जैसा की आपने पिछले एपिसोड में पढ़ा की हम गरगी के बर्तडे के लिए शिमला आए हुए थे. डिन्नर करके रूम में आए, ड्रेस चेंज की, फिर तोड़ा डॅन्स किया. तब तक 12 बाज चुके थे. फिर हमने केक कट किया.
केक कट करने के बाद मैने एक स्लाइस उसको खिलाया. उसके मूह में केक डालते ही मैने उसको एक ज़ोर का किस किया, जिससे तोड़ा केक मेरे मूह में भी आ गया था.
चॉक्लेट फ्लेवर केक था उसका फेवोवरिट. किस ब्रेक करने के बाद मैने अपने होंठ सॉफ किए और बोला-
मैं: हॅपी बर्तडे जान. आज की रात यादगार रहेगी.
उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली-
गरगी: ये मेरा फर्स्ट टाइम है, तो तोड़ा ध्यान से करना.
मैं: टेन्षन मत लो, आज की रात अपनी है, फुल एंजाय करेंगे.
फिर हमने एक-दूसरे को पकड़ा और ज़ोरो से किस करने लगे, और एक-दूसरे के कपड़े उतारने लगे. पाँच मिनिट्स बाद हम पुर नंगे हो चुके थे. उसने मेरी तरफ पीठ की थी, और मैं उसको पीछे से हग किए खड़ा था.
मैं उसके लिप्स और नेक पर किस कर रहा था, और दूसरी तरफ एक हाथ से बूब्स दबा रहा था, और एक हाथ उसकी छूट में था. वो अब गीली हो चुकी थी. अब वो मेरी तरफ पलट गयी, और मेरी आँखों में देखने लगी.
वैसे तो मैने उसको काई दफ़ा वीडियो कॉल में नंगा देखा था, पर जब वो पास थी, तब वाली फीलिंग ही अलग थी.
मेरी साँसें गहरी हो गयी थी. तब मैने उसको देखा तो वो भी गहरी साँस ले रही थी. वो नज़ारा ही कुछ अलग था. उसके बड़े-बड़े बूब्स, पर्फेक्ट कर्व वाली बॉडी, और क्लीन शेव पुसी मेरे को खुला आमंत्रण दे रहे थे.
फिर मैने अपने दोनो हाथो से उसके बूब्स पकड़े, और उनको चूसने लगा, और वो भी अब लंबी साँस लेके मोन करने लगी. उसके बाद उसने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया, और उसको हिलना स्टार्ट कर दिया. फिर वो अपने घुटनो के बाल बैठी, और मेरा लंड अपने मूह में ले लिया, और चूसने लगी. फर्स्ट टाइम के हिसाब से तोड़ा रफ था, पर मज़ा पूरा आ रहा था.
फिर मुझे पता चला की वो ये सब पॉर्न से सीख के आई थी. ये सब सुन के मैं हैरान हो गया था. फिर मैने उसको बेड में लिटाया और उसकी छूट चूसने और चाटने लगा. उसको बहुत मज़ा आ रहा था.
गरगी: अया… उम्म्म… अफ… ऊ… और ज़ोर से. मज़ा आ रहा है, रुकना नही!
वो ऐसा बोल रही थी. पाँच-सात मिनिट्स तक चूसने के बाद मैं रुक गया.
गरगी (गुस्से से): अर्रे, रुक क्यूँ गया? मेरा होने वाला था!
मैं: अर्रे मेरी जान, आज का मुख्या कार्यक्रम तो अभी बाकी है. ये बोलते ही मैने अपने लंड में कॉंडम लगाया, और लंड उसकी छूट के सामने रख दिया. लंड अंदर डालने लगा, तो छूट टाइट थी. इस वजह से मैने तोड़ा ज़ोर से अंदर डालने का ट्राइ किया, और तोड़ा हिस्सा अंदर चला गया. इससे उसको बहुत दर्द हुआ और उसने अपने नाख़ून मेरी पीठ में गाड़ा दिए. अब मुझे भी दर्द होने लगा. फिर मैने अपना लंड बाहर निकालना चाहा तो उसको और दर्द हुआ.
गरगी: अर्रे, बहुत दर्द हो रहा है.
उसके आँखों से थोड़े आँसू भी आ गये. मैने उसकी आँखें पोंची और किस करके बोला-
मैं: थोड़ी देर ऐसे ही रहने देते है.
