हेलो दोस्तों, मैं आपकी मनीषा अपनी स्टोरी का अगला पार्ट लेके हाज़िर हू.
तो आपने पिछले पार्ट में पढ़ा की कैसे हम सब माल में शॉपिंग के लिए मिले, और अंकिता दीपक के साथ चिपक रही थी, और उसके क्लोज़ होने की कोशिश कर रही थी. दूसरी तरफ आकाश जीजू मेरे क्लोज़ होने की कोशिश कर रहे थे. फिर उस रात मैने दीपक को पर्मिशन डेडी की वो अंकिता के और नज़दीक जेया सकते थे. दीपक ने भी मुझे बोल दिया की मैं भी आकाश के साथ फ्रेंडशिप आयेज बढ़ौ. अब आयेज-
तो नेक्स्ट दे मेरी अंकिता से बात हुई.
वो बोल रही थी: कल काफ़ी एंजाय किया ना? और आकाश भी काफ़ी खुश लग रहे थे तुम लोगों से मिल के.
मैने भी बोला: कल हम सब एक साथ थे तो काफ़ी अछा लगा.
फिर वो बोलने लगी: चलो कहीं घूमने जाते है सब साथ में.
वो बोली: ठीक है, प्लान करते है कुछ.
फिर आफ्टरनून में मेरी आकाश जीजू से भी छत से बात हुई.
आकाश: कल काफ़ी मज़ा आया ना?
मे: हा, सब साथ थे तो अछा लग रहा था.
आकाश: थॅंक्स आपने मेरी बात रख ली.
मे: कों सी बात?
आकाश: जो आपने मेरी पसंद का किया वो.
मे: अब दोस्ती की है, निभानी तो पड़ेगी.
आकाश: काश मैं आपको उसमे देख पाता.
मे: जीजू ये तो नही होगा.
आकाश: डॉन’त वरी, मैं आपको कभी किसी चीज़ के लिए फोर्स नही करूँगा.
मे: मुझे पता है जीजू, और यहीं बात आपकी मुझे अची लगती है.
आकाश: मुझे आपको कुछ बोलना है, बुत दर्र लगता है कहीं आप बुरा मान जाओ.
मे: मैं क्यूँ बुरा मानूँगी? आप बोलो जो भी बोलना है.
आकाश: मुझे आपसे प्यार हो गया है. मैं अब आपके बारे में ही सोचता रहता हू.
मे: जीजू शायद प्यार तो मुझे भी आपसे हो गया है.
आकाश: क्या सच में?
मे: हा जीजू आज-कल मैं भी आपके बारे में कुछ ज़्यादा ही सोचती हू.
आकाश: तो फिर हमने खुद को रोका हुआ क्या है?
मे: जीजू मैं दीपक से भी उतना ही प्यार करती हू, और उन्हे धोखा नही दे सकती.
आकाश: हा प्यार तो मैं भी अंकिता से करता हू.
मे: जीजू मैने कुछ सोचा है. अगर वैसा हो जाए तो हम दोनो एक-दूसरे से प्यार भी कर सकते है, और वो धोखा भी नही होगा.
आकाश: ऐसा हो जाए तो बस और क्या चाहिए.
मे: बुत वो सब आपके उपर है, क्या आप कर पाओगे?
आकाश: हा क्यूँ नही. आप बताओ ना क्या करना है?
मे: मैं सोच रही थी जैसे हम दोनो क्लोज़ हो रहे है. वैसे ही अगर दीपक और अंकिता भी आपस में क्लोज़ हो जाए. वो दोनो एक-दूसरे के नज़दीक आ जाए तो हम सब साथ में एंजाय कर पाएँगे. और हमे गिल्ट भी नही होगा की हमने अपने पार्ट्नर्स को धोखा दिया.
आकाश: अगर ऐसा हो जाए तो सच में मज़ा आ जाएगा.
मे: बुत क्या आप अंकिता को दीपक के साथ देख पाएँगे? क्यूंकी हो सकता है बात बहुत आयेज तक चली जाए. आप समझ रहे हो ना मैं क्या बोलना चाहती हू?
आकाश: हा मैं समझ रहा हू. तुम्हे पता है अंकिता वैसे भी दीपक की बहुत बातें करती है. शायद वो ऑलरेडी उसे पसंद करती है.
मे: और आपको उस बात से कोई प्राब्लम नही है?
आकाश: हम एक-दूसरे की खुशी का पूरा ख़याल रखते है, और हम एक-दूसरे की फीलिंग्स की रेस्पेक्ट करते है.
मे: वाह ये तो बहुत अची बात है.
आकाश: और आपको पता है बहुत बार ऐसा होता है. वो दीपक की तारीफ करती है और मैं आपकी. फिर हम बोलते है की क्यूँ ना हम पार्ट्नर्स एक्सचेंज कर ले.
मे: आप लोग तो पहले से ही रेडी हो लगता है. तो अब आप अंकिता को तोड़ा और पुश करो, की वो दीपक के तोड़ा और क्लोज़ हो जाए, और मैं दीपक को अंकिता के नज़दीक लाने की कोशिश करती हू.
आकाश: फिर तो हम भी क्लोज़ हो सकते है.
मे: जीजू पहले हम उन दोनो का सोच ले. फिर हमारे बारे में बात करेंगे.
आकाश: ये भी ठीक है.
मे: फिर मुझे भी गिल्ट नही होगा की मैने दीपक को धोखा दिया है, और आपके करीब आने में मुझे प्राब्लम नही होगी.
