जान. लेकिन सिर्फ़ सोना, उससे ज़्यादा कुछ नही, क्यूंकी आज तू तोड़ा सा मेरा दिल जीटा है, और तेरे को मेरे साथ चुदाई करना है तो तेरे को मेरा पूरा दिल जीतना पड़ेगा.

सोनू: जल्द ही आपका पूरा दिल जीत लूँगा.

फिर मैं और मम्मी दोनो बेडरूम में जाते है और बेड पर लेट जाते है. मम्मी मेरे से लिपट जाती है. फिर हम दोनो एक-दूसरे के होंठो को चूमते है और सो जाते है. मैं मम्मी का पूरा दिल जीत पाता हू या नही वो अगले पार्ट में पता चलेगा.

तो बे कंटिन्यूड…

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