हेलो फ्रेंड्स, मैं साना शीक आपके लिए लेके आई हू मेरी रियल सेक्स कहानी. आप सब मेरे बारे में जानते ही है, तो आपका ज़्यादा समय नही लूँगी, और सीधे स्टोरी पर आती हू.
आपने लास्ट स्टोरी में देखा कैसे तीनो दाद मुझे कॉलेज ट्रिप से सीधे विला में लेके गये, और मेरे साथ सुहग्रात मनाई. पहले दिन की चुदाई से काफ़ी तक चुकी थी. चलने की भी हालत नही थी. फिर हम तीनो साथ मिल कर नहाए.
अब रात के 8 बजे थे. भूख भी लगी थी. प्रफुल पापा ने खाना ऑर्डर किया, और सब ने मिल कर खाना खाया. अभी तक हम तीनो ने कपड़े नही पहने थे. तीनो भी मेरे बदन के साथ खेल रहे थे. कोई मेरे बूब्स मसल रहा था, तो कोई छूट सहला रहा था. कोई मुझे किस कर रहा था.
उनका फिर से मूड हो रहा था. बुत मैं काफ़ी तक चुकी थी, तो मैने प्रफुल सिर का कहा की अब नही कर सकती.
वो बोले: ठीक है बेटा, आज रात आराम कर. यहीं सो जेया हमारे बीच. बुत सोने से पहले सब का लंड चूस के सो जाना.
मैने कहा ठीक है, और बेड पर तीनो लेट गये. फिर मैं उनके उपर आके तीनो के लंड सहलाने लगी. धीरे-धीरे तीनो के लंड खड़े होने लगे, जैसे मुझे सलामी दे रहे हो. फिर मैं 30 मिनिट्स तक तीनो के लंड चूस कर सब का माल पी गयी.
उन्होने वहीं मुझे बेड पर दबोच लिया, और मस्ती करने लगे. फिर मैं भी थोड़ी देर मस्ती करने के बाद पेनकिलर लेके सो गयी. मैं नेक्स्ट दे सीधे 10 बजे उठी. तोड़ा रिलॅक्स लग रहा था. ब्रेकफास्ट ऑलरेडी आ चुका था.
मैने ब्रश करके ब्रेकफास्ट किया. बाकी तीनो दाद बाहर एक्सर्साइज़ कर रहे थे. उन्होने मुझे बुलाया और हाल-चाल पूछा.
मैने कहा: अभी रिलॅक्स लग रहा है, और दर्द भी कम हुआ है.
अमित सिर: तो बेटा कल की सुहग्रात में मज़ा आया की नही?
मे: हा दाद, आपने तो मेरी जाम के ले ली. आप खुश तो मैं खुश.
प्रफुल पापा: तो ठीक है, आज के लिए तैयार हो जेया. आज यहीं पर गार्डेन में खुले आसमान के नीचे तुम्हारी चुदाई होगी तीनो बाप से.
मे: पर दाद कोई देख लेगा तो?
अमित सिर: कोई नही देखेगा. 4 तरफ वॉल है. तू बस चूड़ने के लिए तैयार हो जेया.
मे: ठीक है पापा.
फिर मैं बेडरूम में गयी, और मेकप करके आ गयी.
अमित सिर: साना बेटा, आज तो एक-दूं सेक्सी रंडी लग रही है. आज तो 2 रौंद ज़्यादा छोड़ूँगा.
मे: जो आपको अछा लगे.
रामनाथ सिर मुझे उठा के गार्डेन में ले गये. वहाँ ग्राउंड में ग्रीन ग्रास था. वहाँ पर योगा मत बिछाया था. हल्की सी धूप भी निकली थी. माहौल बहुत रोमॅंटिक हो चुका था. तीनो दाद अपना लंड हाथ में लेके मेरी तरफ बढ़ रहे थे.
मैं तो समझ गयी थी आज तो पूरा दिन मेरी बजेगी. तीनो पास में आए और अमित सिर मेरे मूह में घुसा के छोड़ने लगे, और प्रफुल सिर मेरी छूट में उंगली कर रहे थे. वहीं रामनाथ सिर ने मेरे बूब्स मसालने शुरू किए.
मैं भी अब उत्तेजित होती जेया रही थी. कुछ देर बाद प्रफुल सिर ने मुझे हवा में उठाया, और मेरी छूट में अपना बड़ा लंड डाल दिया. फिर वो मेरी छूट छोड़ने लगे. वहीं अमित सिर ने भी अपना लंड मेरे मूह में घुसा के ज़ोर से छोड़ना चालू किया. अब मेरे दोनो तरफ लंड थे एक मूह में और एक छूट में.
दोनो ने अपनी स्पीड बढ़ा दी. अब तो ऐसा लगा रहा था की मेरी आसमान में चुदाई हो रही थी. अब बारी-बारी तीनो अपनी पोज़िशन बदल रहे थे, और ज़ोर-ज़ोर से मेरी छूट का पानी निकाल रहे थे. छूट पूरी तरह से लाल हो चुकी थी. मेरी चीखें निकल रही थी.