फिर मैं उसको किस करने लगा. दो मिनिट ऐसे करने के बाद मैं अपना लंड तोड़ा अंदर करने लगा. उसको दर्द हो रहा था, पर उतना नही था. फिर मैं धीरे-धीरे उसको छोड़ना स्टार्ट किया. मेरे लंड में उसका खून भी लग चुका था. उसकी छूट बहुत टाइट थी. पाँच मिनिट्स बाद उसका सारा दर्द गायब हो चुका था, और वो मज़े लेने लगी थी.
गरगी: बहुत मज़ा आ रहा है… अया… अफ… उम्म… छोड़ो मुझे, और ज़ोर से!
ये सुन कर मैं ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. मैने अपना हाथ उसके चेहरे पर रखा, और एक उंगली उसके मूह में डाल दी.
मैं: अब कैसा लग रहा है? वीडियो कॉल में तो बड़ा बोलती थी ‘फक मे हार्डर’, अब क्या हुआ? अब आया मज़ा?
वो अभी हाँफ रही थी. अभी तक उसके पैर मेरे कंधों पे थे. पर अब मैने उसके पैर नीचे रखे और कमर पकड़ी, अपना लंड बाहर निकाला, और उसको पलट कर रख दिया.
गरगी: क्या हुआ?
मैं: अब दूसरा पोज़िशन ट्राइ करते है. इस बार डॉगी स्टाइल में छोड़ूँगा.
वो कुछ बोल पाती तभी मैने पूरा लंड छूट में डाल दिया.
गरगी: कुत्ते सेयेल, आराम से कर ना!
मैं: तुझे ही तो ज़ोर-ज़ोर से चूड़ना है ना कुटिया साली.
ये बोल के मैने उसके बाल पकड़े, और ज़ोर-ज़ोर से छोड़ने लगा. वो भी अब उछाल-उछाल के छुड़वा रही थी. चुदाई की आवाज़ पुर रूम में गूंजने लगी. उसकी गांद मखमल सी सॉफ्ट थी. छोड़ने में तो अलग ही मज़ा आ रहा था. जब से बाल पकड़ के छोड़ना शुरू किया, तब से उसकी आवाज़ और तेज़ हो गयी. अब हममे हवस चरम सीमा में थी. अब हम कुछ भी बोले जेया रहे थे.
गरगी: तो छोड़ ना सेयेल, और ज़ोर से छोड़! आ, एम्म, अफ, ऐइ!
मैं: देख अब तेरे को कैसी रंडी बना के छोड़ता हू.
ये सू ंकार वो मुस्कुराइ और बोली-
गरगी: तेरे मूह से गाली अची लगती है, और दे!
मैं: चल ठीक है, बहनचोड़, अब जैसी तेरी मर्ज़ी.
गरगी ये बात सुन के हासणे लगी.
मैं: वैसे, तेरी छूट बड़ी ग़ज़ब की है, मज़ा आ रहा है. आज से इस छूट का मलिक मैं हू.
गरगी: जैसा आप बोले, मलिक.
हम हासणे लगे. फिर मैने उसको पीछे से हग किया, और उसको उपर उठा के पीछे से उसके होंठो में किस करने लगा, और बूब्स भी दबाने लगा. अब 20 मिनिट्स हो चुके थे छोड़ते हुए, और मैं भी अपनी लिमिट में था. तो मैने उसकी कमर पकड़ी, और ज़ोर-ज़ोर से शॉट मारने लगा. वो अब बावली हो चुकी थी.
फिर मैं भी झाड़ गया, और अब तक वो भी 2-3 बार झाड़ चुकी थी, और वो बेड में लेट गयी. मैने कॉंडम निकाला और अपना सारा माल उसके फेस में डाल दिया. फिर मैं भी लेट गया. मुझे लेता देख वो मेरे पास आके मुझे कड्ड्ल कर ली. हमारी साँसें भी अभी तक तेज़ चल रही थी.
गरगी: आज बहुत मज़ा आया, आज की रात मैं कभी नही भूल पौँगी.
मैं: अभी रात ख़तम कहाँ हुई है.
गरगी (शॉक में): अभी और भी कुछ बचा है क्या?
मैं: अभी तो बस शुरुआत है.
गरगी मेरे छ्चाटी में हाथ मार के बोली: धात पागल!
फिर कुछ सोच कर बोली-
गरगी: दिखने में तो सीधे लगते हो तुम, कोई ना बता पाए तुम्हारे इस रूप के बारे में.
ये सुन कर मैं हँसने लगा. फिर हमने तोड़ा रेस्ट किया, कुछ कॅषुयल बात-चीत की, और उसके बाद 1-2 राउंड्स सेक्स करके हम सो गये.
तो बे कंटिन्यूड…
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