आकाश: अब तो बस मुझे इंतेज़ार है की कब आप मेरे एक-दूं पास होगी.
मे: जल्दी ही वो दिन आएगा जीजू.
आकाश: तो हम दोनो आज से काम पे लग जाते है, और अंकिता और दीपक को एक-दूं करीब ले आते है.
मे: हा जीजू ऐसा ही करेंगे.
आकाश: ओक.
मे: चलो जीजू में आपसे बाद में बात करती हू.
आकाश: ओक लोवे योउ.
मे: लोवे योउ टू.
आकाश: ये किस रियल कब मिलेगी?
मे: जल्दी ही. अब बाइ, मुझे काम है.
आकाश: ओक बाइ.
फिर मैने घर आके दीपक को बताया की: आज मैं जीजू से छत कर रही थी. आप सही बोल रहे थे. शायद जीजू मुझे पसंद करते थे.
फिर दीपक बोले: अब तुम भी शरमाना छ्चोढो और खुल के उनसे बातें करो. वैसे भी हमारी लाइफ सच में थोड़ी बोरिंग सी हो गयी है, और तुम्हे भी एक नया एक्सपीरियेन्स हो जाएगा.
फिर मैने उनसे पूछा की उनकी और अंकिता की फ्रेंडशिप कहाँ तक पहुँची?
तो वो बोलने लगे: बस वहीं सब थोड़ी मस्ती, थोड़ी फ्लर्टिंग.
अंकिता सामने से ही उन्हे मेसेज या कॉल कर देती थी. तो मैने बोला: फिर अब फ्लर्टिंग को तोड़ा नॉटी टच डेडॉ, और ओपन्ली बातें करो.
मैने बोला: मैं जेया रही हू किचन में, तो उससे छत करो. फिर मुझे बताना की क्या बात हुई.
उसने भी ओक बोला और मैं वहाँ से चली गयी. फिर रात जब हम बेडरूम में थे, तो दीपक ने सामने से बताना स्टार्ट कर दिया-
दीपक: आज तो अंकिता भी खुल के बातें कर रही थी.
उन्होने अपनी छत भी दिखाई जिसमे दीपक अंकिता को सेक्सी, हॉट, तीखी मिर्ची और भी क्या-क्या बोल रहा था. और अंकिता भी सामने से पॉज़िटिव रेस्पॉन्स दे रही थी, और एक-दूं खुल के बातें कर रही थी. शायद आकाश जीजू ने भी अंकिता से बात कर ली होगी, तभी वो इतना खुल गयी थी.
फिर उन दोनो की छत थोड़ी और आयेज बढ़ गयी. दीपक ने उससे किस माँगी तो अंकिता ने किस की बहुत सारी एमोजीस भेज दी, और एक किस का ऑडियो मेसेज भी भेज दिया. दीपक ने भी लोवे योउ का ऑडियो मेसेज भेजा. फिर अंकिता ने भी लोवे योउ टू का ऑडियो भेजा. फिर दीपक ने मेसेज किया-
दीपक: अभी तुमको देखने का मॅन कर रहा है.
अंकिता: तो अपनी सेल्फिे भेज देती हू.
दीपक: सेल्फिे तो चाहिए, बुत ऐसे नही.
अंकिता: तो कैसे चाहिए?
दीपक: कल जो मेरी पसंद का लिया था, वो पहन के सेल्फिे भेजो.
अंकिता: कुछ ज़्यादा ही नॉटी नही हो रहे आप?
दीपक: प्लीज़ यार, भेजो ना. मैं भी तो देखु कैसे लगती हो तुम उसमे.
अंकिता: रूको फिर भेजती हू.
फिर थोड़ी देर में अंकिता ने सच में अपनी मिरर सेल्फिे भेज दी वो ब्रा पनटी पहन के. वो सच में काफ़ी सेक्सी लग रही थी उस ब्लॅक ब्रा पनटी में. दीपक भी उसे सूपर हॉट सूपर सेक्सी बोल रहा था. फिर अंकिता ने भी बोला की आपकी चाय्स है ही कमाल की. फिर दोनो ने थोड़ी देर ऐसे ही नॉटी छत की और एक-दूसरे को गुड नाइट किस करते हुए बाइ बोल दिया.
उस रात दीपक और मैं काफ़ी गरम हो गये थे, और हमने रॉल्प्ले करने का डिसाइड किया. दीपक मुझे अंकिता इमॅजिन करेंगे और मैं उन्हे आकाश जीजू. फिर जो हमारे बीच हुआ वो धमाल था. हम दोनो खुल के अंकिता और आकाश का नामे लेके एक-दूसरे के साथ चुदाई कर रहे थे. उस दिन हमने 2 रौंद किए. दोनो का ही जोश अलग ही था. हम दोनो ने ही काफ़ी एंजाय किया.
अब आकाश जीजू मेरे क्लोज़ थे, और दीपक अंकिता के क्लोज़ हो गये थे. अब बस चारों को ये कन्फर्म करना था की हम एक-दूसरे के पार्ट्नर्स के साथ एंजाय कर सकते थे, आंड इससे किसी को कोई प्राब्लम नही थी.
तो अब नेक्स्ट पार्ट में ये पढ़िएगा की हमने इसके लिए क्या किया और कैसे हमारी बात आयेज बढ़ी. तब तक के लिए बाय्स आप हिलाते रहो और गर्ल्स फिंगरिंग रुकनी नही चाहिए. और मुझे मैल भी करते रहिए और बताइए की अब तक की स्टोरी कैसी रही.