मैं रोते जेया रही थी, और चिल्ला रही थी की मेरी छूट फाड़ दी. वहीं दूसरी तरफ वो मुझे गंदी गालियाँ दे रहे थे. मुझे भी अब मज़ा आ रहा था. कुछ देर बाद वो तीनो मेरे मूह में झाड़ गये. फिर उनके लंड एक-दूं चूस कर सॉफ किए, और वो स्विम्मिंग पूल में चले गये, और मुझे भी लेके गये.
वो स्विम्मिंग भी कर रहे थे और एक-एक करके मुझे किस कर रहे थे. ऑलमोस्ट 1 अवर तक तीनो ने मुझे किस किया, और मेरे जिस्म के साथ खेले. थोड़ी देर बाद अमित सिर बोले-
अमित: साना बेटा, इधर आजा, मेरा लंड चूस. आज तुझे मैं अकेला छोड़ूँगा.
मैं उनके पास चली गयी, और वो पूल के बाहर जूस पी रहे थे. उन्होने मुझे वहीं पर खड़े-खड़े पीछे से लंड मेरी छूट पर सेट किया, और छोड़ने लगे. काफ़ी दर्द हो रहा था मुझे. फिर छूट से लंड निकाला और मेरी गांद पर लूबे लगाया. उसके बाद लंड मेरी गांद में पेल दिया.
अब तो आसमान में तारे दिखने लगे, इतनी ज़ोर से धक्के दे रहे थे वो. पीछे से प्रफुल सिर और रामनाथ सिर चिल्ला रहे थे, “इतना स्लो क्यूँ छोड़ रहा है छूतिए? और ज़ोर से छोड़ मेरी बेटी को. और ज़ोर से चीखें निकाल उसकी. नही तो रामनाथ को भेजता हू.”
तब तक रामनाथ सिर ने पीछे से लंड पेल दिया, और अमित सिर स्विम्मिंग पूल में चले गये. रामनाथ सिर ने भी मेरी छूट और गांद में छोड़ दिया पीछे से. अब मुझे दर्द का एहसास होने लगा. पर अभी तो और चुदाई बाकी थी. उनका अभी तक दिल नही भरा था.
मुझे एहसास हो रहा था की मेरी गांद का होल बड़ा हो चुका था, और उनका भी आज मूड था गांद मारने का. रामनाथ सिर ने अपना माल मेरी गांद में निकाल दिया, और प्रफुल सिर का आवाज़ लगाई, “प्रफुल आजा साना रॅंड की गांद मार. आज सब इसकी गांद ही मारते है. चल इसको बेडरूम में ले जाके पेलते है.”
फिर उन्होने मुझे बेडरूम में जाके बेड पे उल्टा लिटाया, और एक रस्सी से मेरे हाथ दोनो तरफ से बाँध दिए. फिर मेरी गांद पर लूबे लगा के प्रफुल सिर मेरे उपर चढ़ गये, और मेरी गांद पर लंड रगड़ा, और एक झटके में अंदर पेल दिया. मेरी आँखों के सामने अंधेरा छ्छा गया, और पीछे से प्रफुल सिर फुल जोश में आ गये और ज़ोर-ज़ोर से छोड़ना चालू किया.
कुछ देर बाद गांद से लंड निकाला, और मेरे मूह में घुसाया. फिर पानी मेरे मूह में निकाला. तब तक मुझे अमित सिर के लंड का एहसास हुआ. उन्होने मेरी गांद छोड़ना चालू किया था. फिर उन्होने भी मेरे मूह में पानी गिराया. फिर अमित पापा ने गांद मारना चालू किया. वो जाम के छोड़ रहे थे. उनका लंड भी मूह में पानी गिराया.
तब तक प्रफुल सिर फिर राइड के लिए तैयार थे. फिर तीनो ने बेरेहमी से मेरी गांद मारी, और साला माल मेरे मूह में निकाला. कुछ देर मैं ऐसे ही पड़ी रही बेड पर. फिर उन्होने रस्सी खोल दी, और उठा के स्विम्मिंग पूल में फेंक दिया. उसके बाद वो भी आ गये आंड मुझे नहलाया.
फिर सब ने लंच किया, और मुझे कहा: साना बेटा, आराम कर तू. फिर लाते नाइट तुझे और एक बार छोड़ के सो जाएँगे.
मैने हा कर दी.
तब तक रामनाथ सिर आए और बोले: साना बेटा आज मेरा एक टीचर आ रहा है पोलॅंड से. वो भी यहीं रहेगा, और रात में हमे जाय्न करेगा. सो तू प्रिपेर करना अपने लिए.
फिर मैं सोने चली गयी. मेरा बदन भारी-भारी लग रहा था. गांद में जलन हो रही थी. मैने एसी ओं किया, और ऐसे ही नंगी सो गयी. और वो तीनो भी बाहर निकल गये.
तो फ्रेंड्स ई होप आप सब को ये कहानी अच्छी लगी हो. अची लगी होगी तो ज़रूर बताना. शिख्साना66@गमाल.कॉम ये मेरी एमाइल ईद है. नेक्स्ट पार्ट में बतौँगी रामनाथ सिर का फ्रेंड जो की सांड़ से कम नही था, उसने क्या-क्या किया मेरे दाद के साथ मिल के.