आप लोगों को मेरी दूसरी स्टोरी पसंद आई, और बहुत लोगों के मैल भी आए. उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. ये स्टोरी मेरे एक रीडर ने सेंड की है. आशा करता हू आपको पसंद आए.
मेरा नाम राज़ है, और मैं 24 साल का हू. देखने में बिल्कुल फिट और हाइट भी अची-ख़ासी है. मैं कॉलेज में हू, और फ्री टाइम में जिम जाता हू.
तो ये कहानी शुरू होती है आज से 2 साल पहले. वो दिन जब मैं उससे पहली बार मिला. वो दिन नॉर्मल दिन जैसा ही था. मैं अपने कॉलेज में अड्मिशन करने गया था. मेरे साथ मेरे कुछ दोस्त भी थे. हम अपना अड्मिशन फाइनलाइज़ करके जाने ही वाले थे, तभी पीछे से एक टीचर ने मेरा नाम लिया.
देखो मेरा स्वाभाव टीचर्स और औरों के सामने ठीक-ताक था, और मैं पढ़ने में अछा था. लेकिन टीचर्स मुझे होनहार समझते थे. जब मैं पीछे मुड़ा, तो देखा टीचर के साथ कुछ लड़कियाँ खड़ी थी, और उनमे से एक थी गरगी. जैसे ही मेरी नज़र उसपे पड़ी मैं देखता ही रह गया.
क्या बाला की खूबसूरत लड़की थी. हाइट 5 फीट 4 इंचस, 34-32-34 का फिगर, उसके उपर से सलवार-कुर्ता. बाला की खूबसूरत लग रही थी. फिर मैं ख़यालों से बाहर आया तो टीचर ने उनको मेरे से इंट्रोड्यूस करवाया, और बोले-
टीचर: ये एक होनहार स्टूडेंट है. कहीं भी दिक्कत हो तो इससे कॉंटॅक्ट कर लेना.
फिर टीचर चले गये. टीचर के जाने के बाद मैं गरगी के पास गया और बोला-
मैं: ही!
गरगी (शरमाते हुए): ही!
मैं: मुझे तो अभी कुछ काम से कहीं जाना है. आप मुझे अपना नंबर दे दीजिए, मैं आपको फ्री होके कॉल करता हू.
गरगी: ठीक है.
इतना बोलते ही उसने अपना नंबर दे दिया. मॅन ही मॅन में मैं बहुत खुश हो गया था. मैं घर पहुँचा तो बहुत एग्ज़ाइटेड था, की एक खूबसूरत लड़की का नंबर मिला था. पर मैं थोड़ी देर रुका, क्यूंकी मैं खुद को डेस्परेट नही दिखना चाहता था. कुछ देर रुकने के बाद मैने कॉल किया.
मैं: हेलो. ई आम राज़ फ्रॉम कॉलेज.
गरगी: ओह ही!
मैं: टीचर ने बताया था की आपको कुछ हेल्प चाहिए थी.
फिर हमारी सब्जेक्ट रिलेटेड कुछ बात हुई और कुछ कॅषुयल टॉक हुई. तब मुझे पता चला की गरगी यहाँ से नही थी, और यहाँ सिर्फ़ कॉलेज करने आई थी. वो कॉलेज के गर्ल्स’ हॉस्टिल में रहती थी. गरगी वैसे तो इंट्रोवर्ट लगती थी, पर जब बात सब्जेक्ट से रिलेटेड हो, या उसके इंटेरेस्ट से हो, तो उसको चुप करना मुश्किल था. और उसका ऐसा बिहेवियर सब के सामने भी नही होता था. पर सिर्फ़ उनके सामने जो उसके क्लोज़ होते थे.
ये बात मुझे दो महीने बाद पता चली. मैं रेग्युलर कॉलेज जाता, तो वो मुझे कॉलेज में मिलती. वहाँ भी हम कॅफेटीरिया में बातें करते. उसका फ्रेंड सर्कल भी छ्होटा था, तो उसने मुझे सबसे इंट्रोड्यूस करवाया, और जब वो मेरे साथ नही होती, तब मेरे फ्रेंड्स मुझे परेशन करने के लिए उसको भाभी बोल के अड्रेस करते.
फिर दो महीने बाद जब मैं दोस्तों के बीच बैठा था. तब मेरे दोस्तों ने बोला की मैने उसको अभी तक प्रपोज़ क्यूँ नही किया था. मैने बताया की वो मुझे पसंद तो बहुत थी, पर मुझे दर्र था की अगर उसके मॅन में भी मेरे लिए फीलिंग्स नही हुई तो कहीं फ्रेंडशिप ना टूट जाए.
मैं चीज़ों को स्लोली ले जाना चाहता था. लेकिन मेरे दोस्तों ने बोला इससे ज़्यादा क्या स्लो ले जाएगा? फिर वो बोले की, “देख, आज फ्राइडे है, ट्यूसडे से सम्मर वाकेशन है. अगर वो घर गयी और तेरे को भूल गयी तो?” इस बात पर सब हस्स पड़े. उन्होने मुझे समझाया की कहीं लाते ना हो जाए, एक बार प्रपोज़ करके तो देख. “थे वर्स्ट थिंग तट विल हॅपन इस शी विल से नो. हा बोल दिया तो ठीक है, ना बोलने में कोई प्राब्लम थोड़ी है. उल्टा तेरे को क्लोषर मिलेगा.”
दोस्तों की बात सुन कर मैं अगले दिन जब कॉलेज गया तो मैने गरगी को मेसेज कर दिया, की मुझे उससे अकेले में कुछ बात करनी थी करके. फिर जब मैं कॉलेज पहुँचा तो मैने उसको लाइब्ररी में 12 बजे आने को बोला. उस समय लाइब्रेरियन लंच में जाती थी और लाइब्ररी पूरी खाली मिलती थी.
गरगी लाइब्ररी में पहुँची. मेरा दिल बहुत तेज़-तेज़ धड़क रहा था. पर मैने हिम्मत करके उसको प्रपोज़ कर दिया, और पूछा की, “विल योउ गो ओं आ डटे वित मे?” मैं नर्वस था. मैने धीरे से उसकी तरफ देखा.
उसकी आँखों में तोड़ा गुस्सा था, और वो मेरी तरफ आई. फिर एक हाथ मेरे चेहरे की तरफ बढ़ाया. मुझे अफ़सोस हो रहा था की मैने अपने दोस्तों की बात क्यूँ सुनी, और मुझे लगने लगा की मैं छाता खाने वाला था. फिर मैने अपनी आँख बंद कर ली. तभी उसका हाथ मेरे गालों को च्छुआ.
मैने आँखें खोली तो देखा उसका चेहरा जस्ट मेरे सामने था. हमारी आँखें मिली, और उसने मुझे सॉफ्ट सा एक लीप किस दिया. मैं शॉक में था, लेकिन मॅन में एक खुशी थी. ये एक सपना जैसा प्रतीत हो रहा था. एक ऐसा सपना जिससे मैं कभी उतना नही चाहता था. मैने उसकी तरफ देखा. गरगी अब मेरे से इतना खुल चुकी थी, की अब वो मेरे सामने कुछ भी बोलने से शरमाती नही थी. लोगों को लगता था की हमारी दोस्ती 2 महीने की नही बल्कि सालों की होगी.
गरगी: तूने ये बात पहले क्यूँ नही बताई?
मैं: अर्रे मुझे दर्र लग रहा था.
वो मेरी आँखों में देखी और फिर आँख नीचे करके बोली-
गरगी: वैसे भी अगर तू नही बोलता तो मैं ही बोलने वाली थी. वो तो तेरा मेसेज देख कर शॉक हो गयी थी.
मैं इतना खुश था की मेरे मूह से शब्द ही नही निकल रहे थे. जैसे ही मैं कुछ बोलने वाला था.
गरगी: तुम्हे ही नही, मुझे भी तुम पसंद हो.
ये सुनते ही मैने गरगी को गले लगा लिया, और उसने भी मेरे चारों तरफ हाथ लपेट लिए. फिर हमने सनडे को एक डटे प्लान करी.
सनडे के दिन हम पहले शॉपिंग करने गये. फिर लंच किया, और बाद में एक मोविए देखने गये. सारा दिन हम हाथ में हाथ डाले घूम रहे थे. जब मोविए देखने गये उस समय कोई अची मोविए नही लगी थी, जिससे लोग कम आए थे मोविए देखने. थियेटर लगभग खाली था. हमारा ध्यान मोविए में कम एक-दूसरे में ज़्यादा था.
तो बे कंटिन्यूड…
अगर आपको यहाँ तक कहानी पसंद आई,